अंबेडकरनगर : कस्तूरबा विद्यालयों में चयन हेतु विज्ञप्ति जारी
अंबेडकरनगर : कस्तूरबा विद्यालयों में चयन हेतु विज्ञप्ति जारी
अंबेडकरनगर : कस्तूरबा विद्यालयों में चयन हेतु विज्ञप्ति जारी

अम्बेडकर नगर जिले में 401 दलित शिक्षकों को पदावनत करते हुए उनके मूल वेतन में कमी किए जाने पर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने सख्त नाराजगी जतायी है। समिति ने आगामी नौ जुलाई को अम्बेडकर नगर में महासम्मेलन आयोजन कर इस कार्रवाई का विरोध जताने का एलान किया है। समिति का कहना है कि पदावनत करते हुए मूल वेतन में कमी करने की प्रदेश में यह पहली घटना है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि अम्बेडकर नगर जिले के शक्षिकों को जब अपने कम वेतनमान का पता चला तो वहां के दर्जनों शिक्षक रविवार को आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपनी व्यथा से संयोजक मण्डल को अवगत कराया। इस आदेश के विरोध में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,यूपी ने उसी क्षण ऐलान कर दिया कि दिनांक 9 जुलाई अम्बेडकर नगर जिले में विशाल आरक्षण बचाओ महासम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया जायेगा। पूरे प्रदेश से बड़ी तादाद में आरक्षण समर्थक कार्मिक व शक्षिक जनपद अम्बेडकर नगर पहुंचेंगे। श्री वर्मा ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत अम्बेडकर नगर में सपा सरकार के कार्यकाल में 401 दलित शक्षिकों को गलत तरीके से पदावनत कर दिया गया था। अब इन दलित शक्षिकों के उत्पीड़न की इन्तहा करते हुए एक कदम आगे बढ़कर सभी 401 दलित शक्षिकों के मूल वेतन 23990 रुपए को कम करके 20480 रुपए कर दिया गया है। इसकों लेकर शिक्षकों में आक्रोश है।

फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर कूटरचित ढंग नौकरी हासिल करने वाले परिषदीय विद्यालय के एक शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके विरुद्ध न्यायालय से गैरजमानती वारंट जारी था। इससे पहले दो आरोपी शिक्षक पहले ही जेल जा चुके हैं। आठ शिक्षक अभी भी पुलिस पकड़ से दूर बने हुए हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 में बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिकायत की गई थी कि जिला शिक्षा एवं शिक्षण संस्था आलापुर में फर्जी मार्कशीट व अन्य प्रमाणपत्र लगाकर कुछ लोगों ने शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली है। तत्कालीन बीएसए के निर्देश पर गठित टीम ने जब जांच की तो इसमें 11 ऐसे शिक्षक सामने आए जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग परिषदीय विद्यालयों में नौकरी हासिल की थी।
इस पर जिला शिक्षा एवं शिक्षण संस्थान के प्रभारी ने हंसवर थाने में विनोद कुमार, रामतिलक, रामरुद्र, हरिप्रसाद, अरुण कुमार, अवेधश कुमार, दुर्गाप्रसाद, मंटू, रामसुरेश, जयप्रकाश समेत कुल 11 शिक्षकों के विरुद्ध 7 नवंबर 2014 को विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया था।
पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की लेकिन एक भी आरोपी हत्थे नहीं चढ़ सका। पुलिस ने न्यायालय से सभी आरोपियों के विरुद्ध गैरजमानती वारंट हासिल कर लिया। लगभग एक वर्ष पहले पुलिस ने दो आरोपियों विनोद कुमार निवासी कटेहरी थाना अहिरौली व रामतिलक निवासी मिर्जापुर कोडरा थाना अकबरपुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इस बीच शनिवार को पुलिस को जानकारी मिली कि एक अन्य आरोपी रामरुद्र पुत्र राजाराम निवासी खानपुरशाह सुलेम थाना अकबरपुर घर पर मौजूद है। इस पर पुलिस ने देर रात छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। एसओ त्रिभुवन वर्मा ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया। अन्य की तलाश जारी है।