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Monday, June 2, 2025

खरीदारी में नियमों के उल्लंघन पर कौशांबी के बीएसए पर 89 लाख की गड़बड़ी का आरोप, शासन के निर्देश पर महानिदेशक ने डीएम से मांगी जांच रिपोर्ट

ब्लैक लिस्टेड फर्म से लिए गए थे पुराने कंप्यूटर, प्रकरण में जांच शुरू होते ही बीएसए कौशाम्बी कार्यालय में मचा हड़कंप

89 लाख से अधिक की खरीदारी में अनियमितता के आरोप का मामला


मंझनपुर। बीएसए पर विभिन्न मदों में 89 लाख रुपये से अधिक की खरीदारी में अनियमितता के आरोप की जांच शुरू होते ही विभाग में खलबली मच गई है। इसी बीच एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है, बीएसए कार्यालय के लिए खरीदे गए कंप्यूटर ब्लैक लिस्टेड फर्म से लिए गए थे। ये मामला बीएसए के गले की फांस बन सकता है।

वर्ष 2023-24 में बीएसए कार्यालय की ओर से लगभग 89 लाख रुपये से अधिक रुपये की खरीदारी की गई थी। 22 प्रकार की खरीदारी हुई थी। खरीदारी में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरने का आरोप लगा है। 

चायल के मनौरी निवासी धर्मेंद्र कुमार पुत्र रामकैलाश ने मुख्यमंत्री कार्यालय को हलफनामा भेजकर शिकायत की थी। इसके बाद महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने डीएम से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है। 


खरीदारी में एक तथ्य सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बीएसए कार्यालय के लिए पुराने कम्प्यूटर की खरीदारी की गई। बीएसए कार्यालय से पहले इन कम्प्यूटरों की सप्लाई जिला अस्पताल में होनी थी, लेकिन जिला अस्पताल की कमेटी ने कम्प्यूटरों की जांच रिपोर्ट एनआईसी से मांगी थी। एनआईसी की जांच में कम्प्यूटर खरे नहीं उतरे थे। इसके बाद फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था। इसके बावजूद बीएसए ने इन पुराने कम्प्यूटरों की महंगे दामों पर खरीद करवाई। वह भी डीएम से बिना अनुमति के। कम्प्यूटर के अलावा स्कैनर, आलमारी की खरीदारी में भी अनियमितता का आरोप है। इतना ही नहीं भवन की मरम्मत में भी धांधली का इल्जाम शिकायत कर्ता ने लगाया है।


एडीएम, ट्रेजरी ऑफिसर को मिली है जांच

बीएसए कार्यालय द्वारा की गई खरीदारी के मामले में जांच रिपोर्ट मांगे जाने के बाद से डीएम की निगाह तिरछी हो गई है। डीएम मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार को मामले की जांच की जिम्मेदारी एडीएम और ट्रेजरी आफिसर को सौंपी है। दोनों अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट दें।


बीएसए कार्यालय का बर्खास्त डीसी है धर्मेंद्र

बीएसए कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार विभाग का जिला समन्वयक एमडीएम रह चुका है। शासन व विभाग के विपरीत कार्य करने के आरोप में धर्मेंद्र कुमार को बर्खास्त किया जा चुका है। यही कारण है कि वह मेरी छवि धूमिल करने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगा रहा है। जल्द ही पूर्व डीसी के खिलाफ वह कार्रवाई कराएंगे।




खरीदारी में नियमों के उल्लंघन पर कौशांबी के बीएसए पर 89 लाख की गड़बड़ी का आरोप, शासन के निर्देश पर महानिदेशक ने डीएम से मांगी जांच रिपोर्ट


कौशांबी में बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में 89 लाख रुपये से अधिक की खरीदारी में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला उजागर हुआ है। मोहम्मदपुर मनौरी निवासी धर्मेंद्र कुमार ने इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय, प्रमुख सचिव और स्कूल शिक्षा महानिदेशक को हलफनामे के साथ शिकायती पत्र भेजा है। शिकायत के बाद शासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के निर्देश दिए हैं।


22 मदों में नियमों की अनदेखी का आरोप

शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में विभागीय कार्यालय द्वारा 22 अलग-अलग मदों में खरीद की गई। इन मदों में एसी, कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, बैटरी सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक व कार्यालय उपकरण शामिल हैं। धर्मेंद्र का आरोप है कि इन सभी खरीदों में तय मानकों और वित्तीय नियमों का उल्लंघन हुआ है।


डीएम से मांगी गई रिपोर्ट

शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। महानिदेशक ने जिलाधिकारी कौशाम्बी से पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। वहीं, इस बीच बीएसए कार्यालय में सभी दस्तावेजों की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है।


बीएसए ने आरोपों को बताया निराधार

बेसिक शिक्षा अधिकारी कमलेंद्रु कुशवाहा ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार पूर्व में कार्यालय में समन्वयक पद पर कार्यरत थे। उन पर पहले से ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते जिलाधिकारी ने 25 जनवरी को उनकी सेवा समाप्त कर दी थी।

बीएसए कुशवाहा का कहना है कि धर्मेंद्र अब निजी रंजिश के चलते झूठे आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने कहा कहा, “सभी खरीद नियमों के तहत हुई हैं, रिकॉर्ड पूरी तरह पारदर्शी हैं, जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी”



खरीदारी में अनियमितता की शिकायत की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट जल्द ही शासन को भेज दी जाएगी। यदि अनियमितता मिली तो कारवाई कराएंगे। – मधुसुदन हुलगी, जिलाधिकारी

Tuesday, June 15, 2021

आखिर कब होंगे जिले के अंदर परिषदीय शिक्षकों के स्थानांतरण?

आखिर कब होंगे जिले के अंदर परिषदीय शिक्षकों के स्थानांतरण? 


कौशांबी  ।  प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में छुट्टियों के दौरान 20 मई से 20 जून के मध्य जनपद के अंदर के तबादले का आश्वासन दिया था लेकिन ज्यों ज्यों दी गई अवधि बीतती जा रही है। तबादले की आस लिए शिक्षकों में मायूसी छा रही है। हालांकि सरकार ने मध्य सन्त्र की बजाए ग्रीष्मावकाश के दौरान तबादले का आश्वासन दिया था।


 2017 में अंतर्जनपदीय के साथ जिले के अंदर तबादले की आवेदन लिए तो गए थे। लेकिन अंतर्जनपदीय तबादले हुए लेकिन जिले के अंदर ट्रांसफर में कोर्ट ने रोक लगा दी थी और स्थानांतरण प्रक्रिया भी रद्द कर दी गई थी। इसके बाद जनपद के अंदर स्थानांतरण की कोई पॉलिसी नहीं आई लिहाजा सिर्फ पारस्परिक ट्रांसफर ही हुए। इसके बाद सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन पर शिक्षकों में एक नई खुशी की ऊर्जा नजर आई लेकिन ज्यों ज्यों समय बीतता जा रहा है शिक्षकों के मन में निराशा के बादल छाते ही जा रहे हैं।


आइये जानते हैं तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों के विचार

मा० बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी जी! गर्मी की छुट्टियों में जिले के अन्दरशिक्षकों का तबादला करवाकर अपना वादा निभाइये। - निरंजन सिंह पूर्व प्रदेश महामंत्री बी.टी.सी. संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा)


पिछले 3 वर्षों से जिले के भीतर ट्रांसफर नहीं हुए है जबकि सरकार के ट्रांसफर नीति में प्रत्येक वर्ष तबादले की बात हुई है, चुनाव के पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री जी का बयान था कि चुनाव के पश्चात जिले के भीतर समायोजन किया जाएगा। शिक्षक इंतजार में अभी भी है। - आयुष दुबे (उपाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संयुक्त मोर्चा संघ)


शिक्षकों को जिले के अन्दर तबादले का बेसब्री से इंतजार है। सरकार से निवेदन है कि जिले के अन्दर तबादले करवाये जायें। - प्रभाष सिंह (सहायक अध्यापक)



विगत कई वर्षों से जनपद के अंदर तबादले ना होने से शिक्षकों को अपने निवास स्थान से बहुत दूर तक प्रतिदिन यात्रा करनी पड़ती है जिससे आए दिन बेसिक शिक्षकों के साथ सड़क दुर्घटना इत्यादि होते रहते हैं। माननीय मंत्री जी को मानवीय आधार पर शिक्षकों के जनपद के अंदर उनके मनचाहे विद्यालयों पर स्थानांतरित कर देना चाहिए। जिससे वह पूर्ण मनोयोग से अपना योगदान दे सकें। - ओमदत्त त्रिपाठी (जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ)

Friday, November 1, 2019

कौशाम्बी : आठ नवम्बर को होगी लर्निंग आउटकम परीक्षा, कक्षा पांच से आठ तक के 55 हजार 738 विद्यार्थी होंगे परीक्षा में शामिल

कौशाम्बी : आठ नवम्बर को होगी लर्निंग आउटकम परीक्षा, कक्षा पांच से आठ तक के 55 हजार 738 विद्यार्थी होंगे परीक्षा में शामिल।





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Tuesday, October 29, 2019

कौशाम्बी : समायोजन : कार्यमुक्त नहीं किए जा रहे शिक्षक, शिक्षकों ने जाहिर की नाराजगी

कौशाम्बी : समायोजन : कार्यमुक्त नहीं किए जा रहे शिक्षक, शिक्षकों ने जाहिर की नाराजगी।





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Friday, August 16, 2019

प्रयागराज मण्डल : नवीन पंजीकृत दलों के स्काउट मास्टर / गाइड कैप्टन, कब मास्टर / ब्लॉक लीडर के प्रशिक्षण कार्यक्रम के सम्बन्ध में ए0डी0 बेसिक का आदेश, देखें

प्रयागराज मण्डल : नवीन पंजीकृत दलों के स्काउट मास्टर / गाइड कैप्टन, कब मास्टर / ब्लॉक लीडर के प्रशिक्षण कार्यक्रम के सम्बन्ध में ए0डी0 बेसिक का आदेश, देखें

Saturday, April 13, 2019

कौशाम्बी : खेल किट की खरीदारी में हुआ गड़बड़झाला, पूर्व माध्यमिक विद्यालय को बना दिया गोदाम, जानकर भी विभाग बन गया है बेखबर

कौशाम्बी : खेल किट की खरीदारी में हुआ गड़बड़झाला, पूर्व माध्यमिक विद्यालय को बना दिया गोदाम, जानकर भी विभाग बन गया है बेखबर।








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कौशाम्बी : सीबीआइ ने एबीएसए को किया तलब, नौकरी करने के दौरान ही बदली थी डिग्री, बेसिक शिक्षा विभाग का कर्मचारी भी खेल में शामिल

कौशाम्बी : सीबीआइ ने एबीएसए को किया तलब, नौकरी करने के दौरान ही बदली थी डिग्री, बेसिक शिक्षा विभाग का कर्मचारी भी खेल में शामिल।







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Friday, March 8, 2019

कौशाम्बी : शैक्षिक सत्र 2019-20 में अंग्रेजी माध्यम के संचालित होने वाले परिषदीय विद्यालयों में अध्यापकों के चयन हेतु विज्ञप्ति जारी, 20 मार्च 2019 तक लिए जाएंगे ऑफलाइन आवेदन


कौशाम्बी : शैक्षिक सत्र 2019-20 में अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों में अध्यापकों के चयन हेतु विज्ञप्ति जारी, 20 मार्च 2019 तक लिए जाएंगे ऑफलाइन आवेदन।




कौशाम्बी : फर्जी दस्तावेज पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त, खण्ड शिक्षा अधिकारियों को बेसिक शिक्षा विभाग ने दिया प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश


कौशाम्बी : फर्जी दस्तावेज पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त, खण्ड शिक्षा अधिकारियों को बेसिक शिक्षा विभाग ने दिया प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश।




Sunday, December 9, 2018

मण्डलीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में मेजबान प्रतापगढ़ बना विजेता, प्रयागराज क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे


मण्डलीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में मेजबान प्रतापगढ़ बना विजेता, प्रयागराज क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।


Saturday, November 17, 2018

बीटीसी : फतेहपुर से वायरल हुआ था बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर, बंडल सील होने से पहले ही लीक हो चुका था पेपर, क्राइम ब्रांच को मिले सुराग

बीटीसी : फतेहपुर से वायरल हुआ था बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर, बंडल सील होने से पहले ही लीक हो चुका था पेपर, क्राइम ब्रांच को मिले सुराग।

Friday, November 2, 2018

अब मैनेजमेंट कोटा से लिया प्रवेश तो नहीं मिलेगा वजीफा, निदेशक समाज कल्याण विभाग ने जारी किया है निर्देश

अब मैनेजमेंट कोटा से लिया प्रवेश तो नहीं मिलेगा वजीफा

चेतावनी
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नीरज सिंह’ कौशांबी : छात्रवृत्ति योजना से मैनेजमेंट कोटा व स्पाट सीट पर प्रवेश पाने वालों को अब बाहर का रास्ता दिखाया है। अब इस प्रकार से कालेज में पढ़ाई करने वाले छात्रों को समाज कल्याण विभाग वजीफा नहीं देगा। इसको लेकर निदेशक समाज कल्याण विभाग ने पूरे प्रदेश में रोक लगाने का निर्देश जारी कर दिया है।

शिक्षा विभाग में वजीफे को लेकर लंबा खेल हो रहा था। पूर्व में इस प्रकार की शिकायत शासन स्तर तक पहुंची थी कि तकनीकी शिक्षा से जुड़े कालेजों ने बिना छात्रों के प्रवेश लिए ही वजीफे के लिए फर्जी तरीके से प्रवेश दिया है। इसके माध्मय से वह वजीफे के रूप में मिलने वाली शासन की धनराशि को हजम कर ले रहे थे। अब इस प्रकार के प्रवेश पर शासन ने पूरी तरह से रोक लगाते हुए निर्देश जारी किया है।

>>जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि अक्टूबर को शासनादेश जारी किया है। उन्होंने छात्रवृत्ति योजना में संशोधन किया है। उन्होंने बताया कि अब तक तकनीकी शिक्षा के साथ ही अन्य कोर्सो के लिए छात्रवृत्ति दिए जाने का प्रावधान था। इस नियम को अब बदल दिया गया है। आने वाले सत्र से बिना काउंसिलिंग प्रक्रिया से गुजरने वाले छात्रों को वजीफा नहीं दिया जाएगा। बताया कि वजीफा उन्हीं छात्रों को मिलेगा जिनको काउंसिलिंग प्रक्रिया के बाद प्रवेश दिया गया होगा। यह नियम पूरे जिले में कड़ाई के साथ लागू किया जाएगा। इसकी जानकारी प्रबंध समिति को दे दी गई है।

29 अक्टूबर को जारी किया है शासनादेश’

>>जिला समाज कल्याण अधिकारी ने मैनेजमेंट को दी जानकारी

>>तकनीकी शिक्षा के साथ ही अन्य कोर्सो को मिलती थी छात्रवृत्तिअब तक होता रहा है खेल

मैनेजमेंट कोटे के नाम पर निजी विद्यालय छात्रों के प्रवेश न होने पर ही फर्जी तरीके से प्रवेश दिखाकर छात्रों के नाम का वजीफा हड़प लेते थे। इसको लेकर शासन स्तर पर शिकायत की गई थी। लगातार मिल रही शिकायतों को लेकर शासन ने मैनेजमेंट कोटा व स्पाट सीट से प्रवेश लेने वालों को छात्रवृत्ति देने पर रोक लगा दी है। इस नियम के लागू होने के बाद से फर्जी तरीके से होने वाले नामांकन पर रोक भी लगेगी।

Sunday, October 28, 2018

कौशाम्बी : डुप्लीकेट डिग्री लगा शिक्षक बनने वालों की होगी जांच, जिले के 30 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ हो चुकी कार्यवाई, 300 फर्जी शिक्षक होने का किया दावा

डुप्लीकेट डिग्री लगा शिक्षक बनने वालों की होगी जांच


शासन के निर्देश के बाद बीएसए ने सभी बीईओ से मांगी रिपोर्ट, सूबे में फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करने वालों की संख्या अधिक

जिले के 30 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ दर्ज हो चुकी कार्रवाई

10

300

जासं, कौशांबी : अब डुप्लीकेट डिग्री के आधार पर नौकरी करने वालों की जांच की जाएगी जिसकी रिपोर्ट तैयार कर बेसिक शिक्षा विभाग शासन को भेजेगा। फर्जी डिग्री के आधार पर शिक्षक बनने वालों पर कार्रवाई करने के लिए सरकार प्रयासरत है। अब तक 30 शिक्षकों पर गाज गिर चुकी है।

बेसिक शिक्षा विभाग में कौशांबी ही नहीं पूरे प्रदेश में फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करने वालों की संख्या अधिक है। शिकायतों के बाद इन के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। जिले में अब तक 30 फर्जी शिक्षक पकड़े जा चुके हैं। इनकी संख्या और होने की अंदेशा जताया जा रहा है। पूर्व में कुछ लोगों ने जिले में करीब फर्जी शिक्षक होने का दावा भी किया है। शासन भी फर्जी शिक्षकों के होने से इन्कार नहीं कर रहा। इसको अपर मुख्य सचिव डॉ. प्रभात कुमार ने अक्टूबर को प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर परिषदीय विद्यालयों में डुप्लीकेट डिग्री व जिन लोगों ने अपने पैन कार्ड बदले हैं। उनकी जानकारी मांगी है।अक्टूबर को पत्र भेज पैन कार्ड बदलने वालों की मांगी जानकारीफर्जी शिक्षक होने का किया दावाशासन के पत्र के बाद सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों की जांच का निर्देश दिया है। जिन्होंने नौकरी पाने के लिए डुप्लीकेट डिग्री का सहारा लिया है। इसकी सूची तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।

अर¨वद कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।

Saturday, October 27, 2018

कौशाम्बी : परिषदीय स्कूलों के बच्चों को ठंड से बचाने को झोकीं ताकत, बीएसए ने 30 अक्टूबर तक स्वेटर बांटने के दिये निर्देश

कौशाम्बी : परिषदीय स्कूलों के बच्चों को ठंड से बचाने को झोकीं ताकत, बीएसए ने 30 अक्टूबर तक स्वेटर बांटने के दिये निर्देश।

Friday, October 26, 2018

कौशांबी : चार फर्जी शिक्षकों के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, 2011 के फर्जी टीईटी प्रमाणपत्र के आधार पर कर रहे थे नौकरी

चार फर्जी शिक्षकों के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

बुधवार को भी चार पर कराया था मुकदमा

जासं, कौशांबी : बुधवार को एबीएसए कौशांबी ने अमर सिंह पुत्र जगदीश सिंह निवासी दामोदरपुर धीनपुर, सोरांव प्रयागराज व रामू पुत्र हरिश्चंद्र निवासी चंदोली कनेहटी फूलपुर प्रयागराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
कार्रवाई

जासं, कौशांबी : जिले में फर्जी डिग्री के आधार पर शिक्षक बने चार लोगों के खिलाफ सरसवां एबीएसए ने गुरुवार को करारी व महेवाघाट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज होने से पहले ही शिक्षक फरार हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद चारों को बर्खास्त किया जा चुका है। पुलिस ने चारों के खिलाफ फर्जीवाड़ा के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी डिग्री के आधार पर तमाम लोग नौकरी कर रहे हैं। ऐसे लोगों की शिकायत के बाद जांच भी हो रही है। अगस्त में 23 फर्जी शिक्षकों की सत्यापन रिपोर्ट आई थी। उसमें से 17 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ पूर्व में मुकदमा दर्ज कराया गया था। गुरुवार को एबीएसए सरसवां मिथलेश कुमार ने टीइटी 2011 के फर्जी डिग्री के आधार पर प्राथमिक विद्यालय पथरकला में तैनात रहे बब्लू वर्मा पुत्र कल्लू राम वर्मा निवासी लक्ष्छीपुर नारायणपुर कोंडौर प्रतापगढ़ के खिलाफ करारी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय अंधावा में तैनात रहे अनिल कुमार पुत्र अमरनाथ निवासी सरसवां महेवाघाट, प्राथमिक विद्यालय महेवाघाट में वंदना सिंह पुत्री दिलीप कुमार निवासी नई दुनिया कसहाई कर्वी चित्रकूट, प्राथमिक विद्यालय टिकरी में तैनात रहे प्रदीप दत्त शर्मा पुत्र पद्मा दत्त शर्मा निवासी 134/10 बेनीगंज इलाहाबाद पर महेवाघाट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

>>महेवाघाट और करारी थाने में दर्ज कराया गया है केस

>>2011 के फर्जी टीईटी प्रमाणपत्र के आधार पर कर रहे थे नौकरी

Thursday, October 18, 2018

बीटीसी पेपर लीक प्रकरण में पुलिस के हाथ खाली, दो दर्जन लोगों से क्राइम ब्रांच कर चुकी है पूछताछ

बीटीसी पेपर लीक प्रकरण में पुलिस के हाथ खाली, दो दर्जन लोगों से क्राइम ब्रांच कर चुकी है पूछताछ।

कौशांबी : टीईटी के फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर कर रहे थे नौकरी, दो फर्जी शिक्षकों पर एफआइआर


जागरण संवाददाता, सैनी कोतवाली क्षेत्र के अलग-अलग प्राथमिक विद्यालय में टीईटी के फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी कर रहे दो शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मंगलवार को यह कार्रवाई खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर हुई है। अब तक 17 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है। 1वर्ष 2011 में शिक्षक भर्ती के दौरान टीईटी के फर्जी अंकपत्र व प्रमाणपत्र लगाकर जनपद में कुल 23 शिक्षकों ने नौकरी प्राप्त की थी। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से किया गया और मामला सुर्खियों में आया तो फर्जी शिक्षकों में हड़कंप मच गया। बीते अगस्त में बीएसए रहे सत्येंद्र सिंह ने इसकी जांच कराई। सत्यापन रिपोर्ट में सभी 23 शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। 1इस पर बीते दिनों मंझनपुर बीआरसी के नौ और सिराथू बीआरसी के छह लोगों के खिलाफ संबंधित थाना में केस दर्ज कराया गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी कड़ा अर¨वद पांडेय ने प्राथमिक विद्यालय निजाम का पूरा में तैनात शिवकुमार निवासी रायपुर उसरापुर कुंडा प्रतापगढ़ और प्राथमिक विद्यालय मीठेपुर सयारां में तैनात सतीश कुमार निवासी जलालुद्दीनपुर उर्फ गंगापार महापुरा बहरिया के खिलाफ सैनी कोतवाली में केस दर्ज कराया। शेष छह शिक्षकों पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।

Monday, October 8, 2018

कौशाम्बी : बीटीसी के चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर लीक!, सात प्रश्नपत्र हुए सोशल मीडिया पर वायरल, लीक प्रश्नपत्रों से बेखबर जिले के अधिकारी

कौशाम्बी : बीटीसी के चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर लीक, सात प्रश्नपत्र हुए सोशल मीडिया पर वायरल, लीक प्रश्नपत्रों से बेखबर जिले के अधिकारी।

Sunday, September 9, 2018

कौशांबी : हाथों-हाथ मांगा नियुक्ति पत्र मिली फोटो कॉपी, डाक से नियुक्ति पत्र भेजने का शिक्षकों ने किया विरोध

हाथों-हाथ मांगा नियुक्ति पत्र मिली फोटो कॉपी

शिक्षकों ने शनिवार को फिर घेरा डीएम का आवास, डाक से नियुक्ति पत्र भेजने का करते रहे सभी विरोध
368
405
19 शिक्षकों की प्रमाण पत्रों पर संदेह, रोका नियुक्ति पत्र

जासं, कौशांबी : 41556 शिक्षकों में से 405 शिक्षकों को कौशांबी में शिक्षक पद पर नियुक्ति किया जाना था। इसके लिए एक सितंबर से ही कार्रवाई चल रही है। कई दिनों से शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच हो रही थी। 19 शिक्षकों के दस्तावेज संदिग्ध मिले हैं। उनको रोकर अन्य शिक्षकों को नियुक्ति पत्र डाक के माध्यम से भेजा जा चुका है। कौशांबी जिले में 405 शिक्षकों को तैनात किया जाना था। इसके लिए अलग-अलग चरणों में 316 व 89 शिक्षकों की सूची जिले में भेजी गई। एक सितंबर से छह सितंबर के मध्य शिक्षकों को काउंसिलिंग व विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया चली। इस दौरान केवल 387 शिक्षक ही उपस्थित हुए। 18 शिक्षकों ने जिले में नौकरी करने को लेकर रुचि नहीं दिखाई। पांच सितंबर से ही शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच हो रही थी। विभागीय जांच में 19 शिक्षकों के दस्तावेजों को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद उनके नियुक्ति पत्र रोक दिया गया। शुक्रवार की रात शेष बचे 368 शिक्षकों को डाक के माध्यम से नियुक्ति पत्र भेजा जा चुका है।

जागरण संवाददाता, कौशांबी : शिक्षक डाक से नियुक्ति पत्र भेजे जाने का विरोध कर रहे हैं। वह हाथों हाथ नियुक्ति पत्र मांग रहे है। मांग को लेकर उन्होंने शनिवार को एक बार फिर डीएम आवास का घेराव किया। वहां से सभी को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय वापस का दिया गया। शिक्षकों ने डाक से नियुक्ति पत्र मिलने में देरी होने की बात कही और शोर मचाने लगे। इसी दौरान किसी ने दूसरी प्रति देने का विकल्प दिया। जिस पर सभी को नियुक्ति पत्र की फोटो कॉपी उपलब्ध करा दी गई।

काउंसिलिंग व विद्यालय आवंटन के प्रक्रिया के बाद से ही शिक्षक बेसिक शिक्षा अधिकारी पर हाथों हाथ नियुक्ति पत्र दिए जाने का दबाव बना रहे है। अपनी इस मांग को लेकर लगातार तीन दिनों से शिक्षक प्रदर्शन करते आ रहे है। इसके बाद भी नियमों का हवाला देते हुए उनको हाथों हाथ नियुक्ति पत्र नहीं दिया। शनिवार को शिक्षकों ने एक बार फिर नियुक्ति पत्र दिए जाने का दबाव और डीएम आवास का घेराव किया। इस पर सभी को बीएसए कार्यालय भेज दिया गया। वहां उनकों बताया किया कि नियुक्ति पत्र भेजा जा चुका है। ऐसे में दोबारा नियुक्ति पत्र दिया जाना संभव नहीं है। यह नियम के भी विपरीत होगा। बीएसए से वार्ता के बाद फोटो कॉपी दिए जाने पर शिक्षक सहमत हो गए। सभी को बीएसए कार्यालय से नियुक्ति पत्र की फोटो कॉपी उपलब्ध करा दी गई। इसके बाद वह चले गए। बीएसए सत्येंद्र सिंह ने बताया कि फोटो कॉपी उनकी संतुष्टि के लिए दी गई है। बिना मूल प्रति के किसी को विद्यालय में ज्वांइन नहीं कराया जाएगा। पूर्व में कुछ शिक्षकों ने गलत पता दे दिया था। इससे फर्जी शिक्षकों की जांच में समस्या आई थी।

नियुक्ति पत्र नहीं मिलने को लेकर डीएम आवास के सामने प्रदर्शन करते शिक्षकलोगों के भेजे गए नियुक्ति पत्रको कौशांबी में होना था नियुक्तशिक्षकों से काउंसिलिंग के दौरान जो दस्तावेज जमा कराया गया था। उनकी साथ ही साथ जांच भी हो रहे थे। कुछ शिक्षकों के प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज को लेकर संदेह है। इस लिए उनके नियुक्ति पत्र रोकर अन्य के जारी कर दिया गया है। सभी को शुक्रवार की रात रेलवे डाक घर इलाहाबाद से पोस्ट भी किया जा चुका है। शिक्षकों को सोमवार मंगलवार तक नियुक्ति पत्र मिल जाएगा।

सत्येंद्र सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

Sunday, August 19, 2018

कौशांबी : फर्जी शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कराएंगे एबीएसए, बीएसए ने दिया निर्देश

फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एबीएसए दर्ज कराएंगे केस

जागरण संवाददाता, कौशांबी : जिले में फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शनिवार को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों की सूची भेजी है। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और उनसे वेतन रिकवरी का निर्देश दिया है। यह शिक्षक इलाहाबाद, कौशांबी, चित्रकूट व प्रतापगढ़ के निवासी हैं। उनके पते पर भी रिकवरी की नोटिस भेजी गई है।

वर्ष 2015 में इस संबंध में शिकायत हुई थी, लेकिन जांच को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। 2016 में तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी डीएस यादव ने 36 शिक्षकों की नियुक्ति फर्जी पाते हुए उनकी डिग्री की ऑनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कराई थी। लंबे इंतजार के बाद करीब एक सप्ताह पहले 23 शिक्षकों की रिपोर्ट बीएसए कार्यालय को मिली। 1इलाहाबाद के सबसे ज्यादा फर्जी शिक्षक :फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी पाने वालों शिक्षकों में सबसे अधिक 11 इलाहाबाद के निवासी हैं जबकि प्रतापगढ़ के छह, कौशांबी के तीन, चित्रकूट, लखनऊ व झांसी के एक-एक शिक्षक हैं। इलाहाबाद के सतीश कुमार पुत्र बरमदेव निवासी जलालुद्दीनपुर बहरिया, रामू पुत्र हरिश्चंद्र निवासी चंदौली फूलपुर, अमर सिंह पुत्र जगदीश सिंह निवासी दामोदरपुर मऊआइमा , प्रदीप दत्त शर्मा पुत्र पदमादत्त शर्मा निवासी बेनीगंज , मालती देवी पुत्री हरिशंकर वर्मा निवासी पुर्खीपुर सोरांव , रमाकांत भारतीय पुत्र मलखान निवासी बेलामंडी लालपुर, सुरेंद्र कुमार पटेल पुत्र छोटेलाल पटेल निवासी चतुभरुज फूलपुर, शैलजा सिंह पुत्री प्रेम प्रकाश निवासी म्योराबाद , शारदा देवी पुत्री राजनारायण निवासी देवगलपुर मऊआइमा , सनाबानो पुत्री असलम खान निवासी कठचंपा मऊआइमा , नागेंद्र कुमार पुत्र रामदुलार निवासी पंडरीया सोरांव के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।