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Friday, January 17, 2025

शिक्षक संघ की शिकायत पर अनियमितताओं को लेकर गोरखपुर के बीईओ निलंबित, देखें आदेश

शिक्षक संघ की शिकायत पर अनियमितताओं को लेकर गोरखपुर के बीईओ निलंबित, देखें आदेश 


प्रयागराज। गोरखपुर के खोराबार खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) राम शंकर को निलंबित कर दिया गया है। इनके खिलाफ नियम विरुद्ध कार्य करने, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने और शिथिलता बरते का आरोप था। निलंबन तक डायट गोरखपुर से संबद्ध कर दिया गया है।

अपर शिक्षा निदेशक बेसिक कामता राम पाल के अनुसार, उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ, गोरखपुर के अध्यक्ष विनोद शुक्ल ने महानिदेश स्कूल शिक्षा को पत्र भेजकर बीईओ राम शंकर की शिकायत और जांच की मांग की थी। इस पर महानिदेशक ने गोरखपुर मंडल के सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।



Tuesday, August 20, 2024

Hinduja Road to School Uttar Pradesh initiative रोड टू स्कूल के जरिए यूपी के सरकारी स्कूलों में हिंदुजा समूह का प्रवेश, गोरखपुर के 78 विद्यालयों से होगी शुरुआत

Hinduja Road to School Uttar Pradesh initiative 

रोड टू स्कूल के जरिए यूपी के सरकारी स्कूलों में हिंदुजा समूह का प्रवेश, गोरखपुर के 78 विद्यालयों से होगी शुरुआत


परिषदीय विद्यालयों के विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कॉरपोरेट सेक्टर ने भी अपनी भागीदारी दिखाई है। हिंदुजा ग्रुप ने बच्चों के समग्र विकास के उद्देश्य से अपने प्रमुख कार्यक्रम ‘रोड टू स्कूल’ को उत्तर प्रदेश में भी शुरू किया है। इसका उद्घाटन 20 अगस्त को गोरखपुर के चरगांवा ब्लॉक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा।


🔴 हिंदुजा ग्रुप ने 'रोड टू स्कूल' प्रोजेक्ट की शुरुआत की
🔴 गोरखपुर के 78 विद्यालयों को सम्मिलित किया गया


गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बच्चों के समग्र विकास के लिए प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में हिंदुजा ग्रुप ने 'रोड टू स्कूल' प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के चरगांवा ब्लॉक में 20 अगस्त को इसका औपचारिक शुभारंभ करेंगे। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बड़े औद्योगिक घराने हिंदुजा ग्रुप की इकाई अशोक लेलैंड लिमिटेड ने अपने कार्यान्वयन भागीदारी लर्निंग लिंक फाउंडेशन के साथ मिलकर 'रोड टू स्कूल' प्रोजेक्ट में प्रथम चरण में गोरखपुर के चरगांवा ब्लॉक के सभी 78 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों को सम्मिलित किया है। इन ब्लॉक में प्रोजेक्ट के तहत काम भी शुरू हो चुके हैं।


चरगांवा ब्लॉक में 'रोड टू स्कूल' प्रोजेक्ट का फायदा पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के 17,781 छात्रों को मिलेगा। दूसरे चरण में भटहट ब्लॉक के सभी 90 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों को शामिल किया जाएगा, जिसमें 16,434 छात्र लाभान्वित होंगे। अशोक लेलैंड लिमिटेड और लर्निंग लिंक फाउंडेशन के इस साझा पहल को उत्तर प्रदेश में पहली बार लागू किया जा रहा है। तमिलनाडु समेत दक्षिण भारत के कुछ राज्यों और कश्मीर में इसके सफल परिणाम आए हैं।


'ड्राप आउट की समस्या दूर होगी'
'रोड टू स्कूल' सरकारी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों के छात्रों के बीच सीखने के अंतराल के मुद्दों पर कार्य करता है। इसमें छात्रों के समग्र विकास के लिए एक आधारभूत ढांचा तैयार करने पर खासा जोर है। 'रोड टू स्कूल' में एक ऐसे मापन योग्य मॉडल पर काम किया जाता है, जिससे बच्चों के शैक्षिक और सह शैक्षिक विकास, उपस्थिति में सुधार किया जा सके और ड्राप आउट की समस्या दूर हो सके।


'50 रिसोर्स पर्सन की तैनाती कर दी गई'
'रोड टू स्कूल' प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक दो विद्यालय के लिए एक रिसोर्स पर्सन की तैनाती की व्यवस्था है। चरगांवा ब्लॉक में सभी 78 विद्यालयों के सापेक्ष 50 रिसोर्स पर्सन की तैनाती कर दी गई है। दूसरे चरण में भटहट ब्लॉक में भी 50 रिसोर्स पर्सन तैनात किए जाएंगे। रिसोर्स पर्सन को दिए गए दायित्व की निगरानी और मार्गदर्शन के लिए प्रत्येक ब्लॉक के लिए पांच वरिष्ठ रिसोर्स पर्सन की तैनाती रहेगी। इसके अलावा विद्यालयों में बच्चों के स्वास्थ्य देखभाल और कल्याण कार्यक्रम गतिविधियों को लागू करने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में पांच प्रोजेक्ट एसोसिएट रहेंगे।


'शिक्षा क्षेत्र में और भी मजबूती आएगी'
गोरखपुर के जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुदृढ़ता आ रही है। इसमें 'रोड टू स्कूल' प्रोजेक्ट भी भागीदार बन रहा है। इससे गुणात्मक और संख्यात्मक दोनों लिहाज से शिक्षा क्षेत्र में और भी मजबूती आएगी। यह प्रोजेक्ट 100 प्रतिशत छात्रों के नामांकन बनाए रखने और छात्रों को आगे की कक्षा में बढ़ाने के लिए कार्य करेगा।

Monday, February 12, 2024

हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति खारिज करने का बीएसए का आदेश निरस्त करते हुए दो माह में विचार कर नया आदेश लेने का दिया निर्देश

हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति खारिज करने का बीएसए का आदेश निरस्त करते हुए दो माह में विचार कर नया आदेश लेने का दिया निर्देश 

गोरखपुर की कुमारी निशा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका

🔴 हाईकोर्ट ऑर्डर अपडेटेड 

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में गोरखपुर की कुमारी निशा के मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) की ओर से अनुकंपा नियुक्ति खारिज करने के आदेश को निरस्त कर दिया। साथ ही न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की कोर्ट ने बीएसए को नए सिरे से विचार करने और दो माह में नया आदेश पारित करने को कहा।


याची के पिता बेलाघाट ब्लाक के एक प्राथमिक विद्यालय में हेड मास्टर के रूप में कार्यरत थे, जिनकी मृत्यु हो गई। याची दिव्यांग और पूरी तरह से अपने पिता पर निर्भर है। पीएसी में कार्यरत याची के बड़े भाई परिवार सहित जौनपुर में रहते हैं।


उन्होंने शपथपत्र देकर कहा कि याची को अनुकंपा नियुक्ति मिलती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने "मृतक का बड़ा बेटा पीएसी में कार्यरत है, इसलिए कोई वित्तीय संकट नहीं है।" को आधार बनाते हुए अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन को खारिज कर दिया था। ऐसे में याची ने बीएसए के आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने बीएसए के आदेश को रद्द कर दिया।

🔴 हाईकोर्ट ऑर्डर 👇

हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति खारिज करने का बीएसए का आदेश निरस्त करते हुए दो माह में विचार कर नया आदेश लेने का दिया निर्देश

हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति खारिज करने का बीएसए का आदेश निरस्त करते हुए दो माह में विचार कर नया आदेश लेने का दिया निर्देश 

गोरखपुर की कुमारी निशा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में गोरखपुर की कुमारी निशा के मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) की ओर से अनुकंपा नियुक्ति खारिज करने के आदेश को निरस्त कर दिया। साथ ही न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की कोर्ट ने बीएसए को नए सिरे से विचार करने और दो माह में नया आदेश पारित करने को कहा।


याची के पिता बेलाघाट ब्लाक के एक प्राथमिक विद्यालय में हेड मास्टर के रूप में कार्यरत थे, जिनकी मृत्यु हो गई। याची दिव्यांग और पूरी तरह से अपने पिता पर निर्भर है। पीएसी में कार्यरत याची के बड़े भाई परिवार सहित जौनपुर में रहते हैं।


उन्होंने शपथपत्र देकर कहा कि याची को अनुकंपा नियुक्ति मिलती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने "मृतक का बड़ा बेटा पीएसी में कार्यरत है, इसलिए कोई वित्तीय संकट नहीं है।" को आधार बनाते हुए अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन को खारिज कर दिया था। ऐसे में याची ने बीएसए के आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने बीएसए के आदेश को रद्द कर दिया।

Wednesday, September 21, 2022

परिषदीय शिक्षकों की नियुक्ति को फर्जी बताकर STF एवं BSA कार्यालय से जॉच कराने के नाम पर रंगदारी माँगने वाले गैंग का हुआ खुलासा।

परिषदीय शिक्षकों की नियुक्ति को फर्जी बताकर STF एवं BSA कार्यालय से जॉच कराने के नाम पर रंगदारी माँगने वाले गैंग का हुआ खुलासा।

शिक्षकों से रंगदारी मांगने पर शिक्षक समेत तीन गिरफ्तार


गोरखपुर। खुद को एसटीएफ कर्मचारी बताकर शिक्षकों से रंगदारी मांगने के आरोप में शिक्षक गिरधारी लाल जायसवाल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। पूछताछ में पता चला कि तीनों खुद को एसटीएफ कर्मी बताकर शिक्षकों को फोन कर धमकी देते थे कि जांच में आपकी डिग्री फर्जी मिली है। जल्द ही बर्खास्त कर दिया जाएगा। इसी धमकी के सहारे वसूली भी करते थे।



Saturday, July 2, 2022

गणित व विज्ञान की पढ़ाई को आसान बनाएगी लैब, गोरखपुर में बनेगी प्रदेश की पहली सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग लैब Science & Math's Lab

गणित व विज्ञान की पढ़ाई को आसान बनाएगी लैब, गोरखपुर में बनेगी प्रदेश की पहली सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग लैब 
Science & Math's Lab 


गणित और विज्ञान के बनाए जाएंगे 200 मॉडल

50,000 रुपये की किट उपलब्ध कराई जाएगी



गोरखपुर। बेसिक शिक्षा विभाग और आईआईटी गांधीनगर के सहयोग से गोरखपुर में प्रदेश की पहली सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग (सीसीएल) लैब का निर्माण किया जाएगा। लैब में विज्ञान, गणित के 200 मॉडल बनाए जाएंगे। इसके जरिए परिषदीय स्कूल के शिक्षक व बच्चों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे गणित और विज्ञान की पढ़ाई आसान हो जाएगी।


पहले चरण में जिला स्तरीय सीसीएल लैब का निर्माण होगा। दूसरे चरण में 20 विकास खंडों में लैब बनेगी। जिला स्तरीय लैब में आईआईटी गांधीनगर की तरफ से किट उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी कीमत 50 हजार रुपये रहेगी। इस किट में गणित व विज्ञान की पढ़ाई आसान बनाने के सूत्र होंगे। कक्षा तीन hatH आठवीं के विद्यार्थियों के लिए दो ग्रुप में प्रत्येक शुक्रवार और शनिवार को दो-दो घंटे का यू-ट्यूब सेशन आयोजित होगा। इससे आईआईटी गांधीनगर के विशेषज्ञ जुड़ेंगे और बच्चों का मार्गदर्शन करेंगे। 


विज्ञान और गणित विषय के एआरपी को दिया जाएगा प्रशिक्षण

जनपद के हर विकास खंड के गणित एवं विज्ञान विषय के एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) के लिए प्रत्येकं सोमवार को एक घंटे का ऑनलाइन सेशन होगा। इसका मकसद बच्चों के प्रस्तावित यू-ट्यूब सेशन से उत्पन्न होने वाली जिज्ञासाओं का सरल समाधान करना है। प्रोग्राम कोआर्डिनेटर के लिए भी 10-10 दिन की अवधि के प्रशिक्षण तीन चरणों में कुल 30 दिन तक पूरे वर्ष चलाए जाएंगे।




Tuesday, May 24, 2022

यू-डायस में भरा जाएगा स्मार्ट टीवी व प्रोजेक्टर का भी ब्योरा

गोरखपुर : यू-डायस में भरा जाएगा स्मार्ट टीवी व प्रोजेक्टर का भी ब्योरा


◆ गलत आंकड़ा देने पर वाले स्कूलों पर होगी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई

◆ यू-डायस में विस्तृत विवरण भरने का 31 मई तक का समय दिया गया


गोरखपुर : परिषदीय स्कूलों में उपलब्ध स्मार्ट टीवी, प्रोजेक्टर का डाटा भी यू-डायस ( यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इनफार्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन) पर भरा जाएगा। चाहे वह किसी भी साधन से स्कूल में लगाया गया हो। इसे अंकित न करने पर परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआइ) रैंकिंग में प्रदेश को अंक नहीं मिलते। इसको देखते हुए शासन स्तर से 31 मई तक यू-डायस में विवरण भरने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यदि एक स्कूल परिसर में एक से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्र हैं तो उनका कोड भी अंकित करना होगा।

यदि स्कूलों में किसी भी तरह की मरम्मत की जरूरत है तो संबंधित फार्म में उसका ब्योरा भरा जाए अन्यथा प्रस्ताव नामंजूर कर दिया जाएगा। इस बार प्री-प्राइमरी में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। अब इसके लिए भी प्रस्ताव पीएबी में भेजा गया है। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि यदि यू-डायस के अंतर्गत डाटा कैप्चर फार्मेट में भरे गए आंकड़े व ब्योरा सही नहीं मिलते हैं तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक, प्रबंधक, शिक्षक संकुल तथा खंड शिक्षाधिकारी उत्तरदायी होंगे। मान्यता प्राप्त विद्यालय, मदरसा, सीबीएसई व आइसीएसई से मान्यता प्राप्त विद्यालय अपना ब्योरा आनलाइन नहीं कराता है तो उनके विरुद्ध मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।

Thursday, May 12, 2022

गोरखपुर : ARP के रिक्त पदों के सापेक्ष चयन हेतु प्रेस विज्ञप्ति जारी, देखे

गोरखपुर : ARP के रिक्त पदों के सापेक्ष चयन हेतु प्रेस विज्ञप्ति जारी, देखे

Tuesday, April 12, 2022

जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण में बेसिक शिक्षा विभाग फेल, 19 मिले अनुपस्थित, वेतन रोका

जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण में बेसिक शिक्षा विभाग फेल,  19 मिले अनुपस्थित, वेतन रोका


सोमवार को जिलाधिकारी बीएसए कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गैरहाजिर मिले 19 कर्मचारियों का अगले आदेश तक वेतन रोकने का आदेश दिया।


डीएम विजय किरन आनंद ने सोमवार को बीएसए कार्यालय का 10:15 बजे औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बेसिक, समग्र शिक्षा अनुभाग के 19 अधिकारी, कर्मचारी और लिपिक अनुपस्थित मिले। डीएम ने सभी अनुपस्थित मिले कर्मियों का अगले आदेश तक वेतन रोक दिया है। साथ ही सभी को तीन दिन के अंदर अनुपस्थिति के संबंध में साक्ष्य के साथ स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने को कहा।


औचक निरीक्षण को पहुंचे डीएम ने सबसे पहले बीएसए के कक्ष में पहुंचे। बीएसए के बारे में पूछताछ की। उपस्थित कर्मियों ने बताया कि वह कोर्ट गये हुए हैं। इस दौरान उनके निरीक्षण में जो भी कर्मचारी अनुपस्थित मिलते गये। उनके नाम के आगे अनुपस्थित लिखते हुए अगले आदेश तक वेतन रोकने की कार्रवाई की।


इन अनुपस्थित कर्मियों का रोका गया वेतन

जिला समन्वयक समग्र शिक्षा विवेक जायसवाल, लेखाकार आलोक कुमार जायसवाल, एसएसएस लिपिक संजय कुमार कार्यालय सहायक अनुज श्रीवास्तव, अनुचर अजय तिवारी,  सहायक लेखाधिकारी वित्त भारतेन्दु अनमोल, अभिषेक कुमार, अनिल कुमार कुशवाहा, दुर्गा प्रसाद दूबे, प्रधान सहायक बेसिक शिक्षा महेन्द्र प्रसाद, उर्दू अनुवाद बेसिक शिक्षा कट्टूसिया खातून, परिचारक बेसिक शिक्षा चंद्र  भूषण, परिचारक महताब, परिचारक सुशील त्रिपाठी, कनिष्ठ सहायक बेसिक शिक्षा अश्वनी पाण्डेय,  कम्प्यूटर ऑपरेटर बेसिक शिक्षा अनीष श्रीवास्तव, जिला समन्वयक एमडीएम दीपक पटेल, कंप्यूटर ऑपरेटर एमडीएम अनिल श्रीवास्तव

Thursday, March 24, 2022

गोरखपुर : DM ने लापरवाही पर की कार्रवाई, चार BEO के निलंबन की संस्तुति

गोरखपुर : DM ने लापरवाही पर की कार्रवाई, चार BEO के निलंबन की संस्तुति

Tuesday, March 15, 2022

जिलाधिकारी गोरखपुर ने जारी किया आदेश, अब दिनांक-19/03/2022 को भी रहेगा होली का स्थानीय अवकाश

जिलाधिकारी गोरखपुर ने जारी किया आदेश,  अब दिनांक-19/03/2022 को भी रहेगा होली का स्थानीय अवकाश

Friday, January 21, 2022

बीएसए गोरखपुर के खिलाफ वारंट जारी , जाने पूरा मामला

बीएसए गोरखपुर के खिलाफ वारंट जारी , जाने पूरा मामला


प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवमानना के एक मामले में गोरखपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी रामेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने प्रज्ज्वला नायक की अवमानना याचिका पर दिया है।


मामले के तथ्यों के अनुसार कोर्ट ने 23 नवम्बर 2021 को अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए बीएसए को 20 जनवरी के लिए नोटिस जारी किया था। सीजेएम गोरखपुर के 18 दिसम्बर 2021 के प्रतिवेदन के अनुसार यह नोटिस उनके कार्यालय के माध्यम से तामील करा दिया गया। इसके बावजूद गुरुवार को सुनवाई के दौरान न वह हाजिर हुए और न उनकी ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। 


कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए गोरखपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी रामेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी का जमानती वारंट जारी किया, जिसमें उन्हें 20 हजार रुपये की राशि एक बांड निष्पादित करने और 27 जनवरी को वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट के समक्ष पेश होने के शपथपत्र दाख़िल करने को कहा है। वारंट का तामीला सीजेएम गोरखपुर के माध्यम से करने का निर्देश दिया गया है।


Tuesday, January 11, 2022

गोरखपुर : स्थानीय अवकाशों सहित वर्ष 2022 अवकाश तालिका जारी, देखें

गोरखपुर : स्थानीय अवकाशों सहित वर्ष 2022 अवकाश तालिका जारी, देखें

Friday, December 24, 2021

जनपद गोरखपुर के परिषदीय प्राथमिक/ उच्च प्राथमिक/ कम्पोजिट विद्यालयों/ गैरसरकारी सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत अध्यापक/ अध्यापिकाओं की सेवाकाल में मृत्यु के पश्चात माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद/ खण्ड पीठ लखनऊ में मृत्यु उपादान के सम्बन्ध में योजित याचिकाओं में पारित आदेश की सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

जनपद गोरखपुर के परिषदीय प्राथमिक/ उच्च प्राथमिक/ कम्पोजिट विद्यालयों/ गैरसरकारी सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत अध्यापक/ अध्यापिकाओं की सेवाकाल में मृत्यु के पश्चात माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद/ खण्ड पीठ लखनऊ में मृत्यु उपादान के सम्बन्ध में योजित याचिकाओं में पारित आदेश की सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

Saturday, December 18, 2021

बेसिक शिक्षा में तय होगा परिणाम से परिवर्तन का सफर, सीखने और सीखाने की गति को भी निखारेगी यह व्यवस्था। जानिए विस्तार से

देश का पहला निपुण भारत निगरानी केंद्र गोरखपुर में

बेसिक शिक्षा में तय होगा परिणाम से परिवर्तन का सफर, सीखने और सीखाने की गति को भी निखारेगी यह व्यवस्था। जानिए विस्तार से


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा मंत्रालय द्वारा 5 जुलाई को लागू निपुण भारत योजना (नेशनल इनीशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरेसी) समेत बेसिक शिक्षा विभाग की सभी कक्षाओं के अनुपालन एवं उसके लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विकास भवन में अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को देश के इस पहले अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का लोकार्पण करेंगे। इसकी कार्य प्रणाली को भी परखेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग में इसकी मदद से परिणाम से परिवर्तन का सफर तय करने में आसानी होगी। सीखने और सीखाने की गति को भी यह निगरानी व्यवस्था निखारेगी।

डीएम विजय किरण आनंद की नवाचार एवं आधुनिकीकरण की सोच की उपज यह कंट्रोल रूम तकरीबन 88 लाख रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित किया जा रहा है। यह कंट्रोल रूम देश के इस तरह का पहला प्रयोग है जिससे गोरखपुर मण्डल के सभी परिषदीय विद्यालयों एवं कस्तुरबा गांधी विद्यालयों की निगरानी एवं जरूरी सहयोग मिलेगा। ताकि उन विद्यालय के शिक्षक अपने छात्रों की शिक्षण संबंधी समस्याओं का समाधान कर सके। स्वयं भी समस्याओं का त्वरित निदान प्राप्त कर सके। इस मायने में यह कंट्रोल रूम अत्याधुनिक कॉल सेंटर के रूप में भी सेवाएं प्रदान करेगा।


भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा लागू  की गई निपुण (नेशनल इनोशिएटिव फार प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरसी) भारत योजना के तहत देश का पहला निपुण भारत निगरानी कर (मानीटरिंग सेंटर) गोरखपुर में स्थापित किया जा रहा है। विकास भवन में बनाए जा रहे इस केंद्र से बेसिक शिक्षा में बड़ा बदलाव आएग। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे की नियमित रूप से वास्तविक समय में निगरानी हो सकेगी। बच्चे ने कितना सोखा, उसके सीखने की प्रगति कैसी है रोज स्कूल आता है या नहीं, स्कूल में मध्याहन भोजन की स्थिति क्या है कितने बच्चे स्कूल छोड़ दे रहे। है आदि बिन्दुओं पर भी समय से छटा उपलब्ध हो सकेगा और उसके आधार पर सुधार किया जाएगा। लक्ष्य है कि 2026-27 तक हर बच्चा तीसरी कक्षा के अंत तक पढ़ने लिखने एवं अंकगणित सीखने की क्षमता विकसित सके। 88 लाख रुपये की लागत से स्थापित किए जा रहे इस केंद्र का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को करेंगे। मुख्यमंत्री यहाँ निगरानी केंद्र को कार्यप्रणाली पर केंद्रित चार मिनट का वीडियो भी देखेंगे।



जिलाधिकारी विजय किरन आनंद की पहल पर विकास भवन में इस अत्याधुनिक की स्थापना हो रहा है। मुख्य विकास अधिकारी  इंद्रजीत सिंह को इसके संचालन की जिम्मेदारी दे गई है। इस केंद्र में एक नियंत्रण कक्ष को भी स्थापना की गई। है। इसमें 16 एकेडमिक रिसोर्स पर्सन  (एआरपी) एवं शिक्षकों को नियुक्त किया जाएगा। केंद्र में 16 कंप्यूटर लगाए गए हैं। इसे काल सेंटर के रूप में भी विकसित किया गया है।


केंद्र में हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा होगी। यहां एक बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है। नियंत्रण कक्ष सुबह नौ से शाम पांच बजे तक संचालित होगा जिले में 2493 परिषदीय विद्यालयों में 600 स्मार्ट क्लास हैं। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए जिलाधिकारी ने शुक्रवार की शाम केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी इंजीत सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र प्रताप सिंह, विजय जायसवाल आदि उपस्थित रहे।


निपुण भारत योजना के तहत विकास भवन में निपुण भारत निगरानी केंद्र स्थापित किया गया है। गोरखपुर पहला जिला है, जहां ऐसा केंद्र स्थापित किया गया है। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे कितना सीख पा रहे हैं, इसकी रियल टाइम निगरानी हो सकेगी। यह केंद्र बेसिक शिक्षा में बड़े बदलाव लेकर आएगा
विजय किरन आनंद जिलाधिकारी


● ऐसे होगी निगरानी

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट के शिक्षकों द्वारा हर महीने प्रश्न पत्र तैयार किए जाएंगे। इन्हें स्कूलों पर भेजा जाएगा। बच्चों को इसे हल करने को दिया जाएगा और उसके बाद स्कूल के शिक्षक ओएमआर शीट पर बच्चों द्वारा दिए गए उत्तर भरेंगे।
एक ओएमआर शीट पर आठ बच्चों के उत्तर भरे जा क्षमता को बढ़ाया जाएगा। सभी स्कूली की जियो सकते हैं।
सरल एप के जरिए ओएमआर शीट स्कैन किया जाएगा। 


स्कैन करने पर यह ओएमआर आनलाइन निगरानी केंद्र पर आ जाएंगे। यहां बच्चों के सीखने की प्रगति का अध्ययन किया जाएगा और जहां कमिया होगी वहा एआरपी को भेजकर बच्चों की सीखने की टैगिंग भी होगी, जिसके जरिए उनकी निगरानी हो सकेंगी।

इसके अलावा मिशन प्रेरणा, आपरेशन कायाकला, मध्याहन भोजन योजना, समावेशी शिक्षा समेत विद्यालय स्तर पर संचालित सभी योजनाओं की निगरानी भी हो सकेगी।

Saturday, November 27, 2021

परीक्षा के दिन ही मिलेगा परिणाम, लांच होगा सरल एप, परिषदीय स्कूलों के कक्षा तीन तक के बच्चों का होगा आकलन, गोरखपुर से होगी शुरुआत

परीक्षा के दिन ही मिलेगा परिणाम, लांच होगा सरल एप, परिषदीय स्कूलों के कक्षा तीन तक के बच्चों का होगा आकलन, गोरखपुर से होगी शुरुआत


गोरखपुर : परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों की योग्यता के आकलन के लिए जिस दिन परीक्षा होगी, उसी दिन शाम तक परिणाम भी आ जाएगा। यह संभव होगा सरल एप के जरिये, जिसकी लांचिंग आज होगी। इसके परीक्षण के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत गोरखपुर को चुना गया है, जहां 27 दिसंबर को कक्षा एक से तीन तक के बच्चों की परीक्षा लेकर इस एप के जरिये उनका योग्यता का आकलन किया जाएगा। गोरखपुर में प्रयोग सफल होने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।



एप का इस्तेमाल शैक्षिक मूल्यांकन परीक्षा यानी सैट (स्टूडेंट असेसमेंट टेस्ट) में किया जाएगा। सैट में लर्निंग आउटकम के लिए विद्यार्थियों से निर्धारित प्रेरणा सूची पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। शनिवार को भाषा तथा गणित विषय को लेकर बच्चों का आकलन किया जाएगा।


मूल्यांकन के जरिये यह जानकारी हो सकेगी की किस कक्षा के किस विषय में बच्चे का कौन सा पक्ष (बोलने, लिखने या समझने) कमजोर है और उसे दूर करने के लिए अतिरिक्त शिक्षक व शिक्षण सामग्री की व्यवस्था की जाएगी। अगले माह से यह प्रक्रिया नियमित अपनाई जाएगी।


ऐसे काम करेगा सरल एप

सरल एंड्रायड आधारित एप है। इसके माध्यम से शिक्षक ओएमआर शीट को स्कैन कर पाएंगे। विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को जानने के लिए कक्षा एक से तीन के बच्चों का आकलन लिया जाएगा, जिसका परिणाम ओएमआर शीट में शिक्षक भरेंगे। स्कैनिंग के बाद जिला मुख्यालय तक जानकारी पहुंच जाएगी और वह परिणाम घोषित कर देगा।


बच्चों की योग्यता के आकलन के लिए प्रत्येक बच्चे के हिसाब से स्कूलों को ओएमआर शीट उपलब्ध करा दी गई है। आकलन के दौरान शिक्षक बच्चों से प्रश्न पूछेंगे और मिला उत्तर शीट में भरेंगे। इसके बाद परिणाम घोषित किया जाएगा। कोरोनाकाल में बच्चे करीब दो वर्ष तक विद्यालय से दूर रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई का नुकसान हुआ है। नुकसान किन-किन विषयों में हुआ है, यह पता लगाने के लिए यह मूल्यांकन किया जा रहा है। - विवेक जायसवाल, जिला समन्वयक, प्रशिक्षण

Saturday, November 20, 2021

तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने की तैयारी, होगा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण, कक्षा एक के दाखिले में दाखिले से पहले मजबूत होगी नींव

स्कूल जाने के लिए नौनिहालों को तैयार करेंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

■ तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ेंगी

■ होगा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण

■ कक्षा एक के दाखिले में दाखिले से पहले मजबूत होगी नींव


गोरखपुर : प्ले- वे की तर्ज पर जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तीन से छह साल तक के बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करेंगी। प्री-प्राइमरी शिक्षा के तहत बेसिक शिक्षा विभाग व जिला कार्यक्रम अधिकारी संयुक्त रूप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण तीन चरणों में होगा। पहले चरण का प्रशिक्षण 29 नवंबर को, इसके बाद जनवरी व मार्च में होगा। प्रशिक्षण जिले के सभी ब्लाकों में एक साथ आयोजित होगा। शासन के निर्देश पर इसकी तैयारी शुरू हो है।

आंगनबाड़ी केंद्रों के प्री-नर्सरी व में तब्दील होने से प्राथमिक विद्यालयों की गुणवत्ता में इजाफा होगा। अब तक जो बच्चे सीधे प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक में दाखिला लेते थे। उन्हें पढ़ाई के लिए तैयार करने में शिक्षकों को काफी मेहनत करनी पड़ती थी। ऐसे में जब आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी विद्यालय बन जाएंगे तो वहां शुरुआती दौर में बच्चों को पठन-पाठन की जानकारी दी जाएगी। यह उनके लिए कक्षा एक में दाखिले से पहले नींव मजबूती का भी काम करेगा।  निर्देश के मुताबिक सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्धारित तिथियों में प्रशिक्षित करने का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।


खेल-खेल में पढ़ाने का सीखेंगी तरीका : जिले में वर्तमान में 41 सौ आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3650 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तैनात हैं। जिन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने का तरीका बताया जाएगा। साथ यह भी सिखाया जाएगा कि कैसे गीत, कविताएं और कहानियां शिक्षा का आधार बन सकती हैं। यह भी बताया जाएगा कि उनके कार्य का मूल्यांकन कैसे किया जाएगा, ताकि वे ये सुनिश्चित कर सकें कि उनका पढ़ाया हुआ बच्चों की समझ में आया भी है या नहीं।

Sunday, October 31, 2021

गोरखपुर : बेसिक शिक्षा विभाग के लिए सिरदर्द साबित हो रहा डीबीटी, दो सौ खाते निष्क्रिय, साढ़े तीन हजार आधार का ब्योरा ढूंढ रहा महकमा

दो सौ खाते निष्क्रिय, साढ़े तीन हजार आधार का ब्योरा ढूंढ रहा महकमा

 गोरखपुर बेसिक शिक्षा विभाग के लिए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) सिरदर्द साबित हो रहा है। शासन डीबीटी एप पर बच्चों का ब्योरा पूर्ण करने पर जोर दे रहा है। जबकि तकनीकी परेशानी व खातों की निष्क्रियता विभाग के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं।

शासन स्तर से भी यह फैसला हो चुका है कि यह धनराशि केवल उन्हीं खातों में भेजी जाएगी, जिनमें पिछले दो महीने में लेनदेन हुआ हो। निष्क्रिय खातों में धनराशि नहीं भेजी जाएगी।

जनपद में कक्षा एक से आठ तक के कुल 3.34 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिए स्कूल

बैग, यूनीफार्म व जूता-मोजा के लिए ग्यारह सौ रुपये प्रति छात्र धनराशि स्थानांतरित की जानी है।

सत्यापन में जिले में लगभग दो सौ अभिभावकों के बैंक खाते निष्क्रिय मिल हैं। जबकि साढ़े तीन हजार आधार कार्ड ऐसे पाए गए हैं जिनका सही ब्योरा अभी तक विभाग को उपलब्ध नहीं हो सका है, जिसके कारण इनके खातों में धनराशि स्थानांतरित करना संभव नहीं है।

योजना के तहत जिले में महज दो लाख छात्रों के ब्योरे का ही सत्यापन हो सका है, जिसमें से 1.20 लाख छात्रों के अभिभावकों के खाते में धनराशि स्थानांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शेष का आधार प्रमाणीकरण हो रहा है।

जिन अभिभावकों के खाते निष्क्रिय हैं शिक्षक उनसे संपर्क कर खाता सक्रिय कराने के लिए प्रयासरत हैं। जिनके आधार का सही ब्योरा अभी तक उपलब्ध नहीं हो सका है उसके लिए भी निर्देशित कर दिया गया है। जल्द ही पोर्टल पर फीडिंग का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए

Saturday, October 23, 2021

गोरखपुर : सभी शिक्षक मिले गैरहाज़िर,एडी बेसिक व बीएसए ने कराई प्रार्थना

गोरखपुर : सभी शिक्षक मिले गैरहाज़िर,एडी बेसिक व बीएसए ने कराई प्रार्थना

गोरखपुर : डीएम के निर्देश पर निरीक्षण, अनुपस्थित मिले 45 शिक्षक

गोरखपुर : डीएम के निर्देश पर निरीक्षण, अनुपस्थित मिले 45 शिक्षक