जागरण
संवाददाता, लखनऊ: समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित होने वाले राजकीय
आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज के पैटर्न में भले ही बदलाव किया जा रहा हो, लेकिन
अंग्रेजी के संग हिंदी माध्यम से भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा। नवोदय
विद्यालयों की भांति कक्षा एक के बजाय छह से प्रवेश होंगे और सीबीएसई बोर्ड
की भांति पढ़ाई होगी। नए पैटर्न के आधार पर राजधानी समेत प्रदेश के सभी 85
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में एक अप्रैल से शिक्षण कार्य शुरू हो
जाएगा।
एक कक्षा के दो सेक्शन होंगे : अंग्रेजी व हिंदी माध्यम से होने वाली पढ़ाई के लिए सभी कक्षाओं को दो भागों में बांटा जाएगा। एक कक्षा में 70 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। उनमे से आधे अंग्रेजी व आधे हिंदी माध्यम के होंगे। अभी तक हिंदी माध्यम से ही पढ़ाई होती थी। नई व्यवस्था के तहत अब सीधे के बजाय प्रवेश परीक्षा व प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर प्रवेश होगा। ब्लॉक स्तर पर 100 मेधावी बच्चों (60 फीसद एससी, 25 फीसद ओबीसी और 15 फीसद सामान्य बीपीएल) का चयन होगा और उनके बीच प्रवेश परीक्षा होगी।
खंड शिक्षाधिकारी करेंगे मेधावियों का चयन : खंड शिक्षा अधिकारी के ऊपर मेधावियों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी होगी। हर श्रेणी के मेधावी बच्चों की सूची तैयार की जाएगी। कक्षा पांच के मेधावियों की सूची तैयार होने के बाद एक ब्लॉक के 100 मेधावियों के बीच 14 फरवरी को प्रवेश परीक्षा होगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी केएस मिश्र ने बताया कि अगले चार साल तक नई शिक्षा प्रणाली पूर्णतया लागू हो जाएगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार होगा।
आत्मनिर्भर बनें बेरोजगार
बीकेटी : कौशल विकास मिशन योजना एक ऐसी योजना है। इस योजना से शिक्षित बेरोजगार युवा प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। यह बातें सांसद कौशल किशोर ने कहीं। वह बीकेटी में स्वतंत्र एजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित कौशल विकास शिविर को संबोधित कर रहे थे।


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