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Wednesday, March 16, 2016

लखनऊ : प्रश्नपत्र 50 का, सवाल पूछे सिर्फ 38 अंकों के, प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक स्कूलों की परीक्षा में उजागर हुई लापरवाही

  •  दूसरी पाली में कला एवं क्राफ्ट की परीक्षा नहीं करवाई गई

अजरुनगंज : परिषदीय विद्यालयों में चल रही वार्षिक परीक्षा के दूसरे दिन ही प्रश्नपत्र में बड़ी खामी उजागर हुई। कक्षा पांच में गणित के प्रश्नपत्र पर ऊपर पूर्णाक तो 50 अंक का था लेकिन अंदर प्रश्नपत्र में सवाल सिर्फ 38 अंकों के ही पूछे गए। ऐसे में विद्यार्थी प्रश्नपत्र को लेकर भ्रमित हो गए। वहीं दूसरी ओर स्कीम के अनुसार कक्षा छह से लेकर कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों की संबंधित कला एवं क्राफ्ट का पेपर होना था, लेकिन यह विषय पढ़ाया ही नहीं जाता।

सरोजनीनगर ब्लॉक के प्राथमिक स्कूलों में जो प्रश्नपत्र कक्षा पांच के विद्यार्थियों को गणित का बांटा गया उसमें त्रुटि थी। प्राथमिक विद्यालय हरिहरपुर के प्रधान अध्यापक विनोद गुप्ता ने बताया कि प्रश्नपत्र में ऊपर पूर्णाक भले ही 50 अंक का छपा हो लेकिन अंदर जब सवाल जोड़े गए तो वह केवल 38 अंकों के ही आ रहे थे। यही हॉल ब्लॉक के दूसरे प्राथमिक स्कूलों में भी था, मगर 38 अंकों के सवाल वाले प्रश्नपत्र से ही विद्यार्थियों की परीक्षा करवाई गई। प्राथमिक विद्यालय डिप्टीगंज, प्राथमिक विद्यालय बरौना व प्राथमिक विद्यालय अजरुनगंज प्रथम में विद्यार्थियों ने 38 अंक वाले प्रश्नपत्र से ही परीक्षा दी। वहीं दूसरी पाली में कक्षा छह से लेकर आठ तक के विद्यार्थियों की संबंधित कला एवं क्राफ्ट का प्रश्नपत्र था, लेकिन यह विषय उन्हें पढ़ाया ही नहीं जाता। ऐसे में विद्यार्थी अपने-अपने स्कूलों में खाली बैठे रहे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय घुसवल कला, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरौना और पूर्व माध्यमिक विद्यालय अजरुनगंज प्रथम सहित जिले में लगभग सभी पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को खाली बैठे रहना पड़ा। कुछ स्कूलों में विद्यार्थियों ने चित्र बनाकर जमा किए तो ज्यादातर में नहीं जमा किए गए। इस बारे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी का कहना है कि वह इस प्रकरण की जांच की जाएगी।

(खबर साभार : दैनिक जागरण)

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