मथुरा में मिड-डे मील में दूध पीने से बच्चों की मौत की घटना के बाद एक बार फिर दूध वितरण को लेकर शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया पर इसके लिए मुहिम शुरू हो गई है। मिड-डे मील में बुधवार को परिषदीय विद्यालय के बच्चों को दूध दिया जाता है। जब से यह व्यवस्था शुरू हुई है शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि एक तो शासन ने दूध के लिए बजट आवंटित नहीं किया है। इसके अलावा बच्चों को शुद्ध दूध उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दे दी गई है। ऐसे में शिक्षकों के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जिससे वो दूध की जांच कर सकें। अगर वो दूध नहीं बांटते हैं तो भी कार्रवाई होती है। अगर दूध पीने से कोई घटना हो जाए तो भी शिक्षक फंसे। आगरा के शिक्षकों ने इसके लिए सोशल मीडिया पर मुहिम शुरू की है। इसमें शिक्षकों से दूध वितरण बंद करने के लिए साथ देने की अपील की गई है। शिक्षकों ने भी इस मुहिम का समर्थन किया है। इस पर सैकड़ों कमेंट और लाइक भी आ गए हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र राठौर का कहना है कि दूध वितरण न बच्चों के हित में है न शिक्षकों के। शासन को इसे बंद कर देना चाहिए।
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