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Friday, May 13, 2016

बदायूं : बीटीसी प्रशिक्षुओं ने डायट प्राचार्य को बनाया बंधक, चैनल में ताला डालकर किया हंगामा, डायट की गलती की सजा भुगतेंगे अभ्यर्थी

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के जिम्मेदारों की गलती की सजा बीटीसी प्रशिक्षुओं को भुगतनी पड़ेगी। डायट के कर्मचारियों ने परीक्षा नियामक को उनके कम प्राप्तांक परीक्षा नियामक को भेजे थे, जिसके चलते उन्हें कम अंकों का परीक्षाफल प्राप्त हुआ है। जिससे नाराज बीटीसी प्रशिक्षुओं ने गुरुवार को डायट प्राचार्य को बंधक बनाया और चैनल में ताला डाला। प्रशिक्षुओं के अभिभावकों ने भी पहुंचकर नाराजगी व्यक्त की।बीटीसी 2013 बैच के बीटीसी प्रशिक्षुओं का सेशन समाप्त हो गया है। चौथे सेमेस्टर की परीक्षा भी दे चुके हैं, लेकिन लापरवाही का आलम यह है कि उन्हें दूसरे सेमेस्टर का परीक्षाफल तीन दिन पहले दिया गया है। परीक्षाफल के प्राप्तांक देखकर सभी हक्के-बक्के रह गए। जब उसमें कम अंक प्रकाशित होकर आए। तीन दिन डायट के चक्कर काटे, लेकिन किसी ने उनकी बात पर गौर नहीं किया। गुरुवार को सब्र का बांध टूटा और डायट प्राचार्य से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई न होती देखकर गुस्सा बढ़ा और चैनल में ताला डाल दिया और अभिभावकों को सूचना दी गई। इस संबंध में प्राचार्य कोई भी जवाब देने में असमर्थ दिखे। बीटीसी प्रशिक्षुओं ने बताया कि सेमेस्टर में तीन परीक्षाओं के बेहतर प्राप्तांक नियामक को भेजे जाने चाहिए, जबकि एक ही परीक्षा कराई गई। प्रवक्ताओं के उत्तरपुस्तिका जांचने के बाद प्राप्त हुए अंक मिले, लेकिन नियामक को अंक प्राप्तांक भेजे गए। साथ ही विद्यालयों में हुए प्रशिक्षण के अंक भी कम करके नियामक को भेजे। आलम तो यह है कि प्रशिक्षुओं के 98 अंक पाने के बाद भी नियामक को 69 या 70 अंक भेजे गए। जिसके चलते ज्यादातर प्रशिक्षुओं को सी ग्रेड मिला है। प्राचार्य राजीव दिवाकर ने बताया कि प्रशिक्षुओं की उत्तर पुस्तिकाएं दिखवाई जाएंगी कि उन्हें कितने अंक प्राप्त हुए हैं। जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी।तो भर्ती में दौड़ से बाहर हो जाएंगे प्रशिक्षु : प्रदेश भर की डायटों ने नियामक को सही प्राप्तांक भेजे हैं। उनकी प्रतिशतता भी अच्छी है, लेकिन बदायूं डायट के प्रशिक्षुओं की कम प्रतिशतता होने की वजह से भर्ती के दौरान दिक्कत होगी। अन्य जिलों के मुकाबले बदायूं के प्रशिक्षुओं बाहर हो जाएंगे।

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