बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों डाटा आनलाइन होगा। इससे शिक्षकों के डाटा में किसी प्रकार का खेल नहीं हो सकेगा। सर्विस बुक न मिलने के कारण जीपीएफ और वेतन की प्रक्रिया में दिक्कत होती है, अब आनलाइन डाटा होने से इस समस्या का समाधान हो जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के 2400 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 6000 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। अभी तक शिक्षक-शिक्षिकाओं का डाटा आनलाइन नहीं है।1 बिना आनलाइन डाटा के ही रजिस्टरों में ही काम चल रहा है। शासन ने शिक्षकों की समस्या और सुविधा को ध्यान में रखते हुए वेतन, जीपीएफ एवं अन्य चीजों का डाटा आनलाइन करने का आदेश लेखा विभाग को जारी किया है। शासन ने कहा है कि डाटा आनलाइन होने से शिक्षकों की काफी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। वह आए दिन बेसिक शिक्षा कार्यालय एवं लेखा विभाग के चक्कर नहीं काटेंगे। यदि उन्हें कोई जानकारी करनी होगी तो वह नेट पर आनलाइन नाम और कोड डालकर देख सकेंगे। इसके अलावा कोई सूचना विभाग से मांगनी है तो उसकी जानकारी भी नेट पर उपलब्ध हो जाएगी। आनलाइन सिस्टम से शिक्षकों की काफी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। वित्त एवं लेखाधिकारी सूरज कुमार ने बताया शासनादेश के बारे में जानकारी है, लेकिन आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश आते ही आनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। शिक्षकों के लिए यह अच्छी पहल है। इस प्रक्रिया से शिक्षकों को भाग दौड़ से निजात मिलेगी। सर्विस बुक एवं अन्य प्रपत्र खो जाने के बाद उन्हें बनवाने में भी आसानी होगी क्योंकि शिक्षकों का सारा रिकार्ड आनलाइन रहेगा
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