ऑनलाइन आवेदन में हाईस्कूल से टीईटी तक हर परीक्षा में 99 परसेंट से अधिक नम्बर दिखा कर जबरदस्त चर्चा में आई रंगा बिरला मंगलवार को बीएसए दफ्तर पर टीचर भर्ती काउंसलिंग में नहीं आई। अफसरों और बाबुओं के अलावा करीब डेढ़ सौ अभ्यर्थियों ने भी शाम तक उसका इंतजार किया। वे उसे तो देखने को बेताब थे ही, उसके दस्तावेजों का सच भी जानना चाहते थे। रंगा बिरला को हर परीक्षा में जितने नम्बर मिले दिखाए गए हैं, वे पहली नजर में ही संदिग्ध दिख रहे हैं। हाल के वर्षों में हाईस्कूल से टीईटी तक की हर परीक्षा में किसी को 99 परसेंट से अधिक नम्बर मिले होते तो वह कभी का मीडिया की सुर्खी बन चुका होता। नम्बर और नाम ही नहीं, उसका मोबाइल नम्बर भी चौंकाने वाला है जो छह अंकों का है। साफ लग रहा है कि यह किसी की शरारत है लेकिन इसके बावजूद लकीर के फकीर की तरह काम करने वाले बेसिक शिक्षा विभाग ने इस पर कोई संदेह नहीं जताया। पूछने पर सोमवार तक अफसरों और बाबुओं का यही जवाब था कि अभ्यर्थिनी के काउंसलिंग में आने और उसके शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच के बाद ही हम कुछ कह पाएंगे। इसी कारण मंगलवार को शाम तक उसका इंतजार होता रहा। बहुतेरे लोगों का कहना था कि यह डमी नाम है और सचमुच की रंगा बिरला प्रकट नहीं होने वाली।15 हजार शिक्षक भर्ती की कट आफ मेरिट में टॉपर रंगा बिरला के बारे में बातचीत में बीएसए ओमप्रकाश यादव का कहना है कि शाम तक वह नहीं आई। हाई मेरिट होने के कारण उसे एक मौका और मिलेगा। दूसरी कांउसलिंग 21 जून को होगी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि आनलाइन आवेदन प्रक्रिया में बहुत से डमी कैण्डिडेट ने फार्म भरा है। लिहाजा गोरखपुर में कट आफ मेरिट 93.93 फीसदी तक चली गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सूची में दूसरे नम्बर वाले अभ्यर्थी की मेरिट 82.18 है। यही वजह है कि पहले की काउंसलिंग में चयनित बहुत से अभ्यर्थी सूची से बाहर हो गए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक 15 हजार शिक्षक भर्ती के तहत तीसरी बार 30 दिसम्बर-15 से 15 जनवरी तक आवेदन मांगा गया था। उसी दौरान रंगा बिरला पुत्री कंचा चिना के नाम से एससी संवर्ग के दिव्यांग कोटे में फार्म भरा गया था।
’काउंसलिंग में अफसरों, बाबुओं व डेढ़ सौ अभ्यर्थियों ने किया इंतजार’अभ्यर्थी रंगा बिरला का नम्बर, नाम व मोबाइल नंबर भी चौंकाने वाला
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