अब तो सफाई कर्मियों ने तो अधिकारियों का आदेश ही मानने से इन्कार कर दिया। इसके लिए पंचायत राज विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ ने बैठक बुला कर कहा कि विद्यालयों में सफाई करने का आदेश शासन के विपरीत है और सफाई कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है। संघ की बैठक में जिलाध्यक्ष अमित कुमार ने कहा शासन से सफाई कार्य करने का जाब कार्ड जारी किया गया है। जिसमें सफाई का स्थान निर्धारित किया गया है। उसमें विद्यालयों की सफाई करने का उल्लेख है और न ही कोई निर्देश हैं। उन्होंने कहा विद्यालय की सफाई करने के लिए शासन से कोई निर्देश नहीं हैं इसलिए कोई भी सफाई कर्मी विद्यालय की सफाई नहीं करेगा। विद्यालयों में सफाई के लिए डीपीआरओ की ओर से जारी किए आदेश में तत्काल निरस्त किया जाए। अगर आदेश को निरस्त नहीं किया गया है तो सफाई कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। विद्यालयों में कौन लगाए झाड़ू : सफाई कर्मचारियों का कहना है कि विद्यालयों में सफाई उनके क्षेत्र में नहीं आती है। विद्यालयों में सफाई का कोई इंतजाम नहीं है। अब अधिकारी और शासन विद्यालयों को साफ सुथरा ही नहीं शौचालयों की भी रोजाना सफाई कराने की बात कह रहे हैं। जब सफाई कर्मचारी विद्यालयों में सफाई नहीं करेंगे तो फिर क्या बच्चे या शिक्षक शिक्षिकाएं झा़ड़ू लगाएंगे। शिक्षकों का कहना है कि वही सबसे कमजोर माने जाते हैं। सबके अधिकार हैं और उनका कोई अधिकार नहीं है। डीएम ने जारी कराया था आदेश : जिलाधिकारी ने विद्यालयों की साफ सफाई को गंभीरता से लेते हुए सफाई कर्मचारियों से सफाई कराने का आदेश दिया था। उसी को लेकर सीडीओ ने जिला पंचायत राज अधिकारी से आदेश जारी कराया था।
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