इलाहाबाद: जर्जर व निष्प्रयोज्य हो चुके परिषदीय स्कूलों की बिल्डिंग तोड़ी जाएगी। शासन के निर्देश पर विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध में बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों से उनके क्षेत्र में स्थित जर्जर स्कूलों की सूची मांगी है, ताकि किसी सरकारी संस्था से बिल्डिंग ध्वस्त कराने की कार्रवाई कराई जा सके।
जिले के बीस ब्लाकों में पचास से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल जर्जर हो चुके हैं। इन स्कूलों में कक्षाएं नहीं संचालित होतीं इनके स्थान पर नवीन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल सर्व शिक्षा अभियान के बजट से बनवा दिए गए हैं। ऐसे स्कूलों की सूची उपलब्ध कराने के लिए बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। दरअसल, एक ही कैंपस में नवीन और जर्जर स्कूल बने हुए हैं। अक्सर लंच के समय छात्र-छात्रएं जर्जर बिल्डिंग में खेलने चले जाते हैं। इससे कभी भी बड़ी घटना हो सकती है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने बताया कि जर्जर हो चुके स्कूलों की सूची पंद्रह दिन के अंदर बीएसए कार्यालय में जमा कराने के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए जा चुके हैं। सूची प्राप्त होने के बाद सरकारी संस्था से बिल्डिंग की जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी से अनुमति लेकर जर्जर स्कूलों की बिल्डिंग तोड़ने की कार्रवाई शुरू कराई जाएगी।
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