सर्वे के बारे में जानकारी नहीं प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवकुमार ओझा ने बताया कि हाउस होल्ड सर्वे में अनियमितता बरतने की जानकारी नहीं है। न ही इस संदर्भ में कोई शिकायत ही मिली है। किसी भी दशा में कोई बच्चा विद्यालय से वंचित नहीं रहने पाएगा। इसके लिए खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया गया है। नामांकित बच्चों की उपस्थिति विद्यालय में कराकर गुणवत्ता पूर्व शिक्षा के लिए दिशा निर्देश दिया गया। इसमें कहीं से कमी नही आने पाएगी।
जनपद में सर्व शिक्षा अभियान का हाउस होल्ड सर्वे हवा हवाई बनकर रह गया। एक से बीस अगस्त तक के सर्वे के लिए ब्लाक स्तर पर प्रशिक्षण दिया गया। किंतु इसमें अधिकारियों ने रूचि कम दिखाई। नतीजन अभी तक आउट आफ स्कूल बच्चों का चिन्हिकरण नही हो सका। न ही दिव्यांग बच्चों की संख्या मिल सकी है। सर्वे के सत्यापन में भी खेल करके कोरम पूरा कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा हाउस होल्ड सर्वे में शिक्षक घर-घर सर्वे करके बच्चों की सूची तैयार करती थी। तीन वर्ष से चौदह वर्ष तक के बच्चों की संख्या दर्ज करते नामांकित व अन्य बच्चों हिसाब रखेंगे। विद्यालय से वंचित बच्चों को चिह्नित करके उनका नामांकन भी कराना था। सूत्रों की माने तो नौ ब्लाकों में अभी करीब पंद्रह सौ से अधिक बच्चे आउट आफ स्कूल हैं। इसमें कई दिव्यांग है। सर्वे में आंगनबाड़ी के पास तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों का आंकड़ा शामिल करते हुए दिव्यांग बच्चों की सूची तैयार करनी थी। अगस्त में भेजी गई रिपोर्ट : हाउस होल्ड सर्वे का कार्य पचीस अगस्त तक पूरा होगा। पहले चरण में अध्यापकों द्वारा सूची तैयार की गई। एक से बीस अगस्त के सर्वे के बाद सत्यापन करके चौबीस अगस्त तक ब्लाक स्तर पर कार्यक्रम पूरा कर लिया गया। आनन- फानन में जनपद स्तर पर पचीस तक सूची तैयार कर परिषद को भेज दी गई। नहीं हुआ भौतिक सत्यापन : इस सर्वे विभाग चौकन्ना नहीं रहा। बीस दिनों तक चलने वाले सर्वे में बीच-बीच में न तो खंड शिक्षाधिकारियों द्वारा सत्यापन कराया गया न ही जांच की गई। बीस-बीस गांव के भौतिक सत्यापन का फरमान हवा हवाई होकर रह गया। इसमें जिला समन्वयकों को भी नहीं लगाया गया। इस कार्य में पूरी तरह से शिथिलता उजागर हो रही है। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता रजनीश वैद्यनाथ ने बताया कि ब्लाकवार अध्यापकों को जानकारी दी जा रही है
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