परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं ने जनपदीय स्थानांतरण के लिए बीएसए कार्यालय के चक्कर काटने शुरु कर दिए हैं। रोज ही तमाम शिक्षक-शिक्षिकाएं एक प्रारुप पर सूचना भरकर बीएसए कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। विभागीय जिम्मेदारों के अनुसार जनपदीय स्थानांतरण का विस्तृत आदेश न आने की वजह से प्रक्रिया शुरु नहीं की जा रही है। अंर्तजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया आने के बाद शिक्षक-शिक्षिकाएं जनपद स्तरीय स्थानांतरण का इंतजार कर रहे थे। सूचना मिली कि शासन की ओर से जनपदीय स्थानांतरण का आदेश दे दिया गया है। जिसके चलते रोज तमाम शिक्षक-शिक्षिकाएं बीएसए के पास पहुंचकर प्रक्रिया शुरु न करने का कारण पूछने लगे हैं। बीएसए की ओर से आदेश प्राप्त न होने की बात कही जा रही है। ऐसे में शिक्षक-शिक्षिकाओं के मन में भ्रम है कि जानबूझकर प्रक्रिया शुरु नहीं की जा रही है। असल में विभाग को प्राप्त हुए आदेश में जनपदीय स्थानांतरण का जिक्र ही नहीं किया गया है। शासन से स्थानांतरण के लिए कमेटी के परिवर्तन की जानकारी भेजी गई है। जिसमें डीएम को अध्यक्ष, सीडीओ को उपाध्यक्ष व बीएसए को सचिव बनाया गया है। जबकि पिछले नियम के अनुसार कमेटी में एडी बेसिक, डीआइओएस, डायट प्राचार्य, बीएसए थे। बीएसए प्रेमचंद यादव ने बताया कि जनपदीय स्थानांतरण के आदेश न आने की वजह से प्रक्रिया शुरु नहीं की जा रही है। संबंधित पूरा आदेश आने पर ही जनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन लिए जाएंगे।
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