महराजगंज : बेसिक शिक्षा विभाग अंतर्गत स्थित सर्व शिक्षा अभियान के कार्यालय में अराजकता चरम पर पहुंच गयी है। भ्रष्टाचार को लेकर बीएसए व सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी एक सप्ताह से आपस में टकरा रहे हैं और एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। दोनों ही अधिकारियों ने एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इससे पूरा शिक्षा विभाग दो गुटों में बंट गया है और विभाग में अराजकता की स्थिति व्याप्त हो गयी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी जावेद आलम ने वित्त एवं लेखाधिकारी वाचस्पति द्विवेदी द्वारा दी जा रही धमकी से त्रस्त होकर शुक्रवार को सदर कोतवाली थाने में तहरीर देकर प्राण रक्षा की गुहार लगायी है। बीएसए ने सर्व शिक्षा अभियान के वित्त एवं लेखाधिकारी पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने व आदेशों का पालन न करने का आरोप लगाया। कहा कि एक सितंबर को ही लेखाधिकारी वाचस्पति द्विवेदी को कार्य मुक्त कर दिया था इसके बाद भी वे जबरन सर्व शिक्षा अभियान के कार्यालय में बैठ रहे थे। इसलिए उनके कार्यालय में ताला बंद करा दिया। इस पर लेखाधिकारी वाचस्पति द्विवेदी आक्रोशित हो आमादा फौजदारी हो गए तथा जानमाल की धमकी दी। बीएसए ने बताया कि लेखाधिकारी द्वारा दो दिन से लगातार जान-माल की धमकी दी जा रही है। इसलिए आज लेखाधिकारी वाचस्पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए सदर कोतवाली थाने में तहरीर दी। हालांकि वित्त एवं लेखाधिकारी वाचस्पति द्विवेदी ने बीएसए द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया और कहा कि बीएसए झूठ बोल रहे हैं। असल तथ्य यह है कि बीएसए जावेद आलम द्वारा कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर किए जा रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगायी और मनमानी रिपोर्ट पर भुगतान नहीं होने दिया। इससे बीएसए नाराज होकर अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं। बीएसए को जानमाल की धमकी नहीं दी। फर्जी आदेश पर बीएसए ने हमें निलंबित करा दिया था पर डीएम के समक्ष मामले को रखा तो बीएसए की भद पिट गयी। उच्चाधिकारियों की फटकार पर निलंबन की कार्रवाई पर रोक लगायी गयी और कार्य करने लगा। इससे परेशान बीएसए ने जबरन कार्यमुक्त कर दिया। यही नहीं बीएसए ने हमारे कार्यालय पर ताला बंद करा दिया।
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