उपस्थिति संदेश न भेजने में वेतन काटने की कार्रवाई के बाद से जिले में शिक्षकों की लामबंदी तेज हो गई है। शिक्षकों ने उपस्थिति संदेश भेजना बंद कर दिया है, शनिवार को कंट्रोल रूम में मात्र 145 संदेश दर्ज किए गए। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए उपस्थिति संदेश भेजने की व्यवस्था को लागू किया गया था। इसके बावजूद शिक्षक लापरवाही कर रहे थे। डीएम के निर्देश पर विभाग ने शिकंजा कसते हुए एसएमएस न भेजने पर 17 अक्टूबर को 683 व 18 अक्टूबर को 723 शिक्षकों का वेतन काट दिया था। इस कार्रवाई के बाद से शिक्षकों में हड़कंप मच गया। प्राथमिक व जूनियर शिक्षक संगठनों ने लामबंदी करते हुए उपस्थिति संदेश न भेजने का फैसला लिया है। इसके बाद से प्राथमिक व जूनियर के 2278 विद्यालयों में 19 अक्टूबर को 743 शिक्षकों ने संदेश भेजे। 20 अक्टूबर को यह संख्या घट कर 339 रह गई। शनिवार को यह संदेश केवल 145 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने ही भेजा।
प्रभारी बीएसए उदय नारायन कटियार ने बताया कि संदेश न भेजने वाले शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है, उनपर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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