परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन को पकाए जाने के लिए तैनात रसोइया मजदूरों ने राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने को लेकर हुंकार भरी है। विभागीय अधिकारियों, शिक्षकों पर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू करने की रणनीति तय की है। इसके तहत आगामी 24 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचकर रसोइया मजदूर लक्ष्मण मेला मैदान पर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद धरना देते हुए प्रदेश सरकार के समक्ष मांगे रखी जाएंगी। रसोइया मजदूरों ने शासनादेश के अनुपालन में पहली तारीख तक मानदेय का भुगतान बैंक खाते में किया जाना चाहिए। जबकि विभागीय अधिकारी इसका अनुपालन नहीं कर रहे हैं। यही नहीं गत जून माह में डयूटी किए जाने के बावजूद मानदेय नहीं दिया गया है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष राम निरंजन कनौजिया ने कहा कि रसोइया मजदूरों का उत्पीड़न तथा अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रस्तावित आंदोलन में जनपद से बड़ी संख्या में रसोइया मजदूरों के शामिल होने का आह्वान किया। उक्त तिथि पर रसोइया मजदूर संघ ने एक दिवसीय हड़ताल घोषित की है। बैठक में त्रिलोकी नाथ, अनीता देवी, सुदर्शना देवी, गीता देवी, मुन्नीलाल, केवलपत्ती व पुनीता आदि शामिल रहीं।
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