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Saturday, August 1, 2020

उच्च शिक्षा : निदेशालय ने तलब किया संदिग्ध शिक्षकों का ब्योरा

उच्च शिक्षा : निदेशालय ने तलब किया संदिग्ध शिक्षकों का ब्योरा।

प्रयागराज :  उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश में स्थित राज्य विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों और अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में तैनात शिक्षकों की जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है। संदिग्ध शिक्षकों की अलग से जांच कराए जाने के लिए शासन को संस्तुति भेजने के साथ ही निदेशालय ने संबंधित शिक्षकों का ब्योरा भी तलब कर लिया हैं।

अभिलेखों की जांच-पड़ताल के बाद शिक्षकों का भी पक्ष लिया जाएगा और फिर कोई कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निदेशालय ने सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि संदिग्ध शिक्षकों की नियुक्ति अगर फर्जी है तो स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट करें। उच्च शिक्षा निदेशालय ने राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में 11412 शिक्षकों की जांच कराई है और इनमें से 27 मामले संदिग्ध पाए गए हैं। यह जांच क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से कराई गई थी।




क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में कुछ जनपदों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर संदेहास्पद, फर्जी पाए गए, अनियमित या अन्य कारण अंकित किए गए हैं, लेकिन स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं की गई है। निदेशालय ने पत्र जारी कर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने क्षेत्र के तहत जनपदवार संदेहास्पद, अनियमित, फर्जी पाए गए या अन्य कारण का विस्तृत विवरण संकलति कर निदेशालय के ई मेल पर चार अगस्त को दोपहर एक बजे तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि शासन को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा सके।

अभिलेखों की जांच-पड़ताल पूरी होने के बाद शिक्षकों का लिया जाएगा पक्ष।

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उच्च शिक्षा के 27 शिक्षक जांच  में मिले संदिग्ध, निदेशालय ने शासन को भेजी रिपोर्ट, संदिग्ध की विस्तृत जांच की मांगी इजाजत।

प्रयागराज : प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों तथा राजकीय और सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों के अभिलेखों की जांच पूरी कर ली गई है। प्रदेश के 11412 शिक्षकों की जांच के दौरान 27 शिक्षकों के अभिलेख संदिग्ध मिले हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय ने शासन की जांच रिपोर्ट भेजने के साथ ही संदिग्ध मिले 27 शिक्षकों के बारे में जानकारी देते हुए इनकी विस्तृत जांच कराने की इजाजत मांगी है।






शासन के निर्देश पर हुई इस जांच के लिए टीमें गठित की गई थीं। टीमों ने राज्य विश्वविद्यालयों तथा राज्य और सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में कार्यरत 11412 शिक्षकों के अभिलेखों की जांच की। संदिग्ध मिले कुछ शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों में गड़बड़ी मिली है तो कुछ के जाति आदि प्रमाण पत्र तो कुछ के नियुक्ति पत्र में गड़बड़ी मिली है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ.वंदना शर्मा ने बताया कि दो तरह से जांच हो रही है। एक तो अभिलेखों की जांच हुई है और दूसरा शिक्षकों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करवाया जा रहा है।


 बकौल निदेशक मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड विवरण में गड़बड़ी एनआईसी से पकड़ी जाएगी, जिसमें अभी समय है। अभिलेखों की जांच लगभग पूरी हो चुकी है, जिसमें 27 संदिग्ध मामले मिले हैं। शासन से इजाजत मिलने के बाद जांच कमेटी गठित कर विस्तृत जांच कराई जाएगी। इस जांच में संबंधित शिक्षक के अभिलेख जहां-जहां से जारी हुए हैं, वहां अभिलेखों को भेजकर विस्तृत जांच कराई जाएगी। संबंधित शिक्षक का भी बयान लिया जाएगा। इसमें जो निष्कर्ष निकलेगा उसके मुताबिक आगे कार्यवाही की जाएगी।


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