Showing posts with label अमेठी. Show all posts
Showing posts with label अमेठी. Show all posts
Sunday, October 24, 2021
Wednesday, July 14, 2021

अमेठी : स्कूल से जुड़ी आधारभूत सूचना व बच्चों के नामांकन यू-डायस सॉफ्टवेयर पर अपलोड नहीं करने पर 939 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से जवाब-तलब
अमेठी : स्कूल से जुड़ी आधारभूत सूचना व बच्चों के नामांकन यू-डायस सॉफ्टवेयर पर अपलोड नहीं करने पर 939 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से जवाब-तलब
गौरीगंज (अमेठी) : शैक्षिक सत्र 2020-21 में स्कूल से जुड़ी आधारभूत सूचना व बच्चों के नामांकन यू-डायस सॉफ्टवेयर पर अपलोड नहीं करने पर 939 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से बीएसए ने नोटिस जारी की है।
नोटिस में तीन दिन में सूचना सॉफ्टवेयर पर अपलोड करते हुए जवाब देने का निर्देश दिया गया है। सूचना अपलोड नहीं होने तथा जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
शैक्षिक सत्र 2020-21 में जिले में बेसिक विभाग से मान्यता प्राप्त व परिषदीय स्कूलों को नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या के साथ ही प्रमोट, फेल, शिक्षक व शिक्षकों की योग्यता, विभागीय योजना से लाभांवित बच्चों की सूचना के साथ स्कूल में मौजूद आधारभूत सूचना यू-डायस प्लस सॉफ्टवेयर पर अपलोड की जानी थी।
सूचना अपलोड करने के लिए निदेशक के निर्देश पर बीएसए ने प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी किया था। निर्देश के बावजूद सूचना अपलोड नहीं करने पर मंगलवार को ईएमआईएस इंचार्ज मनीष मिश्र ने मामले की जानकारी बीएसए विनोद कुमार मिश्र को दी।
निर्देशों के बावजूद 939 सूचना अपलोड नहीं करने का मामला प्रकाश में आने बाद बीएसए ने सभी प्रधानाध्यापकों को अंतिम नोटिस जारी की है। नोटिस में तीन दिन में निर्धारित सॉफ्टवेयर पर सूचना अपलोड करने के साथ जवाब देने का निर्देश दिया है। बीएसए ने सूचना अपलोड नहीं होने तथा जवाब से संतुष्ट नहीं होने की दशा में विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
Tuesday, February 2, 2021
Thursday, November 12, 2020

अमेठी: हटाए गए कस्तूरबा के 19 अंशकालिक शिक्षक, कार्रवाई से मचा हड़कंप
अमेठी: हटाए गए कस्तूरबा के 19 अंशकालिक शिक्षक, कार्रवाई से मचा हड़कंप
अमेठी। बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में संविदा पर तैनात 19 अंशकालिक शिक्षकों को हटा दिया है। हटाए गए शिक्षकों में अधिकांश असंगत विषयों का शिक्षण कार्य कर रहे थे। शासन के निर्देश पर हुई कार्रवाई से हटाए गए शिक्षकों में हड़कंप मचा है।
जिले के सभी 13 ब्लॉकों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का संचालन होता है। इन विद्यालयों में पूर्णकालिक के साथ ही अधिकांश अंशकालिक टीचर वर्ष 2010 से पहले से काम कर रहे हैं। सरकार ने वर्ष 2013 में केजीबीवी में अंशकालिक टीचर्स की नियुक्ति व उनके रिन्यूवल के नियमों में परिवर्तन किया था।
शासन ने पिछले दिनों सभी जिलों के बीएसए को पत्र भेजकर असंगत विषयों का शिक्षण कार्य करने वालों के साथ ऐसे अंशकालिक टीचर्स को हटाने का निर्देश दिया था जिस विषय में पूर्णकालिक टीचर की तैनाती हो।
शासन के निर्देश पर बीएसए विनोद कुमार मिश्र ने जिन टीचर्स की संविदा समाप्त कर दी है उनमें केजीबीवी भादर के राम शिरोमणि व वीना सिंह, संग्रामपुर की मालती देवी व अजय कुमार पांडेय, शाहगढ़ के लव कुश गुप्ता, अमेठी की लक्ष्मी तिवारी, जामो की आरती गुप्ता व संगीता मिश्रा, बहादुरपुर की सीमा मिश्रा व नीतू सिंह, सिंहपुर के अमित कुमार सिंह, भेटुआ की अनिता, मुसाफिरखाना के धर्मेंद्र कुमार व रजनी सिंह, शुकुल बाजार की संध्या सिंह, शंकर पाल व सुनीता सिंह, तिलोई के सूर्यकांत ओझा व जगदीशपुर केजीबीवी की माधुरी शामिल हैं।
बीएसए की ओर से पिछले तीन नवंबर को की गई इस कार्रवाई के मंगलवार को सार्वजनिक होने के बाद जद में आने वाले सभी 19 शिक्षकों में हड़कंप मचा है।
बीएसए द्वारा पदमुक्त किए जाने की कार्रवाई के बाद पांच शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में बेमियादी अनशन शुरू कर दिया है। अनशन पर बैठे शंकर पाल, सीमा मिश्रा, नीतू सिंह, वीना सिंह व मालती देवी का कहना है कि वे शासन के नियमों में फिट बैठती हैं। बावजूद इसके उन्हें हटा दिया गया। अनशन पर बैठे शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा विभाग पर नियम विरुद्ध तरीके से बिना टीईटी शिक्षकों को समायोजित करने का भी आरोप लगाया। शिक्षकों ने बीएसए को ज्ञापन देकर समायोजन होने तक अनशन जारी रखने की बात कही है।
Sunday, November 8, 2020

बेसिक शिक्षा : आठ साल में भी नहीं बन सका इस जिले का बीएसए दफ्तर
बेसिक शिक्षा : आठ साल में भी नहीं बन सका इस जिले का बीएसए दफ्तर
अमेठी। बेसिक शिक्षा विभाग के स्थाई कार्यालय का निर्माण स्वीकृति के आठ साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। यह स्थिति तब है जब कार्यदायी संस्था शासन से आवंटित 73.30 लाख रुपये खर्च कर चुकी है। 177.72 लाख की पुनरीक्षित लागत को स्वीकृति नहीं मिलने व धनावंटन नहीं होने से भवन निर्माण का काम सवा साल से ठप है।
एक जुलाई 2010 को जिले का पुनर्गठन होने के साथ ही शहर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय कटरा लालगंज में बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय का संचालन शुरू हुआ था। काम काज पटरी पर आने के बाद विभाग की ओर से की गई लिखा पढ़ी पर शासन ने वित्तीय वर्ष 2011-122 मेें सैठा रोड पर आवंटित भूमि पर बीएसए कार्यालय के लिए भवन निर्माण को स्वीकृति दी थी।
उस समय शासन ने डीपीआर के हिसाब से भवन निर्माण की लागत 73.30 लाख रुपये तय करते हुए 31 मार्च 2013 को पहली किश्त के रूप में 35 लाख रुपये आवंटित कर कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निर्माण निगम को काम शुरू करने को कहा था। कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य शुरू भी किया।
हालांकि बाद में मूल्य वृद्धि का हवाला देते हुए कार्यदायी संस्था ने लागत पुनरीक्षण का पत्र भेजकर स्वीकृति प्रदान करने की मांग की। शासन ने पुनरीक्षण को स्वीकृति देने के बजाए 31 मार्च 2017 को शुरुआती लागत की अवशेष दूसरी किश्त के रूप में 38.30 लाख रुपये आवंटित कर दिया। कार्यदायी संस्था ने इस धन को भी खर्च कर दिया। विभागीय सूत्रों की मानें तो अक्टूबर 2017 से ही भवन का निर्माण कार्य ठप पड़ा है।
भवन निर्माण को लेकर शासन की उदासीनता की वजह से कार्यदायी संस्था को तीन बार नए पुनरीक्षित आगणन को स्वीकृति प्रदान करने के लिए प्रशासन के माध्यम से पत्र भेजा गया। पहली बार स्वीकृत लागत 73.30 लाख को बढ़ाकर 130.18 लाख करने, दूसरी बार 130.18 लाख को 167 लाख करने व तीसरी बार 167 लाख को बढ़ाकर 177.42 लाख करने की मांग की गई। हालांकि शासन ने न तो पुनरीक्षित आगणन को स्वीकृति दी न ही धन आवंटित किया।
भवन निर्माण का कार्य पूरा हो सके इसके लिए विभाग की ओर से अपने विभागीय सचिव व निदेशक को भेजे गए दर्जनों पत्रों के साथ ही चार डीएम (जगतराज व चंद्रकांत पांडेय ने एक-एक तो योगेश कुमार व प्रशांत शर्मा ने दो-दो बार) ने छह-सात बार डीओ शासन को भेजा। बावजूद इसके शासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।
Subscribe to:
Posts (Atom)
