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Friday, January 9, 2026

1044 माध्यमिक विद्यालयों में स्थापित होगी ICT लैब

1044 माध्यमिक विद्यालयों में स्थापित होगी ICT लैब


लखनऊ। प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) लैब का दायरा बढ़ाया जाएगा। पहले चरण में 778 विद्यालयों में लैब स्थापित करने के बाद, दूसरे चरण में 1044 विद्यालयों में लैब की स्थापना की जाएगी। 


इसका उद्देश्य छात्रों को अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से पठन-पाठन में बेहतर अवसर प्रदान करना है। आईसीटी लैब की स्थापना से छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा का अवसर मिलेगा। साथ ही, विद्यालयों में कंप्यूटर उपलब्ध होने से वे तकनीकी कौशल सीख सकेंगे, कोडिंग, इंटरनेट का प्रयोग कर सकेंगे और डिजिटल सामग्री के माध्यम से अध्ययन कर सकेंगे। 


चयनित विद्यालयों में प्रत्येक लैब में 7 कंप्यूटर डेस्कटॉप, इंटरैक्टिव पैनल, वेब कैमरा, मल्टीफंक्शनल प्रिंटर, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम और वाई-फाई राउटर जैसी सुविधाएं मिलेंगी। उपलब्ध कराई जाएंगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने सभी डीआईओएस को निर्देश दिए हैं कि आईसीटी लैब के लिए विद्यालय में अलग कमरे का प्रबंध किया जाए। 

Thursday, July 17, 2025

राजकीय इंटर कालेजों में प्रयोगशालाएं ही नहीं , 2006 स्कूलों में ICT लैब नहीं

राजकीय इंटर कालेजों में प्रयोगशालाएं ही नहीं , 2006 स्कूलों में ICT लैब नहीं
 
1172 इंटर कॉलेजों में से 493 में नहीं है जीव विज्ञान की प्रयोगशाला


प्रयागराज। कुल 2841 माध्यमिक और इंटर कॉलेजों में से 2006 स्कूलों में आईसीटी लैब नहीं हैं जबकि 2087 स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम नहीं हैं। इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार से अनुरोध किया गया कि वे इन सुविधाओं की उपलब्धता की कमी का आकलन करें। इनके लिए भी पूरक प्रस्ताव दे सकते हैं।


प्रयागराज । प्रदेश के सैकड़ों राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रयोगशालाएं ही नहीं है। इस कारण छात्र-छात्राओं के व्यावहारिक ज्ञान में बाधा आ रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में समग्र शिक्षा अभियान 2025-26 के लिए नौ अप्रैल को आयोजित प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) की बैठक में भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाओं की कमी पर चिंता व्यक्त की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, यूपी के 1172 राजकीय इंटर कॉलेजों में से 457 स्कूलों में भौतिकी, 453 में रसायन विज्ञान जबकि 493 स्कूलों में जीव विज्ञान की प्रयोगशाला नहीं है। शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव ने स्कूलों में प्रयोगशालाओं के महत्व को रेखांकित किया। राज्य सरकार से अनुरोध किया गया कि प्रयोगशालाओं की उपलब्धता की कमी को दूर करें। प्रयोगशालाओं के लिए पूरक प्रस्ताव भी मांगा गया है।

Sunday, June 29, 2025

राज्य के सरकारी एवं एडेड माध्यमिक विद्यालयों में 416 लैब और 759 स्मार्ट क्लास को मंजूरी

राज्य के सरकारी एवं एडेड माध्यमिक विद्यालयों में 416 लैब और 759 स्मार्ट क्लास को मंजूरी


प्रदेश में माध्यमिक विद्यालयों की स्थिति

2440 राजकीय माध्यमिक स्कूल
4500 एडेड माध्यमिक स्कूल

29 जून 2025
लखनऊ । प्रदेश के राजकीय एवं अनुदानित माध्यमिक स्कूलों में 416 आईसीटी लैब एवं 759 स्मार्ट क्लास की स्थापना को सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी है। यह कार्य इस वित्तीय वर्ष के अंत तक हर हाल में पूरा किया जाएगा। इससे कक्षाओं के आधुनिकीकरण को पंख लग जाएंगे। सरकार के इस कदम से प्रदेश के प्रत्येक माध्यमिक विद्यालयों में कम से कम एक आईसीटी लैब एवं दो स्मार्ट क्लास हो जाएंगे।

सरकार ने इन दोनों कार्ययोजनाओं को पूरा करने के लिए 43.28 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए हैं। इसमें आईटीसी (इंफॉर्मेशन एण्ड कम्यूनिकेशन टेक्नालॉजी यानि सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) लैब या प्रयोगशालाओं के मद में 17.67 करोड़ रुपये तथा स्मार्ट क्लास के मद में 18.21 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा 100 अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब की स्थापना के लिए पहली बार 6.40 करोड़ की राशि भी स्वीकृत की गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक (समग्र शिक्षा) विष्णु कांत पाण्डेय की माने तो यह बड़ा कदम है। 

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने दी स्थापना को मंजूरी

केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भी प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में आईसीटी लैब एवं स्मार्ट क्लास की स्थापना के लिए अलग से 24.73 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। कुल 471 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब के लिए 20.94 करोड रुपये तथा 158 माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के लिए चार करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।



समग्र शिक्षा में 100 एडेड माध्यमिक कॉलेजों को पहली बार मिली ICT लैब, राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को और मिली 471 लैब

यहां के छात्र भी सीखेंगे सूचना व प्रौद्योगिकी की बारीकियां, बढ़ेंगी कंप्यूटर, इंटरनेट और डिजिटल उपकरण से संबंधित सुविधाएं

31 मई 2025
लखनऊ। प्रदेश में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प के लिए चल रही कवायद के साथ ही समग्र शिक्षा के तहत पहली बार प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के लिए भी बजट स्वीकृत किया गया है। पहली बार प्रदेश के 100 एडेड माध्यमिक विद्यालयों के लिए भी आईसीटी लैब स्वीकृत की गई है। इसके लिए 6.40 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है।


प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार, प्रोजेक्ट प्रवीण आदि योजनाओं से डिजिटल पठन-पाठन की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। साथ ही छात्रों को आधुनिक क्षेत्र में दक्ष कर उनके कौशल विकास व रोजगार की भी नई राह खोली जा रही है। इसी क्रम में शिक्षा मंत्रालय की प्रोजेक्ट एडवाइजरी बोर्ड (पीएबी) ने अप्रैल में हुई बैठक में 416 आईसीटी लैब व 759 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के लिए लगभग 26 करोड़ रुपये स्वीकृत किया था।


इसके साथ ही इस साल पहली बार 100 एडेड माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब के लिए 6.40 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे इन विद्यालयों के छात्र भी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दक्ष हो सकेंगे। आईसीटी लैब के तहत इन विद्यालयों में कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा बढ़ेगी। साथ ही डिजिटल उपकरण से पठन-पाठन की व्यवस्था की जाएगी। 

यहां के छात्र भी आधुनिक विधा में शोध व प्रोग्रामिंग, सिमुलेशन आदि ऑनलाइन कर सकेंगे। साथ ही उनको बेहतर कौशल विकास का अवसर भी मिलेगा। बता दें कि प्रदेश में 4700 से अधिक एडेड माध्यमिक विद्यालय हैं। जहां पर 15 लाख से ज्यादा छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इस तरह अब राजकीय के साथ-साथ इन माध्यमिक विद्यालयों के भी केंद्रीय सहायता से संवरने का रास्ता खुल गया है।



राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को और मिली 471 लैब

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में शिक्षा मंत्रालय की सप्लीमेंट्री पीएबी की बैठक में और 471 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए आईसीटी लैब स्वीकृत की गई है। इसके लिए 20.94 करोड़ स्वीकृत किया गया है। वहीं 158 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास भी स्वीकृत की गई है। इसके लिए 3.79 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। इस तरह अब हर राजकीय माध्यमिक विद्यालय में कम से कम एक आईसीटी लैब व दो स्मार्ट क्लास की स्थापना होगी। इससे छात्र सूचना व प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बारीकी सीखेंगे ही उन्हें अत्याधुनिक विधा से पठन-पाठन के अवसर भी मिलेंगे।

Wednesday, January 1, 2025

नए साल 2025 में बेसिक शिक्षा विभाग की उम्मीदें, 7,409 प्राइमरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास सहित 5258 प्राइमरी स्कूलों स्कूलों में आईसीटी लैब की भी स्थापना की तैयारी

नए साल 2025 में बेसिक शिक्षा विभाग की उम्मीदें, 7,409 प्राइमरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास सहित 5258 प्राइमरी स्कूलों स्कूलों में आईसीटी लैब की भी स्थापना की तैयारी 


लखनऊ । नए वर्ष में प्रदेश के 7,409 प्राइमरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू किए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश भर के 18381 स्कूलों में स्मार्ट क्लास चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा 5258 प्राइमरी स्कूलों स्कूलों में आईसीटी लैब की भी स्थापना होगी जबकि लखनऊ स्थित स्कूल शिक्षा महानिदेशालय में नए वर्ष में स्टेट लेवल डिजिटल स्टूडियो की स्थापना की जाएगी।


बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षा के आधुनिकीकरण के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इके अलावा प्रदेश के सभी जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय खोले जाएंगे। इसमें पहले चरण में 27 जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों की स्थापना का कार्य जल्द ही शुरू किए जाने की योजना है। वहीं 34 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय उच्चीकृत किए जाने के प्रस्ताव पर भी सहमति मिल चुकी है। नई शिक्षा नीति 2020 की संस्तुतियों के तहत प्राइमरी स्कूलों में नए वर्ष में और भी कई बदलाव करने की तैयारी है।


शिक्षा के क्षेत्र में किए जाएंगे कई कार्य

■ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, लिपिकों आदि के रिक्त पद भरे जाएंगे

■ 1265 प्राइमरी स्कूलों के जर्जर भवनों का कायाकल्प होगा

■ माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों में लैब व स्मार्ट क्लास को मंजूरी

■ तीन नए राज्य विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों के बाद अब पढ़ाई शुरू करने की कवायद शुरू होगी

■ उच्च शिक्षा डिजिटल लाइब्रेरी में अब तक अपलोड 134 विषयों के 77,000 ई-कंटेंट को बढ़ाकर एक लाख तक किया जाएगा

■ 172 राजकीय महाविद्यालयों में ई-लर्निंग पार्क की स्थापित होंगे

■ 83 राजकीय महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लास शुरू किया जाएगा

Thursday, December 15, 2022

सभी माध्यमिक स्कूलों में कंप्यूटर प्रयोगशालाएं व स्मार्ट कक्षाएं चलेंगी

सभी माध्यमिक स्कूलों  में कंप्यूटर प्रयोगशालाएं व स्मार्ट कक्षाएं चलेंगी


लखनऊ । अगले दो शैक्षणिक सत्रों में सभी माध्यमिक स्कूलों में आई.सी.टी. प्रयोगशाला और स्मार्ट कक्षाएं संचालित की जाएगी। ये ऐलान बुधवार को माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने विभागीय बैठक के दौरान किया।


उन्होंने ऑनलाइन कार्यशाला में सभी अधिकारियों व अध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रोजेक्ट अलंकार के तहत स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं को मार्च 2025 तक संतृप्त किया जाना है। 


गुलाब देवी ने कहा कि सीखने के स्तर को प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत डाटा आधारित मॉनिटरिंग, डिजिटल और आनलॉइन शिक्षण किया जा रहा है। स्कूलों में साफ सफाई बनाए रखने के लिए मेरा विद्यालय, स्वच्छ विद्यालय लागू किया गया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनन्द ने कहा कि सभी विषयों का पाठ्यक्रम 2023 तक पूरा करते हुए बोर्ड परीक्षा की तैयारी सुनिश्चित की जाएगी।


शिक्षक अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाएं

माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उन्होंने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाए। परीक्षाओं की तैयारी के लिए तकनीकों का सही इस्तेमाल करे। विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा रूपेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ, शिक्षकों व अभिभावकों का परीक्षा पत्र चर्चा कार्यक्रम के लिए कक्षा- 9 से 12 तक के विद्यार्थियों की सृजनात्मक लेखन प्रतियोगिता कराई जा रही है।