परीक्षा नियामक प्राधिकारी (PNP) अब डिजिटलीकरण की राह पर, यूपीटीईटी और डीएलएड की मार्कशीट अब एक क्लिक पर
30 लाख से ज्यादा छात्रों को मिलेगी राहत, डिजिलॉकर में मिलेगी मार्कशीट
प्रयागराज। परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) खुद को डिजिटल करने जा रहा है। डीएलएड व यूपी-शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की मार्कशीट को अब विशेष सॉफ्टवेयर पर लाने की तैयारी चल रही है। छात्र अब एक क्लिक पर अपनी मार्कशीट आसानी से देख सकेंगे।
इसके अलावा मार्कशीट को डिजीलॉकर में भी अपलोड किया जाएगा। चयन आयोग व लोक सेवा आयोग समेत अन्य संस्थाओं को भी इससे बड़ी सहूलियत होगी। मार्कशीट के लिए उन्हें कोई पत्राचार करने की जरूरत नहीं होगी। सीधे वह सॉफ्टवेयर के माध्यम से यह पता लगा सकेंगे कि मार्कशीट असली है या फर्जी।
वर्ष 2013 से 2021 तक की मार्कशीट- प्रमाण पत्र नए सॉफ्टवेयर पर अपलोड किए जाने हैं। नवंबर माह तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य पीएनपी की ओर से तय किया गया है। करीब 30 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा।
प्रदेश भर के डीएलएड व टीईटी के जो अभ्यर्थी मार्कशीट के लिए प्रयागराज स्थित पीएनपी का चक्कर लगाते हैं उन्हें भाग-दौड़ से राहत मिलेगी। विभिन्न विभागों की ओर से इन मार्कशीट के सत्यापन में भी महीनों का समय लग जाता है। मार्कशीट सत्यापन के लिए पीएनपी में भी पुराने रिकॉर्ड की तलाश होती है। ऐसे में सॉफ्टवेयर तैयार होने से आसानी से मार्कशीट के सत्यापन हो सकेंगे।
शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया था। अनुमति मिलने के बाद नया सॉफ्टवेयर तैयार कराया जा रहा है। यूपी बोर्ड की तर्ज पर मार्कशीट को डिजिलॉकर में अपलोड किया जाएगा। इससे मार्कशीट के सत्यापन में सहूलियत होगी। वर्ष 2013 से 2021 तक की मार्कशीट को नए सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया जाएगा। - डॉ. राजेंद्र प्रताप, सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी, प्रयागराज
गोपनीयता के लिए पीएनपी के पास पहुंचेगा ओटीपी
यदि किसी संस्था की ओर से किसी छात्र की मार्कशीट का सत्यापन किया जाता है तो इसकी जानकारी सीधे पीएनपी को भी होगी। पीएनपी मुख्यालय में इसकी ओटीपी भी आएगी, इससे पीएनपी में यह रिकॉर्ड होगा कि किसके द्वारा किस छात्र की मार्कशीट का सत्यापन किया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर में गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा गया है। कुछ समय पहले फर्जी टीईटी की मार्कशीट का मामला सामने आया था। इस व्यवस्था से फर्जीवाड़े पर रोक लग सकेगी।
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