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Sunday, February 28, 2021

शिक्षकों, कर्मचारियों के लिए डेथ वारंट है सरकार का नया विधेयक, प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर पांच मार्च को विरोध प्रदर्शन करने का माध्यमिक शिक्षक संघ का फैसला

 
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार की ओर से विधानमंडल में पारित शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक को प्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के डेथ वारंट बताया है। शिक्षक संघ ने शिक्षक विरोधी शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक का वापस लेने के लिए प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर पांच मार्च को विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। विरोध प्रदर्शा के बाद जिला मुख्यालय पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश पांडेय ठकुराई की अध्यक्षता में बर्चुअल बैठक में तय किया गया कि विधेयक के वापस होने तक विरोध जारी रहेगा। प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने बताया कि सरकार इस अधिकरण के माध्यम से न केवल सेवा संबंधी सभी मामलों में शिक्षकों के उच्च न्यायालय में जाने पर रोक लगाई जा रही है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 226 में दिए गए शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के मूल अधिकारों का भी हनन किया जा रहा है। बैठक में वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ उमेश त्यागी, अयोध्या प्रसाद अग्रवाल, जयप्रकाश नायक, विनोद यादव अरुण पाल अआत्रेय, केदार वर्मा, गणेश पटेल, जगतारण शरण, सतीश पचौरी, दीपक नैन, सुनील शुक्ला, आलोक शर्मा, रामनरेश आदि उपस्थित रहे।


Tuesday, September 8, 2020

यूपी शिक्षा सेवा अधिकरण के मुख्यालय से नीचे कुछ नहीं स्वीकार, प्रयागराज हाइकोर्ट बार एसोसिएशन की हुंकार

यूपी शिक्षा सेवा अधिकरण के मुख्यालय से नीचे कुछ नहीं स्वीकार, प्रयागराज हाइकोर्ट बार एसोसिएशन की हुंकार




प्रयागराज : शिक्षा सेवा अधिकरण के मुद्दे पर सोमवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन कार्यकारिणी की अहम बैठक हुई। बैठक में सबने एक स्वर में कहा कि शिक्षा सेवा अधिकरण का मुख्यालय प्रयागराज में बनना ही कानून व संविधान सम्मत है। इससे कम कुछ स्वीकार नहीं किया जाएगा।


एसोसिशन के महासचिव प्रभाशंकर मिश्र ने कहा कि सरकार गैरकानूनी निर्णय लेकर प्रयागराज की गरिमा से खिलवाड़ कर रही है, जिसे किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जा सकता। वादे के अनुरूप शिक्षा सेवा अधिकरण का मुख्यालय प्रयागराज में स्थापित किया जाय, क्योंकि यहीं हाईकोर्ट की प्रधान पीठ है। अगर हमारी मांग की अनदेखी की गई तो सरकार को उसकी गंभीर कीमत चुकानी पड़ेगी, क्योंकि वकील अपने अधिकार व सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। वहीं, मंगलवार को लोक संपत्ति क्षतिपूर्ति दावा अधिकरण के मुद्दे पर शहर के सभासदों की बैठक बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष जमील अहमद आजमी ने की।

Sunday, September 6, 2020

शिक्षा सेवा अधिकरण का मुख्यालय लखनऊ में बनाने पर फिर उपजा रोष

शिक्षा सेवा अधिकरण का मुख्यालय लखनऊ में बनाने पर फिर उपजा रोष

 
प्रयागराज : उप्र जूनियर लायर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्णय व कानून के खिलाफ जाकर शिक्षा सेवा अधिकरण का मुख्यालय लखनऊ में बनाने की कड़ी निंदा की है। सरकार को नौकरशाही के इशारे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवहेलना करने का दोषी करार दिया है।


एसोसिएशन की बैठक की अध्यक्षता मिथिलेश कुमार तिवारी ने की। संचालन सचिव जीपी सिंह ने किया। एसोसिएशन ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के केस में स्पष्ट रूप से निर्णय दिया है कि अधिकरण वहीं गठित हो जहां हाईकोर्ट हो। उप्र राज्य पुनर्गठन अधिनियम में स्पष्ट लिखा गया है कि उप्र का हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट है। लखनऊ में इसकी खंडपीठ है। 


इलाहाबाद हाईकोर्ट का मुख्यालय प्रयागराज में होने के नाते किसी भी अधिकरण का मुख्यालय भी प्रयागराज में ही होना चाहिए, क्योंकि प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधान पीठ स्थित है। हर अधिकरण पर हाईकोर्ट का क्षेत्रधिकार व नियंत्रण होता है। ऐसे में अधिकरण का मुख्यालय प्रयागराज में न बनाकर लखनऊ में बनाना कानून की धज्जियां उड़ाने वाला है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नौकरशाही के दबाव में आकर कानून व सुप्रीम कोर्ट की विधि व्यवस्थाओं के विपरीत, शिक्षा सेवा अधिकरण का मुख्यालय लखनऊ में बनाने के फैसले को वापस लेने की मांग की है।


मुख्यमंत्री के नाम खुला पत्र : इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अमरनाथ त्रिपाठी ने शिक्षा सेवा अधिकरण का मुख्यालय लखनऊ में बनाने के फैसले को लेकर मुख्यमंत्री को ई-मेल से पत्र भेजकर विरोध किया है और कहा है कि कैबिनेट का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के मद्रास बार एसोसिएशन केस, यूपी अमल्गमेशन आर्डर के तहत नसीरुद्दीन केस के फैसले व उप्र राज्य पुनर्गठन अधिनियम के उपबंधों का खुला उल्लंघन है। 


त्रिपाठी ने प्रदेश के महाधिवक्ता एवं विधायी कार्य देखने वाले अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा है कि सही कानूनी सलाह न देने के कारण सरकार गलत फैसले ले रही है और सुप्रीम कोर्ट में जीतने वाले मुकदमे हारती जा रही है। त्रिपाठी ने प्रयागराज में ही शिक्षा सेवा अधिकरण स्थापित करने की मांग की है और कहा है कि मुख्यमंत्री नेताओं व नौकरशाही के दबाव में फैसले न लेकर कानूनी दायित्व निभाए।


शिक्षा प्राधिकरण का मुख्यालय लखनऊ में बनाए जाने के फैसले का विरोध तेज हो गया है। सरकार के इस फैसले से नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को सुभाष चौराहे पर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर प्रयागराज की गरिमा एवं पहचान से खिलवाड़ किए जाने का आरोप लगाया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं।


सुभाष चौराहा पर एकत्रित कार्यकर्ता घेरा बनाकर बैठ गए थे। उनका कहना कि जिले का नाम बदलने के साथ सरकार इसकी सूरत और पहचान बदलने की साजिश कर रही है। यहां से सभी मुख्यालय हटाए जा रहे हैं। सरकार यह निर्णय प्रयागराज वालों के साथ धोखा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इलाहाबाद की उपेक्षा मंत्रियों को भारी पड़ेगी। आंदोलन की अगुवाई कर रही ऋचा सिंह ने मंत्रियों तथा अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों सवाल उठाया।

Saturday, September 14, 2019

शिक्षा सेवा अधिकरण पर प्रदेश सरकार ने मांगा विस्तृत जवाब, हाईकोर्ट में 21 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

शिक्षा सेवा अधिकरण पर प्रदेश सरकार ने मांगा विस्तृत जवाब, हाईकोर्ट में 21 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई।







शिक्षा सेवा अधिकरण : सभी अधिकरण लखनऊ लाने को जनहित याचिका, हाईकोर्ट में 20 सितम्बर को होगी सुनवाई।





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Wednesday, September 11, 2019

शिक्षा सेवा अधिकरण : हाईकोर्ट के वकीलों की हड़ताल स्थगित, मुख्य न्यायाधीश के अनुरोध पर लिया फैसला

शिक्षा सेवा अधिकरण : हाईकोर्ट के वकीलों की हड़ताल स्थगित, मुख्य न्यायाधीश के अनुरोध पर लिया फैसला।





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Sunday, August 18, 2019

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण 2019 का जताया विरोध, माध्यमिक संघ के एक गुट ने अधिकरण को बताया शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मियों का डेथ वारंट


उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण 2019 का जताया विरोध, माध्यमिक संघ के एक गुट ने अधिकरण को बताया शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मियों का डेथ वारंट।