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Wednesday, May 6, 2026

अब गुरुजी AI से बच्चों को पढ़ाएंगे, वर्ष 2027 तक 10 लाख शिक्षकों को एआई से पढ़ाने में दक्ष बनाने का लक्ष्य

अब गुरुजी AI से बच्चों को पढ़ाएंगे, वर्ष 2027 तक 10 लाख शिक्षकों को एआई से पढ़ाने में दक्ष बनाने का लक्ष्य


नई दिल्ली। दूर-दराज एवं ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षक भी अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से पढ़ाएंगे। आखिरी छोर के छात्र तक एआई की पहुंच सुनिश्चित कराने का खाका तैयार हो गया है। वर्ष 2027 तक 10 लाख स्कूली शिक्षकों को एआई से पढ़ाने में दक्ष आईआईटी मद्रास का बोधन एआई बनाने का लक्ष्य है। इसमें सहयोग करेगा।


1 जून से शिक्षकों के लिए एआई साक्षरता पायलट परियोजना शुरू होगी। इसमें भाषाई बंधन से इतर बाल वाटिका से 12वीं कक्षा तक के शिक्षक सभी विषयों में 22 भारतीय भाषाओं में एआई से पढ़ाने का प्रशिक्षण लेंगे। खास बात है कि एआई की मदद से शिक्षक कक्षा में पिछड़ने वाले छात्रों की पहचान कर अलग से पढ़ाई का प्लान तैयार कर उनको आगे बढ़ने में मदद करेंगे।

शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वर्ष 2027 तक 10 लाख शिक्षकों को एआई से पढ़ाने में दक्ष बनाने का लक्ष्य रखा गया है। एआई से शिक्षक पढ़ाने की गुणवत्ता में सुधार भी कर सकते हैं। राज्य सरकारों के सहयोग से सरकारी स्कूलों को मुख्य रूप से फोकस किया जा रहा। आईआईटी मद्रास का बोधन एआई इस परियोजना का नेतृत्व करेगा।

एनसीईआरटी, एनसीटीई और स्कूलों में काम करने वाली संस्थाएं भी सहयोग करेंगी। अब शिक्षकों को डर है कि एआई उनकी जगह ले लेगा और उनकी नौकरी चली जाएगी। हालांकि, एआई के माध्यम से शिक्षक पढ़ाने के स्किल में बदलाव कर गुणवत्ता में सुधार लाकर रिजल्ट में बदलाव ला सकते हैं। 


छात्र को उसकी मातृभाषा में एआई से पढ़ने का मिलेगा मौका :शिक्षकों को 22 भारतीय भाषाओं में एआई की मदद से पढ़ाने का प्रशिक्षण मिलेगा। इसका मकसद छात्र को उसकी अपनी मातृभाषा में एआई से पढ़ने का मौका उपलब्ध कराना है।


एआई से पिछड़ने वाले छात्रों की पहचान से लेकर सुधार पर काम
बोधन एआई पार्टनरशिप को लीड करने वाली निधि शर्मा ने बताया कि कक्षा में हर छात्र पर ध्यान देना शिक्षक के लिए संभव नहीं होता, क्योंकि मैनुअल में एक ही प्लान से पढ़ाई होती है। मगर, एआई से शिक्षक कक्षा के हर छात्र पर नजर रख सकते हैं। छात्र का टेस्ट पेपर स्कैन करते ही एआई कमियां बता देगा। मध्यम स्तर और होनहार छात्रों के लिए अलग-अलग प्लान बनाकर शिक्षक पढ़ा सकते हैं।


यूपी, बिहार, ओडिशा, हरियाणा, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्य जुड़ेंगे
यूपी, बिहार, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, ओडिशा समेत अन्य राज्यों में इस परियोजना को शुरू करने की बात चल रही। आंध्र प्रदेश सरकार ने करार भी कर लिया है। इसमें संबंधित राज्यों के शिक्षा विभाग की जरूरतों के आधार पर शिक्षकों को एआई में दक्ष किया जाएगा।


Tuesday, March 31, 2026

इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को मुफ्त में कराया जाएगा एआई का कोर्स, 7 अप्रैल तक होगा पंजीकरण, सभी डीआईओएस को निर्देश जारी

इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को मुफ्त में कराया जाएगा एआई का कोर्स, 7 अप्रैल तक होगा पंजीकरण, सभी डीआईओएस को निर्देश जारी

लखनऊ। प्रदेश में 11वीं और 12वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का कोर्स मुफ्त में करने का बेहतरीन मौका मिलने जा रहा है। यह कार्यक्रम 15 अप्रैल से शुरू हो रहा है जो 60 दिनों तक चलेगा। यह पाठ्यक्रम छात्रों के भविष्य और रोजगारपरक शिक्षा के लिहाज से बेहद उपयोगी माना जा रहा है।


बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी डीआईओएस को इसमें अधिक से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। सभी विद्यालयों को 2 से 7 अप्रैल के बीच अधिकतम पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। 


उन्होंने बताया यह पहल महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गोरखपुर की ओर से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के सहयोग से की जा रही है। इस ऑनलाइन प्रोग्राम को पूरा करने वाले छात्रों को 2 क्रेडिट पॉइंट के साथ प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए संयुक्त निदेशक विवेक नौटियाल को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

Sunday, March 1, 2026

अप्रैल 2026 से एआई की पढ़ाई करेंगे स्कूल के बच्चे

अप्रैल 2026 से एआई की पढ़ाई करेंगे स्कूल के बच्चे


नई दिल्ली । अप्रैल से शुरू हो रहे अगले शैक्षणिक सत्र में तीसरी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का पाठ्यक्रम शुरू किया जा सकता है। स्कूली शिक्षा सचिव संजय कुमार ने कहा कि अप्रैल से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र में तीसरी कक्षा से कंपटीशनल थिंकिंग और एआई का पाठ्यक्रम शुरू कराने का प्रयास है।


जैसे छात्रों को भाषाई ज्ञान और अंक ज्ञान शुरू से दिया जाता है, उसमें एआई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जोड़ना है। तीसरी से आठवीं कक्षा तक एआई की शुरुआती पढ़ाई के बाद नौवीं से बारहवीं तक इसे इलेक्टिव कोर्स के तौर पर छात्र पढ़ सकते हैं।

शिक्षा मंत्रालय ने तीसरी से आठवीं कक्षा तक तुरंत यह पाठ्यक्रम शुरू करने की मंशा जताने के साथ उच्चस्तर पर एआई पाठ्यक्रम को अद्यतन करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

Thursday, October 10, 2024

नकल रोकने के लिए यूपी बोर्ड में हो सकता AI का प्रयोग, तीन वर्ष पहले आया था प्रस्ताव, अब तक प्रयोग नहीं हुआ शुरू

नकल रोकने के लिए यूपी बोर्ड में हो सकता AI का प्रयोग, तीन वर्ष पहले आया था प्रस्ताव, अब तक प्रयोग नहीं हुआ शुरू


प्रयागराज। यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल रोकने के लिए इस बार एआई का प्रयोग हो सकता है। इसको लेकर तैयारी चल रही है। एआई के जरिये कंट्रोल रूम से परीक्षा की निगरानी होगी और नकल करने वाले पकड़े जाएंगे।


हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रयोग करते हुए कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने परीक्षा से पहले 400 सॉल्वर पकड़े हैं। एसएससी ने उन सॉल्वरों का प्रवेश पत्र ही जारी नहीं किया था। इससे बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े पर रोक लगी।

ऐसे ही अन्य परीक्षाओं में एआई के प्रयोग को लेकर अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। यूपी बोर्ड ने भी नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए एआई के प्रयोग को लेकर काम शुरू कर दिया है। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि एआई का प्रयोग किस तरह किया जाए, अभी इस पर बैठकों का दौर चल रहा है।

उन्होंने कहा कि कोशिश है कि कंट्रोल रूम से एआई के जरिये प्रत्येक परीक्षा केंद्र की निगरानी हो। खासकर स्ट्रांग रूम पर विशेष निगरानी रहेगी। अगर कोई अनाधिकृत रूप से स्ट्रांग रूम खोलता है तो पता चल जाएगा।

उन्होंने कहा कि मानव की निगरानी के सापेक्ष एआई ज्यादा बेहतर विकल्प है। पिछले वर्ष यूपी बोर्ड मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से पूरी परीक्षा की निगरानी हुई थी। अब उसी में एआई का प्रयोग होने से व्यवस्था और अपग्रेड हो जाएगी।


तकनीक के खतरे भी हैं:
 एआई के प्रयोग से जहां एक ओर नकल और शिक्षा माफिया पर लगाम लगाने की तैयारी की जा रही है, वहीं इसके संभावित खतरे भी हैं। बोर्ड के अधिकारी तकनीकी रूप से अपग्रेड नहीं हैं। ऐसे में इस तकनीक का अगर दुरुपयोग हुआ तो परिणाम कुछ और भी हो सकते हैं। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्ष से यूपी बोर्ड की परीक्षा में एआई के प्रयोग को लेकर चर्चा हो रही है।

Monday, January 1, 2024

बच्चों की शुरुआती पढ़ाई से AI को जोड़ने की तैयारी, छह से 12 तक विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर SCERT तैयार कर रहा विशेष पाठ्यक्रम

बच्चों की शुरुआती पढ़ाई से AI को जोड़ने की तैयारी, छह से 12 तक विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर SCERT तैयार कर रहा विशेष पाठ्यक्रम 


लखनऊ : 2024 से विद्यालयों में पढ़ने कक्षा छह से 12 के बच्चों को भी तमाम उम्मीदें हैं। एससीईआरटी सत्र 2024-25 के कक्षा छह से 12 तक विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया है। 


कक्षा छह से आठ तक बच्चों के लिए बेसिक स्तर और कक्षा 12 के बच्चों के लिए एडवांस लेवल कोर्स तैयार किया गया है। छात्र इंटेलीजेंस की अवधारणा, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, दैनिक जीवन में उपयोग, एआई का विकास, सीखने की प्रक्रिया, डेटा बेस, डेटा साइंस, डेटा विश्लेषण, लाभ, हानिया, सीमाएं को जान सकेंगे। इसके लिए प्रशिक्षण तैयार किए जा रहे हैं।