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Thursday, July 17, 2025

न जांच कमेटी बनाई गई न कार्रवाई की, संतकबीरनगर बीएसए कार्यालय में अनियमितता में एडी बेसिक की निष्क्रियता पर हाईकोर्ट नाराज

न जांच कमेटी बनाई गई न कार्रवाई की, संतकबीरनगर बीएसए कार्यालय में अनियमितता में एडी बेसिक की निष्क्रियता पर हाईकोर्ट नाराज

कोर्ट ने कहा- आदेश को हो पालन अन्यथा 25 अगस्त को हाजिर हों अपर मुख्य सचिव


प्रयागराजइलाहाबाद हाई कोर्ट ने संत कबीरनगर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली एवं अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) मृदुल आनंद के खिलाफ नियुक्ति में धांधली के मामले की जांच के लिए कमेटी गठन में विलंब पर नाराजगी जताई है। न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकलपीठ ने नंदू प्रसाद की याचिका की सुनवाई की। कोर्ट की नाराजगी इस बात पर है कि 25 मई 2023 के निर्देश का पालन अब तक नहीं हुआ। अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) को सुनवाई की अगली तिथि 25 अगस्त को उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।


नंदू प्रसाद व मालती गुप्ता की नियुक्ति को लेकर विवाद है। कोर्ट के रिकार्ड मंगाने पर पता चला था कि मैनेजर रिटर्न में नंदू प्रसाद और अनीस अहमद खान के नाम के बीच बिना क्रमांक मालती गुप्ता का नाम है। इस पर तत्कालीन बीएसए मृदुल आनंद के हस्ताक्षर हैं। नियुक्ति में घपला की आशंका पर कमेटी गठन का आदेश हुआ था। कोर्ट ने पिछली सुनवाई के समय संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का निर्देश दिया था। कहा था कि बस्ती मंडल का कोई अधिकारी कमेटी में न रखा जाय। कमेटी जांच रिपोर्ट पेश करे। जरूरी हो तो विजिलेंस जांच कराए। इस आदेश को सरकार को भेजा ही नहीं गया, न तो कमेटी बनाई गई न कार्रवाई की गई।


बेसिक शिक्षा निदेशक पिछले दो साल तक आदेश पर निष्क्रिय बने रहे। दो साल बाद केस की सुनवाई के समय जब कोर्ट ने जांच रिपोर्ट के बारे में पूछा तो सरकारी वकील ने आदेश पालन के लिए एक महीने का समय मांगा। जानकारी दी कि 14 जुलाई 2025 को अपर मुख्य सचिव (बेसिक) को पत्र लिखा गया है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए बेसिक शिक्षा निदेशक से आदेश का अनुपालन कराने में हुई देरी पर व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है।


Tuesday, February 20, 2024

स्कूल की मान्यता के लिए एक लाख रुपये घूस लेते लिपिक गिरफ्तार, एडी बेसिक पर भी केस दर्ज

एक लाख घूस लेते बाबू बंदी,  एडी बेसिक पर भी मुकदमा,

बलिया के स्कूल संचालक से मांगी थी रिश्वत जूनियर हाईस्कूल की मान्यता देने का मामला

आजमगढ़ । एंटी करप्शन की टीम ने सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षा निदेशक कार्यालय के लिपिक को एक लाख रुपये घूस लेते दबोच लिया। वह बलिया के एक विद्यालय संचालक से मान्यता दिलाने के नाम पर घूस ले रहा था। एंटी करप्शन की टीम ने एडी बेसिक और लिपिक पर मुकदमा दर्ज कराया है।

बलिया के सिकंदरपुर क्षेत्र के महरो निवासी राजीव कुमार सिंह ने जूनियर हाईस्कूल की मान्यता के लिए आवेदन किया था। कई माह से फाइल एडी बेसिक कार्यालय में लटकी थी। 

आरोप है कि एडी कार्यालय के लिपिक मनोज कुमार श्रीवास्तव निवासी घोरठ, जाफरपुर ने फाइल बढ़ाने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। राजीव ने एंटी करप्शन टीम को सूचना दी। 

जांच के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए केमिकल लगाकर एक लाख रुपये राजीव को दे दिया। जैसे ही राजीव ने लिपिक मनोज को रुपये दिये उसे टीम ने गिरफ्तार कर लिया।

एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक हरिवंश कुमार शुक्ल ने बताया कि मामले में डीआईओएस व एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्र की संलिप्तता भी मिली है।


स्कूल की मान्यता के लिए एक लाख रुपये घूस लेते लिपिक गिरफ्तार, एडी बेसिक पर भी केस दर्ज 


आजमगढ़। एडी बेसिक व डीआईओएस मनोज कुमार मिश्रा के लिपिक मनोज श्रीवास्तव को सोमवार को एक लाख रुपये रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने कहा कि वह एडी बेसिक के कहने पर घूस ले रहा था। एंटी करप्शन टीम ने एडी बेसिक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया है।


बलिया के सिकंदरपुर थानाक्षेत्र के महरो गांव निवासी राजीव कुमार सिंह स्कूल चलाते हैं। कक्षा छह से आठ तक की मान्यता के लिए वह एडी बेसिक कार्यालय का चक्कर लगा रहे थे। उनके अनुसार, कार्यालय के लिपिक मनोज ने इसके लिए एक लाख की मांग की।


 इस पर राजीव ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। टीम ने योजना बनाई और सोमवार को डीएम से मिलकर दो गवाहों के साथ एडी बेसिक कार्यालय पहुंची। यहां राजीव ने एक लाख रुपये लिपिक मनोज को दिए और टीम ने रंगे हाथों उसे पकड़ लिया। 


एडी बेसिक कार्यालय के लिपिक मनोज श्रीवास्तव को एक लाख रुपये घूस लेते पकड़ा गया है। उसने बताया कि एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्रा के कहने पर उसने पैसा लिया था। लिपिक व एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्रा पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। - शैलेंद्र कुमार सिंह, विवेचक एंटी करप्शन टीम

Friday, September 9, 2022

कोर्ट के आदेश पर निलंबित एडी बेसिक पीएन सिंह बहाल, अनुशासनिक कार्यवाही रहेगी जारी

कोर्ट के आदेश पर निलंबित एडी बेसिक पीएन सिंह बहाल, अनुशासनिक कार्यवाही रहेगी जारी

प्रयागराज में जिला विद्यालय निरीक्षक पद पर थे तैनात

कोर्ट के आदेश पर निर्णय, अनुशासनिक जांच रहेगी जारी


लखनऊ : सेंटीनियल स्कूल गोलागंज को मान्यता देने में लापरवाही बरतने में निलंबित तत्कालीन एडी बेसिक पीएन सिंह आखिरकार बहाल कर दिए गए हैं। निलंबन के समय वे प्रयागराज के जिला विद्यालय निरीक्षक पद पर तैनात थे। उच्च न्यायालय के स्थगनादेश पर शासन ने इस शर्त के साथ बहाल किया है कि उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही जारी रहेगी।


महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से 13 जुलाई को शासन को पत्र सौंपा। इसमें कहा गया कि मैथोडिस्ट चर्च स्कूल गोलागंज लखनऊ के नाम से कक्षा छह से आठ तक की मान्यता देने में गहनता से जांच नहीं की गई। 


अनियमितता में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर शासन ने 14 जुलाई को तत्कालीन मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (एडी) बेसिक पीएन सिंह को निलंबित करके अनुशासनिक जांच शुरू करा दी। साथ ही मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक लखनऊ मंडल को अनुशासनिक जांच अधिकारी नामित किया गया।


पीएन सिंह को 23 अगस्त को आरोपपत्र भी जारी किया जा चुका है। उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने 17 अगस्त को ही निलंबन आदेश पर स्थगनादेश जारी कर दिया । यह आदेश उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका में पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन होगा।