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Tuesday, May 27, 2025

परिषदीय सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों में वेद और रामायण भी पढ़ेंगे नौनिहाल, सांस्कृतिक विभाग की इस पहल पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाई मुहर

परिषदीय सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों में वेद और रामायण भी पढ़ेंगे नौनिहाल, सांस्कृतिक विभाग की इस पहल पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाई मुहर 

ग्रीष्मकालीन रामायण-वेद कार्यशाला के खिलाफ जनहित याचिका खारिज

27 मई 2025
प्रयागराज। प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के नौनिहाल समर कैंप के साथ वेद और रामायण का पाठ भी पढ़ेंगे। सांस्कृतिक विभाग की इस पहल पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुहर लगा दी है। कोर्ट ने प्राथमिक विद्यालयों में आयोजित होने वाली ग्रीष्मकालीन रामायण एवं वेद कार्यशाला के खिलाफ दाखिल याचिका को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया है।


यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति शैलेंद्र क्षितिज की अदालत ने देवरिया निवासी डॉ. चतुरानन ओझा की जनहित याचिका पर दिया है। याची ने सांस्कृतिक विभाग के अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान, अयोध्या के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें गर्मी की छुट्टियों में प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को रामायण और वेद की शिक्षा देने की बात कही गई थी।

रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के निदेशक ने पांच मई 2025 को प्रदेश के सभी बीएसए को पत्र लिखकर कहा था कि स्कूलों में पांच से 10 दिन की रामायण व वेद अभिरुचि कार्यशाला आयोजित की जाए। इसमें रामलीला, क्ले मॉडलिंग, मुख सज्जा, वेदगान और सामान्य ज्ञान जैसे सत्र शामिल हों।

याची ने खुद को सामाजिक कार्यकर्ता व जागरूक नागरिक बताया। संविधान के अनुच्छेद 51ए (एच) का जिक्र कर कहा कि रामायण कार्यशाला वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर हमला है। यह न केवल सांविधानिक सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि जातिगत, लैंगिक भेदभाव को बढ़ावा देने वाली कार्यशाला है। धर्मनिरपेक्षता भारतीय संविधान की पहचान है। लिहाजा, स्कूलों में धार्मिक कार्यशाला का आयोजन नहीं किया जाना चाहिए। 

सरकार की दलील...
ऐसी कार्यशाला के जरिये बच्चों में सांस्कृतिक, संस्कार व कला के प्रति रुचि बढ़ाई जाएगी। बच्चों का नैतिक विकास होगा। प्रभु श्रीराम के आदर्शों से नई पीढ़ी परिचित होगी।




गर्मी की छुट्टियों में परिषदीय बच्चे बनेंगे राम-लक्ष्मण, रामायण से सीखेंगे भारतीय संस्कृति के तत्व

7 मई 2025
गर्मी की छुट्टियों में परिषदीय विद्यालयों में बच्चे राम लक्ष्मण बन कर रामायण के संदेश और भारतीय संस्कृति के तत्वों को सीखेंगे। इससे बच्चों में संस्कार के अंकुर प्रस्फुटित होंगे ही साथ ही वे अभिनय और कला की बारीकियां भी सीख पाएंगे। अपने तरह की अनूठी पहल के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में अभिरुचि कार्यशालाएं आयोजित कराने की रुपरेखा तैयार की गई है। ग्रीष्मकालीन रामायण एव वेद कार्यशाला के आयोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के निदेशक आईएएस संतोष कुमार शर्मा ने निर्देश जारी कर तैयारी कर सभी जनपदों में तैयारियां करा लेने को कहा है।

अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान (संस्कृति विभाग उप्र) अयोध्या द्वारा ग्रीष्मकालीन रामायण व वेद अभिरुचि कार्यशाला का आयोजन प्रदेश के सभी 75 जिलों में कराया जाएगा। इसमें रामलीला कार्यशाला, रामचरित मानस गान एवं वाचन कार्यशाला, रामायण, मुख सज्जा, एवं हैंडप्राब्स, मुखौटा कार्यशाला, वेदगान एवं वेद सामान्य ज्ञान कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। आगामी दिनों में पांच से दस दिनों की कार्यशाला को लेकर बच्चों में संस्कृति और संस्कार के अंकुर पिरोए जाने का इसे प्रयास माना जा रहा है। स्थान और समन्वयक का चयन संस्थान के द्वारा करते हुए रिपोर्ट मांगी गई है।


परिषदीय स्कूलों में ग्रीष्मावकाश में परिषदीय स्कूलों में रामायण एवं वेद कार्यशाला

 प्रयागराज। प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में ग्रीष्मावकाश में रामायण एवं वेद अभिरुचि कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसके तहत 5 से 10 दिनों तक रामलीला कार्यशाला, रामचरितमानस गान एवं वाचन कार्यशाला, रामायण चित्रकला कार्यशाला, रामायण चित्रकला कार्यशाला, रामायण क्ले मॉडलिंग कार्यशाला, रामायण मुख सज्जा एवं हैंडप्रॉब्स, मुखौटा कार्यशाला, वेदगान एवं वेद सामान्य ज्ञान कार्यशाला का आयोजन होगा। 


संस्कृति विभाग के अन्तर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान अयोध्या के निदेशक संतोष कुमार शर्मा ने सभी 75 जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पांच मई को पत्र भेजकर बच्चों में अपनी संस्कृति के संस्कार पिरोने और कला के प्रति रुचि विकास के लिए विद्यालयों में कार्यशाला आयोजन में समन्वयक समेत प्रबंधकीय सहयोग प्रदान करने को कहा है।

Friday, May 16, 2025

गीष्मावकाश में प्रदेश के समस्त राजकीय, आशसकीय सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में समर कैम्प आयोजन के सम्बन्ध में।

प्रदेश के एडेड और स्ववित्तपोषित विद्यालयों में समर कैंप की अनिवार्यता नहीं, विरोध के बाद बदला फैसला, पूर्व में जारी आदेश संशोधित 
 

प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) व स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में समर कैंप के आयोजन की अनिर्वायता नहीं होगी। यह विद्यालय अपनी स्वेच्छा (ऐच्छिक रूप) से समर कैंप का आयोजन करेंगे। इतना ही नहीं कैंप का आयोजन विद्यार्थियों, अभिभावकों व शिक्षकों की सहमति से ही किया जाएगा। जबकि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कैंप का आयोजन पूर्व की भांति 21 मई से किया जाएगा।


शिक्षक संगठनों के विरोध में आने पर विभाग ने अपना पूर्व में जारी आदेश संशोधित कर दिया है। समग्र शिक्षा के अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णुकांत पांडेय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी निर्देश में कहा गया है कि एडेड व सेल्फ फाइनेंस विद्यालय अपने भौतिक व वित्तीय संसाधनों को देखते हुए ऐच्छिक रूप से समर कैंप के आयोजन का निर्णय लेंगे। इसकी सूचना डीआईओएस को भी देंगे। समर कैंप का आयोजन विद्यार्थियों, अभिभावकों व शिक्षकों की सहमति से होगा।


जबकि इससे पहले उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) के संरक्षक व विधान परिषद सदस्य राज बहादुर सिंह चंदेल ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को पत्र लिखकर समर कैंप को स्थगित करने की मांग किया है। उन्होंने कहा कि इस भीषण गर्मी में समर कैंप अप्रासंगिक है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने समर कैंप के आयोजन को असंवैधानिक बताते हुए इसके बहिष्कार की घोषणा की है।


संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह पटेल ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा से भीषण गर्मी को देखते हुए इसे स्थगित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि गर्मी को देखते हुए ही स्कूलों में छुट्टी का प्रावधान किया गया है। संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष ओम प्रकाश त्रिपाठी ने समर कैंप के आयोजन को तत्काल स्थगित करके आगे कार्य दिवसों में ऐसे आयोजन कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि समर कैंप का आदेश जब तक स्थगित नहीं होता है, तब तक शिक्षक इसका क़ाली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताएंगे। वहीं माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कुमार त्रिपाठी व महामंत्री नरेंद्र कुमार वर्मा ने भी महानिदेशक स्कूल शिक्षा को पत्र लिखकर प्रदेश के अधिकतर जिलों में 40 डिग्री से अधिक तापमान है। बुंदेलखंड में लू चल रही है। विद्यालयों में न तो कूलर हैं न ही पर्याप्त पंखे ही। ऐसे में समर कैंप का आयोजन बच्चों के स्वास्थ्य के हित में नहीं है। एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर समर कैंप का आदेश वापस लेने की मांग की है।


दिए गए हैं निर्देश

- समर कैंप में आने वाले शिक्षकों को नियमानुसार छुट्टी दी जाएगी
- बिना अभिभावक की सहमति के छात्रों को स्कूल में नहीं रोकेंगे
- धूप में किसी प्रकार की गतिविधि नहीं आयोजित करेंगे
- समर कैंप में छात्रों को किसी तरह का तनाव नहीं देंगे
- किसी भी गतिविधि में शामिल होने के लिए छात्रों को बाध्य नहीं करेंगे


ग्रीष्मावकाश में प्रदेश के समस्त राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में समर कैम्प आयोजन के सम्बन्ध में



समर कैम्प में जो शिक्षक आएंगे उन्हें मिलेगा उपार्जित अवकाश, शिक्षक संगठनों के विरोध को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस बारे में जारी शासनादेश की ओर सभी पक्षों का ध्यान आकृष्ट किया


लखनऊ। स्कूलों में समर कैम्प आयोजित किए जाने को लेकर शिक्षक संगठनों के विरोध को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस बारे में जारी शासनादेश की ओर सभी पक्षों का ध्यान आकृष्ट किया है। बीते सात मई को स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा की ओर से जारी आदेश में भी इसका स्पष्ट उल्लेख है कि ग्रीष्मावकाश के दौरान 21 मई से 10 जून तक आयोजित होने वाले समर कैम्प में ड्यूटी करना सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य नहीं है।

साथ ही यह भी प्रावधान किया गया है कि जो शिक्षक समर कैम्प में बुलाए जाएंगे चाहे वे राजकीय विद्यालयों के हों या अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के हों उन्हें नियमानुसार उपार्जित अवकाश दिया जाएगा। समर कैम्प में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को लेकर भी बकायदा स्पष्ट निर्देश हैं कि विद्यार्थियों के अभिभावकों से 16 मई से पूर्व लिखित सहमति अवश्य प्राप्त कर ली जाए। तय तिथि के दौरान विद्यालयों में खोज एवं खेल-खेल में सीखने के उद्देश्य से समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है ताकि विद्यार्थी नियमित पढ़ाई से भिन्न रोचक गतिविधियों का आनन्द ले सकें।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ग्रीष्मावकाश के दौरान प्राइवेट विद्यालयों में समर कैम्प का आयोजन किया जाता है। जिसमें विद्यार्थी जीवन कौशल, खेल, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियां सीखते हैं, जबकि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों एवं राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थी इससे वंचित रह जाते हैं। इसी को दृष्टिगत रखते हुए विद्यार्थियों में जीवन कौशल, खेल, आत्मविश्वास, टीम वर्क, कैरियर गाइडेंस आदि की भावना को जागृत करने के लिए समर कैम्प के आयोजन कराया जा रहा है। हालांकि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में समर कैम्प का आयोजन प्रधानाचार्य/शिक्षक स्वेच्छानुसार कर सकते हैं।



सहायता प्राप्त व स्ववित्तपोषित कॉलेजों में भी होंगे समर कैंपडीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी कराएगी आयोजन, विभाग ने 21 मई से 10 जून का विस्तृत कार्यक्रम भी किया जारी

लखनऊ। प्रदेश में गर्मी की छुट्टियों में राजकीय ही नहीं अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में भी समर कैंप आयोजित किए जाएंगे। खास यह कि शिक्षकों के विरोध को देखते हुए जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी को समर कैंप के आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है।

कैंप के आयोजन, अनुश्रवण व पर्यवेक्षण के लिए डीएम की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। राज्य परियोजना निदेशालय के अनुसार 21 मई से 10 जून तक समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। निदेशालय ने कहा है कि इस दौरान विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करने, टीम वर्ग, आत्मविश्वास, जीवन कौशल का विकास, सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों की समझ, खेलकूद, कला, विज्ञान व सांस्कृतिक गतिविधियों से छात्रों का समग्र विकास किया जाएगा। निदेशालय ने कहा है कि 13 मई तक सभी कॉलेजों में बैठक कर इसकी तैयारी कर ली जाए। ब्लॉक स्तर पर कम से कम एक राजपत्रित अधिकारी को नोडल बनाया जाए। कैंप की व्यवस्था डीआईओएस के माध्यम से कराई जाए। कैंप न्यूनतम तीन घंटे का होगा।

कैंप में यह होंगी गतिविधियां

निदेशालय के अनुसार कैंप में सुबह योग व व्यायाम। रस्साकशी, म्यूजिकल चेयर व रस्सी कूद, खो-खो, फुटबाल, रंगोली, मिट्टी कला, कॅरिअर गाइडेंस से संबंधित गतिविधि व जानकारी दी जाएगी। वहीं बेसिक लाइफ सपोर्ट, सीपीआर, वीडियो एडिटिंग, साइबर सुरक्षा जैसी तमाम अन्य जानकारियां दी जाएंगी।

शिक्षकों को दिया जाएगा उपार्जित अवकाश: महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने कहा है कि कैंप में सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य की उपस्थिति अनिवार्य है। वहीं 100 छात्र संख्या वाले विद्यालयों में एक प्रधानाचार्य और एक शिक्षक स्कूल आएंगे। अगर छात्र संख्या 100 से ज्यादा है तो दो शिक्षकों को बुलाया जाएगा। इस दौरान आने वाले शिक्षकों को नियमानुसार उपार्जित अवकाश दिया जाएगा।



यूपी के माध्यमिक विद्यालयों में भी होगा समर कैंप, 21 मई से 10 जून तक होगा आयोजन, रोजाना होंगी अलग-अलग गतिविधियां

गीष्मावकाश में प्रदेश के समस्त राजकीय, आशसकीय सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में समर कैम्प आयोजन के सम्बन्ध में।

प्रदेश के समस्त माध्यमिक विद्यालयों में 21 मई से 10 जून 2025 तक होगा समर कैंप का आयोजन, देखें आदेश 


Saturday, June 15, 2024

परिषदीय स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने की तैयारी

परिषदीय स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने की तैयारी 

यूपी में आठवीं तक के बच्चों को मिलने जा रही बड़ी राहत, स्कूलों की छुट्टी बढ़ाने की तैयारी



लखनऊ : भीषण गर्मी को देखते हुए परिषदीय स्कूलों में अवकाश और बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। अभी 18 जून से परिषदीय स्कूल खुल रहे हैं। अब बेसिक शिक्षा विभाग ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने पर विचार कर रहा है। 


मौसम के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि पहले एक हफ्ते छुट्टियां आगे बढ़ाई जाएंगी। गर्मी के कारण विद्यालयों में विद्यार्थी बीमार न हों, इसे लेकर विभाग चिंतित है। कुछ जिलों में जिलाधिकारी अपने स्तर पर छुट्टियां आगे बढ़ा चुके हैं। ऐसे मे सभी जिलों में अवकाश बढ़ाने को लेकर एकरूपता रहे इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। 


शिक्षक संगठनों की ओर से भी छुट्टियां बढ़ाए जाने की मांग की गई है। पिछले वर्ष परिषदीय स्कूल 30 जून तक बंद थे। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार भी छुट्टियां बढ़ाई जाएंगी।



प्रचंड गर्मी को देखते हुए प्राइमरी स्कूलों का ग्रीष्मावकाश बढ़ाया जा सकता है। गर्मी और धूप के तेवरों को देखते हुए सरकार स्कूलों की गर्मी की छुट्टी बढ़ाने के लिए गम्भीरता से विचार कर रही है। 

प्रचंड गर्मी और लू को देखते हुए प्राइमरी स्कूलों का ग्रीष्मावकाश एक सप्ताह और बढ़ाया जा सकता है। झुलसा देने वाली धूप के तेवरों को देखते हुए सरकार स्कूलों की गर्मी की छुट्टी बढ़ाने के लिए गम्भीरता से विचार कर रही है। पिछले साल अधिक गर्मी के कारण गर्मियों की छुट्टी को 15 दिन बढ़ाकर 30 जून तक कर दिया गया था।

 दूसरी तरफ शिक्षक संगठनों एवं अभिभावकों की ओर से भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मावकाश की तिथि बढ़ाने की लगातार की जा रही मांगों के कारण भी विभाग दबाव में है। ऐसे में सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने मौसम विभाग को पत्र भेजकर अगले 15 दिनों का गर्मी से जुड़े पूर्वानुमान एवं संभावित अधिकतम तापमान का चार्ट उपलब्ध कराने को कहा है ताकि स्कूलों के खोलने या बन्द रखने को लेकर कोई निर्णय किया जा सके। आगामी 15 जून को प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में ग्रीष्मावकाश समाप्त होने जा रहा हैं और 18 जून से स्कूल खुलने जा रहे हैं।


Thursday, June 13, 2024

गर्मी के कारण स्कूलों को 30 जून तक बंद रखने की शिक्षक संगठनो की मांग

गर्मी के कारण स्कूलों को 30 जून तक बंद रखने की शिक्षक संगठनो की मांग

शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव को भेजा पत्र


लखनऊ। प्रदेश में परिषदीय विद्यालय गर्मी की छुट्टियों के बाद 18 जून को खुल रहे हैं। वहीं पूरे - प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। इसे देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए शिक्षक संगठनों ने गर्मी की छुट्टियां 30 जून तक बढ़ाने की मांग की है। 


प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय  कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को भेजे पत्र में कहा है कि पूरा प्रदेश भीषण गर्मी व लू से तप रहा है। ऐसे में विद्यालयों को 18 जून से खोलना हितकर नहीं होगा। वहीं शिक्षकों की परस्पर तबादले की प्रक्रिया भी चल रही है।

इसे देखते हुए परिषदीय विद्यालयों में गर्मी की छुट्टियां 30 जून तक की जाएं। वहीं उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को भेजे पत्र में कहा है कि वर्तमान में प्रदेश भर में भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों का ग्रीष्मकालीन अवकाश 30 जून तक बढ़ाया जाए। 



भीषण गर्मी के दृष्टिगत ग्रीष्मावकाश को 30 जून तक बढ़ाए जाने की PSPSA की मांग 





प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के दृष्टिगत परिषदीय विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश 30 जून तक बढ़ाए जाने की मुख्यमंत्री से मांग






भीषण गर्मी के दृष्टिगत  बेसिक शिक्षा मंत्री से की ग्रीष्मावकाश को 30 जून तक बढ़ाये जाने की मांग


Sunday, May 19, 2024

ग्रीष्मावकाश: परिषदीय विद्यालय 17 जून व इंटर कॉलेज 30 जून तक बंद

ग्रीष्मावकाश: परिषदीय विद्यालय 17 जून व इंटर कॉलेज 30 जून तक बंद


सूबे के कक्षा एक से आठ तक स्कूलों में शनिवार को गर्मी की छुट्टी घोषित कर दी गई। शिक्षासत्र के मुताबिक 20 मई से ग्रीष्मावकाश घोषित था, इसलिए शनिवार से ही स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। परिषदीय स्कूल अब 18 जून को खुलेंगे। 

इधर, माध्यमिक शिक्षा विभाग के हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में 30 जून तक गर्मी का अवकाश घोषित किया गया है। इंटर कॉलेज अब एक जुलाई को खुलेंगे। 




परिषदीय विद्यालयों में कल से ग्रीष्मकालीन अवकाश

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में इस बार 19 मई से गर्मी की छुट्टियां प्रारंभ हो रही हैं। छुट्टी के दौरान बच्चों को होमवर्क दिया जाएगा। साथ ही शिक्षक ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाएंगे। 



बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विद्यालय जिसमें एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू हो गया था। नामांकन की प्रक्रिया अभी चल रही है। इस साल 18 मई के बाद ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होगा, जो 17 जून तक चलेगा। 

अभी तक भीषण गर्मी पड़ रही है। जिससे परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को कड़ी धूप में आने- जाने में परेशानी हो रही है, लेकिन गर्मी की छुट्टी होने से बच्चों की परेशानी अब दूर हो जाएगी।




ग्रीष्मावकाश 20 मई से 15 जून

नोट - ग्रीष्मावकाश 20 मई से ही प्रारम्भ हो जाएगा अर्थात 20 मई से ही विद्यालयों में अवकाश रहेगा।

➡️ इस बार 18 मई को विद्यालय का अंतिम दिवस होगा (19 मई रविवार)
➡️ 16 जून रविवार 17 जून ईद उल जुहा का अवकाश होने के कारण 18 जून को ही विद्यालय खुलेगे।

Thursday, June 22, 2023

परिषदीय विद्यालयों में गर्मी की छुट्टी बढ़ने की न्यूज हुई वायरल, जानिए क्या है सच्चाई

परिषदीय विद्यालयों में गर्मी की छुट्टी बढ़ने की न्यूज हुई वायरल, जानिए क्या है सच्चाई


लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश की तिथि बढ़ाये जाने की झूठी सूचना सोमवार को व्हाट्सएप पर वायरल हो गई। विद्यालयों मैं अभी 26 जून तक अवकाश चल रहा है। लेकिन व्हाट्सएप पर वायरल सूचना मैं दावा किया गया कि विद्यालयों को 30 जून तक बंद कर दिया गया है।



इसका कारण भीषण गर्मी बताया गया है। लेकिन देर शाम सचिव परिषद प्रताप सिंह बघेल ने ऐसे किसी भी निर्णय से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से कोई आदेश नहीं जारी किया गया है।