DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर लख़नऊ वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label ग्रेडिंग. Show all posts
Showing posts with label ग्रेडिंग. Show all posts

Thursday, July 3, 2025

सुविधा और संसाधनों के आधार पर होगी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की ग्रेडिंग, कक्षाओं, प्रयोगशाला, पुस्तकालय जैसी सुविधाओं को बनाया जाएगा आधार

सुविधा और संसाधनों के आधार पर होगी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की ग्रेडिंग, कक्षाओं, प्रयोगशाला, पुस्तकालय जैसी सुविधाओं को बनाया जाएगा आधार

विभाग मूल्यांकन के बाद मिलने वाली आवश्यक कमियों को भी कराएगा दूर


लखनऊ। प्रदेश के 2295 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पठन-पाठन की सुविधा व संसाधनों की व्यवस्था सुधारने के लिए विभाग की ओर से इन विद्यालयों की भी परख ग्रेडिंग जारी की जाएगी। इसके लिए विभाग ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को एक निर्धारित प्रारूप में अपनी सूचनाएं ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसके आधार पर मूल्यांकन कर ग्रेडिंग जारी की जाएगी।

परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में भी ऑपरेशन कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) आदि के माध्यम से सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं व संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही यहां आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास आदि की भी सुविधा बढ़ाई जा रही है। इसके बाद भी अगर कोई कमी है तो उसको इस ग्रेडिंग के माध्यम से दूर करने का प्रयास किया जाएगा।


विभाग की ओर से राजकीय विद्यालयों में शिक्षक व कर्मचारियों की संख्या, बिजली कनेक्शन, कंप्यूटर कक्ष की उपलब्धता, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, आर्ट रूम, स्मार्ट क्लास, वाईफाई की सुविधा, शिक्षक-छात्र उपस्थिति, पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई आदि के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व प्रधानाध्यापकों को नए सत्र में अप्रैल से जून तक की सूचनाएं schoolgradingmadhyamikshiksha.in पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से सभी डीआईओएस व मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया गया है कि इन सूचनाओं को निर्धारित समय में अपलोड कराना सुनिश्चित करें। इसके लिए सभी विद्यालयों को प्रेरित भी करें। ताकि विद्यालयों की ग्रेडिंग समय पर जारी की जा सके।


यह तय की गई है समयसारिणी

प्रधानाध्यापक-प्रधानाचार्य को ऑनलाइन सूचना भरकर, आकड़ों के साथ डीआईओएस को आठ जुलाई तक भेजनी होगी। डीआईओएस इनका ऑनलाइन सत्यापन कर, पांच फीसदी विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को 12 जुलाई तक भेजेंगे। वहीं मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक मंडल के विद्यालयों का सत्यापन कर, कम से कम पांच विद्यालयों का भौतिक निर्धारण कर अपनी रिपोर्ट 15 जुलाई तक राज्य मुख्यालय भेजेंगे। इसके बाद मुख्यालय की ओर से ग्रेडिंग जारी की जाएगी।


200 नंबर पर होगी ग्रेडिंग

माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से 200 नंबर पर कॉलेजों की ग्रेडिंग जारी की जाएगी। इसमें 80 फीसदी नंबर पर उत्कृष्ट, 60 से 80 फीसदी लाने पर बहुत अच्छा, 40 से 60 फीसदी तक अच्छा, 20 से 40 पर संतोषजनक, 20 फीसदी नंबर लाने पर असंतोषजनक माना जाएगा।

Friday, June 20, 2025

QS World University Rankings: क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में रिकार्ड 54 भारतीय उच्च शिक्षण संस्थान, अमेरिका, इंग्लैंड और चीन के बाद इस रैंकिंग में सबसे अधिक भारतीय संस्थान शामिल

क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में रिकार्ड 54 भारतीय उच्च शिक्षण संस्थान, अमेरिका, इंग्लैंड और चीन के बाद इस रैंकिंग में सबसे अधिक भारतीय संस्थान शामिल

आइआइटी दिल्ली ने लगाई बड़ी छलांग, 123वीं रैंक हासिल की, पिछले वर्ष 150वां रैंक था


नई दिल्ली: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के जरिए देश की शिक्षा व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने का जो सपना देखा गया है, उस दिशा में बदलाव अब साफ दिखने लगा है। क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग-2026 में भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। इस बार रैंकिंग में देश के 54 संस्थानों ने जगह बनाई है। इनमें 12 आइआइटी हैं। आइआइटी दिल्ली ने बड़ी छलांग लगाते हुए 123वीं रैंक हासिल की है। 2025 में उसने क्यूएस रैंकिंग में 150वां स्थान हासिल किया था। 10 साल पहले यानी 2015 में क्यूएस रैंकिंग में सिर्फ 11 भारतीय संस्थान ही शामिल थे।


यह बात अलग है कि क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में अभी भी शीर्ष स्तर पर अमेरिकी उच्च शिक्षण संस्थानों का दबदबा है। बावजूद इसके भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों ने इस रैंकिंग में तेजी से जगह बनाई है। अमेरिका (192), इंग्लैंड (90) और चीन (72) के बाद इस रैंकिंग में सबसे अधिक 54 भारतीय संस्थान शामिल हैं। इस बार की रैंकिंग में भारत के आठ नए संस्थानों ने भी जगह बनाई है, जो रैंकिंग में एक वर्ष में शामिल होने वाले किसी भी देश के सर्वाधिक संस्थान हैं। इसके साथ ही जी-20 देशों में भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था ने सबसे तेज बढ़त हासिल की है। नई शिक्षा नीति के लागू होने से भारत पढ़ाई का हब बन रहा है।


क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में 2015 में सिर्फ 11 संस्थान थे, आज यह संख्या पांच गुना बढ़ गई है। यह बदलाव पीएम मोदी के नेतृत्व में हुए शिक्षा सुधारों से आया है। –धर्मेंद्र प्रधान, शिक्षा मंत्री


देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए यह अच्छी खबर है। सरकार देश के युवाओं को अनुसंधान व नवाचार के इकोसिस्टम से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। –नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री।

Friday, May 9, 2025

NAAC मूल्यांकन वाले कॉलेजों के शिक्षकों को रिसर्च फंड में मिलेगी वरीयता

NAAC मूल्यांकन वाले कॉलेजों के शिक्षकों को रिसर्च फंड में मिलेगी वरीयता


लखनऊ। प्रदेश में ऐसे डिग्री कॉलेज जिन्होंने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से अपना मूल्यांकन कराया है, इन कॉलेज के शिक्षकों को रिसर्च फंड देने में वरीयता दी जाएगी। इसके तहत उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों से 26 मई तक शोध प्रस्ताव मांगे हैं।


विभाग का यह प्रयास है कि इसके माध्यम से डिग्री कॉलेजों को रिसर्च के साथ ही नैक मूल्यांकन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसी क्रम में यह पहल की गई है। इसमें जिन कॉलेजों ने नैक मूल्यांकन नहीं कराया है, वह यह लिखकर देंगे कि एक साल में वह अपना मूल्यांकन करा लें। ऐसे कॉलेजों को भी रिसर्च ग्रांट देने में वरीयता दी जाएगी। 


कॉलेजों के शिक्षकों को रिसर्च फंड के रूप में पांच से 15 लाख तक दिए जाते हैं। इसमें शिक्षक नए प्रयोगों के साथ आज की जरूरत के अनुसार विषयों पर शोध करते हैं। प्रदेश में सरकारी, एडेड व निजी मिलाकर लगभग 8000 कॉलेज हैं, लेकिन नैक मूल्यांकन कराने वालों की संख्या मात्र 201 ही है। 

Saturday, October 26, 2024

2026 इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड परीक्षा से ग्रेडिंग प्रणाली लागू करने की तैयारी, हाईस्कूल में पहले से ही किया जा चुका है लागू


2026 इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड परीक्षा से ग्रेडिंग प्रणाली लागू करने की तैयारी, हाईस्कूल में पहले से ही किया जा चुका है लागू


प्रयागराज : हाईस्कूल में ग्रेडिंग प्रणाली लागू कर चुका यूपी बोर्ड अब इंटरमीडिएट में भी इसे लागू करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इससे विद्यार्थी अधिक अंक हासिल करने की दौड़ में शामिल होने के बजाय विषय में समझ बढ़ाने की ओर अग्रसर होंगे।


 ग्रेडिंग प्रणाली लागू होने पर कम अंक मिलने पर मन में उपजने वाली हीनभावना में कमी आएगी। इसके लिए हाईस्कूल की तरह इंटरमीडिएट की परीक्षा में छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन के आधार पर नौ तरह के ग्रेड प्रदान किए जाएंगे। उनके अंकपत्र में विषयवार प्राप्त अंकों का योग अंकित नहीं किया जाएगा। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इसे वर्ष 2026 की परीक्षा से लागू किया जा सकता है।


बोर्ड का मानना है कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में परीक्षार्थियों में अच्छे अंक पाने की होड़ रहती है। अच्छे अंक पाने वालों में उत्साह रहता है, जबकि कम अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं को इस बात का मलाल रहता है कि उन्हें कम अंक हासिल हुए हैं। इस मलाल को कम करने तथा हाईस्कूल की तरह एकरूपता लाने के लिए यह प्रयास शुरू किया गया है। 


ग्रेडिंग व्यवस्था में इंटरमीडिएट के अंकपत्र की डिजायन में भी परिवर्तन किया जाएगा। अंकपत्र में हाईस्कूल की तरह परीक्षा में विषयवार मिले अंक अंकित रहेंगे, लेकिन प्राप्त अंकों का योग नहीं लिखा होगा। नई व्यवस्था में निर्धारित किए गए नौ ग्रेडों में परीक्षार्थी को परीक्षा में 91 से 100 तक अंक मिलने पर अंकपत्र में 'ए-1' ग्रेड अंकित किया जाएगा।

Tuesday, August 13, 2024

NIRF Ranking 2024 List: IIT मद्रास लगातार छठे साल नंबर 1, IISC बेंगलुरु सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय; देखें पूरी सूची

NIRF Ranking 2024 List:  IIT मद्रास लगातार छठे साल नंबर 1, IISC बेंगलुरु सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय; देखें पूरी सूची


NIRF Ranking 2024 List राष्ट्रीय संस्थान रैंकिंग फ्रेमवर्क एनआईआरएफ रैंकिंग लिस्ट 2024 जारी हो गई है। एनआईआरएफ रैंकिंग 2024 के अनुसार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास लगातार छठे वर्ष भी देश का सर्वश्रेष्ठ संस्थान बना हुआ है। भारतीय विज्ञान संस्थान (IISC) बेंगलुरु को लगातार नौवें वर्ष सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया। एनआईआरएफ रैंकिंग के नौवें संस्करण की घोषणा सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की।


❤️ मेडिकल कॉलेजों की श्रेणी में एम्स नई दिल्ली अव्वल
❤️ अनुसंधान के क्षेत्र में आईआईएससी बेंगलुरु टॉप पर
❤️ रैंकिंग में विधि संस्थानों में NLSIU बेंगलुरु शीर्ष पर


नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आज सोमवार को राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF Ranking 2024) की लिस्ट जारी कर दी है। NIRF Ranking 2024 list के अनुसार, आईआईटी मद्रास (IIT Madras) को समग्र श्रेणी में देश भर में शीर्ष संस्थान घोषित किया गया, जबकि एम्स, आईआईएम अहमदाबाद, हिंदू कॉलेज अपनी श्रेणियों में टॉप पर हैं।


शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ 2024 रैंकिंग) में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान IIT मद्रास लगातार छठे साल भी टॉप पर बना हुआ है, वहीं भारतीय विज्ञान संस्थान IISC बेंगलुरु को लगातार नौवीं बार सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय चुना गया है।


NIRF Ranking 2024 Overall : भारत के टॉप 10 संस्थान
संस्थान शहर रैंक
IIT मद्रास चेन्नई 1
IISc बेंगलूरू 2
IIT बॉम्बे मुंबई 3
IIT दिल्ली दिल्ली 4
IIT कानपुर कानपुर 5
IIT खड़गपुर खड़गपुर 6
AIIMS नई दिल्ली दिल्ली 7
IIT रूड़की रूड़की 8
IIT गुवाहाटी गुवाहाटी 9
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) दिल्ली 10


IIT दिल्ली नीचे खिसका
NIRF Ranking 2024 की लिस्ट में संपूर्ण श्रेणी में आईआईएससी बेंगलुरु दूसरे स्थान पर और आईआईटी मुंबई तीसरे स्थान पर रहा है, वहीं पिछले साल तीसरे स्थान पर रहा आईआईटी दिल्ली एक स्थान नीचे खिसक गया है।


टॉप 10 में जामिया भी शामिल
देश के शीर्ष दस संस्थानों में आठ आईआईटी के साथ नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) हैं। विश्वविद्यालय श्रेणी में आईआईएससी बेंगलुरु के बाद जेएनयू और जामिया मिलिया इस्लामिया का स्थान है।


इंजीनियरिंग कॉलेजों की लिस्ट
इंजीनियरिंग कॉलेजों की सूची में शीर्ष दस संस्थानों में नौ आईआईटी शामिल हैं, जिनमें आईआईटी मद्रास लगातार नौवें साल इस श्रेणी में शीर्ष पर है। आईआईटी दिल्ली ने अपना दूसरा और आईआईटी मुंबई ने अपना तीसरा स्थान बरकरार रखा है। टॉप 10 लिस्ट में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान एनआईटी तिरुचिरापल्ली भी शामिल है।


मैनेजमेंट में IIM अहमदाबाद का जलवा
प्रबंधन संस्थानों की बात करें तो भारतीय प्रबंधन संस्थान आईआईएम अहमदाबाद ने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है, जिसके बाद आईआईएम बेंगलोर और आईआईएम कोझिकोड का स्थान है। आईआईटी मुंबई और आईआईटी दिल्ली भी इस लिस्ट में टॉप 10 में शामिल हैं।


Sunday, May 5, 2024

यूपी के सर्वोदय स्कूलों में लागू होगा ग्रेडिंग सिस्टम, शिक्षक और छात्रों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम होंगे मानक

यूपी के सर्वोदय स्कूलों में लागू होगा ग्रेडिंग सिस्टम, शिक्षक और छात्रों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम होंगे मानक


उत्तर प्रदेश में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए अब सर्वोदय विद्यालयों (जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय) में ग्रेडिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है। ग्रेडिंग सिस्टम के तहत स्कूलों का मूल्यांकन पूर्व निर्धारित अंकों के आधार पर किया जाएगा और उन्हें गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज में वर्गीकृत किया जाएगा।


साल में पांच बार होगा मूल्यांकन
समाज कल्याण निदेशक कुमार प्रशांत ने इस संबंध में विभाग के अधिकारियों के साथ सर्वोदय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को जरूरी दिशा निर्देश भेजे हैं। कहा कि ग्रेडिंग के लिए प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में प्रत्येक विद्यालय का पांच बार मूल्यांकन किया जाएगा। पहला मूल्यांकन बोर्ड परीक्षा के बाद, दूसरा पहले यूनिट टेस्ट के बाद, तीसरा मूल्यांकन दूसरे यूनिट टेस्ट के बाद, चौथा मूल्यांकन अर्द्धवार्षिक परीक्षा के बाद और पांचवां मूल्यांकन चौथे यूनिट टेस्ट के बाद होगा। 


विद्यालयों में यूनिट टेस्ट करवाए जाने का फैसला पिछले शैक्षणिक सत्र में हो चुका है। पढ़ाई के साथ विद्यालयों में सांस्कृतिक और खेलकूद की गतिविधियों, विद्यालय की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था, नवाचार, स्प्लिट ऑफ सिलेबस (समयावधि में पाठ्यक्रम की पूर्णता), ऑनलाइन शैक्षणिक कार्यक्रम, स्कूल की क्रियाशीलता और विद्यालय के छात्र-छात्राओं के सी यूईटी, नीट, जेईई और क्लैट की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन को मानकों में रखा गया है।


इन मानकों पर मूल्यांकन
- छात्रों और शिक्षकों की मासिक उपस्थिति के दस-दस अंक।
- 91 सो 100 फीसदी तक उपस्थिति पर दस अंक।
- 81 से 90 फीसदी उपस्थिति पर आठ अंक तय किए गए हैं।
- 50 फीसदी से कम उपस्थिति पर शून्य देने का प्रावधान है।
- इसी तरह हाईस्कूल और इंटर के परीक्षा परिणाम पर होगा मूल्यांकन।


सिर्फ दो विद्यालयों को ए श्रेणी में
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटर के परिणाम के बाद समाज कल्याण विभाग ने परीक्षण के तौर पर यूपी बोर्ड से जुड़े 51 विद्यालयों की ग्रेडिंग कराई, तो सिर्फ दो विद्यालय (सर्वोदय बालिका विद्यालय, कौड़िहार प्रयागराज और सर्वोदय विद्यालय मेहरौना, देवरिया) ही ए श्रेणी में आए। हमीरपुर, महोबा, बांदा, कानपुर नगर और कौशाम्बी के पांच विद्यालय बी श्रेणी में अपनी जगह बना पाए। बाकी 44 विद्यालय ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी में हैं।