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Monday, August 25, 2025

प्राइमरी विद्यालयों के शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से प्रक्षिशित वेतनमान पर निर्णय लेने का बीएसए को हाईकोर्ट का निर्देश

प्राइमरी विद्यालयों के शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से प्रक्षिशित वेतनमान पर निर्णय लेने का बीएसए को हाईकोर्ट का निर्देश


प्रयागराज । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्राइमरी स्कूलों के टीचरों को नियुक्ति तिथि से प्रशिक्षित वेतनमान दिए जाने के मामले में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने झांसी जिले के प्राइमरी स्कूलों में पढ़ा रहे संजय कुमार द्विवेदी, शिव नाथ सिंह, संजीव कुमार तिवारी समेत अन्य टीचरों की याचिकाओं पर दिया है।


बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके टीचरों का कहना था कि उन्हें ट्रेन्ड ग्रेड पे का लाभ उनकी नियुक्ति की तिथि से नहीं दिया जा रहा है। टीचरों का कहना था कि आजमगढ़ आदि जिलों में प्रक्षिक्षण प्राप्त कर चुके टीचरों को ट्रेन्ड ग्रेड पे का लाभ उनकी प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि से दिया जा रहा है। जबकि उनके प्रत्यावेदन देने के बावजूद झांसी में बेसिक शिक्षा अधिकारी उन्हें यह लाभ नहीं दे रहे हैं।

बेसिक शिक्षा अधिकारी झांसी की ओर से अधिवक्ता रामानंद पांडेय ने याचिका पर प्रतिवाद करते हुए कहा कि याची टीचरों की मांग सरकारी शासनादेशों पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा अधिकारी ही मान्य शासनादेशों के अनुसार टीचरों की देयता पर निर्णय ले सकते हैं। किसी टीचर को मिलने वाला लाभ केवल इस आधार पर नहीं दिया जा सकता कि किसी विशेष जिला में ट्रेन्ड ग्रेड पे का लाभ टीचरों को उनकी नियुक्ति की तिथि से दिया जा रहा है।

कोर्ट ने याचिका को निस्तारित करते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी झांसी को इस मामले पर चार सप्ताह में नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

Friday, December 27, 2024

झांसी : BSA दफ्तर में रिश्वतखोरी, 50 हजार रुपये घूस लेते बाबू गिरफ्तार

झांसी : BSA दफ्तर में रिश्वतखोरी, 50 हजार रुपये घूस लेते बाबू गिरफ्तार 


झांसी: जिले में एंटी करप्शन टीम ने शिक्षा विभाग के एक और बाबू को पचास हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया. दरअसल, शिक्षा विभाग के कनिष्ठ लिपिक ने शिक्षिका को बहाल करने के एवज में उनसे डेढ़ लाख रुपये की मांग की थी. एंटी करप्शन टीम के द्वारा बिछाए गए जाल में 50 हजार एडवांस के तौर लेते हुए बाबू को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया.टीम के अनुसार बाबू की संपत्ति और बैंक अकाउंट को भी खंगाला जा रहा है. इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. चार माह पहले भी शिक्षा विभाग के एक बाबू को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था.


एंटी करप्शन टीम में शिकायत करने वाले सीपरी बाजार थाना क्षेत्र निवासी राकेश कुमार पाठक ने बताया कि उनकी पत्नी जागृति पाठक उच्च प्राथमिक विद्यालय पच्चरगढ़ (कम्पोजिट स्कूल) झांसी के ब्लॉक चिरगांव में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के पद पर तैनात थीं.3 अगस्त को ग्राम प्रधान पच्चरगढ़ एवं अन्य ग्रामवासियों द्वारा दिये गये शिकायती प्रार्थना पत्र में लगाये गये आरोपों के आधार पर झांसी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के द्वारा उनकी पत्नी जागृति पाठक से अपना स्पष्टीकरण साक्ष्य सहित देने के लिए कहा गया था. 16 अगस्त को खंड शिक्षा अधिकारी चिरगांव की रिपोर्ट पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी झांसी ने शिकायतकर्ता की पत्नी को निलम्बित कर दिया था. निलम्बन अवधि में शिकायतकर्ता की पत्नी जागृति पाठक को कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय विकास खण्ड मोंठ से सम्बद्ध कर दिया था.


बीएसए दफ्तर में तैनात लिपिक रमाशंकर सोनकिया के द्वारा निलम्बन आदेश को निरस्त कराकर बहाल कराने के एवज में उनसे डेढ़ लाख रुपये की मांग की गयी. इसकी शिकायत उन्होंने एंटी करप्शन टीम से की. दोपहर लगभग 2 बजे शिकायतकर्ता 50 हजार लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे और अपनी कार में बाबू को बैठा लिया. जैसे ही बाबू ने रिश्वत के पैसे अपनी जैकेट में रखे, वैसे ही एंटी करप्शन टीम ने बाबू को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. बाबू को लेकर टीम सदर बाजार थाने पहुंची. वहां एंटी करप्शन टीम बाबू से इस मामले में पूछताछ कर रही है.


शिक्षिका जागृति पाठक ने आरोप लगाया कि बीएसए के स्टेनो देवेंद्र सभी शिक्षकों से रुपये मांगते हैं. अगर कोई शिक्षक अवकाश भी लेता है, तो उसके तीन हजार रुपये देने पड़ते है. वहीं सीओ रामवीर सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन टीम ने रमाशंकर सोनकिया पुत्र स्वर्गाीय रामरतन निवासी- डिफेंस कॉलौनी करगुवांजी थाना नबावाद शिक्षा विभाग के बाबू को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. टीम की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है.


Barbing the BRIBE ✂️
झाँसी इकाई द्वारा जनपद झांसी में बेसिक शिक्षा कार्यालय के कनिष्ठ लिपिक को ₹50,000/- रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया। कृपया भ्रष्टाचार के प्रकरणों को एसीओ की हेल्पलाइन:📱9454402484,  📧 aco@nic.in पर रिपोर्ट करें।

Saturday, December 7, 2024

स्कूल में घुसकर स्टूडेंट्स के सामने कॉलर पकड़कर प्रधान ने की प्रधानाध्यापक की जूतों से पिटाई, रजिस्टर फाड़े, गांव में मुनादी कराकर विद्यालय प्रबंध समिति का चुनाव कराना पड़ा भारी

दो दिन में हो प्रधान की गिरफ्तारी नहीं तो स्कूल बंद, प्रधानाध्यापक को पीटने का मामला, शिक्षक संघ ने दी चेतावनी

🆕 अपडेट 
मऊरानीपुर। ग्राम धमनापायक के उच्च प्राथमिक विद्यालय में बृहस्पतिवार को प्रधान कृपेंद्र पटेल द्वारा प्रधानाध्यापक की जूतों से पिटाई के मामले ने तूल पकड़ लिया। शुक्रवार को शिक्षकों ने दो दिनों में ग्राम प्रधान की गिरफ्तारी की मांग करते हुए एसडीएम और सीओ को ज्ञापन सौंपा। चेतावनी देते हुए कहा कि गिरफ्तारी न होने पर जनपद के सभी स्कूलों पर तालाबंदी की जाएगी। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि घटना से सभी शिक्षकों में भय व्याप्त है। इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। पुलिस को आरोपी ग्राम प्रधान को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना चाहिए।

नहीं तो शिक्षक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान माधव मिश्रा, अजय सिंह, धीरेंद्र प्रताप सिंह, रामस्वरूप पाल, पंकज पाठक, कुलदीप, हरीशंकर यादव आदि उपस्थित रहे।


मामले की जांच के लिए लहचूरा के थानाध्यक्ष पंकज मिश्र भी स्कूल पहुंचे। उन्होंने अध्यापिका रीना से पूछताछ की। रीना ने बताया कि जब ग्राम प्रधान ने प्रधानाध्यापक को पीटना शुरू किया तो वह खाना खा रहीं थीं। यह देखकर रीना घबरा गई। उन्होंने घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद प्रधान ने उन्हें धमकाया। वहीं, विद्यालय में शुक्रवार को मौजूद पांच अध्यापकों ने पुलिस से प्रधान की गिरफ्तारी की मांग की। जबकि पीड़ित प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार विद्यालय में मौजूद नहीं रहे।


एसडीएम और सीओ पहुंचे स्कूल, ली जानकारी

एसडीएम गोपेश तिवारी और सीओ लक्ष्मीकांत गौतम शुक्रवार सुबह धमनापायक के विद्यालय पहुंचे। यहां अधिकारियों ने अध्यापकों और बच्चों से घटना के बारे में जानकारी ली।

मामले की जांच के लिए मैं स्कूल गया था। वहां अध्यापकों से पूछताछ की। आरोपी प्रधान को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - पंकज मिश्र, थानाध्यक्ष, लहचुरा



स्कूल में घुसकर स्टूडेंट्स के सामने कॉलर पकड़कर प्रधान ने की प्रधानाध्यापक की जूतों से पिटाई, रजिस्टर फाड़े, गांव में मुनादी कराकर विद्यालय प्रबंध समिति का चुनाव कराना पड़ा भारी


झांसी में ग्राम प्रधान ने स्कूल में घुसकर स्टूडेंट्स के सामने कॉलर पकड़कर प्रधानाध्यापक की जूतों से पिटाई कर दी। प्रबंध समिति रजिस्टर और अटेंडेंस रजिस्टर भी फाड़ दिए। शिक्षिका मारपीट का वीडियो बनाने लगी तो उसे जान से मारने की धमकी दी। इस घटना से बच्चे सहम गए और जोर-जोर से रोने लगे। स्कूल से जाते समय ग्राम प्रधान ने शिकायत करने पर प्रधानाध्यापक समेत पूरे स्टॉफ को जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण प्रधानाध्यापक ने रविवार तक की छुट्‌टी ले ली है। प्रधान के प्रधानाध्यापक से भिड़ने का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।


बताया जा रहा है कि प्रधानाध्यापक ने गांव में मुनादी कराकर गुरुवार को स्कूल की प्रबंध समिति का चुनाव कराया था। समिति का गठन भी हो गया था। इस बात से ग्राम प्रधान नाराज था। पूरा मामला लहचूरा थाना क्षेत्र के धमनापायक गांव का है।


धमनापायक के उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार पटेल ने बताया, हर दो साल में स्कूल में प्रबंध समिति का गठन हाेता है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 9 सदस्यों की समिति स्कूल स्टूडेंट्स के पेरेंट्स चुनते हैं। इस बार प्रधान कृपेंद्र पटेल चाहते थे कि दबंगई के दम पर समिति में उनके आदमी पदाधिकारी बन जाए। लेकिन मैंने मना कर दिया।


हमने पहले गांव में मुनादी कराई और दो दिन बाद गुरुवार को पेरेंट्स की मीटिंग हुई। 10 बजे से 11:45 बजे तक हुई मीटिंग में प्रबंध समिति का गठन हो गया। इसमें आपसी सहमति से मानवेंद्र पटेल को अध्यक्ष और रामकुमारी को उपाध्यक्ष बनाया गया। 9 सदस्य भी बनाए गए। इससे पहले भी मानवेंद्र पटेल अध्यक्ष थे।


समिति के गठन के कुछ देर बाद ही दोपहर लगभग 12 बजे ग्राम प्रधान कृपेंद्र पटेल स्कूल पहुंचे। प्रबंध समिति का गठन करने पर मेरे साथ गाली गलौच करने लगे। जब हमने अभद्रता करने का विरोध किया तो उन्होंने प्रबंध समिति रजिस्टर और छात्र उपस्थिति रजिस्टर को फाड़ दिया।


फिर मेरा कॉलर पकड़ लिया और मुझे जूता मारने लगे। मैं चिल्लाते हुए बाहर भागा तो पीछा करके पकड़ लिया। वहां बच्चों के सामने फिर मारपीट की।


महिला टीचर ने वीडियो बनाया तो धमकाया पीड़ित ने बताया कि स्कूल की अनुदेशिका रीना मोबाइल से वीडियो बनाने लगी तो ग्राम प्रधान ने शिक्षिका को जान से मारने की धमकी दी। उसका दौड़कर मोबाइल छीनने का प्रयास किया। फिर पूरे स्टाफ को जान से मारने की धमकी देकर भाग गया।


घटना के बाद बच्चे रोने लगे और स्टाफ बुरी तरह डर गया। 112 पर कॉल करने पर पुलिस आ गई। शाम को पूरा स्टाफ प्रधानाध्यापक के साथ लहचूरा थाने पहुंच गया। वहां आरोपी के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने देर शाम ग्राम प्रधान कृपेंद्र पटेल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।


जब तक प्रधान जेल नहीं जाएगा हम स्कूल नहीं जाएंगे

स्कूल में वर्तमान में 144 बच्चे पढ़ते हैं। इनके पेरेंट्स ही प्रबंध समिति को चुनते हैं। इसके लिए 50 प्रतिशत पेरेंट्स का होना जरूरी हाेता है। हर माह प्रबंध समिति की बैठक होती हैं। इसमें स्कूल की समस्याओं को दूर किया जाता है। साथ ही जो बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं उनको स्कूल पहुंचाने के लिए समिति पेरेंट्स से बात करती है।

इधर, घटना के बाद स्कूल स्टाफ में रोष व्याप्त है। अनुदेशिका रीना का कहना है कि प्रधान पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो हम लोग स्कूल नहीं खोलेंगे। न ही शैक्षणिक कार्य होंगे। क्योंकि, हम लोगों को रास्ते में अनहोनी होने का डर है, हम लोग बिल्कुल स्कूल नहीं आएंगे, जब तक वो जेल नहीं जाएंगे।


शिक्षिका ने कहा, हम लोग स्कूल नहीं जाएंगे, जान का खतरा है।
लहचूरा थाना प्रभारी पंकज मिश्रा ने बताया कि स्कूल का स्टाफ आया था। प्रधानाध्यापक की तहरीर पर आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वीडियो भी उपलब्ध कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



Wednesday, June 26, 2024

झांसी बीएसए के स्टेनो को विजिलेंस ने रिश्वत लेते किया गिरफ्तार, वेतन बहाल करने के लिए टीचर से मांगी थी घूस

झांसी बीएसए के स्टेनो को विजिलेंस ने रिश्वत लेते किया गिरफ्तार, वेतन बहाल करने के लिए टीचर से मांगी थी घूस


झांसी : शिक्षा विभाग के स्टेनो को विजिलेंस ने 5 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया. उसने शिक्षक से वेतन बहाल करने के एवज में घूस मांगी थी. 



विजिलेंस टीम के मुताबिक शिक्षा विभाग में बीएसए कार्यालय में तैनात स्टेनो सुरेश पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे. पीड़ित की शिकायत पर विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को स्टेनो सुरेश को रंगे हाथ दबोच लिया. 


टीम उससे पूछताछ कर रही है. लहचूरा थाना क्षेत्र निवासी अध्यापक मनोज कुमार ने आरोप लगाया था कि बीएसए का स्टेनो सुरेश बाबू उससे पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था.

Monday, May 13, 2024

झांसी : उच्च न्यायालय ने शिक्षक की प्रतिकूल प्रविष्टि का आदेश किया रद्द, साथ ही चिकित्सा के आधार पर दूसरे विद्यालय में अटैचमेंट पर निर्णय लेने का दिया आदेश


झाँसी : उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पीयूष अग्रवाल ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय घुघुवा के सहायक अध्यापक गौरव तिवारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए तत्कालीन बीएसए वेदराम द्वारा दी गयी प्रतिकूल प्रविष्ट को रद करने का आदेश दिया है।
       प्रतिकूल प्रविष्ट रद करने तथा चिकित्सा आधार पर किसी दूसरे उच्च प्राथमिक में अटैच करने की याचिका को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने 22 दिसम्बर 2021 को दिया गया आदेश रद कर दिया है। साथ ही चिकित्सा के आधार पर बड़ागाँव ब्लॉक के किसी पूर्व माध्यमिक विद्यालय में अटैच करने की माँग को स्वीकार करते हुए विभाग को नए सिरे से प्रस्ताव लेकर 2 माह में इस पर कार्यवाही करने को कहा है। उल्लेखनीय है कि प्राथमिक विद्यालय घुघुवा में शिक्षकों के बीच आपसी विवाद के चलते दूसरे विद्यालय में अटैच करने तथा कार्यवाही की माँग के लिए 28 जुलाई से 1 अगस्त 22 तक गौरव तिवारी ने बीएसए कार्यालय में अनशन पर बैठे थे। इस पर बीएसए नीलम यादव ने जिले के अन्दर स्थानान्तरण नीति में वरीयता देने, अन्यत्र विद्यालय में स्थानान्तरण के लिए सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को प्रस्ताव भेजने तथा प्रतिकूल प्रविष्टि की जाँच के लिए कमिटि गठित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की गई।





Monday, December 5, 2022

तमाम कोशिशों के बाद भी पूरी नहीं हो पा रही शिक्षक साथियों की तलाश, जानिए क्यों? पूरी प्रक्रिया के धड़ाम होने से विभाग पर लग रहे हैं सवालिया निशान!

तमाम कोशिशों के बाद भी पूरी नहीं हो पा रही शिक्षक साथियों की तलाश, जानिए क्यों? पूरी प्रक्रिया के धड़ाम होने से विभाग पर लग रहे हैं सवालिया निशान!



झांसी : परिषदीय के स्कूलों के क्रियाकलापों पर निगरानी करने आदि के लिए शिक्षक साथियों को नियुक्त करना था। लेकिन विभाग के तमाम कोशिशों के बावजूद भी शिक्षा विभाग को शिक्षक साथी नहीं मिल पा रहे। इस पूरी प्रक्रिया के धड़ाम होने से विभाग पर लग रहे हैं सवालिया निशान?



बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में शैक्षिक सहयोगात्मक पर्यवेक्षण प्रदान करने के लिए शिक्षक साथी नियुक्त किए जाने थे। जिले में लगभग चार हजार से अधिक सेवानिवृत्त शिक्षक पेंशन ले रहे हैं। इन सेवानिवृत्त शिक्षकों को शिक्षक साथी के रूप में परिषदीय स्कूलों में अपनी सेवाएं देना हैं। लेकिन 30 नवंबर तक सिर्फ 15 आवेदन ही शिक्षक साथी के पद के लिए विभाग के पास पहुंचे हैं।


70 वर्ष की आयु के सेवानिवृत्त शिक्षकों का तीन चरणों की परीक्षा के आधार पर चयन किया जाना है। हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और अंग्रेजी विषय के लिए चयनित शिक्षक साथियों को 2500 रुपये मानदेय भी प्रतिमाह दिया जाएगा। इन शिक्षक साथियों का उत्कृष्टता के आधार पर नवीनीकरण एक साल में किया भी जाएगा।


जिला समन्वयक, प्रशिक्षण आरके समेले ने बताया कि शिक्षक साथी के लिए आए आवेदनों का जल्द ही परीक्षा करवाकर चयन किया जाएगा।



आवेदन कम आने के कारण

शिक्षक साथी को कम से कम 30 स्कूलों का पर्यवेक्षण करना है। जिसके लिए उनको प्रतिमाह 2500 रुपये मानदेय भी दिया जाएगा। कम मानदेय और अधिक जिम्मेदारी के कारण शिक्षक इस काम के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। वहीं शिक्षक साथी के चयन की नियम और शर्त भी आवेदन में कमी का एक कारण बनी हुई है।