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Tuesday, October 1, 2024

माध्यमिक शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और स्वच्छ कार्य संस्कृति के लिए DGSE के सख्त निर्देश जारी, कार्यालयों में सीसीटीवी और बायोमेट्रिक हुई अनिवार्य

माध्यमिक शिक्षा के मंडलीय और जिलास्तरीय दफ्तरों में भी अब होगी बायोमीट्रिक हाजिरी, देखें आदेश 

लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में  शिक्षकों के कड़े विरोध के बाद अब माध्यमिक शिक्षा के मंडल व जिला स्तर के दफ्तरों में कर्मचारियों की बायोमीट्रिक हाजिरी लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यालय से बाहर आने-जाने वाले कर्मचारियों व बाहर से आने वाले लोगों के नाम भी एक रजिस्टर में दर्ज किए जाएं। 

महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से मंडल व जिला स्तरीय कार्यालयों में पारदर्शी कार्य संस्कृति को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि मंडल व जिला स्तरीय कार्यालयों में सभी कर्मचारियों की बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज की जाए। अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यालय कक्ष व अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से लगाया जाए।


माध्यमिक शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और स्वच्छ कार्य संस्कृति के लिए DGSE के सख्त निर्देश जारी, कार्यालयों में सीसीटीवी और बायोमेट्रिक हुई अनिवार्य

लखनऊ, 28 सितंबर 2024
प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग में पारदर्शी और स्वच्छ कार्य संस्कृति स्थापित करने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, कंचन वर्मा द्वारा जारी इस पत्र में मंडल और जनपद स्तर के कार्यालयों में स्वच्छ और प्रभावी कार्य प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशानिर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य जनसामान्य, शिक्षकों और कर्मचारियों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करना है।

शासन के आदेश के तहत सभी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे, और उनकी रिकॉर्डिंग को नियमित रूप से सुरक्षित रखा जाएगा। यह कदम भ्रष्टाचार और कार्यालयों में अनुशासनहीनता पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके साथ ही, कार्यालय में काम करने वाले सभी कर्मचारियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई है, ताकि कर्मचारियों की नियमितता और अनुशासन सुनिश्चित हो सके।

आदेश में यह भी कहा गया है कि कार्यालय में संदिग्ध व्यक्तियों और अवैधानिक गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाए। आगंतुक पंजिका और गमनागमन पंजिका की व्यवस्था को भी अनिवार्य किया गया है, जिससे कार्यालय में अनावश्यक आवाजाही पर नियंत्रण हो सके। 

महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए, ताकि जनसामान्य, शिक्षक, और कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कार्यालय में आने वाले जन प्रतिनिधियों और आगंतुकों की समस्याओं को विनम्रता से सुनने और नियमों के अनुसार उनका समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस आदेश का सबसे अहम पहलू यह है कि कार्यदिवस के दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों के मण्डलीय या जनपदीय कार्यालयों में अनावश्यक रूप से घूमने पर रोक लगाई गई है, ताकि विद्यालयों में पठन-पाठन कार्य बाधित न हो। कार्यालयों में अनावश्यक बाहरी व्यक्तियों के आने पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया गया है।




क्या इन निर्देशों से आएगी कार्य संस्कृति में सुधार?

शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता पर लगाम लगाने के इस प्रयास को सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन सवाल उठता है कि क्या इन सख्त निर्देशों से कार्य संस्कृति में वास्तविक सुधार होगा या यह सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएगा? 

सरकार की यह पहल जनसामान्य को बेहतर और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। अब देखना यह है कि इन सख्त निर्देशों का वास्तविक प्रभाव कार्यालयों में कब और कैसे दिखाई देता है।

Saturday, September 28, 2024

डीजीएसई कार्यालय की सुस्ती से मृतक आश्रित कर्मियों की समस्याओं का समाधान लंबित, शासन ने तीसरी बार भेजा अनुस्मारक

डीजीएसई कार्यालय की सुस्ती से मृतक आश्रित कर्मियों की समस्याओं का समाधान लंबित, शासन ने तीसरी बार भेजा अनुस्मारक


लखनऊ, 28 सितंबर 2024
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में मृतक आश्रित के रूप में नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की समस्याओं के निराकरण को लेकर शासन द्वारा लगातार निर्देश जारी किए जा रहे हैं, परंतु समस्याओं का समाधान अभी भी लंबित है। इस संदर्भ में शासन ने तीसरी बार अनुस्मारक भेजते हुए संबंधित जानकारी और प्रस्ताव त्वरित रूप से मांगा है।

शासन के पत्र क्रमांक 1/448504/2023 और 1/499049/2024, दिनांक 14 दिसंबर 2023 और 19 फरवरी 2024, के अंतर्गत संबंधित अधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद, अब तक यह सूचना शासन तक नहीं पहुंच पाई है। 

उल्लेखनीय है कि मृतक आश्रित चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की मांगों और समस्याओं के समाधान हेतु प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में 16 जुलाई 2024 को एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक के कार्यवृत्त के अनुसार, समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद, शासन को संबंधित आख्या अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।

शासन ने अब इस प्रकरण पर गंभीरता दिखाते हुए 27 सितंबर 2024 को तीसरी बार अनुस्मारक जारी किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि सभी संबंधित अधिकारियों को 02 कार्यदिवस के भीतर आख्या और प्रस्ताव शासन को प्रस्तुत करने होंगे। 

सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे के लंबित होने के कारण कई चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे कर्मियों में असंतोष व्याप्त है। 

अब देखना होगा कि इस बार शासन के सख्त रुख के बाद क्या बेसिक शिक्षा विभाग त्वरित कार्रवाई कर इन कर्मियों की समस्याओं का समाधान करता है या यह मुद्दा और लंबित रहेगा। 


Thursday, July 18, 2024

DGSE और शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक संघर्ष मोर्चे की बैठक सकारात्मक लेकिन रही बेनतीजा, बैठक का परिणाम 29 जुलाई के पहले नहीं आया तो संयुक्त मोर्चा निदेशालय में करेगा धरना प्रदर्शन

DGSE और शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक संघर्ष मोर्चे की बैठक सकारात्मक लेकिन रही बेनतीजा

बैठक का परिणाम 29 जुलाई के पहले नहीं आया तो संयुक्त मोर्चा निदेशालय में करेगा धरना प्रदर्शन


लखनऊ । अवकाश के बावजूद बुधवार को डीजी स्कूल शिक्षा की पहल पर शिक्षक संगठनों के साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही। हालांकि बैठक में तत्काल कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। अलबत्ता शिक्षक नेताओं को बेहतर निर्णय का आश्वासन जरूर मिला। हालांकि बैठक के दौरान मोर्चे की ओर से स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि बैठक सकारात्मक रही, मगर इस बैठक का परिणाम यदि 29 जुलाई के पहले सकारात्मक नहीं आया तो संयुक्त मोर्चा के पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 29 जुलाई को प्रदेश भर शिक्षक़ लखनऊ पहुंच कर धरना-प्रदर्शन करेंगे।


मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर (डीजी) कंचन वर्मा ने शिक्षक, शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों के संयुक्त मंच 'संयुक्त संघर्ष मोर्चा' को अवकाश के दिन बुधवार को बातचीत के बुलाया था। स्कूल शिक्षा महानिदेशक कार्यालय में मोर्चे के सभी घटकों के साथ हुई इस बातचीत में संयुक्त मोर्चा के मांगपत्र पर महानिदेशक के साथ बिंदुवार विधिवत चर्चा हुई। 


महानिदेशक ने बिंदुवार चर्चा कर मोर्चा प्रतिनिधियों को आस्वस्त किया कि जो प्रकरण उनके स्तर का है, उसे वे अपने स्तर से जल्द निस्तारित कर देंगे। वहीं जो प्रकरण नीतिगत है और शासन स्तर से जिसका समाधान होना है। मसलन शिक्षा मित्र एवं अनुदेशकों के मानेदेय से जुड़े मामले को वे प्रस्ताव के रूप में शासन और सरकार को भेज देंगी।


कई मांगें रखी गईं

बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने डीजी के सामने संगठन की मांग रखी कि हाफ डे सीएल, 31 ईएल, कैशलेश चिकित्सा, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को समान कार्य के समान वेतन अथवा मानदेय दिए जाएं। इस मुद्दे पर डीजी की ओर से शीघ्र ही विचार कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया।


कार्यवृत्त जारी किया जाए

मोर्चे के सदस्यों ने बैठक में दिए गए आश्वासनों व सहमति को लेकर कार्यवृत्त जारी करने की मांग की, जिस पर डीजी ने कल तक निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद मोर्चे के सदस्यों ने कहा कि आज की वार्ता में जो सहमति बनी है। उस पर अगर 28 जुलाई तक आवश्यक कार्रवाई या आदेश नहीं हुआ तो 29 को घेराव होगा।


स्कूल शिक्षा महानिदेशक के साथ वार्ता में ये रहे मौजूद

डीजी के साथ वार्ता में संयुक्त मोर्चा के संयोजक मंडल के प्रदेश अध्यक्ष जूनियर संघ योगेश त्यागी, प्राथमिक शिक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष सुशील पांडेय, बिशिष्ट बीटीसी प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी, बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव, प्रदेश सचिव संयुक्त मोर्चा दिलीप चौहान, टीएससीटी अध्यक्ष विवेकानंद, शिक्षामित्र संघ के महामंत्री सुशील यादव, हरिनाम सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंगेश यादव, अटेवा के विक्रमादित्य मौर्या, विश्वनाथ मौर्या, सुधेश पांडेय मौजूद थे।



लिखित आश्वासन न मिलने पर 29 को निदेशालय घेरेंगे शिक्षक

लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस का निर्णय अगले आदेश तक स्थगित होने के बाद बुधवार को शिक्षक संगठनों की महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा के साथ बैठक हुई। इसमें शिक्षकों ने ईएल, सीएल, हाफ डे, कैशलेश चिकित्सा सुविधा, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों को समान कार्य समान वेतन देने आदि मुद्दों पर बात की।

बैठक में अधिकारियों ने इस मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया, तो शिक्षक संगठनों ने कहा कि मांगों से संबंधित लिखित आश्वासन न मिलने पर वह 29 जुलाई को निदेशालय का घेराव करेंगे। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा की शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के सभी घटक संगठनों की बैठक निदेशालय में हुई।

विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने बताया कि महानिदेशक ने कहा कि हाफ डे व ईएल-सीएल को लेकर शासन से वार्ता की जाएगी। मेडिकल सुविधा को लेकर वार्ता की जा रही है। शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को समान कार्य के लिए समान वेतन मामले में एक कोर्ट केस है। इसे ध्यान में रखते हुए शासन को आवश्यक प्रस्ताव भेजा जाएगा। शिक्षकों की अन्य मांगों पर भी वार्ता के बाद उन्होंने सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संघ योगेश त्यागी ने कहा कि शिक्षकों ने कहा कि हमारी अवकाश तालिका में जयंती, राष्ट्रीय पर्व व रविवार का अवकाश भी शामिल हैं। उन्हें भी हटाया जाए। 

Thursday, July 11, 2024

सुर्खियों में हरदोई की वर्तमान और पूर्व BSA का विवाद, नई BSA को विभागीय दायित्व न सौंपने पर पत्र लिख DGSE से की गई शिकायत


सुर्खियों में हरदोई की वर्तमान और पूर्व BSA का विवाद, नई BSA को विभागीय दायित्व न सौंपने पर पत्र लिख DGSE से की गई शिकायत

पूर्व बीएसए पर कार्य में बाधा डालने और अफवाह फैलाने का लगा आरोप, शासन तक पहुंचा मामला

पूर्व BSA विजय प्रताप सिंह ने नए BSA को नहीं सौंपा CUG नंबर, आवास और विभाग की गाड़ी


उत्तर प्रदेश का बेसिक शिक्षा विभाग आजकल सुर्खियों में है। पहले शिक्षकों की ऑनलाइन हजारी को लेकर तो अब अपने ही दो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के बीच के विवाद को लेकर विभाग चर्चा में है। दरअसल, उत्तर प्रदेश में तबादला नीति के तहत बेसिक शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षा अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।


जिसके तहत हरदोई के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह का स्थानांतरण हरदोई से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय कर दिया गया। वहीं, हरदोई में रतन कीर्ति को नई तैनाती दी गई और उन्होंने ज्वाइन किया। सरकारी नंबर और विभागीय गाड़ी नए बीएसए को नहीं दिया गया।

दरअसल, हरदोई की नई बेसिक शिक्षा अधिकारी के द्वारा डीजी बेसिक शिक्षा को पत्र लिख पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह की शिकायत की गई। लिखा गया कि विजय सिंह द्वारा विभागीय दायित्वों को सौंपने में सहयोग नहीं किया गया।

फिलहाल शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों के विवाद में पूरे हरदोई जिले के सभी विद्यालयों में शिक्षा प्रभावित है। शासन ने गंभीर मानते हुए विभागीय जांच गठित कर दी 


3 जुलाई को पदभार ग्रहण करने के बाद से पूर्व बीएसए विजय प्रताप सिंह और नई बीएसए रतन कीर्ति के बीच आपसी तनातनी देखने को मिल रही है। बीएसए विजय प्रताप सिंह के तबादले के बाद जनपद में एक बार चर्चा जोरों से हुई कि बीएसए विजय प्रताप सिंह ने अपना तबादला रुकवा लिया है और वही अब हरदोई के बीएसए बने रहेंगे।हालाँकि इस बाबत कोई भी शासनादेश जारी नहीं हुआ जबकि नई बीएसए रतन कीर्ति ने 3 जुलाई को पदभार ग्रहण किया और लगातार स्कूलों का निरीक्षण भी कर रही हैं।

इन सबके बीच रतन कीर्ति ने एक पत्र जारी कर तत्कालीन बीएसए पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रतन कीर्ति ने कहा कि 3 जुलाई को पदभार ग्रहण करने के बाद तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह का रवैया उनके प्रति सहयोगात्मक नहीं रहा।उनके द्वारा लगातार झूठी अफवाहें फैलाई जा रही है कि वह पुनः जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरदोई के पद पर आसीन होने वाले हैं साथ ही उनके द्वारा सीयूजी नंबर, विभागीय गाड़ी व विभागीय आवास अब तक उनको नहीं दिया गया है। बीएसए रतन कीर्ति ने तत्कालीन बीएसए विजय प्रताप सिंह पर आरोप लगाया है कि उनके द्वारा विभागीय कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि उन्हें किसी प्रकार से कार्यालय में कोई कार्य सुचारू रूप से न करने दिया जाए।

बीएसए रतन कीर्ति ने कहा कि वह प्रतिदिन सुबह 9:30 पर कार्यालय पहुंच जाती हैं मोबाइल न होने और लगातार तत्कालीन बीएसए के दखल से स्कूल से संबंधित कार्यों को करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है और साथ ही मानसिक पीड़ा उठानी पड़ रही है। हरदोई के बेसिक शिक्षा विभाग में दो बेसिक शिक्षा अधिकारियों के बीच चल रही खींचतान का मामला शासन तक पहुंच गया है।

जानकारी के मुताबिक बीएसए रतन कीर्ति ने शासन को तत्कालीन बीएसए विजय प्रताप सिंह की शिकायत की है जिसे शासन ने गंभीर मानते हुए विभागीय जांच गठित कर दी है। हरदोई के तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह की कार्यशाली को लेकर पहले भी कई बार सवाल खड़े हो चुके हैं। 

Wednesday, December 6, 2023

माता-पिता के देहावसान पर '15 दिवसीय अंतिम संस्कार अवकाश' अवकाश की मांग को लेकर राजकीय शिक्षक संघ ने DGSE को लिखा पत्र

माता-पिता के देहावसान पर '15 दिवसीय अंतिम संस्कार अवकाश' अवकाश की मांग को लेकर राजकीय शिक्षक संघ ने DGSE को लिखा पत्र


Sunday, November 26, 2023

DGSE का आदेश दरकिनार, शिक्षक निदेशालय में संबद्ध

DGSE का आदेश दरकिनार,  शिक्षक निदेशालय में संबद्ध

• संवद्ध शिक्षकों/कार्मिकों को कार्यमुक्त कर आख्या देने के दिए हैं निर्देश
• इसके चलते मूल विद्यालय/ कार्यालय में अनावश्यक रूप से उत्पन्न हो रही हैं समस्याएं


प्रयागराजः अनियमित रूप से जिला मुख्यालय, मंडल कार्यालयों एवं अन्य कार्यालयों में संबद्ध शिक्षक/कार्मिकों की संबद्धता महानिदेशक (डीजी) विजय किरन आनन्द के निर्देश के बावजूद खत्म नहीं की गई। शिक्षा निदेशालय तक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एवं शिक्षक संबद्ध बने हुए हैं। इस मामले कई शिकायतें मिलने के बाद डीजी ने प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पिछले महीने निर्देश दिए थे कि संबद्ध कार्मिकों को उनके मूल तैनाती स्थल के कार्यमुक्त किया जाए।


एक तरफ विद्यालयों में शिक्षकों व कार्मिकों की कमी है तो दूसरी तरफ अनियमित संबद्धता देकर अराजकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे जहां विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है, वहीं कार्यालयों में संबद्ध शिक्षकों व कार्मिकों की कार्यशैली को लेकर शिकायतें बढ़ रही हैं। 


शिक्षा निदेशालय में राजकीय विद्यालयों के शिक्षक व कार्मिक को संबद्ध किए जाने से वहां नियुक्त स्थाई कार्मिकों के कामकाज में हस्तक्षेप के चलते नाराजगी बढ़ रही है। इसके अलावा प्रयागराज सहित कुछ जनपदों में शिक्षकों की संबद्धता विवाद का विषय बन रही है। हमीरपुर में मारपीट तक की घटना हो चुकी है।


 इन सबके चलते महानिदेशक ने  पिछले माह सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेजा था, उसमें बताया था कि प्रदेश मुख्यालय पर कतिपय गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि विभिन्न विद्यालयों या अधीनस्थ कार्यालयों में मूल रूप में तैनात शिक्षक/कार्मिक को अनियमित रूप से अन्य कार्यालय/ विद्यालयों में संबद्ध किया गया है।


 इसके चलते मूल विद्यालय/ कार्यालय में अनावश्यक रूप से समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इसे उन्होंने शासकीय नियमों के विपरीत बताया था। साथ ही निर्देश दिए थे कि विभागीय आदेशों के क्रम में प्रशासनिक/विद्यालय संचालन की आवश्यकता के कारण तैनात किए गए शिक्षकों को छोड़कर अन्य सभी संबद्ध शिक्षकों/कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर उसकी आख्या ई-मेल पर देने के निर्देश दिए थे। करीब एक महीने बाद भी कई शिक्षक/कार्मिक डीआइओएस कार्यालय, अन्य कार्यालय एवं निदेशालय तक में संबद्ध हैं।

Tuesday, October 17, 2023

माध्यमिक शिक्षकों और कर्मचारियों के संबद्धिकरण पर DGSE की निगाह, सभी डीआइओएस को कार्यवाई का निर्देश

माध्यमिक शिक्षकों और कर्मचारियों के संबद्धिकरण पर DGSE की निगाह, सभी डीआइओएस को कार्यवाई का निर्देश 


लखनऊ। माध्यमिक विद्यालय में तैनात शिक्षकों- कर्मचारियों के मूल तैनाती से इतर दूसरे कार्यालय विद्यालयों में संबद्ध करने का मामला शासन के संज्ञान में आया है। इनको जिला मंडल मुख्य कार्यालय से संबद्ध किया गया है। 


शासन ने न सभी डीआईओएस को इस पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। महानिदेशक स्कूल शिवा विजय किरन आनंद ने सभी डीआईओएस को निर्देश दिया जाए कि प्रशासनिक विद्यालय चलाने की आवश्यकता के कारण तैनात किए गए शिक्षकों को छोड़कर अन्य सभी शिक्षक कर्मचारियों की संबद्धता समाप्त की जाए। जिला मुख्यालय मंडल कार्यालय में संबद्ध शिक्षक- कर्मचारियों को तुरंत कार्यमुक्त किया जाए।



Monday, October 16, 2023

यूपी की शैक्षणिक सामग्री पूरे देश में मुख्य सामग्री के रूप में जानी जाए, NGO पार्टनर मीट कार्यक्रम में बोले DGS विजय किरण आनंद

यूपी की शैक्षणिक सामग्री पूरे देश में मुख्य सामग्री के रूप में जानी जाए... NGO पार्टनर मीट कार्यक्रम में बोले DGS विजय किरण आनंद


उत्तर प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ में एक दिवसीय एन.जी.ओ.पार्टनरशिप मीट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 20 संस्थाओं ने भाग लिया और अपने कार्यों की प्रस्तुति की। इसका मुख्य उद्देश्य था शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग और समझौते को मजबूत करके बच्चों को गुणवत्ता से शिक्षा प्रदान करना। इसके साथ ही, शिक्षा विभाग ने बेहतर प्रयासों को साझा किया और संयुक्त प्रयास करने का वादा किया।


लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य में शिक्षा को बढ़ावा देने तथा तकनीकी शिक्षण के माध्यम से बच्चों के बेहतर विकास के लिए लखनऊ में एक दिवसीय एन.जी.ओ.पार्टनरशिप मीट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 20 संस्थाओं ने सहभागिता कर अपने कार्यों की प्रस्तुति प्रदान की। विभिन्न संस्था से आए साथियों ने अपने कार्यों की प्रदर्शनी लगाकर उनकी उपलब्धियों को साझा किया।


एन.जी.ओ.पार्टनरशिप मीट कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था शिक्षा के क्षेत्र में साथी संगठनों के बीच सहयोग और समझौते को मजबूत करके बच्चों को गुणवत्ता से शिक्षा प्राप्त कराने के लिए संयुक्त प्रयास करना था। कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रयासों को साझा किया। 


शिक्षा विभाग ने शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे प्रतिबंधों के समाधान के लिए साथी संस्थाओं के साथ सहयोग करने का वादा किया और माध्यमिक शिक्षा विभाग के साथ मिलकर विभिन्न शिक्षा संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और उनका समाधान निकालने की दिशा निर्देश दिया किया।


कार्यक्रमों में मौजूद सभी संगठनों के कार्यों की सराहना करते हुए महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश विजय किरण आनंद कहा की , "सभी साथी संस्थाओं को कार्यक्रमों के माध्यम से लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। ज्यादातर संस्थाओं के पास बेहतर सामग्री मौजूद है, जिससे हम बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर निपुण बना सकते है। हम सभी को मिलकर नए तरह के शिक्षण सामग्री बनाने पर बल देना चाहिए। हमारा सपना और संकल्प है उत्तर प्रदेश का शैक्षणिक सामग्री पुरे देश में मुख्य सामग्री के रूप में जाना जाए।"


राज्य परियोजना निदेशक (आई.ए.एस), समग्र शिक्षा (माध्यमिक) रुपेश कुमार ने कहा, "राज्य में संस्था द्वारा किए जा रहें सराहनीय है और संस्था के विभिन्न शिक्षण सहायक सामग्री तथा नई तकनीकों के माध्यम से बच्चों को आधुनिकीकरण की ओर अग्रसर किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में हम बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकेंगे।"


कार्यक्रम में उपस्थित सभी संस्था साथियों को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए एजुकेट गर्ल्स संस्था के स्टेट ऑपरेशन्स लीड नीतिन झा ने कहा, 'हम सभी बच्चों के विकास के लिए अथक प्रयासों से बच्चों को स्कूल से जोड़कर नए भारत के निर्माण में अपना सहयोग प्रदान कर सकते है। बच्चों के सपनों को साकार करने के लिए एकजुट जो कर काम कर सकते है।'


इस कार्यक्रम में विष्णु कांत पांडेय (अपर राज्य परियोजना निदेशक), सांत्वना तिवारी (संयुक्त निदेशक), शिवलाल (संयुक्त निदेशक), भगवत पटेल (संयुक्त निदेशक), दीपचंद (उप निदेशक), प्रेमचंद्र यादव (उप शिक्षा निदेशक), प्रतिमा सिंह सहायक निदेशक, एजुकेट गर्ल्स से अलका सिंह, आदित्य एवं टीम के अन्य सदस्यों ने प्रतिभाग किया।

Tuesday, October 10, 2023

शिक्षक बोले- सरकार से नहीं अफसरों से है हमारी नाराजगी, प्रदेश के बेसिक व माध्यमिक शिक्षकों ने दिखाई ताकत, हजारों शिक्षकों ने राजधानी में किया प्रदर्शन और दिया धरना

16 अक्तूबर को शासन के उच्च अधिकारियों से होगी वार्ता

शिक्षकों ने मांग पत्र महानिदेशक को सौंपा, महानिदेशक ने शिक्षक नेताओं के प्रतिनिधिमण्डल से मुलाकात कर दिया आश्वासन 


लखनऊ । लखनऊ में शिक्षकों ने सोमवार को शिक्षा निदेशालय में प्रदर्शन किया। दोपहर दो बजे स्कूल महानिदेशक ने शिक्षक नेताओं के प्रतिनिधिमण्डल से मुलाकात की। वार्ता बैठक में आश्वासन दिया कि निदेशालय स्तर पर लंबित मांगें जल्द पूरी कर दी जाएंगी।


"नीतिगत निर्णयों के लिए 16 अक्तूबर को शिक्षक नेताओं के प्रतिनिधिमण्डल की शासन के उच्च अधिकारियों से वार्ता कराएंगे। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित 18 सूत्री मांग पत्र उन्हें दिया । शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन के चलते शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चौपट हो गई। ट्रैफिक विभाग के पास पहले से कोई प्लान नहीं था और अंदाजा भी नहीं था कि इतने शिक्षक आ जाएंगे।


अधिकारी सिर्फ आश्वासन ही देते रहे

प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को अधिकारियों ने बंधुआ मजदूर बना दिया है। जब चाहें स्कूल खोल कर शिक्षकों को बुला लेते हैं। शिक्षकों ने स्कूल महानिर्देशक के आदेशों पर नाराजगी जतायी। एक माह में शिक्षकों की मांगों का निराकरण नहीं किये जाने पर बड़ा आन्दोलन होगा। 


अफसरों पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उप्र शिक्षक संघ और उप्र माध्यमिक शिक्षक के नेतृत्व में सोमवार सुबह सात बजे से ही शिक्षकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। 10 बजे तक निदेशालय परिसर खचाखच भर गया। शिक्षक नेताओं ने स्कूल महानेदशक विजय किरण आनंद के दोपहर एक बजे तक निदेशालय न आने पर नाराजगी जताई। मंच से ऐलान कर दिया कि दो बजे तक महानिदेशक वार्ता के लिए नहीं आए तो शिक्षक विधान भवन का घेराव करेंगे। इसके कुछ देर बाद ही स्कूल महानिदेशक दफ्तर पहुंचे और वार्ता के लिए शिक्षक संगठन के प्रतिनिधियों को बुलाया।


ये हैं प्रमुख मांगें

■ पुरानी पेंशन की बहाली

■ राज्य कर्मियों की तरह उपार्जित, द्वितीय शनिवार, प्रतिकर व अध्ययन अवकाश, कैशलेस चिकित्सा

■ माध्यमिक शिक्षकों की सेवा सुरक्षा संबंधी धारा 21, धारा 18 एवं धारा 12 की बहाली

■ प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक की पदोन्नति एवं तैनाती, सभी शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान, 10 लाख रुपए का सामूहिक बीमा

■ वित्त विहीन स्कूलों के शिक्षकों को समान कार्य, समान वेतन दिया जाये

■ तदर्थ शिक्षकों विनियमित कर नियमित वेतन भुगतान किए जाये



शिक्षक बोले- सरकार से नहीं अफसरों से है हमारी नाराजगी

प्रदेश के बेसिक व माध्यमिक शिक्षकों ने दिखाई ताकत, हजारों शिक्षकों ने राजधानी में किया प्रदर्शन और दिया धरना



लखनऊ: प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों ने सोमवार को लखनऊ में अपनी ताकत दिखाई। उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में उन्होंने महानिदेशक स्कूली शिक्षा कार्यालय पर प्रदर्शन किया और वहीं धरने पर बैठ गए। 


लखनऊ के अलावा अलीगढ़ आगरा, आजमगढ़, कानपुर, गोरखपुर, चित्रकूट, झांसी, देवीपाटन, विंध्याचल, वाराणसी, अयोध्या, बस्ती, बरेली, मुरादाबाद मेरठ, सहारनपुर मंडल से करीब 20 हजार शिक्षक और पदधिकारी इस प्रदर्शन में शामिल थे।



महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद दोपहर एक बजे तक कार्यालय नहीं आए, जिससे नाराज शिक्षक नेताओं ने मंच से घोषणा की कि दो बजे तक वह वार्ता के लिए नहीं आते हैं तो शिक्षक विधानभवन की और कूच करेंगे। इसके बाद महानिदेशक ने महासंघ के प्रतिनिधियों को बुलाकर वार्ता की तब धरना खत्म हो सका। 


बातचीत में तय हुआ कि शिक्षकों की मांगों को लेकर 16 अक्टूबर को शासन स्तर पर उच्च अधिकारियों से वार्ता होगी। धरने पर बैठे शिक्षक नेताओं ने कहा कि वे सरकार के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उनका आक्रोश शिक्षा अधिकारियों के रवैये को लेकर है। 


महासंघ के अध्यक्ष डा. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि अधिकारी भ्रम फैला रहे हैं कि शिक्षक सरकार से नाराज हैं। इसी भ्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी बेसिक शिक्षकों को अपमानित कर रहे हैं। आज शिक्षकों ने अपने प्रदर्शन से दिखाया है कि शिक्षक सरकार से नहीं हैं, बल्कि शिक्षा अधिकारी से नाराज हैं। 


पदाधिकारियों ने कहा कि धरना एक माह के लिए स्थगित किया जाता है। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तो फिर धरना देंगे धरने को महासंघ के संयोजक सुरेश कुमार त्रिपाठी, विधान परिषद में शिक्षक दल के नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने भी संबोधित किया।


उप्र शिक्षक महासंघ के संयोजक सुरेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि माध्यमिक शिक्षकों की सेवा सुरक्षा संबंधी धारा 21 सेवा चयन आयोग से हटाकर शिक्षकों को प्रबंधतंत्र का गुलाम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षक इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।

विधान परिषद में शिक्षक दल के नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा द्वारा किए जा रहे शिक्षक विरोधी कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री से मिलकर दी जाएगी। कहा कि शिक्षकों का अपमान करने वाले अधिकारियों का विरोध किया जाएगा।

आकस्मिक अवकाश लेकर धरना देने आए शिक्षकों से DGSE नाराज, आज पूरे प्रदेश के शिक्षकों की हाजिरी जांच कर मांगी रिपोर्ट

धरना दे रहे शिक्षकों की आज हाजिरी चेक करेगा बेसिक शिक्षा विभाग

स्कूल महानिदेशक विजय किरन आनंद ने जताया कड़ा एतराज

सभी बीएसए को मंगलवार को स्कूलों में चेकिंग करने के निर्देश


प्रदेश भर के अलग-अलग स्कूल से एक दिन का अवकाश लेकर भारी संख्या में लखनऊ धरना देने पहुंचे प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों की बुधवार को उनके विद्यालयों में हाजिरी चेक की जाएगी। मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर अचानक से भारी संख्या में बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव करने पहुंचे इन शिक्षकों की वजह से बेसिक शिक्षा निदेशालय में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हुआ। निदेशालय में पूरे दिन अफरातफरी का माहौल रहा। स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने इसे गंभीरता से लिया है और मंगलवार को प्रदेश भर में शिक्षकों की हाजिर की जांच करने के निर्देश दिए हैं।


एक साथ इतने शिक्षकों का अवकाश क्यों हुआ मंजूर

शिक्षकों के धरने के दौरान निदेशालय में बैठे तमाम अधिकारी शासन की बैठकों में नहीं जा सके जबकि बाहर से भी कोई निदेशालय में नहीं पहुंच पाया। कामकाज प्रभावित होने से आहत महानिदेशालय ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों से लेकर सभी जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट्स) के प्राचार्यों एवं खण्ड शिक्षा अधिकारियों को कड़ा पत्र भेजकर नाराजगी जाहिर की है।


 स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद के निर्देश पर सभी संबंधितों को पत्र भेजकर महानिदेशालय ने पूछा है कि एक साथ एक ही दिन इतनी अधिक संख्या में शिक्षकों को निदेशालय के घेराव के लिए अवकाश कैसे स्वीकृत कर दिया गया। अगर एक साथ समूह कर अवकाश लिया गया है तो इसकी सूचना महानिदेशालय को क्यों नहीं दी गई।


महानिदेशालय को सामूहिक अवकाश की क्यों नहीं दी जानकारी

सभी संबंधितों को भेजे पत्र में कहा गया है कि सोमवार नौ अक्तूबर को बेसिक शिक्षा निदेशालय लखनऊ में शिक्षक संगठनों के तहत काफी संख्या में शिक्षकों द्वारा घेराव किया गया है और सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न की गई। आश्चर्य है कि इतनी बड़ी संख्या में आप द्वारा शिक्षकों का एक दिन का अवकाश स्वीकृत करते समय किसी भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अथवा अन्य द्वारा अधोहस्ताक्षरी या महानिदेशालय को अवगत नहीं कराया गया। इस प्रकार एक अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न की गई है।


 अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि कल 10 अक्तूबर को प्रातः नौ बजे सभी विद्यालयों में स्थलीय निरीक्षण कराते हुए इन शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। यदि शिक्षक विद्यालय से अनुपस्थित पाए जाते हैं तो उनका उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में इस प्रकार की प्रवृत्ति की पुनरावृत्ति न हो।


आकस्मिक अवकाश लेकर धरना देने आए शिक्षकों से DGSE नाराज, आज पूरे प्रदेश के शिक्षकों की हाजिरी जांच कर मांगी रिपोर्ट


लखनऊ । प्रदेश भर के प्राइमरी स्कूलों से सोमवार को अवकाश लेकर भारी संख्या में लखनऊ स्थित महानिदेशालय में धरना देने पहुंचे शिक्षकों के रवैए पर स्कूल महानिदेशक विजय किरन आनंद ने नाराज़गी जताई है। उन्होंने प्रदेश भर के बीएसए को पत्र लिखते हुए पूछा है सामूहिक अवकाश कैसे दिया गया और मुख्यालय को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई। 


उन्होंने मंगलवार को प्रदेश भर के प्राइमरी शिक्षकों की हाजिरी की जांच कर रिपोर्ट मांगी है। मांगों को लेकर भारी संख्या में बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव करने पहुंचे इन शिक्षकों की वजह से निदेशालय में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित रहा। शिक्षकों के धरने के दौरान निदेशालय में बैठे तमाम अधिकारी शासन की बैठकों में नहीं जा सके। 


इस पर महानिदेशालय ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों से लेकर सभी जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट्स) के प्राचार्यों एवं खण्ड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर नाराजगी जाहिर की है। उनके निर्देश पर सभी संबंधितों को पत्र भेजकर महानिदेशालय ने पूछा है कि एक साथ इतने अधिक संख्या में शिक्षकों को निदेशालय के घेराव के लिए अवकाश कैसे स्वीकृत कर दिया गया? 

Tuesday, September 26, 2023

DGSE ने की यूपी बोर्ड तैयारियों की समीक्षा, शिक्षा निदेशालय भी पहुंचे

DGSE ने की यूपी बोर्ड तैयारियों की समीक्षा,  शिक्षा निदेशालय भी पहुंचे


प्रयागराजः महानिदेशक (डीजी) स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद सोमवार शाम को यूपी बोर्ड मुख्यालय और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पहुंचे। मुख्यालय में बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। सचिव दिव्यकांत शुक्ल से अब तक की गई तैयारियों की जानकारी लेने के बाद बोर्ड परीक्षा में तकनीकी उपयोग बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया।


उन्होंने कहा कि एप बनाकर विद्यालयों का आधारभूत विवरण अपलोड कराएं। इसमें विशेष रूप से कक्ष की जानकारी हो। तकनीक के उपयोग से परीक्षा की आनलाइन निगरानी बढ़ाई जानी है। बोर्ड परीक्षा की देनदारियां व पारिश्रमिक आदि के लंबित मामले निस्तारित कराने के लिए बोर्ड सचिव तथा वित्त नियंत्रक को निर्देश दिए।

Sunday, June 25, 2023

DGSE के निर्देश पर समस्याओं के निदान हेतु कोई कार्यवाही न होने से RSM खफा, अब तक की प्रगति से अवगत कराने की रखी मांग

DGSE के निर्देश पर समस्याओं के निदान हेतु कोई कार्यवाही न होने से RSM खफा, अब तक की प्रगति से अवगत कराने की रखी मांग 


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मांगों के न पूरे होने पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा  चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा के बाद DGSE ने बेसिक शिक्षा निदेशक और सचिव परिषद को एक सप्ताह में कार्यवाही का दिया निर्देश





DGSE द्वारा दिए गए ज्ञापनों, अनुस्मारको पर समय सीमा के अंदर कोई कार्यवाही न करने तथा संगठन को अनौपचारिक रूप से अवगत न करने के कारण RSM आगबबूला, की चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा।






राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश ( प्राथमिक संवर्ग ) द्वारा किए जाने वाले आंदोलन की उद्घोषणा के संबंध में



RSM उत्तर प्रदेश ( प्राथमिक संवर्ग) द्वारा समय-समय पर दिए गए ज्ञापनों /अनुस्मारकों के निराकरण हेतु अनुरोध

Monday, November 28, 2022

शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों से जुड़े कार्यों में कोई प्रगति न होने से नाराज DGSE ने बेसिक शिक्षा परिषद सचिव और वित्त नियंत्रक को थमाई कारण बताओ नोटिस

शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों से जुड़े कार्यों में कोई प्रगति न होने से नाराज DGSE ने बेसिक शिक्षा परिषद सचिव और वित्त नियंत्रक को थमाई कारण बताओ नोटिस


परिषदीय शिक्षकों का ट्रांसफर फंसा, सचिव को नोटिस

परिषदीय शिक्षकों के ग्रामीण से शहरी क्षेत्र में तबादले की प्रक्रिया आगे न बढ़ने समेत अन्य कार्यों में प्रगति न होने से नाराज महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल को कारण बताओ नोटिस दिया है।



वित्त नियंत्रक रविन्द्र कुमार से भी जवाब तलब किया है। 17 नवंबर को जारी नोटिस में विभिन्न कार्यों के लिए पिछले तीन महीने में लगातार निर्देश देने के बावजूद कोई प्रगति नहीं होने पर महानिदेशक ने नाराजगी जताई है।


ग्रामीण इलाके से शहरी क्षेत्र में अध्यापकों के तबादले, मृतक आश्रित नियुक्ति के लिए मानव सम्पदा पोर्टल पर प्रावधान और शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही को ऑनलाइन, समयबद्ध एवं पारदर्शी बनाने का प्रस्ताव नहीं भेजा गया। शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई ढीली है। शिक्षकों को जीवन बीमा पॉलिसी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विसंगतियां दूर कर कार्यवाही से अवगत नहीं कराया गया है।


नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के अंतर्गत कटौती व उसके सापेक्ष नियोजक का अंशदान संबंधित शिक्षक के एनपीएस खातों में प्रेषित किए जाने की प्रगति से भी अवगत नहीं कराया गया है। बच्चों के आधार प्रमाणीकरण के लिए शहरी क्षेत्र में जहां आधार किट उपलब्ध नहीं है और जहां आधार किट्स क्रियाशील नहीं है, वहां यूआईडीए की ओर से उपलब्ध कराई गई धनराशि से आधार किट्स उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित करने के बावजूद अब तक काम पूरा नहीं किया गया है।


शिक्षकों के जो प्रत्यावेदन जिलों से अपील के माध्यम से अथवा सामान्य शिकायतों के माध्यम से सचिव को भेजे जाते हैं, उनके निस्तारण में सचिव कार्यालय में पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए निर्देशित गया था। उसमें भी अब व्यवस्था में कोई भी सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।

Saturday, November 26, 2022

निदेशालय का चक्कर न काटें शिक्षक, ऑनलाइन दें छुट्टी, शिक्षण की गुणवत्ता आप लोग सुधारें, संसाधनों की कमियां हम दूर करेंगे, शिक्षकों से बोले DGSE

निदेशालय का चक्कर न काटें शिक्षक, ऑनलाइन दें छुट्टी, महानिदेशक ने शिक्षा निदेशालय का किया निरीक्षण, व्यवस्था देख दिए कई निर्देश
 
शिक्षण की गुणवत्ता आप लोग सुधारें, संसाधनों की कमियां हम दूर करेंगे, शिक्षकों से बोले DGSE 


प्रयागराज । महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने शुक्रवार को जीआईसी, जीजीआईसी और डीआईओएस कार्यालय का निरीक्षण किया। स्कूलों में उन्होंने शिक्षकों से कहा कि आप शिक्षण की गुणवत्ता सुधारें, कमियां हम दूर करेंगे। वहीं, शिक्षा निदेशालय और माध्यमिक शिक्षा परिषद के निरीक्षण के दौरान पारदर्शी व्यवस्था पर जोर दिया।


महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद सबसे पहले सुबह लगभग सवा नौ बजे राजकीय इंटर कॉलेज पहुंचे। यहां उन्होंने हर कक्षा में जाकर शिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया। प्रधानाचार्य वीके सिंह से विद्यालय में होने वाली अतिरिक्त गतिविधियों के बारे जानकारी ली।


इसके बाद वह जीजीआईसी पहुंचे। यहां प्रधानाचार्या डॉ. नीलम मिश्र से स्कूल में शिक्षण व्यवस्था, शिक्षकों की संख्या, छात्राओं की संख्या आदि की जानकारी ली। इसके बाद बाद महानिदेशक डीआईओएस कार्यालय पहुंचे। यहां हर पटल पर जाकर कर्मचारियों से बातचीत की। इस दौरान सचिव यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल, डीडीआर आरएन विश्वकर्मा, डीआईओएस पीएन सिंह आदि उपस्थित रहे ।



प्रयागराज : महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद ने शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय का निरीक्षण किया। माध्यमिक का प्रभार मिलने के बाद पहली बार आए महानिदेशक ने अधिकारियों और कर्मचारियों से दो टूक कहा है कि कोई भी शिक्षक छुट्टी, एरियर या किसी अन्य काम के लिए शिक्षा निदेशालय के चक्कर न काटें। छुट्टी, बकाया भुगतान से लेकर अन्य कार्यों को ऑनलाइन और समयबद्ध तरीके से किया जाए।


राजकीय शिक्षकों की ऑनलाइन छुट्टी दिसंबर से और बायोमीट्रिक हाजिरी के आधार पर वेतन भुगतान की व्यवस्था जनवरी से सुनिश्चित की जाए। दोपहर एक बजे शिक्षा निदेशालय पहुंचे महानिदेशक ने सबसे पहले विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण किया। फाइलों का रखरखाव ठीक नहीं मिला। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अधिकारी शिक्षा निदेशालय में नहीं बैठते इसके चलते परेशानी हो रही है। पब्लिक आकर आरोप लगाती है कि बाबू काम नहीं करते। छोटे-छोटे काम के लिए लखनऊ दौड़ना पड़ता है। इस पर महानिदेशक ने अधिकारियों के निदेशालय में बैठना सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। 


इसके बाद वह यूपी बोर्ड मुख्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे। सफाई व कार्यालय की व्यवस्था पर संतोष जताते हुए निर्देश दिया कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में कोई ढिलाई न होने पाए।


बच्चों को बनाएं काबिल, देंगे संसाधन

महानिदेशक विजय किरन आनंद ने शुक्रवार सुबह राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। प्रधानाचार्य वीके सिंह और नीलम मिश्रा समेत शिक्षकों को निर्देशित किया कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ उनमें स्किल डेवलप करें। स्कूल में जो भी संसाधन की कमी है उसकी पूर्ति शासन करेगा। उन्होंने जीआईसी की कम्प्यूटर लैब को 100 नए कंप्यूटर देने और छात्रावास के जीर्णोद्धार की भी बात कही। इस दौरान बोर्ड सचिव दिब्यकांत शुक्ल, मंडलीय उप शिक्षा निदेशक आरएन विश्वकर्मा आदि उपस्थित रहे।

Thursday, November 24, 2022

माध्यमिक शिक्षा : DGSE की अपेक्षानुरूप क्रियान्वयन हेतु तत्काल प्रभाव से कार्यावंटन लागू, देखें आदेश

माध्यमिक शिक्षा : DGSE की अपेक्षानुरूप क्रियान्वयन हेतु तत्काल प्रभाव से कार्यावंटन लागू, देखें आदेश

DGSE ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में अधिकारियों के बीच किया काम का बंटवारा 


लखनऊ। स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में उनके दफ्तर से जुड़े कार्यों को तीन अधिकारियों को आवंटित किया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक से समन्वय और शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़े कार्य उप निदेशक विवेक नौटियाल को दिया गया है। वहीं संस्कृत शिक्षा परिषद से समन्वय और आईजीआरएस पोर्टल से जुड़े कार्य सहायक निदेशक भगवत प्रसाद पटेल को सौंपा गया है।


माध्यमिक शिक्षा परिषद के कामकाज की समीक्षा और बोर्ड परीक्षा में सुधार की जिम्मेदारी लखनऊ डायट के उप प्राचार्य मुकेश कुमार सिंह को सौंपी गई है।


महानिदेशक ने उप निदेशक विवेक नौटियाल को शिक्षकों एवं कर्मचारी संगठनों से संबंधित प्रकरण, शासन से संबंधित प्रकरणों पर समन्वय और निस्तारण, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक एवं अपर निदेशक से समन्वय, शिक्षकों के स्थानांतरण और महानिदेशक की ओर से सौंपे गए अन्य कार्य की जिम्मेदारी दी है।


सहायक निदेशक भगवत प्रसाद पटेल को महानिदेशक स्कूल शिक्षा से संबंधित आईजीआरएस पोर्टल के मामले, संस्कृत शिक्षा परिषद से जुड़े कार्य, सामान्य शैक्षिक संवर्ग सेवा समूह क एवं ख के अधिकारियों के स्थानांतरण, विभागीय अधिकारियों की पदोन्नति, मृतक आश्रितों को नियुक्ति का कार्य दिया है।


लखनऊ डायट के उप प्राचार्य मुकेश कुमार सिंह को सहायता प्राप्त विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण, माध्यमिक शिक्षा परिषद के कामकाज की समीक्षा, बोर्ड परीक्षा प्रणाली में सुधार, मानव संपदा पोर्टल, सभी प्रकार की मान्यताओं, प्रोजेक्ट अलंकार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, पाठ्यक्रम में बदलाव और कौशल विकास से जुड़े कार्य दिए गए हैं।

Thursday, November 17, 2022

माध्यमिक शिक्षा का दायित्व संभालते ही एक्शन में DGSE, प्रयागराज से होगी निरीक्षण की शुरुआत

अब 25 नवम्बर को निरीक्षण करेंगे महानिदेशक, प्रयागराज के दौरे में हुआ बदलाव


प्रयागराज। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद अब 25 नवंबर को प्रयागराज दौरे पर आएंगे। 15 नवंबर को जारी कार्यक्रम के अनुसार महानिदेशक को 19 नवंबर को यूपी बोर्ड मुख्यालय का निरीक्षण करने के साथ माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ समीक्षा करनी थी। लेकिन अपरिहार्य कारणों से शनिवार का कार्यक्रम टल गया है। महानिदेशक ने बताया कि अब वह 25 नवंबर को प्रयागराज आएंगे।


DGSE प्रयागराज से निरीक्षण की करेंगे शुरुआत

प्रयागराज। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद 19 नवंबर को सुबह नौ बजे से राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।

तीन से चार बजे के बीच यूपी बोर्ड मुख्यालय का निरीक्षण करने के बाद शिक्षा निदेशालय में चार से पांच बजे तक माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।


माध्यमिक शिक्षा का दायित्व संभालते ही एक्शन में DGSE, 19 नवंबर को प्रयागराज से होगी निरीक्षण की शुरुआत 


प्रयागराज। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद 19 नवंबर को सुबह नौ बजे से राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। तीन से चार बजे के बीच यूपी बोर्ड मुख्यालय का निरीक्षण करने के बाद शिक्षा निदेशालय में चार से पांच बजे तक माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।


Sunday, November 13, 2022

प्रोजेक्ट अलंकार से लेकर यूपी बोर्ड परीक्षा तक की होगी समीक्षा

प्रोजेक्ट अलंकार से लेकर यूपी बोर्ड परीक्षा तक की होगी समीक्षा


लखनऊ। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने माध्यमिक शिक्षा की कमान संभालते ही विभिन्न योजनाओं की रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने हर सप्ताह योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की व्यवस्था बनाई है। इसके लिए प्रोजेक्ट अलंकार के तहत राजकीय विद्यालयों की स्थिति से लेकर पठन-पाठन व बोर्ड परीक्षा की तैयारियों तक की समीक्षा के अलग- अलग दिन व अधिकारी तय किए गए हैं। 


समीक्षा बैठक निशातगंज स्थित राज्य परियोजना कार्यालय में महानिदेशक की अध्यक्षता में सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना सुबह 10 से 11 बजे के बीच होगी। पहले दिन सोमवार को प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत जर्जर माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प व वहां की अवस्थापना सुविधाओं को दुरुस्त करने की चल रही प्रक्रिया की समीक्षा होगी। इसी तरह अन्य दिनों में विभिन्न योजनाओं व व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।

Tuesday, June 7, 2022

विजय किरण आनन्द द्वारा प्रभारी महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश; विशेष सचिव बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन; राज्य परियोजना निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान एवं निदेशक मध्याहन भोजन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश के पद का प्रभार किया गया ग्रहण।

श्री विजय किरण आनंद को मिला महनिदेशक स्कूल शिक्षा का प्रभार।

विजय किरण आनंद की DGSE पद पर एक बार फिर वापसी

🆕 Update 

विजय किरण आनन्द द्वारा प्रभारी महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश;  विशेष सचिव बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन; राज्य परियोजना निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान एवं निदेशक मध्याहन भोजन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश के पद का प्रभार किया गया ग्रहण।


लखनऊ। राज्य सरकार ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 21 आईएएस अफसरों को बदल दिया। गोरखपुर के जिलाधिकारी विजय किरन आनंद को एक बार फिर बेसिक शिक्षा विभाग का विशेष सचिव एवं स्कूल शिक्षा महानिदेशक के पद पर तैनाती दी गई है। उनके पास कुंभ मेला अधिकारी प्रयागराज का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।

बेसिक शिक्षा विभाग की सचिव अनामिका सिंह को महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग में सचिव नियुक्त किया गया है।