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Friday, May 22, 2026

भीषण गर्मी में जनगणना ड्यूटी पर शिक्षकों का प्रदेशव्यापी विरोध और सुदूर ब्लॉक में तैनाती ने बढ़ाया आक्रोश

भीषण गर्मी में जनगणना ड्यूटी पर शिक्षकों का प्रदेशव्यापी विरोध और सुदूर ब्लॉक में तैनाती ने बढ़ाया आक्रोश


लखनऊ/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू के बीच शिक्षकों से जनगणना कार्य कराए जाने को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदेशभर के शिक्षक संघों से जुड़े शिक्षकों ने शासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए जनगणना से जुड़े फील्ड कार्य को मौसम सामान्य होने तक स्थगित करने की अपील की है। वहीं शिक्षकों की दूरस्थ क्षेत्रों और दूसरे ब्लॉकों में ड्यूटी लगाए जाने से नाराजगी और बढ़ गई है।


शिक्षक संघों का कहना है कि जब प्रशासन स्वयं लोगों से दोपहर में घरों से बाहर न निकलने की अपील कर रहा है, तब शिक्षकों और शिक्षिकाओं को चिलचिलाती धूप में घर-घर सर्वे और मकान गणना के लिए भेजना पूरी तरह अमानवीय है। उनका आरोप है कि कई जिलों में शिक्षकों को उनके कार्यस्थल से दूर दूसरे ब्लॉकों में जबरन ड्यूटी दी जा रही है, जिससे उन्हें घंटों यात्रा करनी पड़ रही है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं।


प्रयागराज समेत कई जिलों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं कि शिक्षकों को  दूरस्थ क्षेत्रों तक जनगणना कार्य के लिए भेजा जा रहा है। शिक्षक संघों ने इसे अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि इससे न केवल शिक्षकों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।


संघों ने यह भी आरोप लगाया कि शासन के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए 55 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षकों, दिव्यांग कर्मचारियों और गर्भवती शिक्षिकाओं तक की ड्यूटी लगा दी गई है। ऐसे में जनगणना कार्य अब प्रशासनिक व्यवस्था से ज्यादा “दबाव आधारित अभियान” बनता जा रहा है।


प्रदेशभर के शिक्षक संघों ने मांग की है कि वर्तमान मौसम को देखते हुए जनगणना 2027 के प्रथम चरण की फील्ड गतिविधियों को तत्काल रोका जाए या कम से कम मौसम सामान्य होने तक स्थगित किया जाए। साथ ही ड्यूटी स्थानीय स्तर पर ही लगाई जाए ताकि शिक्षकों को अनावश्यक रूप से दूसरे ब्लॉकों और लंबी दूरी के क्षेत्रों में न भेजा जाए।


शिक्षक संघों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने जल्द मानवीय दृष्टिकोण नहीं अपनाया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं, उन्हें हर प्रशासनिक अभियान में “सर्वसुलभ फील्ड कर्मचारी” की तरह इस्तेमाल करना अब बंद होना चाहिए।

Saturday, May 2, 2026

जनगणना में शिक्षक-कर्मचारी लगे, बंद होने लगे परिषदीय विद्यालय, फर्रुखाबाद, बरेली, उन्नाव के बीएसए ने डीएम को लिखे पत्र

जनगणना में शिक्षक-कर्मचारी लगे, बंद होने लगे परिषदीय विद्यालय, फर्रुखाबाद, बरेली, उन्नाव के बीएसए ने डीएम को लिखे पत्र

कुछ शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों को इससे मुक्त करने की मांग

लखनऊ। देश-प्रदेश में जनगणना से जुड़ी प्रक्रिया तेजी पकड़ रही है। इसके तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और मकान सूचीकरण व गणना का कार्य भी शुरू हो चुका है। इस कार्य के लिए परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को प्रगणक और पर्यवेक्षक बनाया जा रहा है, जिसका सीधा असर विद्यालयों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई स्थानों पर विद्यालय बंद तक हो गए हैं।


अप्रैल के अंत में अधिकांश जिलों में जनगणना प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षकों को सुबह से शाम तक व्यस्त रहना पड़ा। इसका असर विद्यालयों की पढ़ाई और स्कूल चलो अभियान पर भी पड़ा है। फर्रुखाबाद के बीएसए ने डीएम को पत्र लिखकर बताया कि सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को मकान गणना में लगा देने के कारण विद्यालय बंद हो गए हैं। उन्होंने प्रधानाध्यापकों को इस कार्य से मुक्त करने की मांग की है।

इसी प्रकार बरेली और उन्नाव सहित अन्य जिलों के बीएसए ने भी जिला प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि सभी शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगाए जाने से विद्यालयों का संचालन प्रभावित हो रहा है। इससे स्कूल चलो अभियान, नए पंजीकरण और मध्याह्न भोजन (एमडीएम) जैसी योजनाएं भी बाधित हो रही हैं। उन्होंने प्रधान शिक्षक और इंचार्ज शिक्षकों को इस ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की है, ताकि विद्यालयों में पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके।

इस संबंध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि पहले शिक्षकों को लंबे समय तक एसआईआर में लगाया गया, उसके बाद बोर्ड परीक्षाओं में भी उनकी ड्यूटी लगाई गई। इससे परिषदीय विद्यालयों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हुई। अब जब नया सत्र शुरू हो रहा है और सर्व शिक्षा अभियान व स्कूल चलो अभियान चल रहे हैं, तब भी शिक्षकों को जनगणना में लगा दिया गया है।

उन्होंने सुझाव दिया कि अन्य विभागों के कर्मचारियों को इस कार्य में लगाया जाए। कई कम मानदेय वाले कर्मचारी स्वयं इस ड्यूटी में शामिल होना चाहते हैं। इससे विद्यालयों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी और जनगणना कार्य भी सुचारू रूप से पूरा हो सकेगा।


वरिष्ठता का मुद्दा भी उठा

शिक्षकों और बीएसए ने यह भी बताया कि एक ही विद्यालय में 4200 ग्रेड पे वाले शिक्षक को सुपरवाइजर और 4600 व 4800 ग्रेड पे वाले शिक्षकों को प्रगणक बनाया गया है, जो वरिष्ठता के विपरीत है। उन्होंने मांग की है कि ड्यूटी निर्धारण में वरिष्ठता का ध्यान रखा जाए और इस संबंध में स्पष्ट लिखित आदेश जारी किए जाएं।

Thursday, February 12, 2026

यूपी बोर्ड परीक्षा: कक्ष निरीक्षकों के क्यूआर कोड युक्त परिचय पत्र जारी, कल तक वितरण के निर्देश, हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट पक्षाओं के दौरान कक्ष निरीक्षकों के क्यूआर कोड से होगी पहचान

यूपी बोर्ड परीक्षा: कक्ष निरीक्षकों के क्यूआर कोड युक्त परिचय पत्र जारी, कल तक वितरण के निर्देश, हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट पक्षाओं के दौरान कक्ष निरीक्षकों के क्यूआर कोड से होगी पहचान


प्रयागराजः हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए कक्ष निरीक्षकों के क्यूआर कोड युक्त परिचय पत्र उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने निर्देश दिए हैं कि ये 13 फरवरी तक कक्ष निरीक्षकों के लिए निर्गत कर दिए जाएं। संदिग्ध स्थिति मिलने पर क्यूआर कोड के माध्यम से परिचय पत्रों की मोबाइल एप से जांच की जा सकेगी।

सचिव ने कहा है कि सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य पोर्टल से परिचय पत्र डाउनलोड कर दो प्रतियों में प्रिंट करेंगे। परिचय पत्र पर अंकित शिक्षक के विवरण एवं फोटो को विद्यालयी अभिलेखों से मिलान कर प्रधानाचार्य स्वयं तथा संबंधित शिक्षक हस्ताक्षर सुनिश्चित करेंगे। इसके बाद परीक्षा केंद्र का नाम अंकित कर परिचय डीआइओएस को प्रतिहस्ताक्षर के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। डीआइओएस प्रतिहस्ताक्षरित एक प्रति प्रधानाचार्य को लौटाएंगे तथा दूसरी प्रति कार्यालय अभिलेख में रखी जाएगी। जिन शिक्षकों के क्यूआर कोड युक्त परिचय पत्र पोर्टल पर उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए सादे परिचय पत्र जारी करने की व्यवस्था की गई है। साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग से लगाए गए कक्ष निरीक्षकों के परिचय पत्र संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से निर्गत किए जाएंगे।

केंद्र के बाहर अभिभावकों से लिए रखें पेयजल व्यवस्था

परीक्षा केंद्र व उसके आसपास साप. सफाई, विशेष रूप से शौचालय साफ-सुफरा रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा केंद्र में शुद्ध पेयजल व्यवस्था तथा केंद्र के बाहर यदि परीक्षार्थ के अभिभावक उपस्थित हों तो उनके लिए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

पर्याप्त कक्ष निरीक्षकों की उपलब्धता के निर्देश

18 फरवरी से 12 मार्च तक चलने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए पर्याप्त कक्ष निरीक्षक नियुक्त किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी से समन्वय बनाकर केंद्र पर प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था परीक्षार्थियों एवं कार्मिकों के लिए सुनिश्चित की जाए।

Wednesday, February 4, 2026

छुट्टी के दिन शिक्षकों को ड्यूटी पर नहीं बुला सकेंगे, शासन स्तर से भी आदेश जारी किए जाने की तैयारी

छुट्टी के दिन शिक्षकों को ड्यूटी पर नहीं बुला सकेंगे, शासन स्तर से भी आदेश जारी किए जाने की तैयारी


लखनऊ। कोई भी जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अवकाश के दिन शिक्षकों को जबरन ड्यूटी पर नहीं बुला सकेंगे। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने पिछले दिनों आदेश भी जारी किए थे लेकिन उस आदेश के अमल में हो रही हीलाहवाली पर अब शासन ने कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। ऐसे में अब बिना ठोस कारण छुट्टी के दिन शिक्षकों को काम पर बुलाना डीआईओएस को महंगा पड़ सकता है। शासन स्तर से भी इस संबंध में आदेश जारी किए जाने की तैयारी है।

दरअसल, पिछले महीनों में प्रचंड ठंड के कारण मुख्यमंत्री ने स्कूलों में छुट्टी के आदेश दिए थे। बाद के कुछ दिनों में शासन स्तर से भी आदेश जारी कर भीषण ठंड के कारण स्कूलों में छुट्टी की गई थी। उस दौरान कई जिलों के डीआईओएस ने अवकाश घोषित होने के बावजूद शिक्षकों के लिए उपस्थिति अनिवार्य कर दी थी। कई जिलों में तो बाद में सूचना देकर शिक्षकों को स्कूल बुलाया गया था। इसको लेकर शिक्षक संगठनों ने कड़ा विरोध किया था। साथ ही छुट्टी के दिन शिक्षकों से जबरन ड्यूटी कराए जाने की कई शिकायतें शिक्षा निदेशालय से लेकर शासन तक को की थी।


अवकाश में ड्यूटी के के लिए जेडी की अनुमति जरूरी

शासन ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिए थे कि इसको लेकर एक दिशा निर्देश जारी करे। बताया जाता है कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से इस बारे में जारी दिशा-निर्देश पर अमल नहीं होने पर अब शासन स्तर से इसके लिए निर्देश जारी करने की तैयार की जा रही है। जिसमें अवकाश के दिनों में किसी शिक्षक को ड्यूटी पर बुलाने से पहले जेडी (संयुक्त शिक्षा निदेशक) से अनुमति लेना अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव है।

Saturday, August 2, 2025

प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को वेतन वितरण अधिनियम 1971 की धारा-3(3) के अन्तर्गत वेतन भुगतान किए जाने के सम्बन्ध में।

प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को वेतन वितरण अधिनियम 1971 की धारा-3(3) के अन्तर्गत वेतन भुगतान किए जाने के सम्बन्ध में

Tuesday, May 27, 2025

देखें : यूपी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में ड्यूटी करने वाले कार्मिकों को दिया जाने वाला मानदेय

देखें :  यूपी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में ड्यूटी करने वाले कार्मिकों को दिया जाने वाला मानदेय