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Tuesday, April 7, 2026

20 दिनों में सेवा सुरक्षा बहाल न हुई तो सड़कों पर उतरेंगे माध्यमिक शिक्षक

20 दिनों में सेवा सुरक्षा बहाल न हुई तो सड़कों पर उतरेंगे माध्यमिक शिक्षक

लखनऊ। राजधानी के ईको गार्डन धरना स्थल पर सोमवार को प्रदेश भर के शिक्षकों ने शक्ति प्रदर्शन किया। शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की बहाली पर सरकार को अल्टीमेटम दिया। 20 दिन के अंदर सेवा सुरक्षा बहाली न होने पर शिक्षक सड़क पर उतरेंगे और कलमबंद हड़ताल करेंगे। माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के आह्वाहन पर प्रदेशभर के शिक्षक ईको गार्डन धरना स्थल पर सुबह से एकत्रित होने लगे। दोपहर बाद मुख्यमंत्री आवास से शिक्षक प्रतिनिधियों का बुलावा आया।

इस दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात अधिकारियों ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि 20 से 25 दिन के अंदर सेवा सुरक्षा की धारा 21,18 और 12 को बहाल करते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम 2023 में शामिल किया जाएगा। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा ने बताया कि एडेड माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक शिक्षकों का उत्पीड़न करते हैं। यह बंद होना चाहिए। यूपी माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को 25 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया है। इनमें एडेड माध्यमिक विद्यालयों की राजकीयकरण की मांग की गई है। 



सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर माध्यमिक शिक्षकों की रैली आज, लखनऊ के ईको गार्डन में जुटेंगे हजारों शिक्षक

06 अप्रैल 2026
लखनऊः अशासकीय सहायताप्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक सेवा सुरक्षा और स्कूलों के राजकीयकरण की मांग को लेकर सोमवार को अपनी ताकत दिखाएंगे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के बैनर तले लखनऊ के ईको गार्डन में आयोजित होने वाली राज्यस्तरीय रैली में वे अपनी मांगों को लेकर मुखर होंगे।


संघ के नेताओं ने प्रदेश भर के शिक्षकों से अपील की है कि वे यहां पहुंचकर अपनी एकजुटता दिखाएं। प्रदेश में इस समय 4512 एडेड माध्यमिक विद्यालय हैं, जिनमें करीब 67 हजार शिक्षक कार्यरत हैं। शिक्षकों की मुख्य मांग है कि उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और विद्यालयों का राजकीयकरण किया जाए। संघ का आरोप है कि सेवा सुरक्षा खत्म होने के कारण प्रबंधकों का दबाव बढ़ गया है।

संगठन के नेताओं का कहना है कि इसी के चलते प्रदेश में अब तक करीब 180 शिक्षकों को निलंबित और 120 शिक्षकों को नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है। उनकी यह भी मांग है कि शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम में सेवा सुरक्षा से जुड़े स्पष्ट प्रविधान शामिल किए जाएं, ताकि भविष्य में शिक्षकों के साथ मनमानी न हो सके।

Wednesday, March 18, 2026

69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगति पर कल होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगति पर कल होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

18 मार्च 2026
प्रयागराज । बेसिक शिक्षा परिषद की 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थियों के मामले में 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। यह सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता व जस्टिस एजी मसीह की बेंच में होगी। पीड़ित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय में मुलाकात कर सरकार से याची लाभका प्रस्ताव सुनवाई की तिथि पर प्रस्तुत किए जाने की मांग की। अभ्यर्थियों को न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।

पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश चौधरी ने कहा कि पीड़ित अभ्यर्थी वर्ष 2020 से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर याची लाभ' की मांग कर रहे हैं। 13 अगस्त 2024 को हाई कोर्ट की डबल बेंच ने भर्ती सूची को रद कर नई सूची बनाने का आदेश दिया था, जिसमें आरक्षण नियमावली के पालन के निर्देश दिए गए थे, लेकिन विभाग ने अनुपालन नहीं किया। 

अब प्रकरण पिछले 18 महीने से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। मोर्चा पदाधिकारियों का आरोप है कि राज्य सरकार की ओर से पर्याप्त पैरवी न होने के कारण मामला लंबित है, जिससे अभ्यर्थियों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति प्रभावित हो रही है। यदि सरकार 19 मार्च की सुनवाई में 'याची लाभ' का प्रस्ताव प्रस्तुत करती है, तो यह विवाद समाप्त हो सकता है।



69000 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति और सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश सरकार की तरफ से प्रभावी पैरवी की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने घेरा शिक्षा निदेशालय

10 मार्च 2026
लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने सोमवार को बेसिक शिक्षा निदेशालय घेर लिया। बेसिक शिक्षा निदेशक से मिले आश्वासन के बाद भी असंतुष्ट अभ्यर्थियों ने धरना जारी रखा। बाद में पुलिस ने धरना दे रहे अभ्यर्थियों को बस से ईको गार्डेन पहुंचाया।


आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने 19 मार्च को होने वाली सुनवाई में प्रदेश सरकार की तरफ से प्रभावी पैरवी की मांग की। अभ्यर्थियों की तरफ से धनंजय गुप्ता ने कहा कि सरकार खुद ही जाकर नई डेट ले आती है। ऐसे में उन्हें अधिकारियों पर भरोसा नहीं है। धरने में राज बहादुर, हसीन, अनूप गुप्ता, बृजेश सिंह, श्यामलता सिंह शामिल थे। वहीं, पिछडा दलित संयुक्त मोर्चा की बैठक में अभ्यर्थियों ने फिर से याची लाभ देने की मांग उठाई। शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के साथ ही 29334 गणित-विज्ञान भर्ती के अभ्यर्थी भी सोमवार को धरना देने पहुंचे।

इसलिए आक्रोश : 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग के 6800 अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद अभ्यर्थी लगातार नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।

Friday, February 27, 2026

टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ सड़कों पर उतरे शिक्षक, प्रदर्शन कर दिखाई ताकत और प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ सड़कों पर उतरे शिक्षक, प्रदर्शन कर दिखाई ताकत और प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

कलक्ट्रेट तक जुलूस लेकर पहुंचे  शिक्षक, केंद्र सरकार से मामले में स्पष्ट रुख की मांग, आंदोलन की चेतावनी भी दी 


लखनऊ। टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ बृहस्पतिवार को शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ व उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन कर टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी टीईटी अनिवार्य करने का जमकर विरोध किया। जिलों में शिक्षकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से पीएम मोदी को ज्ञापन भेजा।


दरअसल, सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्राथमिक शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने से पहले से नियुक्त शिक्षकों की नौकरी पर भी संकट आ गया है। इससे देश भर के शिक्षक आंदोलन की राह पर हैं। इसी क्रम में जिलों में बीएसए कार्यालय पर एकत्र होकर शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ हुंकार भरी। उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश त्यागी ने कहा कि अध्यादेश लाकर शिक्षकों को राहत दे। उन्होंने बताया कि 7 मार्च को दिल्ली में टीएफआई की बैठक होगी। इसमें सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष व महासचिव भाग लेंगे। बैठक में दिल्ली में होने वाली रैली की तिथि घोषित की जाएगी।

पीएम को भेजे ज्ञापन में आरटीई लागू होने की तिथि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को छूट देने की मांग की गई है। टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्रालय जल्द से जल्द इस मामले में संसद में अध्यादेश लाकर राहत दे। 



23 से 25 फरवरी तक विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे यूपी के शिक्षक 




टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ यूपी के शिक्षक संगठनों ने आंदोलन तेज करने का लिया निर्णय 

23 फरवरी 2026
लखनऊः परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के विरोध में प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। राजधानी में रविवार को हुई बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों ने मिलकर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (जेटीएफआइ) का गठन किया और शिक्षक हितों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

बैठक में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील पांडेय ने कहा कि टीईटी के मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ी जाएगी। अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने इसे शिक्षकों के अस्तित्व की लड़ाई बताते हुए हर मोर्चे पर संघर्ष जारी रखने की बात कही। 

विशिष्ट बीटीसी शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा कि शिक्षकों ने नियुक्ति के समय सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी कर नौकरी प्राप्त की है, ऐसे में अब उन्हें टीईटी के बिना अपात्र बताना पूरी तरह गलत है। 

जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय मणि त्रिपाठी ने सरकार से आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार रहने की बात कही। वहीं बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि महासंघ शिक्षकों का किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने देगा, संघर्ष अब और तेज होगा। 

बैठक में निर्णय लिया गया कि नौ मार्च से 15 मार्च तक 'शिक्षकों की पाती' नाम से ईमेल और पोस्टकार्ड अभियान चलाया जाएगा।


टीईटी अनिवार्यता का विरोध तेज, सरकार के रुख से खुश नहीं है प्रदेशभर के शिक्षक, X पर #JusticeForTeachers ग्लोबल ट्रेंडिंग में टॉप पर

23 फरवरी 2026
प्रयागराज : टीईटी की अनिवार्यता पर प्रदेश सरकार का रुख स्पष्ट न होने से नाराज परिषदीय शिक्षकों ने रविवार दोपहर दो से चार बजे तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभियान चलाया। जस्टिस फॉर टीचर्स हैशटैग से चलाया गया अभियान एक समय पूरी दुनिया में टॉप ट्रेंड कर रहा था। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले देशभर के सरकारी शिक्षकों ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रयागराज से भी उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ और महिला शिक्षक संघ के सदस्यों ने बड़ी संख्या में सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जताई।

शिक्षकों का कहना है कि आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने की अनिवार्यता उचित नहीं है। उनकी जब नियुक्ति हुई तब आवश्यक सारी अर्हताएं पूरी करते थे। नियुक्ति के सालों बाद कोई नियम लागू करने के कारण हजारों शिक्षकों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। विरोध अभियान के क्रम में सभी शिक्षक 23 से 25 फरवरी तक विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे। 26 फरवरी को एक से चार बजे तक बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना देंगे और जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजेंगे। मार्च के तीसरे सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में देशभर के सभी शिक्षक महारैली करके भारत सरकार को ज्ञापन देंगे।





टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ आज सोशल मीडिया पर अभियान चलाएंगे शिक्षक

22 फरवरी 2026
लखनऊ। देश-प्रदेश के परिषदीय शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर शिक्षक एक बार फिर से आंदोलन तेज करेंगे, ताकि इस मामले में दबाव बनाकर जल्द से जल्द सकारात्मक परिणाम लिया जा सके। इसके लिए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक की ओर से 22 फरवरी को दोपहर में सोशल मीडिया एक्स पर अभियान चलाया जाएगा। इसी क्रम में 23 फरवरी से शिक्षक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। 


टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में प्रदेश के कई शिक्षकों संगठन आए एक साथ, मार्च के अंत में दिल्ली में रैली करेंगे 

लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट द्वारा परिषदीय शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के बाद केंद्र सरकार से राहत की उम्मीद लगाए शिक्षक संगठन फिर आंदोलन की राह पर हैं। इस बार प्रदेश के कई शिक्षक संगठन टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के बैनर तले आंदोलन करने के लिए तैयार हुए हैं। इसका कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।

रिसालदार पार्क स्थित शिक्षक भवन में हुई बैठक में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल संघ, उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ और राष्ट्रीय शैक्षिक संघ के प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने तय किया कि 27 जुलाई 2011 के पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत देने के लिए वे सभी मिलकर लड़ाई लड़ेंगे।

बैठक में तय किया गया कि 22 फरवरी को दोपहर 2 से 4 बजे तक सोशल मीडिया एक्स पर अभियान चलाया जाएगा। 23 से 25 फरवरी तक शिक्षक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। 26 फरवरी को बीएसए कार्यालय पर धरना देंगे। यहां डीएम कार्यालय तक पैदल मार्च कर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे। मार्च के तीसरे सप्ताह में दिल्ली में महारैली की जाएगी।

बैठक में टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश त्यागी, उप्र महिला शिक्षक संघ की डॉ. सुलोचना मौर्य, संजय सिंह, शिवशंकर पांडेय, राधेरमण त्रिपाठी, अनंत कुमार, पंकज अवस्थी, प्रीति सिंह, ज्योति सिंह आदि उपस्थित हुए। राष्ट्रीय शैक्षिक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने भी अपनी सहमति दी है।


Friday, December 12, 2025

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर शिक्षकों ने अध्यादेश लाकर टीईटी अनिवार्यता से मांगी छूट

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर शिक्षकों ने अध्यादेश लाकर टीईटी अनिवार्यता से मांगी छूट

शिक्षकों ने दिल्ली में जंतर मंतर पर किया प्रदर्शन एआईपीटीएफ के बैनर तले आंदोलन में जुटे 3 लाख शिक्षक

लखनऊ । टीईटी अनिवार्यता के विरोध में गुरुवार को यूपी समेत देश भर के तीन लाख से अधिक शिक्षकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। देश भर के शिक्षक संगठनों के संयुक्त मंच अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ (एआईपीटीएफ) के बैनर तले हुए इस आन्दोलन ने केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया और इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।


संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पाण्डेय ने बताया कि शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि निपुण भारत मिशन, पीएम श्री विद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय में शिक्षकों द्वारा सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। पिछले कई वर्षों से नवीन तकनीकी से प्रशिक्षण के फलस्वरुप शिक्षक बच्चों को स्मार्ट क्लास से अत्याधुनिक शिक्षा, विभिन्न शैक्षिक कौशल सिखा रहे हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षक तनावग्रस्त व गंभीर पीड़ा से गुजर रहे हैं।

 लंबे कुशल शिक्षक अनुभव व विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त उत्तर प्रदेश सहित बिहार पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक आदि प्रदेशों से 12 सौ, 15 सौ किलोमीटर यात्रा कर देशभर के शिक्षक टीईटी अनिवार्यता से छूट के लिए दिल्ली में एकत्र हुए हैं, जिनका सम्मान करते हुए सरकार को तत्काल इस पर ठोस कदम उठाना चाहिए, जिससे उत्तर प्रदेश के 2 लाख शिक्षकों सहित पूरे देश में 20 लाख शिक्षकों की सेवा सुरक्षा हो सके।






टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ दिल्ली में आज शिक्षकों का प्रदर्शन

11 दिसम्बर 2025
लखनऊ। टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ यूपी समेत देश भर के लाखों शिक्षक 11 दिसम्बर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। शिक्षकों की मांग है कि उनके सेवाभाव का सम्मान करते हुए उन्हें टीईटी अनिवार्यता से छूट दी जाए।

शिक्षकों के इस आन्दोलन का नेतृत्व कर रहे शिक्षक संगठनों का संयुक्त मंच अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से शिक्षक आज रात बस ट्रेन व अन्य निजी साधनों से दिल्ली कूच करेंगे। 



टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ 11 दिसम्बर को दिल्ली में धरने के लिए शिक्षकों का पहुंचना शुरू

10 दिसंबर 2025
लखनऊ। 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य करने को लेकर शिक्षकों का विरोध जारी है। इसके लिए 11 दिसंबर को अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने का ऐलान किया गया है। धरने के लिए शिक्षक पदाधिकारी दिल्ली पहुंचने लगे हैं। 

काफी शिक्षक बुधवार को भी जाएंगे। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि धरने के लिए सभी प्रदेश के पदाधिकारी दिल्ली पहुंच चुके हैं। शिक्षकों की भी विभिन्न जिलों से रवानगी शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि संसद में मंगलवार को भी प्रमोद तिवारी समेत कई सांसदों ने इस मुद्दे को उठाया। यह सही समय है जब शिक्षक अपनी एकजुटता का परिचय दें। शिक्षकों पर थोपे जा रहे आदेशों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों। 



टीईटी मामले पर अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ 11 दिसंबर को जंतर मंतर पर देगा धरना

10 नवंबर 2025
लखनऊ। देशभर के परिषदीय शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के खिलाफ अलग-अलग शिक्षक संगठन अपने स्तर से विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस आदेश को वापस लेने और शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए 11 दिसंबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है।


सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टीईटी अनिवार्य करने के आदेश को वापस लेने के लिए पीएम व शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा गया।  30 नवंबर तक देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, जिसकी प्रतियां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भेजी जाएंगी। लेकिन अब तक शिक्षक हित में कोई पहल नहीं हुई। ऐसे में संगठन ने 11 दिसंबर को जंतर-मंतर पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।

इसमें देश भर के शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि व शिक्षक शामिल होंगे। यदि इसके बाद भी केंद्र सरकार हमारी मांगों को लेकर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो संघ फरवरी 2026 में रामलीला मैदान से संसद तक मार्च निकालेंगे। 

Sunday, July 20, 2025

सीएम योगी से नहीं मिल पा रहे टीईटी पास शिक्षामित्रों में मायूसी, 27 मई से 19 जून तक ईको गार्डन में दिया था धरना

सीएम योगी से नहीं मिल पा रहे टीईटी पास शिक्षामित्रों में मायूसी, 27 मई से 19 जून तक ईको गार्डन में दिया था धरना


20 जुलाई 2025
लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण शिक्षामित्रों की मुख्यमंत्री से मुलाकात न कराए जाने को लेकर उनमें मायूसी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगों को रखने के लिए 27 मई से 19 जून तक ईको गार्डन में धरना दिया था।

19 जून को मुख्यमंत्री के ओएसडी एनकेएस चौहान ने मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया था। मगर एक महीने बीतने के बाद भी सीएम से मुलाकात समय न मिलने से शिक्षामित्र निराश हैं। 

शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू सिंह ने बताया कि टीईटी पास शिक्षामित्र सहायक अध्यापक पद पर समायोजन और सम्मानजनक मानदेय देने की मांग कर रहे हैं। 



आश्वासन पर टीईटी पास शिक्षामित्रों का धरना स्थगित

20 जून 2025
लखनऊ। टीईटी पास शिक्षामित्रों ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री के ओएसडी से आश्वासन मिलने के बाद धरना स्थगित कर दिया। शिक्षामित्र स्थायीकरण करने, विभागीय टेट करवाने, सम्मानजनक मानदेय और समान सुविधाएं और महिलाओं का अंतरजनपदीय स्थानांतरण शेड्यूल आदि की मांग को लेकर बीते 24 दिन से ईको गार्डेन में धरना दे रहे थे। 



टीईटी पास शिक्षामित्रों की मुख्यमंत्री से नहीं हुई मुलाकात, धरना जारी रखेंगे
18 जून 2025
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की आस में बीते 22 दिन से ईको गार्डेन में धरना दे रहे टीईटी पास शिक्षामित्रों की मंगलवार को भी मुख्यमंत्री से मुलाकात नही हो पाई। प्रशासन के अधिकारियों ने सीएम से मुलाकात कराने का आश्वासन देकर सीएम आवास बुलाया था। सीएम से मुलाकात न होने के बाद शिक्षामित्रों ने धरना जारी रखने का निर्णय लिया है। 

शिक्षक/शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले टीईटी पास शिक्षामित्र 27 मई से ईको गार्डेन में धरना दे रहे हैं। शिक्षामित्रों की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की लगातार मांग को देखते हुए प्रशासन के अधिकारियों ने मंगलवार को मुलाकात कराने का आश्वासन देकर सीएम आवास बुलाया था।

 संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने बताया कि सीएम आवास पहुंचने के बाद अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के बाहर होने की वजह से मुलाकात नही हो सकेगी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के ओएसडी से जनता दरबार की तरह मुलाकात कराई और ज्ञापन दिलवाया। 


सीएम योगी से मिलने के लिए टीईटी पास शिक्षामित्रों ने भोजन त्यागकर किया प्रदर्शन

14 जून 2025
लखनऊ। टीईटी पास शिक्षामित्रों ने शनिवार को एक दिन का भोजन त्याग कर प्रदर्शन किया। शिक्षामित्र स्थायी किए जाने की मांग के लिए 19 दिन से भीषण गर्मी में ईको गार्डन में धरना दे रहे हैं। शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले टीईटी पास शिक्षामित्र 27 मई से धरना दे रहे हैं। लेकिन, मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे नाराज 11 शिक्षामित्रों ने एक दिन का भोजन त्याग कर सीएम से मुलाकात की मांग की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू सिंह ने सीएम से गुहार लगाते हुए कहा कि 10 हजार रुपये मानदेय में परिवार पालना मुश्किल हो रहा है। 



मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की मांग पर अड़े टीईटी पास शिक्षामित्र

13 जून 2025
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की आस लगाए टीईटी पास शिक्षामित्रों ने बृहस्पतिवार को भी भीषण गर्मी में धरना जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात होने तक उनका धरना जारी रहेगा।

शिक्षक/शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले टीईटी पास शिक्षामित्र बीती 27 मई से ईको गार्डेन में धरना देकर स्थायी करने की मांग कर रहे हैं। मांगों पर कोई सुनवाई न होने पर शिक्षा मित्र मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की मांग पर अड़ गए हैं। 

समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने बताया कि 10 हजार रुपये महीना मानदेय दिया जाता है। इसमें परिवार का पेट पालना मुश्किल हो रहा है। शासन स्तर पर कोई सुनवाई नही हो रही है। अब मुख्यमंत्री से ही न्याय ही आस बची है। उन्होंने कहा कि हम लोग मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनके सामने अपनी समस्या रखना चाहते हैं।



शिक्षामित्रों ने सीएम योगी को पोस्टकार्ड भेज लगाई न्याय की गुहार, स्थायी करने की मांग को लेकर 16 दिन से गर्मी में शिक्षामित्र दे रहे हैं धरना 

12 जून 2025
लखनऊ। स्थायी करने की मांग को लेकर बीते 16 दिन से धरना दे रहे टीईटी पास शिक्षामित्रों ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम लिखे पोस्ट कार्ड लहराकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को पोस्ट कार्ड भेज कर मुलाकात का समय मांगा और न्याय की गुहार लगाई।

 इस दौरान सीएम को डाक के जरिये करीब 80 पोस्टकार्ड भेजे गए। शिक्षक/शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले टीईटी पास शिक्षा मित्र बीती 27 मई से भीषण गर्मी में ईको गार्डेन में धरना दे रहे हैं। मांगों पर सुनवाई न होने पर शिक्षा मित्रों ने पोस्ट कार्ड पर मुख्यमंत्री के नाम संदेश लिख कर प्रदर्शन किया।

समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री को 80 पोस्ट कार्ड भेजे गए हैं, जिसमें उनसे मुलाकात का समय देने और समस्या को दूर करने की गुहार लगाई गई है। उन्होंने सीएम से गुहार लगाते हुए कहा कि 10 हजार रुपये मानदेय में परिवार का पेट पालना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि इतना कम मानदेय भी साल में सिर्फ 11 महीना ही दिया जाता है। 




आज से लखनऊ में जुटेंगे टीईटी पास शिक्षामित्र, 15 दिनों से धरना दे रहे शिक्षामित्रों ने शासन की उदासीनता के चलते आंदोलन तेज करने का लिया निर्णय

11 जून 2025
लखनऊ। स्थायी किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को ईको गार्डेन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से टीईटी पास शिक्षामित्रों का हुजूम जुटेगा। बीते 15 दिनों से धरना दे रहे शिक्षामित्रों ने शासन की उदासीनता के चलते आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। 

उन्होंने शिक्षामित्रों से धरने में शामिल होने का आह्वान किया है। शिक्षक/शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले 27 मई से टीईटी पास शिक्षामित्र ईको गार्डेन में धरना दे रहे हैं। समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने कहा कि तपती धूप में धरना देने के बावजूद शासन शिक्षामित्रों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। 



शिक्षामित्रों ने केक काटकर मनाया सीएम योगी का बर्थडे, मांगा स्थायी करने का रिटर्न गिफ्ट 

05 जून 2025
लखनऊ। स्थायी करने की मांग के लिए ईको गार्डन में धरने के दसवें दिन बृहस्पतिवार को टीईटी पास शिक्षामित्रों ने सीएम योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन मनाया। शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू सिंह की अगुवाई में शिक्षामित्रों ने सीएम योगी के जन्मदिन पर केक काटा और लड्डू बांटा। साथ ही पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। 

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सीएम हमारे अभिभावक हैं। ईको गार्डन में शिक्षामित्र दस दिन से धरना दे रहे हैं। ऐसे में सीएम को चाहिए कि वे हमारे त्याग को देखकर हम लोगों के जीवन में हरियाली भरने का काम करें। धरने में प्रदेश महामंत्री अनुज कुमार त्रिपाठी, संगठन मंत्री विकास शर्मा, सचिव उबैद अहमद सिद्दीकी, प्रवक्ता मनोज कुमार द्विवेदी, मीडिया प्रभारी नेमचंद्र वर्मा आदि शामिल हुए। 




मांग पूरी होने की उम्मीद लिए टीईटी पास शिक्षामित्रों ने किया सुंदरकांड का पाठ
 
04 जून 2025
लखनऊ। स्थायी करने की मांग के लिए आठ दिनों से धरना दे रहे टीईटी पास शिक्षामित्रों ने मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ कर प्रदर्शन किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस तरह हनुमान जी बिगड़े काम बनाते हैं उसी तरह सीएम शिक्षामित्रों का काम बनाएंगे।

 शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने कहा कि आठ दिन से इस भीषण गर्मी में शिक्षामित्र मुख्यमंत्री से मिलने की आस लगाए हैं। संगठन मंत्री विकास शर्मा एवं महामंत्री अनुज त्रिपाठी ने कहा कि हनुमान जी की तरह सीएम योगी हमारे कष्टों को दूर करें।



स्थायी किए जाने के लिए सात दिनों से धरना दे रहे टीईटी पास शिक्षामित्रों ने सोमवार को हाथों में रोटी लेकर प्रदर्शन किया

3 जून 2025
लखनऊ। स्थायी किए जाने के लिए सात दिनों से धरना दे रहे टीईटी पास शिक्षामित्रों ने सोमवार को हाथों में रोटी लेकर प्रदर्शन किया। अपने बच्चों के साथ ईको गार्डन पहुंचे शिक्षामित्रों ने कहा कि बेहद कम मानदेय में परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल हो रहा है।

शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने कहा कि 10 हजार रुपये मानदेय में परिवार की रोटी चला पाना मुश्किल हो रहा है। इतना कम मानदेय साल में सिर्फ 11 महीना ही दिया जाता है। 

उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा तो कुशल श्रमिकों का पारिश्रमिक है। उन्होंने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश की तरह यूपी के टीईटी पास शिक्षामित्रों को भी नियमित करने की मांग की। प्रदेश संगठन मंत्री विकास शर्मा ने कहा कि जिन शिक्षामित्रों ने टीईटी नहीं पास की है, उन्हें टीईटी की योग्यता को पूर्ण कराते हुए स्थायी करने की व्यवस्था की जाए।




टीईटी पास शिक्षामित्र आज हाथ में रोटी लेकर करेंगे प्रदर्शन

2 जून 2025
लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन छह दिनों से ईको गार्डन में जारी है। अब दो जून को शिक्षामित्र हाथ में रोटी लेकर प्रदर्शन करेंगे। शिक्षक शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले शिक्षामित्रों ने रविवार को मानव श्रृंखला बनाकर अपनी आवाज बुलंद की। 

प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू सिंह ने बताया कि टीईटी पास शिक्षामित्रों को अनुभव के आधार शिक्षक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने मानदेय बढ़ाने की मांग की। मानव श्रृंखला में लखनऊ, अमेठी, चंदौली, गोरखपुर, शाहजहांपुर, जालौन, उन्नाव, वाराणसी, बलरामपुर, सहारनपुर के शिक्षामित्र शामिल रहे। 





सुनवाई न होने से नाराज टेट पास शिक्षामित्रों ने झाडू लगाकर जताया विरोध, नियमित करने की मांग को लेकर  धरना पांचवें दिन भी रहा जारी

01 जून 2025
लखनऊ। टीईटी पास शिक्षामित्रों ने शनिवार को धरना स्थल पर झाडू लगाकर प्रदर्शन किया। नियमित करने की मांग के लिए ये शिक्षामित्र पांच दिन से ईको गार्डन में धरना दे रहे हैं। सुनवाई न होने से नाराज शिक्षामित्रों ने सफाई अभियान चलाकर विरोध जताया। 

शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने कहा कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में टीईटी और सीटीईटी पास शिक्षामित्रों को नियमित करते हुए सहायक अध्यापक बना दिया गया, लेकिन प्रदेश में एनसीटीई के मानकों को पूरा करने के बावजूद करीब 50000 प्रशिक्षित शिक्षक आंदोलन के लिए मजबूर हैं। 

उन्होंने बताया कि टीईटी/सीटीईटी उत्तीर्ण करने के बावजूद प्रदेश में शिक्षामित्रों को 333 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से महीने में मात्र 10 हजार रुपये ही मानदेय मिलता है। ये मानदेय सिर्फ 11 महीने ही दिया जाता है। उन्होंने शिक्षामित्रों को स्थायी करने की मांग की। 



स्थायी करने की मांग के लिए टीईटी पास शिक्षामित्रों का धरना जारी

29 मई 2025
लखनऊ। टीईटी पास शिक्षामित्रों ने स्थायी करने की मांग की है। मांग को लेकर ईको गार्डन में उनका धरना दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। उन्होंने सीएम से योग्य शिक्षामित्रों को स्थायी करने की मांग की। 

शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने बताया कि प्रदेश में करीब 50000 शिक्षामित्र टीईटी व सीटीईटी पास है जो एनसीटीई के शिक्षक बनने की योग्यता के मानकों को पूरा करते हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में टीईटी और सीटीईटी पास करने वालों को नियमित करते हुए सहायक अध्यापक बना दिया गया है। लेकिन, यूपी में शिक्षामित्रों को 333 रुपये रोजाना के हिसाब से महीने में मात्र 10 हजार रुपये ही मानदेय दिया जा रहा है। 

इतने कम मानदेय में गुजारा करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक मानदेय बढ़ाया जाए। 



स्थायी करने के लिए टीईटी पास शिक्षामित्रों ने दिया धरना

28 मई 2025
लखनऊ। टीईटी पास शिक्षामित्रों ने मंगलवार को ईको गार्डन में धरना देकर स्थायी करने की मांग की। शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले जुटे शिक्षामित्रों की अगुवाई कर रहे संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने कहा कि प्रदेश में करीब 1.46 लाख शिक्षा मित्र तैनात हैं। इनमें से 50 हजार टीईटी व सीटीईटी पास हैं। 


उन्होंने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों की तर्ज पर इन शिक्षा मित्रों को योग्यता और अनुभव के आधार पर नियमित करने की मांग की। 

कहा, मांगे पूरी होने तक शिक्षामित्रों को 12 प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। उन्होंने शिक्षकों के समान चिकित्सकीय अवकाश, 14 सीएल और अन्य अवकाश देने की भी मांग की। 



प्रदर्शन में फूटा प्रदेश के शिक्षामित्रों का दर्द, 'मजदूर से भी कम वेतन, नौतपा में तपने को मजबूर', महज 10 हजार रु. मानदेय, लेकिन स्थायी नियुक्ति नहीं


लखनऊ । सीटीईटी (सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) पास शिक्षामित्रों ने हंगामा किया। इको गार्डन में धरने पर बैठे शिक्षामित्रों ने कहा- सालों से महज 10 हजार के मानदेय पर नौकरी कर रहे हैं। एनसीटी की गाइडलाइन के तहत सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती पाने की योग्यता रखते है। इसके बाद भी सरकार सहायक अध्यापक पद पर परमानेंट तैनाती नहीं दे रही है।

इको गार्डन में धरने की अगुवाई कर रहे प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू सिंह ने बताया- करीब 25 सालों से हम शिक्षामित्र विभाग के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नौतपा में तपते हैं। स्कूलों के विकास में शिक्षकों से कम हम शिक्षामित्रों का योगदान नहीं है। जहां शिक्षक मना करते हैं वहां शिक्षामित्र जाते हैं

सिंह ने कहा, जहां शिक्षक काम करने से मना करते हैं। वहां शिक्षामित्र बखूबी काम करता है। बावजूद इसके आज प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा शिक्षक टीईटी - सीटीईटी क्वालीफाई करने के बावजूद सहायक अध्यापक की तैनाती पाने को तरस रहे हैं।


भाजपा सरकार के आठ साल बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई

गुड्डू सिंह ने कहा- साल 2017 से प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद हमें उम्मीद थी कि अब हमारी सुनवाई होगी। पर सरकार बने हुए 8 साल हो गए पर अब तक हमें सिर्फ भरोसा मिला। उन्होंने कहा- किसी से हमारी पीड़ा को समझा तक नहीं। कई सालों तक अफसरों ने टाइम पास किया, कोई कार्रवाई नहीं की। बेसिक शिक्षा मंत्री से भी हम मिले पर हमें न्याय नहीं मिला। अब सिर्फ मुख्यमंत्री से ही हमें उम्मीद है।

Monday, May 26, 2025

10 वर्षों से मानदेय वृद्धि नहीं होने से एमडीएम समन्वयक और कंप्यूटर ऑपरेटर नाराज, 26 मई को धरना प्रदर्शन की तैयारी

10 वर्षों से मानदेय वृद्धि नहीं होने से एमडीएम समन्वयक और कंप्यूटर ऑपरेटर नाराज, 26 मई को धरना प्रदर्शन की तैयारी 


लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में कार्यरत मध्यान्ह भोजन योजना (एमडीएम) समन्वयक व कंप्यूटर ऑपरेटरों का पिछले 10 वर्षों से मानदेय नहीं बढ़ा है। इससे इनमें नाराजगी है। अपनी मांगों को लेकर समन्वयक व ऑपरेटर 26 मई को प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन करेंगे। 


प्रदेश स्तरीय संगठन मध्यान्ह भोजन समन्वयक, कंप्यूटर ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने बताया कि एमबीए व एमसीए जैसी उच्च डिग्रीधारी समन्वयक व ऑपरेटर जिलाधिकारी व मंडलायुक्त स्तर पर योजना का संचालन कर रहे हैं, फिर भी उन्हें 10 वर्षों से वेतनवृद्धि नहीं मिली है। 


संघ का दावा है कि यदि 2012 के दस प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के प्रस्ताव को लागू रखा गया होता तो समन्वयकों को लगभग 75 हजार और ऑपरेटरों को 38 हजार मासिक मानदेय मिलना चाहिए था।