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Thursday, July 30, 2020

पॉलीटेक्निक छात्र पिछली परीक्षाओं के अंकों के आधार पर होंगे प्रमोट

पॉलीटेक्निक छात्र पिछली परीक्षाओं के अंकों के आधार पर होंगे प्रमोट।

कानपुर। प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों में दूसरे-चौथे वर्ष और सेमेस्टर के छात्र पिछली परीक्षाओं और असाइनमेंट के आधार पर प्रमोट किए जाएंगे। प्राविधिक शिक्षा निदेशालय द्वारा बनाई गई समिति ने छात्रों को प्रमोट करने के लिए रणनीति तैयार कर ली है। प्राविधिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि दूसरे और चौथे सेमेस्टर के छात्रों को सेशनल एग्जाम, असाइनमेंट के अंक और पिछले सेमेस्टर के 50% अंकों को कैरीओवर करते हुए प्रमोट किया जाएगा। अंतिम वर्ष, अंतिम सेमेस्टर में पढ़ रहे और विशेष बैंक पेपर देने वाले छात्र छात्राओं की परीक्षाएं सात सितंबर से 12 सितंबर के बीच होंगी।




17 अगस्त से पांच सितंबर तक पॉलिटेक्निक संस्थानों में कक्षाएं चलेंगी। बचा पाठ्यक्रम पूरा कराने के साथ दूसरे व चौथे सेमेस्टर के छात्रों सेशनल एग्जाम और असाइनमेंट का काम पूरा कराया जाएगा।

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Monday, July 27, 2020

प्रमोशन, वेतन विसंगति को लेकर शिक्षक परेशान, 2008 से राजकीय कॉलेज में एलटी ग्रेड को नहीं मिली प्रोन्नति

प्रमोशन, वेतन विसंगति को लेकर शिक्षक परेशान, 2008 से राजकीय कॉलेज में एलटी ग्रेड को नहीं मिली प्रोन्नति


लखनऊ :: प्रदेश के 800 से ज्यादा राजकीय इंटर कॉलेजों में से किसी में भी नियमित प्रधानाचार्य नहीं है। वर्ष 2008 से राजकीय इंटर कॉलेजों में एलटी ग्रेड को प्रोन्नति नहीं दी गई। 2001 से एसीपी यानी एश्योर्ड कॅरिअर प्रमोशन का भी लाभ नहीं मिला।




वहीं खण्ड शिक्षा अधिकारियों को भी 2011 से प्रोन्नति नहीं दी गई। बेसिक और माध्यमिक के बीच संवर्गों को अलग करने को लेकर घोषणाएं भले हुई हों लेकिन अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं। राजकीय शिक्षकों के प्रमोशन के लिए कई बार गोपनीय आख्या मांगी गई लेकिन प्रवक्ता पद पर प्रोन्नति नहीं दी।


वहीं प्रधानाचार्य पदों पर डीपीसी को लगभग 2 वर्ष हो चुके हैं लेकिन उसका रिजल्ट अभी तक नहीं दिया गया। मामला कोर्ट में है और शिक्षकों का आरोप है कि लचर पैरवी के अभाव में उनके मामला लटक गया है। प्रधानाचार्य के 50 फीसदी पद सीधी भर्ती से और 50 फीसदी प्रोन्नति से भरे जाते हैं।


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Sunday, July 26, 2020

राजकीय महाविद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू


राजकीय महाविद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू


राजकीय महाविद्यालयों में प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू 
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी में किया जाना है प्रोन्नत
परीक्षा से होगा प्रमोशन, लॉकडाउन में ठप हो गई थी प्रक्रिया 


प्रयागराज। प्रदेश के राजकीय स्नातक एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तृतीय श्रेणी में प्रोन्नति की प्रक्रिया फिर शुरू कर दी गई है। यह प्रोन्नति परीक्षा के माध्यम से की जानी है। पिछले साल तो कर्मचारियों को प्रमोशन मिल गया था, लेकिन इस बार लॉकडाउन के कारण प्रमोशन की प्रक्रिया ठप हो गई, जिसे शुरू करने के लिए उच्व्च शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी राजकीय महाविद्यालयों,ख्क्षेत्रीय उच्च शिाक्षा अधिकारियों और राजकीय पब्लिक लाइब्रेरी के पुस्तकालयाध्यक्षों को पत्र जारी किया गया है। 


राजकीय स्नातक एवं स्नाताकोत्तर महाविद्यालयों में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को हर साल तृतीय श्रेण्ी में प्रोन्नत किया जाता है। इसके लिए अर्ह कर्मचारियों को परीक्षा में शामिल होना पड़ता है और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर कर्मचारियों को प्रोन्नति दी जाती है। इस साल यह परीक्षा जून/जुलाई में प्रस्तावित थी लेकिन लॉकडाउन के कारण परीक्षा को स्थगित कर दिया गया और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की तृतीय श्रेणी में प्रोन्नति की प्रक्रिया ठप हो गई। हालांकि प्रमोशन के लिए महाविद्यालयों ने उच्च शिक्षा निदेशालय को अर्ह कर्मचारियों की सूची प्रेषित कर दी थी। इनमें से कुछ कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं और कुछ निकट भविष्य में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। 


निदेशालय की ओर से ऐसे कर्मचारियों का नाम हटाते हुए पुन: नई सूची प्रेषित की गई है। इस सूची में जिन कर्मचारियों के नाम शामिल हैं, उनके बारे में निदेशालय ने जानकारी मांगी है। निदेशालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि वर्ष २०१९-२० की गोपनीय आख्या प्राचार्य द्वारा ग्रेडिंग अंकित करते हुए भेजी जाए। संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई चलने अथवा न चलने के बारे में आख्या दी जाए। संबंधित कर्मचारी की प्रोन्नति के संबंध में सहमति पत्र प्राचार्य से प्रमाणित हो और संबंधित कर्मचारियों की प्रोन्नति के बारे में प्राचार्य द्वारा स्पष्ट संस्तुति या असंस्तुति हो। इसके अलावा जिन कर्मचारियों के नाम सूची में नहीं हैं, वे भी प्रोन्नति की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। 


ऐसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवा कम से कम पांच वर्ष की होनी चाहिए और वे हाईस्कूल या उसके समक्षक परीक्षा उत्तीर्ण हों। वर्ष २०१५-१६ से वर्ष २०१९-२० तक पांच वर्षों की आख्या ग्रेडिंग सहित, प्रथम नियुक्ति एवं कार्यभार ग्रहण करने से संबंधित प्रमाणपत्र की प्रमाणित छायाप्रति और प्रोन्नति के लिए कर्मचारी की सहमति/असहमति प्राप्त करनी होगी। इसके बाद कॉलेजों को ऐसे कर्मचारियों की सूची निदेशालय को २८ जनवरी तक भेजनी होगी। साथ ही बताना होगा कि कर्मचारी के खिलाफ कोई शिकायती प्रकरण/विभागीय कार्यवाही तो नहीं चल रही है, जिससे प्रोन्नति की प्रक्रिया में बाधा आए।