उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को कैशलेस इलाज के साथ डेढ़ करोड़ का बीमा
05 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, शिक्षक परिवार को 1.28 लाख शिक्षकों को मिलेगा सीधा लाभ
आगरा । प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ा रहे शिक्षकों को अब कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना में राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्त पोषित विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। योजना के शुभारंभ के दौरान ही पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ उच्च शिक्षा विभाग का मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) हुआ।
योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें 50 हजार से अधिक शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है, जिससे प्रदेश के लगभग 10 लाख लोगों को स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा का सीधा लाभ मिलेगा।
एमओयू के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनहोनी या दुर्घटना की स्थिति में शिक्षकों के परिवार को ₹1.5 करोड़ से ₹3 करोड़ तक की आर्थिक सहायता राशि, अस्पताल में ₹60,000 तक का नकद लाभ और ₹12 लाख तक का टर्म लाइफ बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से निजी विश्वविद्यालयों और स्ववित्त पोषित संस्थानों के शिक्षकों को भी इस बीमा कवर से पूरी तरह जोड़ने का आग्रह किया। इस योजना का संचालन साचीज संस्था द्वारा किया जाएगा। इसमें आयुष्मान भारत योजना की ही दरें लागू होंगी। इसके तहत पैनल में शामिल सरकारी और निजी अस्पतालों में 1900 से अधिक बीमारियों के इलाज का पैकेज मिलेगा।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 26 जुलाई को आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को दोहरा तोहफा देंगे। एक तरफ वे मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा का कार्ड वितरित कर योजना का शुभारंभ करेंगे, वहीं शिक्षकों व कर्मचारियों को डेढ़ करोड़ तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग पीएनबी के साथ एमओयू करेगा।
एमओयू के तहत शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों को 1.50 करोड़ तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, 3 करोड़ तक का हवाई दुर्घटना बीमा, 60 हजार तक का अस्पताल नकद लाभ तथा 12 लाख तक का टर्म लाइफ बीमा जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सीएम कैशलेस चिकित्सा सुविधा में प्रदेश के विश्वविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में कार्यरत 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों व उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का भी लाभ मिलेगा।
योजना के लागू होने के बाद पात्र शिक्षकों और उनके परिवारों को सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। कार्ड बनने के बाद पहले दिन से ही निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया जा सकेगा।
अस्पताल में भर्ती होने से लेकर उपचार, दवाइयों और डिस्चार्ज तक का पूरा खर्च योजना के अंतर्गत वहन किया जाएगा। इसके साथ ही सभी जिलों में भी कार्यक्रम कर कार्ड वितरण किया जाएगा।
1900 से अधिक उपचार पैकेज मिलेगा योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों में 1900 से अधिक उपचार पैकेजों का लाभ मिलेगा। इनमें कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, जटिल सर्जरी सहित कई गंभीर बीमारियों का उपचार शामिल है। योजना का संचालन साचीज के माध्यम से किया जाएगा और आयुष्मान भारत की निर्धारित उपचार दरें लागू होंगी। इसके लिए पोर्टल सक्रिय कर शिक्षकों का पंजीकरण किया जा रहा है।
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