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Thursday, October 21, 2021

प्राथमिक स्कूलों में बीपीएड डिग्री धारकों की नियुक्ति गलत - हाईकोर्ट

प्राथमिक स्कूलों में बीपीएड डिग्री धारकों की नियुक्ति गलत - हाईकोर्ट


■ निर्णय
◆ बीपीएड डिग्री धारक सहायक शिक्षक की सेवाएं समाप्ति पर मुहर 
◆ सुनवाई के दौरान किया नियुक्ति संबंधित कानूनी प्रविधानों का जिक्र



लखनऊ : इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने इंटरमीडिएट एजुकेशन एक्ट 2021 व अन्य प्रविधानों का जिक्र करते हुए इंटर कालेजों से संबद्ध प्राथमिक स्कूलों में बीपीएड डिग्री धारकों की नियुक्ति को गलत करार दिया। इस आधार पर कोर्ट ने गोंडा के विवेकानंद इंटर कालेज से संबद्ध प्राइमरी स्कूल में बीपीएड डिग्री के आधार पर तैनात सहायक शिक्षक की सेवा समाप्त संबधी आदेश पर मुहर लगा दी।

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यह आदेश जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने राकेश कुमार की रिट याचिका खारिज करते हुए पारित किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नियुक्ति संबंधित कानूनी प्रविधानों का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि विधायिका की साफ मंशा है कि ऐसे स्कूलों में नियुक्ति के लिए स्नातक के साथ बीटीसी, एचटीसी या सीटी की डिग्री आवश्यक होगी और यदि इनके डिग्रीधारक नहीं मिलते तो उनके स्थान पर बीएड डिग्रीधारक को रखा जाएगा। किंतु ऐसा प्रविधान नहीं है कि बीटीसी एचटीसी या सीटी धारक की उपलब्धता न होने पर बीपीएड डिग्री धारक को नियुक्ति दी जाए। 


याचिकाकर्ता राकेश कुमार गोंडा के विवेकानंद इंटर कालेज से संबद्ध प्राइमरी स्कूल में सहायक शिक्षक पद पर तैनात था। 20 अक्टूबर 2014 को कालेज प्रबंधन ने उसे नौकरी के लिए बीपीएड डिग्री के साथ आवेदन करने के कारण हटा दिया था। जबकि नियमानुसार यह डिग्री सहायक शिक्षक पद पर चयन के लिए मान्य नहीं थी। कालेज प्रबंधन के इस आदेश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने भी 27 दिसंबर 2016 को अपनी मुहर लगा दी थी। जिसके बाद याची ने आदेश को 2017 में हाईकोर्ट में चुनौती दी।

Friday, August 7, 2020

नई शिक्षा नीति : 1.5 लाख बीपीएड-डीपीएड बेरोजगारों को नौकरी की जगी उम्मीद

नई शिक्षा नीति: 1.5 लाख बीपीएड-डीपीएड बेरोजगारों को नौकरी की जगी उम्मीद।

प्रयागराज : नई शिक्षा नीति से प्रदेशभर के 1.5 लाख से अधिक बीपीएड (बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन), डीपीएड (डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन) और सीपीएड (सर्टिफिकेट इन फिजिकल एजुकेशन) बेरोजगारों में उम्मीद जगी है। नई नीति के मुताबिक अब खेल, कला, संगीत, शिल्प, योग और सामुदायिक सेवा जैसे सभी विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इन्हें सहायक पाठ्यक्रम (को-करिकुलर) या अतिरक्त पाठ्यक्रम (एक्स्ट्रा-करिकुलर) की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा। इससे शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगारों को लग रहा है कि कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों में उनकी नियुक्ति का रास्ता खुलेगा।




वर्तमान में केवल 100 से अधिक छात्रसंख्या वाले परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में शारीरिक शिक्षा विषय के अनुदेशक नियुक्त हैं। 100 से कम छात्रसंख्या वाले स्कूलों में भी शारीरिक शिक्षा विषय के 32022 अनुदेशकों की नियुक्ति प्रक्रिया 19 सितंबर 2016 को शुरू हुई थी जो कानूनी विवाद में उलझने के कारण अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इस भर्ती के लिए 1.54 लाख बीपीएड, डीपीएड और सीपीएड अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। ये बेरोजगार नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए छह साल से आंदोलन कर रहे हैं।




बीपीएड संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष पंकज यादव का कहना है कि एक सितंबर 2015 को विधानसभा के सामने प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज में कई बेरोजगार घायल हुए थे। प्रदर्शन कर रहे 101 अभ्यर्थियों को 39 दिन जेल की सजा काटनी पड़ी। लेकिन आज तक हम सात रुपये प्रतिमाह मानदेय पर अंशकालिक अनुदेशक की नौकरी नहीं पा सके हैं।


बीपीएड संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र यादव का कहना हैै कि नई शिक्षा नीति में खेल व योग को भी पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। उम्मीद करते हैं कि सरकार खेल या शारीरिक शिक्षा विषय के शिक्षकों की नियुक्ति परिषदीय विद्यालयों में करेगी। यह सवाल हम हमेशा से पूछते रहे हैं कि जब नौकरी नहीं देनी थी तो ये पाठ्यक्रम चलाया ही क्यों जा रहा हैं।

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Friday, October 12, 2018

हाईकोर्ट का फैसला : बीपीएड डिग्री धारक हाईस्कूल में ही बन सकते हैं प्रधानाचार्य, इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य नियुक्त होने की योग्यता नहीं

हाईकोर्ट का फैसला : बीपीएड डिग्री धारक हाईस्कूल में ही बन सकते हैं प्रधानाचार्य,  इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य नियुक्त होने की योग्यता नहीं


इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट की पूर्णपीठ ने कहा है कि पीटी टीचर (बीपीएड डिग्रीधारकों) को हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक पद पर ही नियुक्ति पाने का अधिकार है। वे इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य नियुक्त होने की योग्यता नहीं रखते। इंटर कॉलेजों में एमपीएड धारक ही प्रधानाचार्य नियुक्त हो सकते हैं। 1यह फैसला मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले, न्यायमूर्ति एमके गुप्ता तथा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पूर्णपीठ ने अमल किशोर सिंह की विशेष अपील पर दिया है।



कोर्ट ने बीपीएड डिग्री को बीएड, एलटी, बीटी/सीटी इत्यादि के समकक्ष माना है लेकिन, कहा है कि बीपीएड इंटर कालेज के प्रवक्ता पद पर पढ़ाने के लिए मान्य योग्यता नहीं है। कोर्ट ने कहा है कि बीपीएड डिग्री पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनिंग योग्यता है इसलिए वे हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक बनने के योग्य हैं लेकिन, इंटरमीडिएट कालेज के प्रधानाचार्य पद के योग्य नहीं हैं, क्योंकि बीपीएड डिग्री धारक कक्षा नौ व 10 को पढ़ाने की योग्यता रखते हैं, कक्षा 11 व 12 में पढ़ाने की योग्यता नहीं रखते।



इंटरमीडिएट में एमपीएड डिग्री धारक ही पढ़ा सकते हैं। ऐसे में ये प्रधानाचार्य बन सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि एनसीटीई ने योग्यता का निर्धारण किया है जो राज्य पर बाध्यकारी है। इसलिए रेग्यूलेशन के तहत निर्धारित न्यूनतम योग्यता के अनुसार बीपीएड डिग्री धारक इंटर कालेज के प्रधानाचार्य नहीं नियुक्त हो सकते। कोर्ट ने विधि प्रश्न तय करते हुए अपील खंडपीठ के समक्ष वापस कर दी है।

Friday, September 21, 2018

32022 शारीरिक शिक्षा अनुदेशक भर्ती : जल्द शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया, डिप्टी सीएम से मिला आश्वासन, धरना स्थगित

एनबीटी, लखनऊ: बीपीएड संघर्ष मोर्चा उत्तर प्रदेश के बीपीएड धारकों का धरना दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री डॉ़ दिनेश शर्मा के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया।

मोर्चा का धरना बुधवार से हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा परिसर में चल रहा था। धरने के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री डॉ़ दिनेश शर्मा से प्रतिनिधिमंडल की सकारात्मक वार्ता हुई। इसमें आश्वासन दिया गया कि दशहरे के बाद 32022 शारीरिक शिक्षा और खेलकूद अनुदेशक भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र यादव, प्रदेश सचिव आकाश गुप्त महाराजगंज के जिला अध्यक्ष कुलदीप मणि त्रिपाठी संग आजमगढ़ के बृजेश सिंह और बस्ती जिला के संरक्षिका दीपिका सिंह शामिल रहीं।
डिप्टी सीएम से मिला आश्वासन, धरना स्थगित
बीपीएड धारकों ने उपमुख्यमंत्री डॉ़ दिनेश शर्मा से की मुलाकात।

Friday, July 7, 2017

सीएम से मिला डिग्री धारकों का प्रतिनिधिमंडल, मिला आश्वासन हटेगी भर्तियों पर लगी रोक

बीपीएड संषर्घ मोर्चा को CM से मिला आश्वासन• एनबीटी, लखनऊ: शारीरिक शिक्षा और खेल अनुदेशक भर्ती पर लगी रोक को हटाने की मांग के लिए प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षक बीपीएड संषर्घ मोर्चा यूपी के डिग्री धारकों का प्रतिनिधि मंडल गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मिला। सीएम ने आश्वासन दिया कि जल्द ही समीक्षा का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद भर्तियों पर लगी रोक हटा ली जाएगी। आश्वासन के बाद डिग्री धारकों ने गुरुवार को धरना स्थगित कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप यादव ने सीएम के सकारात्मक रुख की सराहना की। वहीं धरना स्थगित करते हुए घोषणा की कि अगर उनकी मांगें न पूरी हुईं तो वह 15 दिन बाद दोबारा आन्दोलन छेड़ेगे। निगम अध्यक्ष जनमेजय कुमार सिंह के अनुसार उनकी मांग है कि संविदा प्रथा बंद की जाए। पूर्णकालिक एमडी की नियुक्ति की जाए। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश बीटीसी टीईटी उत्तीर्ण प्रशिक्षितों का भी धरना जारी रहा।

Wednesday, June 28, 2017

बीपीएड डिग्रीधारकों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, योग शिक्षकों की काउंसलिंग पर रोक लगाने से है क्षुब्ध


बीपीएड डिग्रीधारकों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, योग शिक्षकों की काउंसलिंग पर रोक लगाने से है क्षुब्ध