किसानों के बच्चों की छात्रवृत्ति बढ़ी अब मिलेंगे सालाना 60 हजार रुपये, पहले चयनित विद्यार्थियों को मिलते थे 36 हजार रुपये
लखनऊ। प्रदेश में किसान और खेतिहर मजदूरों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए अब दोगुनी छात्रवृत्ति मिलेगी। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत मासिक राशि तीन हजार से बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दी गई है। इससे चयनित विद्यार्थियों को सालाना 36 हजार के बजाय 60 हजार रुपये मिलेंगे।
प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों व कृषि संस्थानों में छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 45 से बढ़ाकर 90 और 61 कृषि महाविद्यालयों में 15 से बढ़ाकर 30 कर दी गई है। इस तरह कुल छात्रवृत्ति सीटें 1410 से बढ़कर 2820 हो गई हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को सालाना 24 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। योजना में कृषि, उद्यान, वानिकी, पशुपालन और संबंधित विषयों के पात्र विद्यार्थी शामिल हैं।
स्नातक स्तर पर यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट में कम से कम 70 प्रतिशत और अन्य बोर्ड से 85 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। स्नातकोत्तर के लिए स्नातक में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। चयन मेरिट के आधार पर होगा।
मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, छात्रवृत्ति की संख्या और राशि बढ़ने से आर्थिक रूप से कमजोर किसान परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।
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