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Sunday, June 28, 2020

प्राइवेट बेसिक स्कूलों की मान्यता में घपला, जांच मे दोषी पाए गए शिक्षा अधिकारियों को बचाने में जुटे है विभागीय अधिकारी

प्राइवेट बेसिक स्कूलों की मान्यता में घपला, जांच मे दोषी पाए गए शिक्षा अधिकारियों को बचाने में जुटे  है विभागीय अधिकारी

 

अयोध्या :  जिले के निजी जूनियर व प्राइमरी स्कूलों को नियमों को दरकिनार कर मान्यता देने के मामले में अब तक पटल निरीक्षक के निलंबन के आगे कार्रवाई नहीं बढ़ी है। साल 2018-19 और 2019-20 में हुए घोटाले में शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जगह एडी बेसिक और बीएसए के बीच दोषी बीईओ के नाम पता लगाने को लेकर खानापूरी ही चल रही है। इस मामले में हुई जांच में तत्कालीन बीएसए अमिता सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी और पटल लिपिक दोषी पाए गए थे। तीन सदस्यीय कमिटी ने 263 स्कूलों की जांच में 84 स्कूलों की मान्यता जारी करने में गंभीर वित्तीय और अन्य अनियमितताओं की बात कही थी।


डीएम एके झा के आदेश पर सितंबर-2019 में हुई जांच के बाद रिपोर्ट में तत्कालीन बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारियों और लिपिक गया प्रसाद को निलंबित कर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। इसके बाद 6 फरवरी 2020 को डीएम ने यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को भेजी दी थी। रिपोर्ट के आधार पर डीजी (स्कूल शिक्षा) ने एडी बेसिक अयोध्या को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था। हालांकि, अभी तक केवल लिपिक को ही सस्पेंड किया गया है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि घोटाले में दोषी पाए गए बीईओ के नाम को लेकर अब लिखा-पढ़ी की जा रही है। बीएसए बीईओ का नाम एडी बेसिक को नही भेज पाएं है।


आरोपित अधिकारियों के नाम नहीं भेजे
एडी बेसिक अयोध्या रविन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि बीएसए से आरोपित बीईओ का नाम 6 फरवरी 2020 को मांगा गया है। 10 फरवरी को उन्होंने सभी बीईओ के नाम की सूची भेज दी लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन-कौन से बीईओ आरोपित हैं। 19 मई को बीएसए दो रीमाइंडर भेजा गया है। बीएसए से रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपपत्र बना कर पत्रावली शिक्षा महानिदेशक को भेज दी जाएगी।



मेरे स्तर से कोई कार्रवाई बाकी नहीं
इस मामले में बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय ने बताया कि मान्यता को लेकर जांच बाकी स्कूलों की तीन सदस्यीय कमिटी कर रही है, जिसकी रिपोर्ट नहीं आई है। जिन 84 स्कूलों की मान्यता देने में अनियमितताओं की जांच रिपोर्ट आ चुकी है उस मेरे स्तर पर कोई कार्रवाई पेंडिंग नहीं है। दोषियों पर कार्रवाई करने का प्रकरण एडी बेसिक स्तर का मामला है। 

Friday, June 26, 2020

एडेड माध्यमिक : नियुक्ति देने वालों पर लटकी कार्रवाई की तलवार


एडेड माध्यमिक : नियुक्ति देने वालों पर लटकी कार्रवाई की तलवार


प्रयागराज : एडेड माध्यमिक कालेजों की शिक्षक नियुक्ति में हेराफेरी करने वाले अब निशाने पर हैं। शासन के निर्देश पर मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को आख्या के साथ तलब किया जा चुका है। सभी से पूछा गया है कि शिक्षक पद का अधियाचन यदि चयन बोर्ड नहीं भेजा गया तो दोषी अधिकारी का नाम क्या है? और उसकी वर्तमान में तैनाती कहां है? इस सवाल से साफ है कि नियुक्ति में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। बस जांच पूरा होने का इंतजार है।



असल में, सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह व अन्य बनाम उप्र व अन्य सहित सिविल अपीलों पर 28 फरवरी 2020 को आदेश दिया है। शासन अशासकीय सहायताप्राप्त कालेजों में नियुक्ति पाने वालों की चयन प्रक्रिया जांच रहा है कि वह सही है या नहीं। शासन स्तर पर तय हुआ कि उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड सचिव पिछले वर्षो में मिले अधियाचन की रिपोर्ट देंगी। अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक जिलों से भेजें अधियाचन व चयन प्रक्रिया की जांच करेंगे।


प्रयागराज के शिक्षा निदेशालय में अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक व डीआइओएस को तलब करके जांच शुरू कर दी है।


इस तरह की मांगी आख्या : जिले का नाम, शिक्षक का नाम व पदनाम, विद्यालय, कब से संबद्ध, रिक्त पद किस विषय का था पूर्व में कार्यरत शिक्षक का नाम, भेजे अधियाचन का पत्रंक व दिनांक, यदि अधियाचन नहीं भेजा दोषी अधिकारी का नाम व वर्तमान तैनाती स्थान, अधियाचन की प्रति चयनित अभ्यर्थी को मिली या नहीं, नियुक्ति की तारीख।


नियुक्ति प्रक्रिया : दो बहुप्रसारित समाचार पत्र में विज्ञापन, चयन समिति का गठन, अर्हता, गुणांक निर्धारण। संस्था ने डीआइओएस को प्रकरण कब संदíभत किया था, वेतन भुगतान व अन्य विवरण

Tuesday, June 23, 2020

रायबरेली : खामी मिली तो गुरुजी जिम्मेदार, मौज करें..., परिषदीय विद्यालयों में कंपोजिट ग्रांट से ग्रीन बोर्ड की खरीद में गडबडझाला

रायबरेली : खामी मिली तो गुरुजी जिम्मेदार, मौज करें..., परिषदीय विद्यालयों में कंपोजिट ग्रांट से ग्रीन बोर्ड की खरीद में गडबडझाला




Thursday, June 18, 2020

रिश्वत लेने देने के मामले में हाथरस में दो हेडमास्टर निलंबित, वीडियो वायरल होने पर हुई कार्यवाई


रिश्वत लेने देने के मामले में हाथरस में दो हेडमास्टर निलंबित, वीडियो वायरल होने पर हुई कार्यवाई

वीडियो वायरल होने पर रिश्वत लेने और देने वाले दोनों हेड मास्टरों पर कार्रवाई...



हाथरस : बेसिक शिक्षा विभाग के ब्लॉक सहपऊ के प्राथमिक विद्यालय धाधऊ के हेड मास्टर रिश्वत लेने के मामले में फंस गए हैं। प्राथमिक विद्यालय नगला बघेल के प्रधानाध्यापक द्वारा मिड-डे मील के खाद्यान की सूचना जमा कराने के नाम पर उन्हें 200 रुपये देने का वीडियो वायरल हुआ है। विभाग ने रिश्वत देने और लेने वाले दोनों हेडमास्टरों को निलंबित कर दिया है।


बुधवार को वायरल हुए वीडियो में प्राथमिक विद्यालय धाधऊ के हेड मास्टर सतीश कुमार 200 रुपये लेते हुए दिख रहे हैं। उन्हें नगला बघेल के प्रधानाध्यापक प्रशांत कुमार भारद्वाज रुपये दे रहे हैं। उनके साथ का एक व्यक्ति इस लेनदेन का वीडियो बना रहा है। बताया जा रहा है कि सतीश कुमार को खाद्यान की सूचनाएं जमा कराने के नाम पर प्रशांत कुमार ने रुपये दिए। वीडियो देखकर विभागीय अधिकारियों में खलबली मची। 


बेसिक शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार मिश्र तक मामला पहुंचा तो उन्होंने प्रथम ²ष्टया रिश्वत लेने और देने वाले दोनों शिक्षकों को दोषी मानते हुए कार्रवाई कर दी। दोनों हेड शिक्षकों को निलंबित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय हसायन पर संबद्ध कर दिया है। उन्होंने मामले की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी हसायन अखिलेश यादव को नामित किया है। मुकदमा दर्ज कराने के आदेश



बीएसए ने इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी वीएन देयपुरिया को मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसएस ने पत्र में कहा है कि रिश्वत लेने वाले और प्रलोभन देने वाले दोनों हेडमास्टर भ्रष्टाचार प्रदर्शित कर रहे हैं। इस संबंध में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। इनका कहना है दोनों हेड मास्टरों के बीच 200 रुपये के लेन-देन का वीडियो वायरल हुआ है। 


रुपये देने के पीछे की वजह की जांच की जाएगी। बीईओ हसायन को जांच के निर्देश दिए गए हैं। -मनोज कुमार मिश्र, बीएसए हाथरस

Sunday, August 4, 2019

आगरा : शिक्षकों के समायोजन में बरती गईं अनियमितताएं, फाइलें तलब

आगरा : शिक्षकों के समायोजन में बरती गईं अनियमितताएं, फाइलें तलब


Friday, June 28, 2019

सुल्तानपुर : बीएसए के गले की फांस बनी सहायता प्राप्त विद्यालय में चहेतों की नियुक्तियां, निलंबित बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों की होगी जांच


सुल्तानपुर : बीएसए के गले की फांस बनी सहायता प्राप्त विद्यालय में चहेतों की नियुक्तियां, निलंबित बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों की होगी जांच।