मुख्यमंत्री कंपोजिट मॉडल स्कूलों के निर्माण में करोड़ों रुपये के टेंडरों को लेकर बड़ा खेल, निर्माण में टेंडर की शर्तें अलग-अलग
लखनऊ। मुख्यमंत्री मॉडल स्कूलों के निर्माण में करोड़ों रुपये के टेंडरों को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। आरोप है कि यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन ने नियम-कानूनों को ताक पर रख दिया। प्रदेश में एक जैसे बनने वाले मॉडल स्कूलों के लिए अलग अलग टेंडर नियम बनाकर विभाग ने पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रदेश में करीब 80 मुख्यमंत्री मॉडल स्कूलों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें से करीब 40 स्कूलों के निर्माण की जिम्मेदारी शासन ने यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन को दी है, लेकिन अब इन्हीं के निर्माण में अनियमितता और टेंडर हेराफेरी के आरोप लग रहे हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के पत्र के बाद मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने मामले में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा से रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों का दावा है,जांच की आंच ऊपर तक पहुंचती देख मामले को दबाने की कोशिश शुरू हो गई।
जीएसटी जोड़कर बदले गए टेंडर के खेल: प्रदेश के लगभग सभी बड़े विभाग, पीडब्ल्यूडी, सीपीडब्ल्यूडी, एलडीए, नगर निगम, सिंचाई विभाग और आवास विकास परिषद खुद विकास कार्यों के टेंडर में जीएसटी अलग रखते हैं। इससे परियोजना की वास्तविक लागत और बिलो टेंडर की स्थिति स्पष्ट रहती है। लेकिन उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन ने कई टेंडरों में 18% जीएसटी जोड़कर लागत बढ़ा दी।
यह खेल सिर्फ इसलिए हुआ ताकि कुछ विशेष श्रेणी के ठेकेदारों को पात्र बनाया जा सके। दरअसल, 20 करोड़ तक के कार्यों में ए श्रेणी के ठेकेदार हिस्सा ले सकते हैं, लेकिन 20 करोड़ से ऊपर का टेंडर होने पर ए-1 प्लस श्रेणी के बड़े ठेकेदार पात्र हो जाते हैं। आरोप है कि विभाग ने जानबूझकर जीएसटी जोड़कर कई परियोजनाओं की लागत 20 करोड़ के पार पहुंचा दी।
टेंडर में जीएसटी की रकम नहीं जोड़ी जाती है। एलडीए में भी इसी तरह टेंडर होता है। यदि कोई विभाग कभी जीएसटी जोड़कर और कभी हटाकर टेंडर करता है तो सवाल उठेगा। -मानवेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता, एलडीए
भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं है। अधिकारी जहां जरूरत समझते हैं वहां जीएसटी जोड़ देते हैं और जहां नहीं समझते हटाकर टेंडर कराते हैं। इसका कोई नियम नहीं है। -एके सिंह, सीजीएम, उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड
जहां चाहा जीएसटी हटाया, जहां चाहा जोड़ दिया
प्रोजेक्ट कारपोरेशन में टेंडर प्रक्रिया में दोहरे मानदंडों के उदाहरण भी सामने आए हैं। 3 मार्च 2023 को आगरा के बिरुनी में 18.47 करोड़ के मॉडल स्कूल का टेंडर बिना जीएसटी जोड़े निकाला गया। कई अन्य जिलों में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। दूसरी ओर 30 मई 2023 को मऊ के पितवल में मॉडल स्कूल निर्माण के लिए 20.15 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया, जिसमें जीएसटी जोड़ दी गई। बस्ती के रुधौली में 22.36 करोड़ के टेंडर में भी जीएसटी जोड़कर लागत बढ़ाई गई। आरोप है कि पूरी प्रक्रिया के जरिए बिलो टेंडर की वास्तविक तस्वीर भी धुंधली कर दी गई।
टेंडर में एकरूपता होनी चाहिए। हम इस मामले को दिखवाएंगे। अलग अलग यूनिट के सीजीएम ने टेंडर कराए हैं। सुधारा जाएगा। सभी कामों के टेंडर एक ही शर्तों पर होंगे। संतोष कुमार सिंह, एमडी, उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन
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