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Monday, February 22, 2021

UGC Dual Degree Rules: यूजीसी ने दोहरी डिग्री के नियम लेकर तैयार मसौदे को दिया अंतिम रूप

 UGC Dual Degree Rules: यूजीसी ने दोहरी डिग्री के नियम लेकर तैयार मसौदे को दिया अंतिम रूप


UGC New Rules on Dual Degree: भारतीय एवं विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान जल्द ही संयुक्त या दोहरी डिग्री की पेशकश कर सकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इन शिक्षा कार्यक्रमों के नियमों से संबंधित मसौदे को अंतिम रूप दिया है। हालांकि, इस बारे में अंतिम निर्णय मसौदे को लेकर मिलने वाली प्रतिक्रिया के बाद लिया जाएगा जिसे सार्वजनिक किया गया है।


इस मसौदे के मुताबिक, भारत के उच्च शिक्षण संस्थान क्रेडिट पहचान और हस्तांतरण के साथ-साथ दोहरी डिग्री प्रदान करने को लेकर समकक्ष विदेशी शिक्षण संस्थानों के साथ समझौता कर सकेंगे।


इसके मुताबिक, यह नियम ऑनलाइन, ओपन और दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के शिक्षा कार्यक्रमों में लागू नहीं होंगे। नियमों के अनुसार, दोहरी डिग्री कार्यक्रम के अंतर्गत दोनों संस्थानों की डिग्री संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद भारतीय एवं विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान अलग-अलग या संयुक्त डिग्री दे पाएंगे।

Tuesday, February 2, 2021

UGC NET 2021 Exam Date: मई में होगी यूजीसी नेट की परीक्षा, जानिए कैसे करें आवेदन और एग्जाम पैटर्न

UGC NET 2021 Exam Date: मई में होगी यूजीसी नेट की परीक्षा, जानिए कैसे करें आवेदन और एग्जाम पैटर्न


UGC NET 2021 Exam Date announced: यूजीसी नेट 2021 के लिए ऑनलाइन आवेदन nta.ac.in या ugcnet.nta.nic.in पर शुरू हो गए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 2 मार्च तक ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं।

UGC NET Exam 2021: यूजीसी नेट की परीक्षा में दो पेपर (पेपर- 1और 2) होते हैं।


UGC NET 2021 Exam Date:  केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने UGC-NET परीक्षा 2021 तारीखों का ऐलान कर दिया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) मई में एक जूनियर रिसर्च फेलोशिप और सहायक प्रोफेसर के लिए UGC-NET परीक्षा आयोजित करेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने बताया कि जूनियर रिसर्च फेलोशिप और सहायक प्रोफेसर के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) 2 से 7 मई और 10 मई से 12 मई, 14 और 17, 2021 तक आयोजित की जाएगी। यूजीसी एनईटी परीक्षा 2021 के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।


शिक्षा मंत्री ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर एनटीए द्वारा जारी नोटिफिकेशन शेयर करते हुए कहा कि, ‘नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप की पात्रता के लिए 2, 3, 4, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 14 और 17 मई, 2021 को यूजीसी-नेट की परीक्षा आयोजित करेगी।’

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NTA UGC NET 2021 Online Application: यूजीसी नेट एक कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन nta.ac.in या ugcnet.nta.nic.in पर शुरू हो गए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 2 मार्च तक या उससे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भरक जमा कर सकते हैं। आवेदन शुल्क भुगतान के लिए विंडो 3 मार्च तक खुली रहेगी।


UGC NET Exam Pattern 2021: यूजीसी नेट की परीक्षा में दो पेपर (पेपर- 1और 2) होते हैं जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) होते हैं। उम्मीदवारों को तीन घंटे की एक ही अवधि में दोनों पेपर करने होते हैं। पेपर 1 में 100 अंक होंगे जबकि पेपर 2 में 200 अंक होंगे। जो उम्मीदवार, यूजीसी नेट परीक्षा 2021 के लिए उपस्थित होना चाहते हैं, वे यूजीसी नेट दिसंबर 2020 के सूचना बुलेटिन में दी गई डीटेल्ट देख सकते हैं जो 2 फरवरी 2021 से आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड होगा।


बता दें कि, परीक्षा में बैठने वालों को योग्यता के आधार पर भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए सहायक प्रोफेसर, जूनियर रिसर्च फेलोशिप या दोनों के पद के लिए पात्र होंगे। UGC-NET हर साल दो बार आयोजित किया जाता है, हालांकि 2020 में कोरोना वायरस महामारी के कारण, जून 2020 की परीक्षा में देरी से हुई। सभी विषयों को कवर करने के लिए सितंबर 2020 तक और नवंबर 2020 तक के लिए टाल दिया गया था। दिसंबर 2020 शेड्यूल को भी स्थगित करना पड़ा और अब मई 2021 में आयोजित किया जा रहा है।

Saturday, January 23, 2021

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल की दिशा में UGC का एक और कदम, एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट की होगी शुरुआत

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल की दिशा में UGC का  एक और कदम, एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट की होगी शुरुआत



राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल की दिशा में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में अब कामर्शियल बैंकों की तरह एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट (एबीसी) नाम की एक नई स्कीम शुरू होगी। इसमें छात्रों की बीच में छोड़ी गई पढ़ाई अब बेकार नहीं जाएगी।



बल्कि जितने समय पढ़ाई की है, उसका पूरा क्रेडिट इस प्रस्तावित बैंक में जमा रहेगा। उसके आधार पर वह कभी भी फिर से पढ़ाई शुरू कर सकेगा या फिर अपने जमा क्रेडिट को भुना भी सकेगा। इस दौरान उसने यदि एक साल की पढ़ाई पूरी कर ली है तो उसे कोर्स का सर्टिफिकेट मिल जाएगा। वहीं दो साल की पढ़ाई पूरी कर ली है तो डिप्लोमा मिल जाएगा।

एबीसी नाम से प्रस्तावित इस स्कीम के तहत विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र किसी कोर्स को बीच में छोड़कर किसी नए कोर्स की पढ़ाई भी कर सकेंगे। इस बीच उस कोर्स का क्रेडिट बाद में मुख्य कोर्स के साथ जुड़ जाएगा। यानी किसी कोर्स के बीच में भी कोई नया कोर्स करने की आजादी मिलेगी। इसके साथ ही छात्र अपने जमा क्रेडिट के आधार पर किसी दूसरे विश्वविद्यालय में भी प्रवेश ले सकेंगे। इस दौरान यह जरूर देखा जाएगा कि छात्र नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) की रैंकिंग में यदि उच्च संस्थान से निम्न रैंकिंग वाले संस्थान में जाता है तो उसका क्रेडिट ट्रांसफर हो जाएगा, लेकिन अगर वह निम्न रैंकिंग से उच्च रैंकिंग वाले संस्थान में प्रवेश लेना चाहेगा तो क्रेडिट ट्रांसफर नहीं होगा। 


फिलहाल यूजीसी ने इसके रेगुलेशन का मसौदा तैयार किया है जिसे लेकर देशभर के सभी विश्वविद्यालयों से राय मांगी है। उन्हें पांच फरवरी तक इस पर अपनी राय देनी है। यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने बताया कि इस स्कीम को नए शैक्षणिक सत्र से शुरू करने की योजना है। एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट (एबीसी) को मंजूरी मिलने के बाद सभी विश्वविद्यालयों को इससे जोड़ा जाएगा। ऐसे में विश्वविद्यालयों के किसी भी कोर्स में प्रवेश लेते ही छात्र का इस बैंक में अपने आप एक अकाउंट खुल जाएगा। इसके लिए उन्हें यूनिक आइडी भी मिलेगी जहां उनकी जीवनभर की पढ़ाई का ब्योरा मौजूद रहेगा। नौकरियों में दस्तावेजों के वेरीफिकेशन में भी इसकी मदद ली जा सकेगी। इसके साथ ही सभी कोर्सों के क्रेडिट का मानक भी तय होगा जिसे यूजीसी जल्द जारी करेगा। यूजीसी के प्रस्तावित ड्राफ्ट के मुताबिक, यह एकेडमिक बैंक भी कामर्शियल बैंकों की तरह काम करेगा जहां छात्रों की पढ़ाई का पूरा क्रेडिट जमा होगा। इसका वे कभी भी और कहीं भी इस्तेमाल कर सकेंगे।

Sunday, January 10, 2021

भारत के प्रख्यात शिक्षा संस्थान दूसरे देशों में भी कर सकेंगे अपने कैंपस की स्थापना, UGC ने जारी किए निर्देश

भारत के प्रख्यात शिक्षा संस्थान दूसरे देशों में भी कर सकेंगे अपने कैंपस की स्थापना, UGC ने जारी किए निर्देश


प्रख्यात संस्थानों का दर्जा प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालय और कॉलेज अब दूसरे देशों में भी अपने कैंपसों की स्थापना कर सकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इस संबंध में नए निर्देश जारी किये हैं।  शिक्षा मंत्रालय ने साल 2018 में प्रख्यात संस्थान (आईओए) योजना शुरू की थी, जिसके तहत 10 सार्वजनिक और 10 निजी संस्थानों समेत कुल 20 संस्थानों का चयन कर उन्हें पूरी अकादमिक और प्रशासनिक स्वायत्ता प्रदान की जाती है।
   
  

नए दिशा-निर्देश नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत जारी किये गए हैं, जिनके अनुसार विदेशी विश्वविद्यालय भारत में और भारत के शीर्ष संस्थान दूसरे देशों में अपने कैंपस स्थापित कर सकेंगे।
     

नियमों के अनुसार प्रख्यात संस्थानों को पांच साल में अधिकतम तीन ऑफ-कैंपस केन्द्र खोलने की अनुमति होगी। वे एक अकादमिक वर्ष में एक से अधिक कैंपस नहीं खोल सकेंगे बहरहाल, उन्हें इसके लिये शिक्षा मंत्रालय , गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी।
 
    
नए दिशानिर्देशों के अनुसार, ''प्रख्यात संस्थानों को प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पांच साल में अधिकतम तीन ऑफ-कैंपस केन्द्र खोलने की अनुमति होगी। वे एक अकादमिक वर्ष में एक से अधिक कैंपस नहीं खोल सकेंगे।''

    
इनमें कहा गया है, ''ऑफ कैंपस केन्द्र स्थापित करने के इच्छुक संस्थान को शिक्षा मंत्रालय में आवेदन देते हुए अपनी 10 वर्षीय 'रणनीतिक लक्ष्य योजना'' और पांच वर्षीय 'कार्यान्वयन योजना' के बारे में बताना होगा। इसमें अकादमिक, संकाय की भर्ती, छात्रों का दाखिला, अनुसंधान अवसंरचना विकास तथा वित्तीय तथा प्रशासनिक योजनाएं शामिल हैं।''

Monday, December 28, 2020

UGC ने शुरू किए 124 ओपन ऑनलाइन कोर्सेस, ऐसे कर सकेंगे कोर्स

UGC ने शुरू किए 124 ओपन ऑनलाइन कोर्सेस, ऐसे कर सकेंगे कोर्स


UGC online courses: यूजीसी आपको यूजी व पीजी लेवल के 100 से ज्यादा ओपन ऑनलाइन कोर्सेस ऑफर कर रहा है। इसकी डीटेल व पूरी लिस्ट देखें।
    
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) घर बैठे आपको अपनी स्किल्स बेहतर करने और करियर को बूस्ट देने का बेहतरीन मौका दे रहा है। यूजीसी ने कुल 124 ऐसे ओपन ऑनलाइन कोर्स शुरू किए हैं, जो आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

खास बात ये है, कि कॉलेज स्टूडेंट्स से लेकर, टीचर्स व प्रोफेशनल्स, होम मेकर्स, सीनियर सिटिजन तक अपनी पसंद व योग्यता के अनुसार इनमें से कोई भी कोर्स कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी या कॉलेज में नामांकित स्टूडेंट्स को इनमें से कोई भी कोर्स करने पर क्रेडिट ट्रांसफर का लाभ भी मिलेगा।


अंडरग्रेजुएट लेवल के कुल 78 ऑनलाइन कोर्सेस (UG level online courses) और पीजी लेवल के 46 ओपन ऑनलाइन कोर्सेस (PG Level online courses) शुरू किए गए हैं। यूजीसी के इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर (CEC) ने स्वयं पोर्टल (SWAYAM portal) पर इनकी शुरुआत की है। इन कोर्सेस की पूरी लिस्ट आगे दी जा रही है।


कब से शुरू होगी क्लास
इन सभी 124 ऑनलाइन कोर्सेस के लिए ऑनलाइन क्लासेस जनवरी 2021 से शुरू की जाएंगी। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के एक्सपर्ट प्रोफेसर्स द्वारा ये क्लासेस स्वयं पोर्टल के जरिए ही ली जाएंगी। कोर्स पूरा होने के बाद ऑनलाइन एग्जाम्स होंगे। जिसमें सफल होने के बाद आपको यूजीसी द्वारा सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

आगे दी गई लिस्ट में हर कोर्स के लिए जरूरी योग्यता, क्लास शुरू व खत्म होने की तारीख, परीक्षा की तारीख, प्रोफेसर का नाम समेत पूरी जानकारी दी गई है। संबंधित लिंक पर क्लिक करके आप यूजीसी के ओपन ऑनलाइन कोर्सेस की पूरी डीटेल देख सकते हैं।


■ क्लिक करके देखें : 



Wednesday, December 23, 2020

UGC ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी को चेताया, कोर्स ज्वाइन न वाले पहले साल के स्टूडेंट्स की पूरी फीस रिफंड करें

UGC ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी को चेताया, कोर्स ज्वाइन न वाले पहले साल के स्टूडेंट्स की पूरी फीस रिफंड करें


प्रवेश रद्द कराने वाले छात्रों को लौटानी होगी फीस, UGC का फरमान


नई दिल्ली : प्रवेश रद कराने वाले छात्रों की पूरी फीस वापस न करना उच्च शिक्षण संस्थानों को भारी पड़ सकता है। यूजीसी ने ऐसे संस्थानों को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की फीस में किसी तरह की कटौती और उसे वापस करने में देरी की गई, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यूजीसी की ओर से सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को पहले ही निर्देश दिए गए थे जिसमें कहा गया था कि चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान यदि स्नातक और परास्नातक के पहले वर्ष में प्रवेश ले चुका कोई छात्र अपना प्रवेश निरस्त कराता है तो उसकी फीस वापस कर दी जाए। साथ ही कहा था कि यदि छात्र ने 30 नवंबर 2020 तक अपना प्रवेश निरस्त कराया है तो उसकी पूरी फीस वापस की जाए। लेकिन यदि इसके बाद निरस्त कराता है, तो एक हजार रुपए प्रोसेसिंग फीस काट कर पूरी फीस लौटाई जाए। यूजीसी का मानना था कि कोरोना के चलते छात्रों के परिजन आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में यदि कोई छात्र किसी कारण अपना प्रवेश रद कराता है तो उसकी फीस लौटा दी जाए।


उच्च शिक्षा सेक्टर नियंत्रक यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन ने यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को चेतावनी दी है। यूजीसी ने यूनिवर्सिटी और कॉलेजों से कहा है कि ऐसे कॉलेज और यूनिलर्सिटीज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जो पहले साल के ऐसे स्टूडेंटस की फीस वापस नहीं कर रहे जो आर्थिक समस्या और किसी और कारण से कोर्स ज्वाइन नहीं कर पाए हैं। सभी यूनिवर्सिटीज के वाइस चांसलर को यूजीसी के चैयरमैन रजनीश जैन ने एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि यूजीसी को सैकड़ों शिकायतें मिली हैं, शिकायतों में बताया गया है कि यूनिवर्सिटी और कॉलेज स्टूडेंट्स की फीस रिफंड नहीं कर रहे हैं। 


आपको बता दें कि यूजीसी ने अपनी एकेडमिक गाइडलाइंस में साफ लिखा था कि अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स सेशन 2020-21 में कोविड-19 महामारी के कारण स्टूडेंट्स आर्थिक समस्या से गुजर रहे हैं, जिसके चलते इस बात को सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि 31 दिसंबर तक एडमिशन में जीरो कैंसलेशन चार्जेस हों।


पत्र में लिखा गया है कि    अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स सेशन 2020-21 में 31 दिसंबर तक किए रद्द किए गए, एडमिशन वापस लिए गए की पूरी फीस जो स्टूडेंट से ली गई है वापस की जाएगी। इसमें 1000 रुपए से ज्यादा की प्रोसिंग फीस की कटौती ही की जाएगी। वहीं यूजीसी के वरिष्ठ अधिकारी ने चिंता जाहिर की है कि अभी तक कई कॉलेज और यूनिवर्सिटी के खिलाफ कई शिकायतें जो इन निर्देशों को नहीं मान रही हैं।