सेमेस्टर और परीक्षा में देरी पर बताना होगा कारण, UGC ने उच्च शिक्षण संस्थानों को लिखा पत्र, सेमेस्टर, परीक्षा तय शेड्यूल के अनुसार करें
नई दिल्ली। सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को अपना अकादमिक सत्र तय शेड्यूल के अनुसार चलाना होगा। शैक्षणिक सत्र 2026-27 को शुरू करने, सेमेस्टर और परीक्षा में देरी पर कारण बताना होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को अकादमिक कैलेंडर के तहत अपना सत्र चलाने को कहा है।
यूजीसी का मानना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों के मनमाने रवैये से छात्रों को दिक्कत होती है। इसलिए अकादमिक सत्र में बदलाव होने पर संस्थानों को अपनी अधिकारिक वेबसाइट पर उसकी जानकारी देनी होगी। यूजीसी ने छात्रों की शिकायत के बाद इस संबंध में सभी राज्यों और उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखा। इसमें कहा गया कि अगस्त का आधा महीना बीत चुका है।
लेकिन कई उच्च शिक्षण संस्थानों में अभी तक दाखिला प्रक्रिया चल रही है। इसके कारण कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में सितंबर तक नियमित कक्षाएं शुरू नहीं हो पाएंगी। इससे सेमेस्टर सिस्टम भी प्रभावित होने से उसे आगे बढ़ा दिया जा रहा है। सेमेस्टर शुरू और समाप्त होने में देरी का असर परीक्षाओं में भी देखने को मिल रहा है।
इसके बाद रिजल्ट देरी से जारी किया जा रहा है। अगर कोई शिक्षण संस्थान अपने अकादमिक कैलेंडर में देरी के कारण बदलाव करता है तो फिर उसकी जानकारी संबंधित संस्थान की अधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जाए, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। अगर कोई संस्थान अकादमिक सत्र में बदलाव करता है तो उसके कारण की रिपोर्ट यूजीसी को भी भेजी जाए।
दाखिले में देरी, पढ़ाई भी प्रभावित
दरअसल, छात्रों ने अपनी समस्या में लिखा है कि अकादमिक सत्र में देरी का असर उनके अगले दाखिले पर भी पड़ रहा है। इसके अलावा यूजी और पीजी डिग्री प्रोग्राम के साथ वे अन्य कोर्स साथ में करते हैं, उसकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
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