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Sunday, June 15, 2025

ग्यारहवें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून 2025) के आयोजन के सम्बन्ध में माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी

ग्यारहवें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून 2025) के आयोजन के सम्बन्ध में माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी 



Monday, June 2, 2025

प्रदेश में 4000 से अधिक स्थानों पर होगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, 15 जून से एक सप्ताह तक सेमिनार, कार्यशालाएं और संगोष्ठियों का होगा आयोजन

प्रदेश में 4000 से अधिक स्थानों पर होगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, 15 जून से एक सप्ताह तक सेमिनार, कार्यशालाएं और संगोष्ठियों का होगा आयोजन

सामूहिक योग सहित कई कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन 


लखनऊ। प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 15 जून से 21 जून तक योग सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान जनपद, तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर सामूहिक योग कार्यक्रम, सेमिनार, कार्यशाला, संगोष्ठी, भाषण प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता, निबंध लेखन एवं स्लोगन सहित कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने बताया कि 5000 प्रशिक्षित योग ट्रेनर तैयार किए गए हैं, जो प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में योगाभ्यास करवाएंगे। योग प्रशिक्षकों और आयुष महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों द्वारा विभिन्न समितियों का गठन कर योग सप्ताह की व्यापक तैयारी की गई है।


इन समितियों के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालय, व्यवसायिक शिक्षा महाविद्यालय एवं अन्य महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच योग से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश के 4,075 स्थानों पर कॉमन योगा प्रोटोकॉल के अनुसार सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम होंगे। मंडल मुख्यालय वाले जनपदों में 3 और अन्य जनपदों में 2-2 योग पार्क चिह्नित किया गए हैं, जिन्हें नगर विकास विभाग के समन्वय से विकसित किया जाएगा। इन योग पार्कों में पालिकाओं और पंचायतों का सहयोग लिया जाएगा, ताकि क्षेत्र के अधिक से अधिक लोग योगाभ्यास कर सकें।

योग के सिद्धांतों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए एक नई पहल भी शुरू की गई है। इसमें प्राकृतिक स्थानों पर योगाभ्यास के साथ-साथ वृक्षारोपण और सफाई अभियानों को भी जोड़ा जाएगा। 

Monday, November 6, 2023

यूपी में शुरू होगी योग और प्राकृतिक चिकित्सा की पढ़ाई, आयुर्वेद, होम्योपैथ की तर्ज पर बनेगा योग व नेचुरोपैथी निदेशालय और बोर्ड

यूपी में शुरू होगी योग और प्राकृतिक चिकित्सा की पढ़ाई, आयुर्वेद, होम्योपैथ की तर्ज पर बनेगा योग व नेचुरोपैथी निदेशालय और बोर्ड 


लखनऊ। प्रदेश सरकार योग और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने की तैयारी में है सबकुछ ठीक रहा तो अगले सत्र से विभिन्न कॉलेजों में इस विधा की पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। विभिन्न अस्पतालों में इस विधा से इलाज और शोध की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए आयुर्वेद, होम्योपैथ की तर्ज पर अलग से निदेशालय बनेगा।


 विभिन्न कॉलेजों से इस विधा की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों की डिग्री को मान्यता देने के लिए बोर्ड का भी गठन किया जाएगा। पूरा ढांचा तैयार करने के लिए कमेटी गठित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह कमेटी देश- विदेश में चल रही इन विधाओं का अध्ययन कर अत्याधुनिक सुविधायुक्त मॉडल तैयार करेगी। 


सरकार की ओर से आयुष चिकित्सा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयुष में शामिल आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथ के अस्पताल और डिग्री को मान्यता देने के लिए बोर्ड बने हैं, लेकिन प्राकृतिक चिकित्सा, योग और सिद्धा की डिग्री का पंजीयन नहीं हो पाता है। ऐसे में प्रदेश सरकार की कोशिश है कि योग और प्राकृतिक चिकित्सा निदेशालय की स्थापना की जाए यह निदेशालय विभिन्न अस्पतालों में शुरू होने वाली इन विधाओं के विशेषज्ञों और अन्य कर्मचारियों और संसाधनों की निगरानी करेगा। इसी तरह बोर्ड डिग्री की मान्यता देगा।



फिलहाल क्या है स्थिति

प्रदेश में लखनऊ सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के जरिए योग और प्राकृतिक चिकित्सा के डिग्री व डिप्लोमा कोर्स चल रहे हैं, लेकिन इनका पंजीयन नहीं हो पाता है। ऐसे में डिग्री लेने वाले छात्र-छात्राएं दूसरे राज्यों में नौकरी हासिल नहीं कर पाते हैं। चिकित्सा पद्धति के रूप में व्यापकता नहीं होने की वजह से रोजगार के साधन सीमित हैं। बोर्ड का गठन होने से इनकी डिग्री का पंजीयन हो सकेगा।


बोर्ड का किया जा रहा है गठन

भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति का लाभ पूरा विश्व उठा रहा है। हमारे प्रदेश में इन चिकित्सा पद्धतियों का व्यापक प्रचार-प्रसार और संचालन नहीं हो पाया है। ऐसे में आयुष विभाग की कोशिश है कि अपनी प्राचीन पद्धति को संवारा जाए। लोगों को सस्ते दर पर इलाज उपलब्ध कराया जाए। इसलिए अलग से निदेशालय और बोर्ड गठन का प्रयास किया जा रहा है। –डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु एफएसडीए एवं आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

Wednesday, February 1, 2023

वित्त विभाग की तमाम आपत्तियों की वजह से पांच हजार योग शिक्षकों की भर्ती में अड़ंगा

वित्त विभाग की तमाम आपत्तियों की वजह से पांच हजार योग शिक्षकों की भर्ती में अड़ंगा


लखनऊ : प्रदेश के एडेड एवं राजकीय इंटर कालेजों में 5000 योग शिक्षकों की भर्ती के प्रस्ताव से जुड़ी फाइल पर वित्त विभाग की तमाम आपत्तियों की वजह से यह प्रस्ताव फिलहाल ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है।



करीब चार माह पूर्व माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से यह प्रस्ताव शासन को भेज गया था। प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया गया था परन्तु शासन में वित्त की ओर से कई आपत्तियों के साथ अब यह फाइल वापस लौट आई है। 


महत्वपूर्ण यह है कि इस मुद्दे पर माध्यमिक शिक्षा विभाग का कोई जिम्मेदार कुछ बोलने को तैयार नहीं है। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में दो बिन्दुओं पर निर्णय लेने का अनुरोध किया गया था।


पहले बिन्दु का प्रस्ताव यह था कि एडेड और राजकीय इंटर कालेजों में संविदा पर एक-एक योग शिक्षक की बहाली करने की अनुमति दी जाए जबकि दूसरे बिन्दु में प्रस्ताव किया गया था कि जिन स्कूलों में पहले से खेल और शारीरिक शिक्षक हैं। जहां नहीं है वहां शारीरिक रूप से दक्ष जिस शिक्षक को खेल व शारीरिक शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है, इन्हें ही योग का सर्टिफिकेट कोर्स कराकर योग शिक्षक का जिम्मा दे दिया जाए।


सूत्र बताते हैं कि वित्त विभाग ने फाइल को वापस करते हुए लिखा है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग का प्रस्ताव आयुष विभाग में हुए योग शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया से बिल्कुल भिन्न रखा गया है जो सही नहीं है। प्रदेश में योग शिक्षक की नियुक्ति के दो अलग-अलग मानक नहीं हो सकते हैं।


योग शिक्षक भर्ती का वादा
योगी-2 सरकार बनने के बाद नई सरकार में प्रदेश के सभी इंटर व राजकीय इंटर कालेजों में योग शिक्षक भर्ती किए जाने का निर्णय किया गया था। तब अधिकारियों ने आश्वस्त किया था कि तीन माह के भीतर योग शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।

Monday, September 26, 2022

यूपी के हर जिले में खेलो इंडिया सेंटर, ब्लाक स्तर पर स्टेडियम बनाये जाने पर भी विचार

यूपी के हर जिले में खेलो इंडिया सेंटर, ब्लाक स्तर पर स्टेडियम बनाये जाने पर भी विचार


एक जिला एक खेल योजना तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में खेलो इण्डिया सेंटर की स्थापना की जाएगी। 42 जिलों में प्रशिक्षकों का चयन कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बचे अन्य जिलों के प्रशिक्षकों के चयन की कार्यवाही चल रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए ब्लाक स्तर पर स्टेडियम बनाये जाने पर भी विचार किया जा रहा है।


यह बातें खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चन्द्र यादव ने बुधवार को बीबीडी बैडमिंटन अकादमी में प्रदेश क्रीड़ा भारती प्रादेशिक बैठक में पदाधिकारियों के सम्बोधित करते हुए कहीं।


मंत्री ने कहा कि 2017 से अब तक प्रदेश में 41 स्टेडियम का निर्माण किया जा चुका है। क्रीड़ा भारती को राज्य की खेल गतिविधियों से जोड़ा जायेगा। मेजर ध्यानचन्द स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर के मिशन के तहत सभी विभागों में खेल सुविधाओं को बढ़ाया जायेगा। जिससे खेल का विकास हो और खिलाड़ियोंको जरूरी सुविधाएं मिलें।


नई खेल नीति जल्द लागू होगी 

अपर मुख्य सचिव खेल नवनीत सहगल ने कहा कि सरकार का आमजन से जुड़ने का खेल सबसे अच्छा माध्यम है। लोगों को खेल से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। खेलों को बेहतर बनाने के लिए सभी खेल सुविधाओं की इनवेंटरी बनाई जा रही है। इनको जीआई टैग कराकर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कराया जायेगा। 250 खेल प्रशिक्षकों की भर्ती की जा रही है। शीघ्र ही नई खेल नीति लागू की जायेगी। प्रदेश में 14 खेलों के लिए जगह चिन्हित कर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होगी। बैठक में क्रीड़ा भारती के अध्यक्ष अवनीश कुमार सिंह, प्रदेश मंत्री डॉ. विकास अग्रवाल प्रांतीय अध्यक्ष थे।



यूपी के स्कूलों में जल्द योग अनिवार्य करने की तैयारी, बनाए जाएंगे जिला खेल केंद्र

खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए की जा रही पहल, युवाओं को देंगे प्रोत्साहन

100 करोड़ का कारपस फंड खेल प्रोत्साहन के लिए


लखनऊ यूपी के स्कूलों में 1 जल्द योग को अनिवार्य किए जाने की तैयारी की जा रही है। खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और बचपन से ही खेल के प्रति रूचि बढ़ाने के लिए यह पहल की जा रही है। खेल विभाग द्वारा तैयार किए गए इस मसदे पर जल्द मुहर लगेगी। पांच वर्ष से 14 वर्ष तक के प्रतिभाशाली बच्चों को चिन्हित कर उन्हें आगे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेलों के लिए तैयार किया जाएगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर खेल  को बढ़ावा दिया जाएग। प्रत्येक जिले में एक जिला खेल केंद्र स्थापित किया जाएगा।


अपर मुख्य सचिव, खेल नवनीत सहगल के मुताबिक यूपी केंद्र सरकार की मदद से खेलों को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम कर रहा है। राजधानी स्थित गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कालेज की सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा।


 अच्छे युवाओं को विभिन्न खेलों के लिए तैयार करने के लिए जिलों में खोले जाने वाले जिला खेल केंद्र में जिला स्पोर्ट्स कोचिंग सेंटर भी शामिल होंगे जहाँ खेल प्रतिभाओं को तराशा जाएग ग्राम सभा की जमीन पर खेल विभाग खेल का मैदान विकसित करेगा और गंव में ही युवाओं को खेल के अच्छे संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।


खिलाड़ियों व स्पोर्ट्स फेडरेशन को ग्राम समाज की जमीन लीज पर दी जाएगी। जमीन उन्हें इस शर्त पर दी जाएगी कि वह अपनी एकेडमी में 50 प्रतिशत खिलाड़ी यूपी के रखेंगे। फिलहाल खेल विभाग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूती से काम कर रहा है। खेल विभाग द्वारा अभी हाल ही में विभिन्न विभागों के साथ बैठक कर खेल को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दे रहा है।


100 करोड़ का कारपस फंड खेल प्रोत्साहन के लिए

 यूपी में खेल को प्रोत्साहन देने के लिए 100 करोड़ रुपये का कारपस फंड बनाया जाएगा। समाज के सभी लोगों को खेल से जोड़ने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। स्पोट्र्स स्टेडियम मे भी योग की प्रैक्टिस कराने की व्यवस्था की जाएगी।

Wednesday, August 10, 2022

वित्तविहीन स्कूल खोलना है तो रखे योग शिक्षक, मान्यता की शर्तों में भी होगा परिवर्तन

वित्तविहीन स्कूल खोलना है तो रखे योग शिक्षक, मान्यता की शर्तों में भी होगा परिवर्तन


राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में योग प्रशिक्षक रखने की तैयारियों के बीच माध्यमिक शिक्षा विभाग नए वित्तविहीन स्कूलों की मान्यता की शर्तों में भी परिवर्तन करने जा रहा है। सरकार के योग शिक्षा को बढ़ावा देने के वादे को पूरा करने के मकसद से अब उन्हीं वित्तविहीन स्कूलों को मान्यता दी जाएगी, जहां योग शिक्षक तैनात होंगे।


मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाली संस्थाओं को योग शिक्षक का ब्योरा भी देना होगा। शैक्षिक योग्यता आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार होनी चाहिए। इस संबंध में यूपी बोर्ड की मान्यता शर्तों में बदलाव किया जा रहा है जो कि अगले वर्ष से प्रभावी होगा। क्योंकि इस साल मान्यता के आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई को समाप्त हो चुकी है। शासन में एक अगस्त को हुई बैठक में अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉ. महेन्द्र देव को यह प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए हैं कि वर्तमान में संचालित वित्तविहीन स्कूलों में योग शिक्षक किस प्रकार रखा जाए।


दो साल से जारी नहीं हुई हाईस्कूल की मान्यता

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी शर्तें पूरी करने एवं आवश्यक संसाधन होने के बावजूद दो साल से मान्यता आदेश जारी नहीं किया है। 2020 में आवेदन करने वाले 100 से अधिक नए हाईस्कूलों को मान्यता जारी नहीं की गई। 2021 में आवेदन करने वाले स्कूलों को मान्यता भी नहीं दी गई है। सूत्रों के अनुसार यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 में संशोधन के बाद नए हाईस्कूलों को मान्यता जारी होगी।