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Sunday, April 11, 2021

स्कूल खोल सकेंगे अपना कार्यालय, लखनऊ डीएम ने जारी किए निर्देश

स्कूल खोल सकेंगे अपना कार्यालय, लखनऊ डीएम ने जारी किए निर्देश


लखनऊ। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने शनिवार देर रात निर्देश जारी कर शहर के स्कूलों को प्रशासनिक कार्यों के लिए कार्यालय खोलने की अनुमति दे दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि देर रात आकस्मिक बैठक के बाद जिलाधिकारी ने यह आदेश किया। इसके तहत स्कूल अब अपने स्टाफ को बुला सकेंगे।


शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाई कराने के लिए भी स्कूल जा सकेंगे। इस दौरान स्कूलों को कोविड प्रोटोकॉल और शासन द्वारा जारी एसओपी का पालन करना पड़ेगा। गौरतलब है कि स्कूल पूर्ण रूप से बंद होने की वजह से दाखिला करने, फीस जमा करने, रिपोर्ट कार्ड बनाने और ऑनलाइन पढ़ाई कराने आदि की प्रक्रिया बाधित हो रही थी, जिसको लेकर स्कूलों ने अपनी मांग भी उठाई थी।

Friday, April 9, 2021

लखनऊ : 15 अप्रैल तक स्कूल पूरी तरह रहेंगे बन्द, शिक्षकों को भी नहीं जाना होगा स्कूल

लखनऊ : 15 अप्रैल तक स्कूल पूरी तरह रहेंगे बन्द, शिक्षकों को भी नहीं जाना होगा स्कूल


लखनऊ। लोग कंफ्यूज न हों, खासकर स्कूल प्रबंधन। स्कूल बंद का मतलब पूरी तरह से बंद है। टीचरों को भी स्कूल नहीं आना है। परीक्षा और प्रैक्टिकल के लिए छूट दी गई है, वो भी कोरोना प्रोटोकॉल के सख्त पालन के दायरे के तहत। 


यह जानकारी जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने एक बार फिर बृहस्पतिवार को अमर उजाला की ओर से 'जागो लखनऊ जागो' मुहिम के तहत आयोजित बेबिनर में दी. कोरोना संक्रमण के चलते बुधवार को जिलाधिकारी ने स्कूल बंद करने की घोषणा की थी, लेकिन स्पष्ट आदेश न होने की वजह से कुछ स्कूलों ने शिक्षकों को बुला लिया था। वेबिनार में जिलाधिकारी ने आदेशों को स्पष्ट करते हुए कहा कि आने वाले समय में समीक्षा की जाएगी, जैसे हालात होंगे, उसी के आधार पर फैसले होंगे।


आदेश की स्पष्ट जानकारी न  होने पर स्कूल पहुंचे शिक्षक
लखनऊ। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश की ओर से बुधवार को जारी स्कूल बंद के आदेशों के बावजूद बृहस्पतिवार को कई निजी और सरकारी स्कूलों में शिक्षक तय समय पर पहुंच गए। बताया गया कि उन्हें आदेश की स्पष्ट जानकारी नहीं थी। जब पता चला कि शिक्षकों को भी छात्रों की तरह स्कूल नहीं आना है तो वे वापस लौट गए। इसके अलावा परिषदीय विद्यालय, राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में भी कई शिक्षक स्कूल पहुंच गए। 


अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य साहेब लाल मिश्रा ने बताया कि सुबह काफी शिक्षक कॉलेज पहुंच गए थे। बाद में बताया गया कि कॉलेज पूर्ण रूप से बंद है, जिसके बाद जे वापस लौट गए। नगर क्षेत्र समेत काकोरी, बीकेटी, मोहनलालगंज व अन्य ब्लॉकों के परिषदीय विद्यालयों में भी शिक्षक पहुंचे थे, जिन्हें बाद में कार्यवाहक बीएसए पीएन सिंह की तरफ से शिक्षकों को विद्यालय न आने का आदेश मोबाइल पर फॉरिवर्ड कराकर शिक्षकों को वापस भेजा गया।

लखनऊ। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा है की 15 अप्रैल तक स्कूलों के बंद रहने के दौरान न कोई ट्रेनिंग होगी और न ही कोई शिक्षक स्कूल जाएगा। केवल उन्हीं में शिक्षक व बच्चे स्कूल जाएंगे जहां परीक्षाएं व प्रैक्टिकल चल रहे होंगे। इसके अलावा सब कुछ बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने आदेश में स्पष्ट किया है। सरकारी, अर्द्ध सरकारी तथा प्राइवेट सहित सभी स्कूलों को इसका आदेश मानना होगा।


Sunday, April 4, 2021

मिड-डे मील के हिसाब किताब में हुए फिसड्डी तो लखनऊ के 1600 स्कूलों पर लटकी कार्यवाईकी तलवार

मिड-डे मील के हिसाब किताब में हुए फिसड्डी तो लखनऊ के  1600 स्कूलों पर लटकी कार्यवाईकी तलवार


कोरोना के कारण लॉकडाउन में मिड डे मील के राशन व कन्वर्जन कास्ट का हिसाब शिक्षक नहीं दे पा रहे हैं। स्कूलों के 1600 स्कूलों  ने इसका हिसाब नहीं दिया है। हिसाब न देने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। मंडलीय सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक पीएन सिंह ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।


 कोरोना काल में प्रदेश के सभी प्राइमरी व जूनियर स्कूल बंद थे। इसकी वजह से स्कूलों में मिड डे मील नहीं बना था। शासन ने इस अवधि का मिड डे मील व कन्वर्जन कास्ट बच्चों के खातों में भेजने तथा बच्चों को राशन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। कन्वर्जन कास्ट की रकम स्कूलों के खातों में भेजी गई थी जबकि राशन के लिए स्कूलों के शिक्षकों को पर्ची बनाकर कोटेदारों को देना था। जिसके अनुसार कोटेदारों को बच्चों व उनके अभिभावकों को चावल और गेहूं उपलब्ध कराना था।


पहले चरण में 29 मई 2020 को शासन ने 76 दिनों का राशन व कन्वर्जन कास्ट स्कूलों के खातों में भेजा। इसमें प्राइमरी स्कूलों के प्रति छात्र को 7 किलो 600 तथा जूनियर स्कूलों के छात्रों को 11 किलो 400 ग्राम गेहूं/ चावल उपलब्ध कराना था। इसके अलावा प्राइमरी के बच्चों को  374 रुपये तथा जूनियर की बच्चों को 561 रुपए कन्वर्जन कास्ट दी जानी थी।  शासन ने 7 अक्टूबर 2020 को 49 दिन का और राशन तथा कन्वर्जन कास्ट बच्चों को देने का निर्देश दिया था। 49 दिनों के लिए प्राइमरी के बच्चों को 4 किलो 900 ग्राम तथा जूनियर के बच्चों को सात किलो 350 ग्राम राशन देना था। इसी तरह प्राइमरी के बच्चों को 243.5 रुपए और जूनियर के बच्चों को 365 रुपए कन्वर्जन कास्ट देनी थी। 


शासन ने मांगा हिसाब
अब शासन इसका हिसाब मांग रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 22 फरवरी को ही पत्र लिखकर राजधानी के सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से इसका हिसाब देने को कहा था। कितने बच्चों को मिड-डे मील गया, कितने को नहीं दिया गया। कितने बच्चों के बैंक खाते मिल पाए और कितनों को नहीं। यह सब हिसाब शिक्षकों को देना था लेकिन करीब 1600 स्कूलों के शिक्षकों ने हिसाब नहीं दिया है। प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व मंडलीय सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक पीएन सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। उनसे तत्काल इसका हिसाब व उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। 


138 दिनों का और जारी हुआ राशन व कन्वर्जन कास्ट
शासन में प्राइमरी स्कूलों के बच्चों के लिए 138 दिनों का और राशन तथा कन्वर्जन कास्ट जारी किया है। जबकि जूनियर स्कूलों के बच्चों के लिए 124 दिनों का राशन व कन्वर्जन कास्ट दिया है। प्राइमरी के बच्चों को 13 किलो 800 ग्राम तथा जूनियर के बच्चों को 18 किलो 600 ग्राम गेहूं चावल मिलेगा। इसके अलावा प्राइमरी के बच्चों को 685 रुपये कन्वर्जन कास्ट तथा जूनियर के बच्चों को 923 कन्वर्जन कास्ट मिलेगा। इसका आदेश 27 मार्च 2021 को हुआ लेकिन अभी तक यह कन्वर्जन कास्ट और राशन भी बच्चों को नहीं वितरित हुआ है।

Wednesday, March 31, 2021

राजधानी के निजी स्कूल पांच अप्रैल से नया सत्र शुरू करने की कर रहे तैयारी

राजधानी के निजी स्कूल पांच अप्रैल से नया सत्र शुरू करने की कर रहे तैयारी



शहर के निजी स्कूल पांच अप्रैल से नया सत्र शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। मंगलवार को निजी स्कूलों के संगठन-‘अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन’ (अप्सा) की हुई वर्चुअल बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में प्रदेश के अन्य जिलों के स्कूलों के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।


एक साल बाद पहली बार ऐसा होगा जब स्कूलों में एक साथ मॉन्टेसरी से लेकर कक्षा 12 तक के छात्रों की पढ़ाई शुरू होगी। हालांकि जूनियर कक्षाओं के लिए अभी ऑनलाइन पढ़ाई का क्रम भी समानांतर जारी रहेगा। स्कूल खोलने का निर्णय लेने के बाद स्कूलों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। अप्सा के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि शासन ने चार अप्रैल तक कक्षा आठ तक के विद्यालयों को बंद रखने का आदेश दिया है। इसका पालन करते हुए नए शैक्षणिक सत्र में पांच अप्रैल से सभी स्कूल खुल जाएंगे। हालांकि स्कूल अपनी सहूलियत के अनुसार एक अप्रैल से खुलेंगे तो उनमें प्रशासनिक कार्य होगा। विधिवत पढ़ाई पांच से ही प्रारंभ होगी। इस दौरान जिन स्कूलों में रिजल्ट जारी नहीं हुए हैं, वहां स्टाफ रिजल्ट तैयार करने से लेकर दाखिले की प्रकिया पूरी करेगा।


सीनियर कक्षाओं में होगी फुल स्ट्रेंथ
अनिल अग्रवाल ने बताया कि सीनियर कक्षा नौ से 12 तक में फुल स्ट्रेंथ में पढ़ाई शुरू होगी। जबकि मॉन्टेसरी से कक्षा आठ तक के आधे-आधे छात्रों को बुलाया जाएगा। वहीं जिन स्कूलों में इंफ्राट्रक्चर बढ़िया है वे फुल स्ट्रेंथ में बच्चों को बुला सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान ऑनलाइन गतिविधियां भी जारी रहेंगी। एक-डेढ़ हफ्ते बाद इनमें भी सभी बच्चे एक साथ आना शुरू कर देंगे। उन्होंने बताया कि कोरोना की रोकथाम के सारे इंतजाम पूर्व की भांति ही किए जाएंगे। मास्क, सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य रहेगा। वहीं कई स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने छोटे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों से सहमति मांगी है।


मिशनरी स्कूलों में पढ़ाई छह से
वहीं मिशनरी स्कूलों में पढ़ाई छह और सात अप्रैल से शुरू होंगी। यहां पर गुड फ्राइडे को लेकर आयोजन व तैयारियां चल रही हैं। इसके बाद ही कुछ छह तो कुछ सात अप्रैल से खुलेंगे। कैथेड्रल, ला मार्ट, सेंट फ्रांसिस समेत अन्य मिशनरी स्कूल छह और सात अप्रैल से खुलेंगे।


टीकाकरण के लिए शासन को भेजी जाएगी सूची
अध्यक्ष ने बताया कि शिक्षकों और कर्मचारियों को कोविड टीका लगाने के लिए शासन को लिस्ट भेजी जाएगी। स्कूलों से इसका ब्यौरा मांगा गया है। शिक्षकों की सूची शासन को भेज दी जाएगी, जिनकी टीका लगाने की व्यवस्था अस्पताल में की जाएगी। टीकाकरण होने से अभिभावकों का विश्वास भी बढ़ेगा।

Saturday, March 20, 2021

लखनऊ : एक अप्रैल से प्री स्कूल खोलने को तैयार निजी स्कूल प्रबंधन, SOP भी कर दी जारी

लखनऊ : एक अप्रैल से प्री स्कूल खोलने को तैयार निजी स्कूल प्रबंधन, SOP भी कर दी जारी


शहर के प्री स्कूलों में सालभर बाद एक अप्रैल से फिर से नन्हें-मुन्हें बच्चों की आवाजें सुनाईं देंगी। लखनऊ प्री स्कूल एसोसिएशन ने स्कूल खोलने के लिए शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार एसओपी भी जारी की है। छोटे बच्चों की कक्षाएं डेढ़ घंटे के लिए होंगी। दो शिफ्ट में बच्चे बुलाए जाएंगे। एक बैच में 10 बच्चों को ही बैठाने का निर्देश है।


लखनऊ प्री स्कूल एसोसिएशन के महासचिव डॉ. तुषार चेतवानी ने बताया कि  करीब 1200 विभिन्न प्री स्कूल हैं जो सालभर से बंद हैं। कुछ बड़े प्री स्कूलों में ही ऑनलाइन गतिविधियां चल रही हैं। एक अप्रैल से स्कूलों को खोलने की तैयारी है। इसके लिए एसोसिएशन की तरफ से एसओपी जारी की गई है, जो पूरी तरह से शासन के नियमों के आधार पर बनाई गई है।

महासचिव ने बताया कि अभिभावक छोटे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए आतुर हैं। एंट्री लेवल जैसे नर्सरी कक्षाओं के लिए करीब 100 प्रतिशत अभिभावक सहमति देने को तैयार हैं। स्कूल खुलने से पहले अभिभावकों को आमंत्रित किया जाएगा। वे प्री स्कूलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले सकते हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर वे स्कूल प्रबंधन के साथ बैठकर वार्ता करेंगे।


एसओपी के महत्वपूर्ण अंश
- डेढ़ घंटे की एक शिफ्ट होगी। दो शिफ्टों में बच्चों को बुलाया जाएगा।
- लंच ब्रेक नहीं होगा। बच्चे मास्क पहनकर आएंगे।
- अभिभावकों की लिखित सहमति पर बच्चों को बुलाया जाएगा। एक कक्षा में 10 बच्चे होंगे।
- रोजाना हर पाली से पहले स्कूल को सैनिटाइज किया जाएगा।
- कोविड प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य।
- छोटे बच्चों को प्रोटोकॉल के बारे में जागरूक किया जाएगा।
- यदि किसी बच्चे को तकलीफ होगी तो अभिभावक के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
- तबीयत खराब होने पर शिक्षक व स्टाफ को भी घर भेज दिया जाएगा।
- स्कूल में पर्याप्त मास्क, ग्लव्स, सैनिटाइजर, फेस कवर की व्यवस्था करनी होगी। 

Wednesday, March 17, 2021

पांच अप्रैल से निजी स्कूलों में नए सत्र की पढ़ाई, कोरोना के प्रसार के बीच अभिभावकों ने उठाये सवाल

पांच अप्रैल से निजी स्कूलों में नए सत्र की पढ़ाई, कोरोना के प्रसार के बीच अभिभावकों ने उठाये सवाल


लखनऊ। निजी स्कूलों में नए सत्र की पढ़ाई पांच अप्रैल से शुरू होगी। इसके लिए स्कूलों ने तैयारी शुरू कर दी है। छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं पहले की तरह चलेंगी। एक से पांच तक के बच्चों की कक्षाओं के लिए स्कूल अभिभावकों से सहमति मांग रहे हैं। जिन स्कूलों ने एक मार्च से इनकी क्लास नहीं शुरू कीं, वे भी पांच अप्रैल से इन कक्षाओं की पढ़ाई शुरू कराने जा रहे हैं।


वर्तमान सत्र खत्म हो रहा है। अधिकतर स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं। इस बीच अधिकतर निजी स्कूल पांच अप्रैल से नए सत्र की पढ़ाई शुरू करने जा रहे हैं। वहीं, जिन स्कूलों में अभी तक प्री-प्राइमरी की कक्षाएं नहीं शुरू हुईं, वे भी नए सत्र से बच्चे बुला रहे हैं। जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल के चेयरमैन सर्वेश गोयल ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्री प्राइमरी से 12वीं तक की कक्षाएं पांच अप्रैल से शुरू हो जाएंगी। एक साल बाद पूरी तरह से स्कूल खोलने की स्टाफ ने तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच सरकार का कोई नया आदेश आता है तो उसका भी पालन किया जाएगा। अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि नए सत्र से सभी कक्षाओं का संचालन शुरू होगा। शासन के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा।


सहमति पर बुलाए जाएंगे बच्चे
कई स्कूल कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए अभिभावकों की सहमति मांग रहे हैं। पॉयनियर मोंटेसरी स्कूल की प्रिंसिपल शर्मिला सिंह ने बताया कि प्राइमरी बच्चों को आना है कि नहीं यह अभिभावकों पर छोड़ दिया है। वरदान इंटरनेशनल एकेडमी की प्रधानाचार्या ऋचा खन्ना ने बताया कि पांचवीं तक के बच्चों के लिए अभिभावकों से सहमति मांग रहे हैं। कानपुर रोड स्थित सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल की प्रिंसिपल पूनम गौतम ने बताया कि एक अप्रैल से जूनियर व सीनियर सेक्शन की पढ़ाई शुरू होगी। प्राइमरी की पढ़ाई सहमति के आधार पर पांच अप्रैल से शुरू होगी। वहीं, दी मिलेनियम स्कूल रायबेरली रोड की प्रिंसिपल मंजुला गोस्वामी ने बताया कि ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प बंद नहीं होगा। सहमति पर ही बच्चों को बुलाया जाएगा।

अभिभावकों का विरोध
राजधानी में कोरोना के मामले फिर बढ़ने लगे हैं। ऐसे में अभिभावकों की ओर से नए सत्र से स्कूल खोलने का विरोध शुरू हो गया है, खासकर छोटे बच्चों को बुलाने को लेकर। लखनऊ अभिभावक विचार परिषद अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि एक बार फिर कोरोना पैर पसार रहा है। ऐसे में नए सत्र से स्कूल खोलने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। खासकर पांच तक के बच्च्चों के लिए। वे सरकार को प्रस्ताव भेजकर छोटे बच्चों की ऑफलाइन पढ़ाई शुरू न कराने की मांग करेंगे।