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Thursday, July 2, 2020

आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करेंगे शिक्षक, लेंगे ऑनलाइन प्रशिक्षण भी

आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करेंगे शिक्षक, लेंगे ऑनलाइन प्रशिक्षण भी



प्रयागराज : बुधवार से बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालय खुल गए। शिक्षक और कर्मचारी विद्यालय जाने लगे मगर बच्चे भी स्कूल नहीं आएंगे। ऐसे में शिक्षकों और व कर्मचारियों को आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करने, दिव्यांग बच्चों का विवरण जुटाने समेत अन्य जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षक कैचमेंट एरिया में जाकर छह से 14 आयु वर्ग के आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित कर उनका विद्यालयों में पंजीकरण कराएंगे। 


समर्थ कार्यक्रम के तहत गांव, बस्तियों और मजरों में दिव्यांग बच्चों का विवरण इकट्ठा कर उनका मोबाइल एप्लीकेशन पर रजिस्ट्रेशन कराएंगे। मिशन प्रेरणा के तहत संचालित ई-पाठशाला के लिए शिक्षक प्रतिदिन कम से कम 10 अभिभावकों से मिलकर दीक्षा एप उनके मोबाइल में डाउनलोड कराएंगे। प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों ने कितने अभिभावकों को दीक्षा एप डाउनलोड कराया, इसका ब्योरा विभाग को नियमित देना होगा। मानव संपदा पोर्टल पर बचे शिक्षकों व कर्मियों का सेवा विवरण भी ऑनलाइन फीड कराने का काम करना होगा। शिक्षकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण के भी कार्यक्रम होंगे।

Saturday, June 27, 2020

फर्रुखाबाद : फर्जी बीएड डिग्री से नौकरी कर रहे प्रधानाध्यापक समेत दो शिक्षक बर्खास्त, बीईओ को रिपोर्ट लिखाने और अभी तक दिए गए वेतन की रिकवरी का आदेश

फर्रुखाबाद : फर्जी बीएड डिग्री से नौकरी कर रहे प्रधानाध्यापक समेत दो शिक्षक बर्खास्त, बीईओ को रिपोर्ट लिखाने और अभी तक दिए गए वेतन की रिकवरी का आदेश।


फर्रुखाबाद :  डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की वर्ष 2004-05 की फर्जी बीएड डिग्री से परिषदीय स्कूल में नौकरी कर रहे प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक को बीएसए लालजी यादव ने बर्खास्त कर दिया है। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और अभी तक विभाग से दिए गए वेतन की वसूली करने का भी आदेश दिया है। एटा जिले के खिरिया नगर शाह निवासी शिव भगत सिंह पुत्र नीमा सिंह ने 12 दिसंबर 2009 में जिले के परिषदीय स्कूल में डा. भीमराव आंबेडकर विवि आगरा की वर्ष 2004-05 की बीएड डिग्री से सहायक अध्यापक की नौकरी पाई थी।






प्रमोशन होने पर शमसाबाद ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रूपपुर भागलपुर में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनाती हुई। इसी तरह गांव अचरिया बाकरपुर पोस्ट खलवारा निवासी ज्योति कटियार पुत्री हरनाम सिंह ने वर्ष 10 मार्च 2010 को सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी पाई थी। वे प्राथमिक विद्यालय बहावलपुर में सहायक अध्यापक थीं। भीमराव आंबेडकर विवि, की वर्ष 2004-05 की करीब 4570 बीएड डिग्री फर्जी पाई गई थीं। उच्च न्यायालय से 29 अप्रैल 2020 को फर्जी घोषित 2823 बीएड डिग्रियों की सूची में प्रधानाध्यापक शिव भगत सिंह व सहायक अध्यापक ज्योति कटियार का भी नाम था। एसआईटी से कार्रवाई को सुची आने के बाद बीएसएफ लालजी यादव ने दोनों शिक्षकों को बुलाकर उनका पक्ष सुना। बीएसए ने बताया कि प्रधानाध्यापक शिव भगत सिंह व सहायक अध्यापक ज्योति कटियार को बर्खास्त कर दिया है। संबंधित बीईओ को दोनों शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और अब तक लिए वेतन के धन की रिकवरी करने का आदेश दिया है।




दो और शिक्षकों पर लटकी तलवार

फर्रुखाबाद : इसी वर्ष की भीमराव आंबेडकर विवि की फर्जी बीएड डिग्री से प्राथमिक विद्यालय सरह द्वितीय में सहायक अध्यापक पूनम राठौर और प्राथमिक विद्यालय नकटपुर मोहम्मदाबाद में सर्वेश कुमार नौकरी कर रहे हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश आया है। बीएसएफ लालजी यादव ने बताया कि जांच चल रही है। जांच पूरी होते ही कार्रवाई की जाएगी। बर्खास्त 22 शिक्षकों पर नहीं हुई एफआईआर



फर्रुखाबाद एसआईटी जांच में फंसे 22 शिक्षक करीब एक माह पूर्व बर्खास्त हो चुके हैं। यह शिक्षक भी फर्जी बीएड डिग्री से नौकरी कर रहे थे। इनकी डिग्रियां उच्च न्यायालय से फर्जी घोषित होने के बाद बीएसए ने बर्खास्त किया था। बीईओ को रिपोर्ट लिखाने के आदेश दिए थे, लेकिन अभी तक किसी भी शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।


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Friday, June 26, 2020

फर्रुखाबाद : अनामिका शुक्ला प्रकरण : मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र बर्खास्त

फर्रुखाबाद : अनामिका शुक्ला प्रकरण : मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र बर्खास्त।

फर्रुखाबाद : अनामिका शुक्ला प्रकरण का मास्टरमाइंड शिक्षक सुशील कुमार कौशल उर्फ पुष्पेंद्र को बर्खास्त कर दिया गया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अब वेतन की रिकवरी की जाएगी। पुष्पेंद्र कंपिल के प्राथमिक विद्यालय कुंवरपुर में सुशील कुमार कौशल के नाम से नौकरी कर रहा था। जांच में उसके अभिलेख फर्जी मिलने पर बीएसए लालजी यादव ने उसे 25 जून को कार्यालय में आकर पक्ष रखने का नोटिस भेजा था अंतिम मौके पर नहीं पहुंचने पर उसे बर्खास्त कर दिया गया।





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Thursday, June 25, 2020

आगरा : स्कूलों में आकर डाटा फीड करने का शिक्षकों ने किया विरोध, शिक्षकों ने कहा- फीडिंग का कार्य विभाग का

आगरा : स्कूलों में आकर डाटा फीड करने का शिक्षकों ने किया विरोध, शिक्षकों ने कहा- फीडिंग का कार्य विभाग का।


स्कूलों में आकर डाटा फीडिंग काम का विरोध


आगरा : स्कूलों में डाटा फीडिंग कर कंप्यूटर ऑपरेटर की जगह काम करने का शिक्षक विरोध कर रहे हैं। शासन का एक जुलाई से परिषदीय विद्यालय खोलने का आदेश आ चुका है। शिक्षकों का कहना है कि उनसे सिर्फ शिक्षक का ही कार्य लिया जाए, अन्य कार्य नहीं।








शिक्षकों से एमडीएम की लिस्ट और सीडी बनवाकर विभिन्न बैंकों में भेजना, मानव संपदा पोर्टल के लिए अपनी ही सर्विस बुक को सही कराने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर के पास जाकर फीडिंग कराना नियम विरुद्ध है। शिक्षक अपनी सर्विस बुक को सही कैसे कर सकता है, जबकि सर्विस बुक फीडिंग का कार्य विभाग का है। शिक्षकों का कहना है कि ये सभी कार्य शिक्षा के नहीं हैं, इन कार्यों के लिए विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की गई है। इसलिए सभी कार्य कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा कराए जाएं। प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र राठौर, राजीव वर्मा, केशव दीक्षित, ब्रजेश दीक्षित आदि ने विरोध जताया है।



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Friday, June 19, 2020

संकट : स्कूल खुलने की स्थिति स्पष्ट न होने से बढ़ी दुविधा, बिना फीस टीचरों की सैलरी काटने लगे राजधानी के निजी स्कूल!

संकट : स्कूल खुलने की स्थिति स्पष्ट न होने से बढ़ी दुविधा,  बिना फीस टीचरों की सैलरी काटने लगे राजधानी के निजी स्कूल!

लखनऊ कोरोना से बचाव के लिए स्कूल बंद चल रहे हैं। स्कूल खोलने को लेकर प्रबंधक सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच तीन महीने से स्कूल बंद होने और फीस न मिलने से आर्थिक संकट भी छाने लगा है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जब फीस ही नहीं मिलेगी तो शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों को वेतन कैसे देंगे। ऐसे में कई स्कूलों ने मई के वेतन में कटौती भी की है। 


60% मिली सैलरी
सेंट फ्रांसिस कॉलेज और सेंट पॉल जैसे मिशनरीज स्कूलों ने टीचिंग स्टाफ की सैलरी में 40 फीसदी कटौती की है। शहर में लखनऊ डायोसिस सोसायटी के तहत चलने वाले स्कूलों में सैलरी में कटौती कर दी गई है। सोसायटी के प्रवक्ता फादर डोनॉल्ड डिसूजा ने बताया कि स्कूलों में मई की सैलरी में कटौती का फैसला लिया गया है। हमने सभी स्कूलों में टीचिंग स्टाफ को 60 फीसदी और फोर्थ क्लास कर्मचारियों को 75 फीसदी सैलरी देने का फैसला लिया है। जुलाई में फीस आने के बाद बाकी बची राशि दी जाएगी। यह फैसला शहर में चल रहे हमारे 20 स्कूलों और बाकी 10 जिलों में चल रहे स्कूलों पर लागू होगा।


 बढ़ेगी दिक्कत
एसकेडी अकैडमी के निदेशक मनीष सिंह का कहना है कि उनके यहां 650 का स्टाफ है। मई की सैलरी तो दे दी गई, लेकिन वर्तमान हालात में जून की सैलरी में दिक्कत हो सकती है। बमुश्किल दस फीसदी अभिभावकों ने बच्चों की फीस जमा की है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि जुलाई में स्कूल खुलेंगे या नहीं। नए दाखिले भी नहीं हो रहे। खर्चों में की कटौती पायनियर मांटेसरी स्कूल की प्रिंसिपल शर्मिला सिंह के अनुसार स्कूल के दूसरे खर्चों में कटौती करके स्टाफ की सैलरी दी गई है। स्कूलों के लिए सबसे बड़ा रेवेन्यू फीस ही हैं। कई लोग 3 महीने की फीस माफी के लिए सरकार से अपील कर रहे हैं। सरकार को स्कूल, अभिभावक सभी की स्थिति पर विचार करते हुए कोई रास्ता निकालना चाहिए।


सक्षम हैं तो फीस दें
 दिल्ली पब्लिक स्कूल के मीडिया प्रवक्ता अर्चना मिश्रा के अनुसार सामान्य तौर पर फीस से सैलरी निकाली जाती थी। वर्तमान में मैनेजमेंट दे रहा है, लेकिन कब तक। सक्षम अभिभावक भी फीस नहीं दे रहे। स्थितियों को देखते हुए लोगों को फीस देनी चाहिए।

Monday, June 8, 2020

दिल्ली में कोरोना का कहर : 150 से अधिक शिक्षक संक्रमित और 400 क्वारंटाइन

दिल्ली में कोरोना का कहर :  150 से अधिक शिक्षक संक्रमित और 400 क्वारंटाइन


दिल्ली में विभिन्न भोजन-राशन वितरण केंद्रों पर कार्य कर रहे 150 से अधिक शिक्षक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और लगभग 400 शिक्षक इन दिनों होम या केंद्रों में क्वारंटाइन हैं। इसे देखते हुए विभिन्न शिक्षक संगठनों ने कहा है कि दिल्ली में जब सब कुछ खुल गया है तो सरकार भोजन-राशन वितरण केंद्रों से शिक्षकों की डयूटी हटाए।


बता दें कि दिल्ली में भोजन वितरण के कार्य में लगी एक शिक्षिका की कोरोना से मौत हो चुकी है। इसको लेकर शिक्षक संगठनों ने अब ड्यूटी से शिक्षकों को हटाए जाने की मांग की है। उधर, शिक्षक न्याय मंच नगर निगम के अध्यक्ष कुलदीप खत्री ने कहा कि शिक्षकों से भोजन-राशन वितरण संबंधी काम करवाए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें पीपीई किट या अन्य सुरक्षा सुविधाएं देने में कोताही बरती जा रही है। निगम के शिक्षकों की ओर से लगातार निगम नेताओं से मुलाकात की गई है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों ने दिल्ली के एलजी को भी पत्र लिखकर अपनी आपबीती सुनाई है, लेकिन कहीं से कोई हल नहीं निकला है।


तीनों निगमों में बड़ी संख्या 
निगम क्षेत्र में कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, जिसके बाद अन्य शिक्षक डरे हुए हैं में शिक्षक कोरोना पॉजिटिव दिल्ली के तीनों निगमों में 150 से अधिक शिक्षकों को कोरोना संक्रमित पाया गया है। इनमें उत्तरी दिल्ली नगर निगम में 70, पूर्वी दिल्ली नगर निगम में 40 और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में भी 40 से अधिक शिक्षकों को कोरोना संक्रमित पाया जा चुका है।


वहीं सरकारी स्कूल के शिक्षक की कोरोना संक्रमण के कारण रविवार को मौत हो गई है। इसके बाद शिक्षक संघ ने इस मामले के लिए शिक्षा निदेशालय को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही शिक्षकों के आश्रितों के लिए दिल्ली सरकार की मुआवाजा नीति के अनुरूप मुआवजा से नौकरी की मांग की है। राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ के मुताबिक सर्वोदय बाल विद्यालय कल्याणवास में अंग्रेजी के शिक्षक शिवाजी मिश्रा की तैनाती शिक्षा निदेशालय ने प्रवासी मजदूरों के लिए स्कूलों में बनाए गए केंद्र में की थी। यहां वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे।