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Friday, October 9, 2020

फतेहपुर : तीन शिक्षकों की सेवा समाप्त, भेजा गया आदेश

फतेहपुर : तीन शिक्षकों की सेवा समाप्त, भेजा गया आदेश।

फतेहपुर :  बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने तीन शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी है। गुरुवार को तीनों शिक्षकों के पते पर सेवा समाप्ति का आदेश रजिस्टर्ड डाक से भेज दिया गया है। तीनों शिक्षक लंबे समय से बिना किसी सूचना के अपने स्कूलों से गायब थे।


हसवा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मिचकी में नियुक्त सहायक अध्यापक राजेश कुमार सात मई 2015 से बिना किसी सूचना के स्कूल से गायब थे। इसी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बक्सपुर के सहायक अध्यापक संजय कुमार वर्मा पहली जुलाई 2017 से स्कूल से गायब थे। मलवां ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बुधइयापुर में नियुक्त सहायक अध्यापक देवेश चंद्र गुप्ता छह नवंबर 2017 से बिना सूचना के स्कूल से गायब थे। बेसिक शिक्षा विभाग ने इन्हें कई बार नोटिस जारी कर स्कूल आने के आदेश दिए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। 


बीएसए ने तीनों शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी है। बीएसए ने बताया कि तीनों शिक्षकों के पते पर सेवा समाप्ति का आदेश रजिस्टर्ड डाक से भेज दिया गया है।

Thursday, October 8, 2020

माध्यमिक : अब वित्तविहीन शिक्षकों को आर्थिक सहायता देगी सरकार, सीएम ने विभाग के अफसरों के साथ किया मंथन

माध्यमिक : अब वित्तविहीन शिक्षकों को आर्थिक सहायता देगी सरकार, सीएम ने विभाग के अफसरों के साथ किया मंथन।

लखनऊ : कोरोना काल में वित्तविहीन शिक्षकों को आर्थिक राहत देकर योगी सरकार बड़ा राजनीतिक दांव खेलने जा रही है। वित्तविहीन शिक्षकों को आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 2 और 3 अक्तूबर को आयोजित बैठकों में मंथन किया गया। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी अब वित्तविहीन शिक्षकों को राहत देने के लिए उस पर आने वाले खर्च का आकलन कर रहे हैं। 

प्रदेश के 20 हजार 558 वित्तविहीन विद्यालयों में साढ़े तीन लाख से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। कोरोना संकट काल में शिक्षा सत्र 2020-21 में अब तक स्कूलों का विधिवत संचालन नहीं शुरू हुआ है। वर्तमान स्थिति में भी 30 से 40 प्रतिशत तक अभिभावक नियमित स्कूल फीस जमा नहीं  करा रहे हैं। स्कूल फीस नहीं मिलने का सबसे ज्यादा असर वित्तविहीन शिक्षकों पर हुआ है। स्कूल प्रबंधन ने वित्तविहीन शिक्षकों के वेतन में 50 प्रतिशत की कटौती की। सैंकड़ों स्कूलों में वित्तविहीन शिक्षकों को वेतन नहीं दिया गया है। 


ऐसे में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वित्तविहीन शिक्षकों को आर्थिक राहत देने का प्रस्ताव तैयार किया। 2 और 3 अक्टूबर को उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ इस पर मंथन किया।


वित्तविहीन शिक्षकों आर्थिक राहत देने पर विचार किया गया है, अभी इसका आकलन किया जा रहा है। उसके बाद इस संबंध में उच्च स्तर पर निर्णय किया जाएगा। -विनय कुमार पांडेय, निदेशक माध्यमिक शिक्षा

Monday, October 5, 2020

शिक्षकों बिन स्कूल में कैसे हो पढ़ाई? राजधानी के नगर क्षेत्र के 22 परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक नहीं, 69 में सिर्फ एक शिक्षक

शिक्षकों बिन स्कूल में कैसे हो पढ़ाई? राजधानी के नगर क्षेत्र के 22 परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक नहीं, 69 में सिर्फ एक शिक्षक

 
सरकार ने 15 अक्टूबर से माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को बुलाकर पढ़ाई कराने की तैयारी शुरू की है। इन विद्यालयों में संसाधन भी हैं और शिक्षक भी, लेकिन ऐसी सूरत परिषदीय विद्यालयों की नहीं। लखनऊ के नगर क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों का टोटा है। आलम यह है कि कुल 254 में से 22 में तो कोई शिक्षक ही नहीं हैं। 69 में सिर्फ एक गुरुजी के भरोसे पूरा विद्यालय है। परिषदीय विद्यालयों में सीनियर कक्षा के बच्चों को बुलाकर पढ़ाई कराने का निर्णय हुआ है।


अपना स्कूल खाली, दूसरे विद्यालय में करेंगे पढ़ाई

नगर क्षेत्र के जोन एक-दो, तीन और चार में करीब 254 विद्यालय हैं। इनमें कई ऐसे विद्यालय हैं जहां शिक्षक नहीं हैं। वहां दूसरे विद्यालय के शिक्षामित्र भेजे जाते हैं। शिक्षकों की कमी के कारण प्राथमिक विद्यालय पिपराघाट के बच्चे कैबिनेटगंज प्राथमिक विद्यालय भेजे जाने की व्यवस्था की गई है। दुबग्गा समेत कई इलाकों में ऐसे विद्यालय हैं जिनके बच्चे दूसरे विद्यालय जाएंगे।

विद्यालयों में बुलाए गए बच्चे तो कैसे चलेंगी कक्षाएं


इन विद्यालयों में नहीं शिक्षक

जोन एक : अमीनाबाद, आजादनगर, बाजार झाऊलाल, बेहसा-एक, बेहसा-दो, मुक्ति खेड़ा।

जोन दो : चक्कर पुरवा, धनेहर खेड़ा, गौरी खेड़ा-एक, गौरी दो, गोदौंदा, हैवतमऊ मवैया, हसनपुरिया।

जोन तीन : कुंडरी रकाबगंज, मार्टिन पुरवा, लोकमान गंज, मारवाड़ी गली, मटियारी, नया गदौरा, रानीगंज।

जोन चार : शंकर पुरवा, उदयगंज।

एकल शिक्षक व्यवस्था

’ जोन एक के 20 विद्यालयों में।

’ जोन दो के 19 विद्यालयों में।

’ जोन तीन के 20 विद्यालयों में।

’ जोन चार के 10 विद्यालयों में।

नगर क्षेत्र में शिक्षकों की कमी है। यहां सीधे पो¨स्टग का कोई प्रावधान नहीं है। यह शासन की व्यवस्था है। जहां, शिक्षक नहीं हैं वहां पर अन्य विद्यालयों को शिक्षकों को भेजकर विद्यालय खोले जा रहे हैं। - दिनेश कुमार, बीएसए

45 फीसद विद्यालय ऐसे हैं जहां या तो शिक्षक नहीं हैं या एकल शिक्षक की व्यवस्था है। शासन को नगर क्षेत्र की सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए बिना ज्येष्ठता खोए ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों को नगर क्षेत्र में समायोजित करना चाहिए। - विनय कुमार सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक, प्रशिक्षित स्नातक एसो.

Friday, October 2, 2020

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा के बर्खास्त 49 शिक्षकों से पौने तीन करोड़ रुपये की होगी वसूली, फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर कर रहे थे नौकरी।

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा के बर्खास्त 49 शिक्षकों से पौने तीन करोड़ रुपये की होगी वसूली, फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर कर रहे थे नौकरी।


प्रयागराज : स्कूलों में फर्जी अंकपत्र व प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाने वाले 49 शिक्षकों के विरुद्ध बेसिक शिक्षा परिषद कार्रवाई कर चुका है। उनकी बर्खास्तगी के बाद अब रिकवरी की भी तैयारी शुरू हो चुकी है। पूर्व में सभी शिक्षकों के विरुद्ध रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।


बीएसए संजय कुशवाहा ने बताया कि पिछले दिनों विभाग में तैनात शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच की गई थी। उसमें कुल 62 अध्यापक ऐसे पाए गए थे जिनके शैक्षिक प्रमाणपत्र संदिग्ध थे। बाद में सभी कागजातों की गहनता से जांच की गई तो वे फर्जी पाए गए। हालांकि अभी इनमें से 13 लोग ऐसे हैं जिन्होंने पूर्व में दी गई नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। शेष 49 अध्यापकों ने जवाब दिया। उनके प्रपत्र और जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इस पर विभाग ने सभी को बर्खास्त कर दिया था। उसी समय सभी दोषी शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। उसके बाद वेतन आहरण संबंधी विवरण एकत्र कर शिक्षकों से वसूली की प्रक्रिया पूरी करने के लिए आगणन कराया गया। अब 49 अध्यापकों से कुल पौने तीन करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी।

’>>फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर कर रहे थे नौकरी

’>>इन सभी पर दर्ज कराया जा चुका है मुकदमा

Friday, September 11, 2020

पीएम केयर फंड पर टिप्पणी करने वाले एटा के शिक्षक को कोर्ट से मिली राहत

पीएम केयर फंड पर टिप्पणी करने वाले एटा के शिक्षक को कोर्ट से मिली राहत

 
प्रयागराज : सोशल मीडिया पर पीएम और सीएम केयर फंड पर टिप्पणी करने वाले शिक्षक नेता को हाईकोर्ट ने राहत देते हुए उक्त मामले में उनके खिलाफ दर्ज एफआइआर रद कर दी है। यह आदेश शिक्षक नेता नंदलाल यादव की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूíत मनोज मिश्र व न्यायमूíत अनिल कुमार नवम की पीठ ने दिया। 


याची की ओर से अधिवक्ता सुनील यादव ने बहस की। एटा के मिरहची थाना क्षेत्र में स्थित इंटर कालेज के प्रधानाचार्य व शिक्षक नेता नंदलाल यादव ने पीएम केयर फंड की पारदर्शिता को लेकर फेसबुक पर टिप्पणी की थी। उसका संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के निर्देश पर मिरहची थाने की पुलिस ने आइटी एक्ट की धारा 66-ए के तहत एफआइआर दर्ज की थी। इसके खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की थी कि धारा 66-ए आइटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है।

Monday, September 7, 2020

फर्रुखाबाद : सम्प्रेक्षण गृह से शिक्षक सम्बद्ध, बीईओ ने नहीं दिया कार्यमुक्ति प्रमाण पत्र

फर्रुखाबाद : रोक के बाद भी तीन शिक्षकों को बीएसए ने सम्प्रेक्षण गृह से किया सम्बद्ध, जिले में सम्बद्ध हैं 56 शिक्षक, बीईओ ने नहीं दिया कार्यमुक्ति प्रमाण पत्र

फर्रुखाबाद :  बीएसए ने दूरदराज के ब्लाकों में तैनात तीन शिक्षकों को राजकीय संप्रेक्षण गृह में संबद्ध किया है। उनको विद्यालय से कार्यमुक्त करने का आदेश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिया है। ये स्थिति तब है जब शासन से शिक्षकों के संबद्धीकरण पर रोक है। जिले में 56 शिक्षक संबद्ध हैं, इनको रिलीव कर किसी भी शिक्षक के संबद्ध न होने का प्रमाण पत्र अभी तक बीईओ ने नहीं दिया। जिले में पहले से 56 शिक्षक मूल विद्यालय से दूसरे स्कूल या बीएसए कार्यालय से संबद्ध हैं।




इनका संबद्धीकरण समाप्त कर मूल विद्यालय में भेजने का आदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने दिया था। उन्होंने बीएसए से शिक्षकों को मूल विद्यालय के लिए रिलीव करने और किसी शिक्षक के संबद्ध न होने का प्रमाण पत्र मांगा था। संबद्ध शिक्षकों को मूल विद्यालय रिलीव नहीं किया गया है। बीएसए ने 14 अगस्त को प्राथमिक विद्यालय खजुरिया शमसाबाद के सहायक अध्यापक अभयकांत, प्राथमिक विद्यालय कायमगंज के अध्यापक अनुराग सोमवंशी व प्राथमिक विद्यालय धनी नासा के सहायक अध्यापक विजय प्रताप को राजकीय संप्रेक्षण गृह जखा फतेहगढ़ में संबद्ध कर दिया है। इनको किशोर अपचारियों को ऑनलाइन शिक्षा देने की जिम्मेदारी दी है।


 बीएसए लालजी यादव ने बताया कि किशोर अपचारियों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए राजकीय संप्रेक्षण गृह जखा के अधीक्षक ने पत्र भेजा था। उन्होंने चार शिक्षकों के नाम दिए थे, तीन शिक्षकों को ही संबद्ध किया गया है। अधीक्षक कमलेश कुमार ने बताया कि पिछले सत्र में यही शिक्षक तैनात थे, इस कारण इन्हीं को संबद्ध करने के लिए बीएसए को पत्र भेजा था।