DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label शिक्षक. Show all posts
Showing posts with label शिक्षक. Show all posts

Monday, April 12, 2021

‘सभी शैक्षिक संस्थान गोद लें एक-एक गांव’, शिक्षकों को भी मल्टी टास्कर बनने की जरूरत - राज्यपाल

‘सभी शैक्षिक संस्थान गोद लें एक-एक गांव’, शिक्षकों को भी मल्टी टास्कर बनने की जरूरत - राज्यपाल


लखनऊ : प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों को एक-एक गांव गोद लेना चाहिए। इससे वहां की शैक्षिक सामाजिक व आर्थिक स्थिति में बदलाव लाया जा सकेगा। शिक्षकों को भी मल्टी टास्किंग बनने की जरूरत है, ताकि वे अपने विषय के अलावा अन्य विषय भी पढ़ा सकें। यह विचार राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रखे। वह रविवार को इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडेशन काउंसिल की ओर से आयोजित आनलाइन कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं।


आल इंडिया एनालिसिस आफ एक्रेडिटेशन रिपोर्ट नार्थ रीजन का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने नई शिक्षा नीति-2020 को महत्वपूर्ण बताया। उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने भी वीडियो संदेश के जरिए लोगों से अपने विचार साझा किए। यूनिवर्सिटी के फाउंडर व चांसलर सैयद वसीम अख्तर ने राज्यपाल व उप मुख्यमंत्री सहित नैक के पदाधिकारियों का आभार जताया। यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर सैयद नदीम अख्तर व वाइस चांसलर प्रो. जावेद मुसर्रत ने भी विचार रखे।

Saturday, April 3, 2021

वाराणसी : संपूर्णानंद से डिग्री लेने वाले 26 शिक्षक होंगे बर्खास्त, बीएसए को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का निर्देश

वाराणसी : संपूर्णानंद से डिग्री लेने वाले 26 शिक्षक होंगे बर्खास्त, बीएसए को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का निर्देश

वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी की फर्जी डिग्रियों के सहारे प्रदेश के 75 जिलों के प्राथमिक विद्यालयों में 1130 लोगों ने शिक्षक की नौकरी हासिल की है। इसमें जिले के परिषदीय विद्यालयों में नौकरी कर रहे 26 शिक्षकों की डिग्री फर्जी पाई गई है। जल्द ही इन शिक्षकों की सेवा समाप्त हो सकती है। 


संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री प्राप्त करने वाले इन शिक्षकों का खुलासा एसआईटी की जांच में हुआ है। एसआईटी ने जांच रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को दोषियों पर कार्रवाई के लिए भेज दी है। अब इन शिक्षकों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

अनामिका शुक्ला मामले का खुलासा होने के बाद प्रदेश शासन ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने 2004 से 2014 के बीच प्राथमिक विद्यालयों में चयनित उन शिक्षकों के अभिलेखों का दोबारा सत्यापन कराया, जिन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से उपाधि हासिल की थी।

जिले में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की डिग्री पर शिक्षक की नौकरी करने वाले 315 शिक्षकों का डाटा सत्यापन के लिए भेजा गया था, जिसमें  इनमें 28 की डिग्री फर्जी मिली थी, जबकि दो अभिलेख संदिग्ध की श्रेणी में रखे गए हैं। अब इन 28 फर्जी डिग्रियों में से 26 पर सप्ताह भर में कार्रवाई की गाज गिर सकती है।

पहले भी मिल चुके हैं कई फर्जी शिक्षक

संपूर्णानंद संस्कृत विवि के फर्जी अभिलेख के आधार पर नौकरी पाने का मामला पहले भी कई बार आ चुका है। मई 2020 में भी आगरा विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल करने वाली पांच शिक्षिकाओं को बर्खास्त किया गया था। इसके अलावा एक पैन कार्ड व आधार कार्ड पर अन्य जिलों में नौकरी कर रहे शिक्षकों पर भी कार्रवाई हो चुकी है। 

शिक्षिका से हो सकती है साठ लाख की रिकवरी

सेवापुरी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कपसेठी में नियुक्त सहायक अध्यापक अर्चना पांडेय को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 31 मार्च को निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी सेवापुरी डीपी सिंह को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है।

डीपी ने बताया कि शिक्षिका के खिलाफ शनिवार को एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने को लेकर शिक्षिका से 60 लाख की रिकवरी नोटिस भी जारी होगी। 

फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वाले सभी शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही आहरित की गई धनराशि की रिकवरी होगी। - राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

Tuesday, March 23, 2021

नई शिक्षा नीति आई पर शिक्षक के पद नहीं जा रहे भरे

नई शिक्षा नीति आई पर शिक्षक के पद नहीं जा रहे भरे


राष्ट्रीय शिक्षा नीति आने के बाद देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों को नालंदा और तक्षशिला जैसी प्रतिष्ठा दिलाने की बातें तो हो रही है, लेकिन जब उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं होंगे, तो यह मुकाम कैसे हासिल हो पाएगा। स्थिति कुछ ऐसी ही है। देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त शिक्षक ही नहीं है। यह कमी भी कोई सौ-दो सौ शिक्षकों की नहीं है, बल्कि अकेले केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में ही 14 हजार से ज्यादा पद रिक्त हैं। इनमें सबसे खराब स्थिति केंद्रीय विश्वविद्यालयों की है, जहां फिलहाल शिक्षकों के छह हजार से ज्यादा पद खाली हैं। आइआइटी, एनआइटी और आइआइएम का भी कुछ ऐसा ही हाल है।


उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के खाली पदों को लेकर यह सवाल उस समय उठ रहे है, जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सरकार तेजी से लागू करने में जुटी है। खासबात यह है कि नीति में शिक्षकों के खाली पदों को लेकर चिंता जताई गई है, साथ ही कहा गया है कि जब तक शिक्षकों के खाली पदों को भरा नहीं जाएगा, तब तक नीति का फायदा मिल पाना मुश्किल है। यही वजह है कि सरकार से उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के खाली पदों को लेकर सवाल किए जाने लगे हैं। हाल ही में संसद में भी इसे लेकर सवाल पूछे गए हैं। इस बीच सरकार ने जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक केंद्रीय स्तर के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के स्वीकृत पदों की कुल संख्या 42 हजार है, इनमें से 14,268 पद खाली हैं। इन संस्थानों में केंद्रीय विश्वविद्यालय,आइआइटी, टिपलआइटी, एनआइटी, आइआइएम जैसे संस्थान शामिल हैं।


शिक्षा मंत्रलय की ओर से संसद को दी गई जानकारी में बताया गया है कि मौजूदा समय में सभी 42 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या 18 हजार हैं, इनमें से 6,074 पद खाली हैं। आइआइटी में शिक्षकों के कुल स्वीकृत पद 10 हजार हैं, इनमें से 3,876 पद खाली हैं। टिपलआइटी में शिक्षकों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या 919 हैं, जबकि इनमें से 461 पद खाली हैं।

उन्नाव : अंकों में हेराफेरी पर 15 शिक्षकों का चयन निरस्त, छह महीने पहले हुई थी भर्ती, ऑनलाइन ज्यादा फीड किए गए थे अंक, शासन स्तर से हुई जांच में खुलासे के बाद बीएसए ने की कार्रवाई

उन्नाव : अंकों में हेराफेरी पर 15 शिक्षकों का चयन निरस्त, छह महीने पहले हुई थी भर्ती, ऑनलाइन ज्यादा फीड किए गए थे अंक, शासन स्तर से हुई जांच में खुलासे के बाद बीएसए ने की कार्रवाई

उन्नाव :  अंकों में हेराफेरी पर 15 शिक्षकों का चयन (अभ्यर्थन समाप्त) निरस्त कर दिया गया है। इन अभ्यर्थियों ने छह महीने पहले हुई शिक्षक भर्ती में ऑनलाइन फीडिंग में ज्यादा अंक फीड किए थे। शासन स्तर से हुई जांच में खुलासे के बाद बीएसए ने कार्रवाई की है।


अक्तूबर 2020 में जिले में हुई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में 1002 शिक्षकों का चयन हुआ था इसमें 16 अक्तूबर को 865 को और दूसरे चरण में 7 दिसंबर को 137 शिक्षक पद के नियुक्ति पत्र दिए गए थे।

यह शिक्षक डायट आकर उपस्थित रजिस्टर में हस्ताक्षर कर रहे थे। इसी दौरान कई जिलों से फर्जी अंकों पर नौकरी पाने की शिकायतें मिलने पर अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने जिला स्तर पर जमा उनके मूल शैक्षिक अभिलेखों के अंक और ऑनलाइन भरे गए अंकों का मिलान कराया तो हेराफेरी सामने आई ।


जिले में नियुक्त शांती देवी, पल्लवी शुक्ला, ज्योति गुप्ता, अभिषेक सिंह, मनीषा गुप्ता, शशि प्रभा, हिमांशु वर्मा, प्रियंका सिंह, आरती रावत, भइया लाल, बविता देवी मेनका जाटव, ज्योति गौतम सौरभ कुमार राय व अजमेर सिंह का चयन निरस्त कर दिया गया है । बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि अंकों में हेराफेरी मिलने पर नियुक्ति पत्र रोक दिया गया था। अब उनका अभ्यर्थन भी निरस्त कर दिया गया है।

Wednesday, March 17, 2021

बोर्ड परीक्षाओं के बीच पंचायत चुनाव ने बढ़ाई मुसीबत, 50% से ज्यादा कार्मिक हैं शिक्षक

बोर्ड परीक्षाओं के बीच पंचायत चुनाव ने बढ़ाई मुसीबत, 50% से ज्यादा कार्मिक हैं शिक्षक


प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं के दरम्यान पंचायत चुनाव कराने के निर्णय से राज्य निर्वाचन आयोग की परेशानी बढ़ गई है। सोमवार को इस संबंध में आयोग के आयुक्त मनोज कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक की।


उच्च न्यायालय ने 27 मार्च तक वर्ष 2015 के आधार वर्ष पर आरक्षण का निर्धारण कर आरक्षित सीटों का अंतिम प्रकाशन करने और 25 मई तक पंचायत चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। जबकि बोर्ड की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 24 अप्रैल से 11 मई तक चलेगी।


अब आयोग की परेशानी है कि बोर्ड परीक्षा और पंचायत चुनाव कैसे कराए जाएं। पंचायत चुनाव के लिए आयोग ने 13 लाख 50 हजार से अधिक कर्मचारियों का डाटा तैयार किया है। इनमें से करीब 50 प्रतिशत शिक्षक है। जिनकी ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में भी लगाई जाएगी। आयोग अब आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पंचायत चुनाव की तारीखों पर नए सिरे से तैयारी करेगा। 

Saturday, March 13, 2021

औरैया : फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने वाले सात शिक्षक बर्खास्त

औरैया : फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने वाले सात शिक्षक बर्खास्त

औरैया : फर्जी शैक्षिक अभिलेख लगाकर परिषदीय विद्यालयों में नौकरी पाने वाले सात शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। शासन की ओर से वर्ष 2010 के बाद नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के अभिलेखों की जांच के बाद टास्क फोर्स की अध्यक्ष एडीएम के निर्देश पर बीएसए ने ये कार्रवाई की है।


शासन के निर्देश पर डीएम के निर्देशन में एडीएम रेखा एस चौहान की अध्यक्षता में एएसपी शिष्य पाल सिंह व बीएसए की तीन सदस्यीय टास्क फोर्स गठित की गई थी। मामले की जांच के बाद सहार ब्लॉक के प्राथमिक विद्या वृत झाल गोविंद भदौरिया, प्राथमिक विद्यालय निवाजपुर के रितेश कुमार, प्राथमिक विद्यालय मधवापुर के आशुतोष दीक्षित, अछल्दा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गौतला के विनोद कुमार, प्राथमिक विद्यालय लहटौरिया के राहुल सिंह, अजीतमल के नवीन नगर प्राथमिक विद्यालय के लाली, एरवाकटरा के प्राथमिक विद्यालय एरवा के गौरव के विश्वविद्यालय के अंक पत्रों के रोल नंबर आदि में भिन्नता मिली। संबंधित शिक्षकों को कमेटी के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का नोटिस दिया गया, लेकिन जवाब दाखिल नहीं किया। इस पर टास्क फोर्स बेसिक की अध्यक्ष शिक्षा अधिकारी कार्रवाई के निर्देश ने को दिए। बेसिक शिक्षा अधिकारी चंदना राम इकबाल ने बताया कि शुक्रवार को सातों शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है।