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Sunday, May 10, 2026

माध्यमिक विद्यालयों में दिखेगी एक भारत-श्रेष्ठ भारत की झलक, विद्यालयों में होगा EBSB क्लब का गठन, हर महीने दूसरे राज्यों से जुड़ी सांस्कृतिक लिए जारी हुआ गतिविधि कैलेंडर

माध्यमिक विद्यालयों में दिखेगी एक भारत-श्रेष्ठ भारत की झलक, विद्यालयों में होगा EBSB क्लब का गठन, हर महीने दूसरे राज्यों से जुड़ी सांस्कृतिक लिए जारी हुआ गतिविधि कैलेंडर

विभिन्न प्रतियोगिता व कार्यक्रमों का होगा आयोजन

लखनऊ। प्रदेश में उच्च शिक्षा के बाद अब माध्यमिक विद्यालयों में भी एक भारत-श्रेष्ठ भारत की झलक देखने को मिलेगी। इसके तहत विद्यालयों में ईबीएसबी क्लब का गठन किया जाएगा। इनके माध्यम से व अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने हर महीने का गतिविधि कैलेंडर जारी किया है।



माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार माध्यमिक विद्यालयों में मई में अरुणाचल प्रदेश व मेघालय की भाषा में गीत, कहावत आदि प्रतियोगिताएं, जुलाई में इन राज्यों की भाषा में निबंध प्रतियोगिता, अगस्त में इन राज्यों के ऐतिहासिक स्थल, स्वदेशी खेलों, संस्कृति, भोजन, भाषा, पोषाक आदि पर स्क्रैप बुक बनाई जाएगी। वहीं सितंबर में इनकी संस्कृति, इतिहास, परंपरा पर नाटक-लोक नाट्य, अक्तूबर में स्वच्छता, सिंगल यूज प्लास्टिक, जल संरक्षण, नवंबर में खेल प्रतियोगिताएं, दिसंबर में नए समाचार, नेशनल आइकन, समाज सुधार, प्रसिद्ध व्यक्तियों पर चर्चा और जनवरी में कक्षा 11 व 12 के छात्रों की कृषि फसलों पर जानकारी व उसका विद्यालय परिसर में प्रयोग पर गतिविधियां होंगी।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने इसके लिए सहारनपुर, बरेली, झांसी, मेरठ, चित्रकूट, लखनऊ, आजमगढ़ व प्रयागराज के संयुक्त शिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी बनाया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि प्रदेश के सभी विद्यालयों में यह गतिविधियां आयोजित की जाएं। इससे जुड़ी जानकारी व फोटोग्राफ निदेशालय को भी उपलब्ध कराए जाएं। ब

Saturday, March 28, 2026

यूपी बोर्ड ने 2026-27 शैक्षिक सत्र के लिए जारी किया शैक्षिक कैलेंडर, करें डाउनलोड

नए सत्र में सुबह अखबार से होगी पढ़ाई की शुरुआत, विद्यार्थियों में स्क्रीन समय घटाने और भाषा सुधारने पर रहेगा जोर,  माध्यमिक शिक्षा परिषद के शैक्षणिक कैलेंडर में अखबार पढ़ना अनिवार्य

लखनऊ : अप्रैल से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र में माध्यमिक विद्यालयों की प्रार्थना सभा में छात्र-छात्राएं अखबारों की सुर्खियां पढ़ेंगे, कठिन शब्दों का अर्थ समझेंगे और भाषा पर पकड़ मजबूत करेंगे। इसके साथ ही विद्यालयों में मोबाइल लाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की पढ़ने की आदत विकसित करने और बढ़ते स्क्रीन टाइम पर लगाम लगाने के लिए समाचार पढ़ने को अब शैक्षणिक कैलेंडर का हिस्सा बना दिया गया है। इससे पहले दिसंबर में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए समाचार पढ़ना अनिवार्य करने का आदेश जारी किया था।

विद्यार्थी प्रार्थना सभा में प्रमुख समाचार पढ़ेंगे। शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी कि वे समाचारों में आए कठिन शब्दों का सही उच्चारण कराएं और उनका अर्थ व वाक्य प्रयोग भी समझाएं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और मंडलीय शिक्षा अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि विद्यालयों में छात्रों के मोबाइल लाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। परिषद का मानना है कि किशोरावस्था में मोबाइल का अत्यधिक उपयोग बच्चों के शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास पर प्रतिकूल असर डालता है। उनकी आंखों की रोशनी कमजोर होती है, पढ़ाई में ध्यान की कमी और आनलाइन गेम्स की लत जैसी समस्याओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।



नए सत्र में यूपी बोर्ड स्कूलों में क्विज, ओडीओपी और रचनात्मक प्रोजेक्ट होंगे अनिवार्य, सिर्फ किताबों तक सीमित न रहकर व्यावहारिक ज्ञान भी हासिल हो ऐसा होगा प्रयास

 लखनऊ: प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में अब पढ़ाई को ज्यादा रोचक, व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। नए शैक्षणिक सत्र से माध्यमिक स्कूलों में सामान्य ज्ञान और स्थानीय उत्पादों की जानकारी पर जोर देने के साथ रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि छात्र सिर्फ किताबों तक सीमित न रहकर व्यावहारिक ज्ञान भी हासिल कर सकें। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने सत्र 2026-27 के शैक्षिक पंचांग में इन गतिविधियों को शामिल करते हुए सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं।

एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना को भी स्कूल स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा। विद्यालयों और छात्रों को दैनिक जीवन में स्थानीय उत्पादों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।

जिला स्तर पर आयोजित होने वाले शिल्प मेले और ओडीओपी से जुड़ी प्रदर्शनियों का भ्रमण भी छात्रों को कराया जाएगा ताकि वे अपने क्षेत्र की पारंपरिक कला, शिल्प और उद्योगों को करीब से समझ सकें। वहीं कक्षा नौ और 11 के छात्रों के लिए नए सत्र शुरू होने से पहले रचनात्मक प्रोजेक्ट कार्य अनिवार्य कर दिया गया है। 

यह प्रोजेक्ट छात्रों की रुचि के अनुसार होगा और इसमें भाषा, गणित, विज्ञान, कला, संगीत और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों को शामिल करते हुए बहुविषयक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। छात्रों को प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न रचनात्मक कार्य करने का अवसर मिलेगा, जैसे पढ़ी गई पुस्तकों की तुलनात्मक समीक्षा लिखना, स्वयं कहानी, कविता या नाटक लिखना, भ्रमण किए गए स्थानों का सचित्र वर्णन करना, अपने बनाए चित्रों का संग्रह तैयार करना, कोई कार्यशील माडल बनाना या कोई कलाकृति तैयार करना।



यूपी बोर्ड के स्कूलों में जंक फूड के नुकसान बताएंगे, टिफिन में पौष्टिक खाना लाने को करेंगे प्रेरित, जागरूकता कार्यक्रम भी कराए जाएंगे

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी नए एकेडमिक कैलेंडर में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, जागरूकता और व्यावहारिक ज्ञान को प्राथमिकता दी गई है। इस बार बोर्ड ने विशेष रूप से बच्चों में बढ़ती जंक फूड की आदत को नियंत्रित करने और उन्हें पौष्टिक आहार के प्रति प्रेरित करने पर जोर दिया है।

निर्देशों के अनुसार, स्कूलों में शिक्षकों की ओर से जंक फूड के दुष्प्रभावों के बारे में विद्यार्थियों को बताया जाएगा। इसके लिए जानकारी पूर्ण वीडियो दिखाए जाएंगे और विज्ञान क्लब जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को यह समझाया जाएगा कि पैकेटबंद खाद्य पदार्थों में कौन-कौन से हानिकारक रसायन मौजूद होते हैं। 

बोर्ड ने स्कूलों को निर्देशित किया है कि वे पौष्टिक आहार की एक सूची तैयार करें और छात्रों को उसी के अनुरूप टिफिन लाने के लिए प्रेरित करें। इससे बच्चों में संतुलित आहार की आदत विकसित होगी और उनका शारीरिक व मानसिक विकास बेहतर होगा। इसके अलावा, किशोरावस्था शिक्षा से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।



माध्यमिक स्कूलों में सप्ताह में एक दिन अब अंग्रेजी में होगी प्रार्थना, 
यूपी बोर्ड ने 2026-27 शैक्षिक सत्र के लिए जारी किया कैलेंडर

बच्चों से रोज पढ़वाई जाएंगी अखबार की प्रमुख खबरें, कठिन शब्दों का उच्चारण, अर्थ भी बताया जाएगा

एक अप्रैल से कक्षा नौ के विद्यार्थियों का शुरू होगा पंजीकरण

🔴 मुख्य बिंदु

एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र प्रारंभ।

कक्षा नौ से 12 तक प्रथम यूनिट टेस्ट जुलाई में (बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित)।

अर्द्धवार्षिक प्रयोगात्मक परीक्षाएं सितंबर के चौथे सप्ताह में।

अर्द्धवार्षिक लिखित परीक्षा अक्तूबर में।

कक्षा 10 व 12 का पाठ्यक्रम 10 जनवरी 2027 तक पूर्ण करना होगा।

कक्षा नौ व 11 का पाठ्यक्रम 25 जनवरी 2027 तक पूर्ण करना होगा।

प्री-बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षा 11 जनवरी 2027 से।

कक्षा नौ व 11 की वार्षिक परीक्षा 1 फरवरी 2027 से।

बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 27 जनवरी से 10 फरवरी 2027 तक।

बोर्ड परीक्षा फरवरी 2027 में आयोजित होगी।

प्रयागराज। यूपी बोर्ड के 29 हजार से अधिक राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों में सप्ताह में एक दिन अंग्रेजी में प्रार्थना सभा होगी। बोर्ड सचिव भगवती सिंह की ओर से सोमवार को जारी शैक्षिक सत्र 2026-27 के कैलेंडर में यह व्यवस्था दी गई है। यदि विद्यालय में कोई अन्य भाषा भी पढ़ाई जाती हो तो सप्ताह में एक दिन यथासम्भव प्रार्थना सभा उस भाषा में भी संचालित की जाएगी। खास बात यह है कि एक अप्रैल को सत्र शुरू होने के साथ ही यूपी बोर्ड का पोर्टल क्रियाशील रहेगा जिस पर कक्षा नौ के विद्यार्थियों का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) किया जा सकता है।

स्कूलों को विद्यार्थियों के प्रवेश के साथ-साथ पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू करते हुए उनके विवरण जैसे नाम, पिता का नाम, माता का नाम, जन्मतिथि आदि का मिलान विद्यालयी रिकॉर्ड से किया जाएगा। हाईस्कूल और इंटर के लिए परीक्षा आवेदन करने से पहले विद्यार्थियों के विवरण का विद्यालयी अभिलेखों से मिलान करते हुए अभिभावकों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के बाद ही आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वार्षिक परीक्षा के लिए सभी विद्यार्थियों की 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी। प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों से पढ़वाए जाने वाले समाचार में प्रयुक्त कुछ कठिन शब्दों का उच्चारण एवं अर्थ सहित वाक्य प्रयोग भी बताया जाएगा। विद्यालय परिसर में छात्र छात्राओं को मोबाइल लाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा तथा मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग से बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक विकास पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों जैसे आंखों की रोशनी, पढ़ाई में एकाग्रता में कमी, ऑनलाइन गेम्स की लत आदि के प्रति जागरूक किया जाएगा।

छात्र-छात्राओं की सभी परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं एवं ग्रीष्मावकाश गृहकार्य को स्कूल में सुरक्षित रखा जाएगा और यूपी बोर्ड के निर्देश पर वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग एवं साइबर अपराधों के प्रति सजग करने के लिए स्कूलों में 'साइबर क्लब' का गठन होगा। अर्द्धवार्षिक परीक्षा मासिक शैक्षिक पंचांग के अनुसार सितंबर तक पढ़ाए गए लगभग 60 प्रतिशत पाठ्यक्रम से ली जाएगी।


वार्षिक परीक्षा के बाद करना होगा प्रोजेक्ट कार्य

प्रयागराज। कक्षा नौ एवं 11 के विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षा के बाद नया सत्र शुरू होने से पहले उनकी रुचि के अनुरूप भाषा, गणित, विज्ञान, कला, संगीत, सामाजिक विज्ञान आदि विषयों को समाहित करते हुए एक रचनात्मक प्रोजेक्ट कार्य अनिवार्य रूप से दिया जाएगा। प्रोजेक्ट कार्य का चयन पूरी तरह से विद्यार्थियों की रुचि के अनुरूप किया जाएगा और सत्र शुरू होने पर विद्यार्थी अपने प्रोजेक्ट कार्य को कक्षाध्यापक / विषय अध्यापक के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों के विद्यालय निरीक्षण के समय इन प्रोजेक्ट कार्यों को उनके समक्ष अवलोकन के लिए प्रस्तुत करना होगा।


फरवरी में होगी हाईस्कूल-इंटर की बोर्ड परीक्षा

प्रयागराज। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं फरवरी 2027 में कराई जाएगी। इनकी प्रायोगिक परीक्षाएं 27 जनवरी से दस फरवरी 2027 तक होगी। कक्षा नौ व 11 की वार्षिक परीक्षाएं एक से दस फरवरी तक और विद्यार्थियों के अंक वेबसाइट पर मार्च के तीसरे सप्ताह तक अपलोड करने होंगे। कक्षा 12 की प्री बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षाएं 11 जनवरी से और लिखित परीक्षा 18 जनवरी से शुरू होगी। 10वीं-12वीं का पाठ्यक्रम पूरी करने की अंतिम तिथि दस जनवरी और नौ व 11 का कोर्स पूरा करने की आखिरी तारीख 25 जनवरी है।


यूपी बोर्ड ने 2026-27 शैक्षिक सत्र के लिए जारी किया शैक्षिक कैलेंडर, करें डाउनलोड




Monday, January 5, 2026

यूपी बोर्ड के कैलेंडर में निर्देश आदर्शों भरे, हकीकत में पूछ नहीं, वर्षभर गैर शैक्षणिक के बोझ से शैक्षिक पंचांग का पीछे छूटना तय

यूपी बोर्ड के कैलेंडर में निर्देश आदर्शों भरे, हकीकत में पूछ नहीं, वर्षभर गैर शैक्षणिक के बोझ से शैक्षिक पंचांग का पीछे छूटना तय


प्रयागराज, यूपी बोर्ड से जुड़े कक्षा नौ से 12 तक के 29 हजार से अधिक स्कूलों के लिए हर साल जारी होने वाले शैक्षणिक कैलेंडर में निर्देश तो आदशों से भरे होते हैं लेकिन हकीकत में बहुत कम निर्देशों का अनुपालन ही होता है। 


उदाहरण के तौर पर 2025-26 सत्र के लिए जारी कैलेंडर में विद्यार्थियों को करियर के प्रति जागरूक करने के लिए प्रत्येक स्कूल में महीने में दो बार स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, डॉक्टर, इंजीनियर, बैंक के अधिकारी, सेवायोजन अधिकारी, न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारी, उद्यमियों एवं अन्य प्रतिष्ठित महानुभावों को सम्बोधित करने आमंत्रित करने की सलाह दी गई थी। ये अलग बात है कि पूरे प्रदेश में इक्का-दुक्का स्कूल ही होगा जहां करियर गाइडेंस संबंधित नियमित सत्र आयोजित किए गए हों। 


इसी प्रकार यूपी बोर्ड के पूर्व सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने 'नए सत्र में नया सवेरा' कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसके तहत अप्रैल के प्रत्येक सप्ताह में दो दिन शिक्षाधिकारियों को विद्यालयों की प्रातःकालीन सभाओं में विद्यार्थियों से जीवन मूल्यों, अनुशासन, करियर, नियमित दिनचर्या आदि प्रासंगिक विषयों पर प्रेरक संवाद करने को कहा गया था। इस कार्यक्रम में यथासंभव विद्यालयों के पुरा छात्रों एवं विभिन्न क्षेत्रों में सफल व्यक्तियों को भी आमंत्रित करने की बात कही गई थी। हालांकि यह निर्देश भी सिर्फ कैलेंडर तक सीमित रह गया। 

हैंड्स ऑन एक्टीविटीज एवं एक्सपीरिएन्शियल लर्निंग विधा को गणित एवं विज्ञान विषय के शिक्षण में शामिल करने की बात हो या विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उनका स्वास्थ्य कार्ड बनवाना हो या फिर लैंगिक समानता पर विद्यार्थियों के बीच परिचर्चा, इन सभी निर्देशों की हकीकत में किसी स्कूल में पूछ नहीं है। 


माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी कहते हैं कि वर्षभर सरकार और विभाग की ओर से प्रधानाचार्य और शिक्षकों को दूसरे इतने काम सौंपे जा रहे हैं कि शैक्षिक पंचांग को पीछे छूटना ही है। दूसरा अफसरों की ओर से बनाया जा रहा शैक्षिक पंचांग कई पहलुओं से अव्यावहारिक है। यह प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में क्षेत्रीय विविधता और स्वायत्तता को नष्ट कर रहा है।

Friday, May 26, 2023

यूपी बोर्ड का वार्षिक शैक्षिक कैलेंडर जारी, फरवरी में बोर्ड परीक्षा, वर्ष 2023-24 के वार्षिक कैलेंडर में कई नई गतिविधियों का समावेश

सही करियर चुनने में पंख पोर्टल करेगा छात्र - छात्राओं की मदद, यूपी बोर्ड ने 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों का पोर्टल पर पंजीकरण कराना किया अनिवार्य


प्रयागराज : करियर को लेकर मन में उठने वाले सवालों के समाधान पंजीकरण कराना किया अनिवार्य के लिए अब पंख पोर्टल छात्रों की मदद करेगा।

माध्यमिक स्कूलों में दाखिले के साथ ही करियर को लेकर विषयों के चयन, उसमें संभावनाएं, सफलता के तरीके सहित कई प्रश्न विद्यार्थियों के मन में उठते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों के इन सवालों के समाधान के लिए यूपी बोर्ड ने सभी माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि वह अपने यहां 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों का पंजीकरण पंख पोर्टल पर अवश्य कराएं।

पंख पोर्टल पर भविष्य में नौकरियों की स्थिति, विद्यार्थियों के काउंसलिंग की व्यवस्था सहित विद्यार्थियों को उनकी रुचि के करियर चुनने में मदद मिलेगी।

बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल के मुताबिक पोर्टल पर विद्यार्थियों को सही करियर चुनाव करने में आसानी होगी।



यूपी बोर्ड : पूरे साल चलेंगी उपचारात्मक कक्षाएं

कक्षा नौ से 12 तक के प्रत्येक विद्यार्थी का कॅरियर गाइडेंस पोर्टल पंख पर होगा पंजीकरण, अभिरुचि के अनुरूप कॅरियर संबंधी निर्णय लेने में मिलेगी सहायता 


प्रयागराज । यूपी बोर्ड ने शुक्रवार को वार्षिक शैक्षिक कैलेंडर जारी कर दिया। मई में प्रथम मासिक टेस्ट के बाद पूरे सत्र में कमजोर बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की गई है। बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के उद्देश्य से जनवरी में विद्यार्थियों की समस्याओं और जिज्ञासाओं के समाधान के लिए विद्यालय के शिक्षकों द्वारा जिज्ञासा-ऑन कॉल का संचालन किया जाएगा।


प्रत्येक स्कूल में आज के सुविचार की एक पंजिका बनाई जाएगी और महीने के अंत में सर्वश्रेष्ठ सुविचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थी को प्रार्थना सभा में सम्मानित किया जाएगा। कक्षा नौ से 12 तक के प्रत्येक विद्यार्थी का कॅरियर गाइडेंस पोर्टल पंख पर पंजीकरण कराएंगे जिसके जरिए विद्यार्थियों को अपनी अभिरुचि के अनुरूप कॅरियर संबंध निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। नियमित पठन-पाठन में ई-मेल आईडी के व्यवहारिक प्रयोग को बढ़ावा देंगे। 


तीन दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन होगा और 22 दिसंबर को महान गणितज्ञ रामानुजन की जयंती पर मेंटल मैथ्स से संबंधित प्रश्नोत्तरी/तार्किक अभिरुचि/पजल गतिविधियां आयोजित होंगी ताकि विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन एवं समस्या समाधान की प्रवृत्ति विकसित हो सके।



यूपी बोर्ड का वार्षिक शैक्षिक कैलेंडर जारी, फरवरी में बोर्ड परीक्षा, वर्ष 2023-24 के वार्षिक कैलेंडर में कई नई गतिविधियों का समावेश


प्रयागराज : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने शैक्षिक सत्र 2023-24 के लिए तिथिवार शैक्षिक कैलेंडर जारी किया है। वर्ष 2024 की यूपी बोर्ड परीक्षा फरवरी में कराई जाएगी। अर्द्धवार्षिक परीक्षा सितंबर माह तक निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर अक्टूबर 2023 के द्वितीय और तृतीय सप्ताह में होगी।

 इस नए सत्र में बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने कई नए पहलुओं का समावेश किया है, जिससे विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति लगाव बढ़े और वह प्रतिस्पर्धा की चुनौतियों से दृढ़ता से निपट सकें। नए सत्र में नया सवेरा कार्यक्रम को भी कैलेंडर में शामिल किया गया है।



पहली बार यह गतिविधियां

● आज के सुविचार की बनेगी पंजिका । सर्वश्रेष्ठ सुविचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थी को प्रार्थना सभा में सम्मानित किया जाएगा।

● एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के उत्पादों का विद्यार्थी यथासंभव प्राथमिकता से उपयोग करें, इसके लिए जिला स्तर पर होने वाले शिल्प मेलों व ओडीओपी पर आधारित प्रदर्शनी का भ्रमण विद्यार्थियों को कराया जाए। इससे उनमें स्वावलंबन तथा व्यावसायिक विकसित होगा। अभिरुचि की भावना बढ़ेगी।

● कक्षा नौ से 12 तक के प्रत्येक विद्यार्थी का करियर गाइडेंस पोर्टल 'पंख' पर पंजीकरण कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपनी अभिरुचि के अनुरूप करियर संबंधी निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।

● विद्यालय के वार्षिकोत्सव में पुरातन छात्रों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में अपने विद्यालय के प्रति विश्वास एवं गौरव भाव दृढ़ होगा।

● नए सत्र में नया सवेरा कार्यक्रम का शुभारंभ प्रत्येक सप्ताह में दो दिन शिक्षाधिकारी प्रातः कालीन सभा में विद्यार्थियों से जीवन मूल्यों, अनुशासन, करियर, नियमित दिनचर्या आदि विषयों पर प्रेरक संवाद करेंगे। विद्यालयों के पुरा छात्रों एवं विभिन्न क्षेत्रों में सफल व्यक्तियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। 

● तीन दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस' के अवसर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में दिव्यांग सहपाठियों/ शिक्षकों/ कर्मियों तथा आस-पास के दिव्यांगजनों के प्रति सम्मान एवं सहज दृष्टिकोण

● 22 दिसंबर को महान गणितज्ञ रामानुजन के जन्मदिन पर विद्यार्थियों के लिए 'मेंटल मैथ्स' से सम्बंधित प्रश्नोत्तरी / तार्किक अभिरुचि के आयोजन होंगे। इससे उनमें तार्किक चिंतन एवं समस्या समाधान की प्रवृत्ति विकसित हो सकेगी।

● नियमित पठन-पाठन में ई-मेल आइडी के व्यावहारिक प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे विद्यार्थी ईमेल का प्रयोग दैनिक जीवन की आवश्यकताओं में भी सहजता से कर पाने में सक्षम हो सकेंगे।

● मई माह में प्रथम मासिक टेस्ट के उपरान्त संपूर्ण सत्र में कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की गयी है।

● बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के उद्देश्य से जनवरी में विद्यार्थियों की समस्याओं और जिज्ञासाओं के समाधान के लिए शिक्षक जिज्ञासा- आन काल का संचालन करेंगे।

Saturday, September 11, 2021

सत्र 2021-22 के लिए उत्तर प्रदेश स्थित समस्त उच्च शिक्षण संस्थाओं हेतु शैक्षणिक कैलेण्डर जारी

सत्र 2021-22 के लिए उत्तर प्रदेश स्थित समस्त उच्च शिक्षण संस्थाओं हेतु शैक्षणिक कैलेण्डर जारी।

उत्तर प्रदेश में यूनिवर्सिटी व डिग्री कालेजों के लिए शैक्षिक कैलेंडर जारी, अब सेमेस्टर, वार्षिक व अर्ध वार्षिक परीक्षाएं अनिवार्य


उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अब सेमेस्टर, वार्षिक व अर्ध वार्षिक परीक्षाएं कराना अनिवार्य होगा। उच्च शिक्षा विभाग ने यह कदम कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए उठाया है। ये इम्तिहान होने से विषम स्थिति में छात्र-छात्राओं को प्रोन्नति देने में सहूलियत रहेगी। निर्देश दिए गए हैं कि कोरोना या फिर अन्य वजह से शिक्षण दिवस कम हो रहे हैं तो शिक्षक अतिरिक्त कक्षाएं या आनलाइन पढ़ाई कराकर सत्र नियमित कराएं।


उच्च शिक्षा की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग ने निदेशक उच्च शिक्षा, कुलसचिव राज्य विश्वविद्यालय व कुलपति निजी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई व परीक्षाएं कराएं। छात्रों को उच्च शिक्षा की डिजिटल लाइब्रेरी व अन्य आनलाइन माध्यमों से अध्ययन करने के लिए प्रेरित करें, ताकि कम समय में शिक्षण पूरा हो सके। कार्यरत शिक्षक व कर्मचारी के निधन पर ही शोकसभाएं अपरान्ह तीन बजे से होंगी। तीन बजे तक कक्षाएं चलाई जाएं। अगला शैक्षिक सत्र 22 अगस्त 2022 से शुरू होगा। नए छात्रों की पढ़ाई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत होगी।


शीतावकाश हो सकता निरस्त, गर्मी में बुलाए जाएंगे शिक्षक : अपर मुख्य सचिव ने लिखा है कि कोरोना महामारी के कारण संस्थान लंबे समय तक बंद रहे, इससे सत्र अनियमित हो गया है। इसे नियमित करने के लिए छात्र हित में सत्र सामान्य होने तक विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में शीतावकाश निरस्त किया जा सकता है। जरूरत के हिसाब से 15-15 दिन का ग्रीष्मावकाश देते हुए दो बार में आधे-आधे शिक्षकों को शिक्षण संस्थान बुलाया जा सकता है। 31 मार्च 2023 सत्र नियमित होने तक शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मियों को बहुत जरूरी होने पर ही लंबा अवकाश मिलेगा। इसमें मातृत्व अवकाश शामिल नहीं है।


■ समय सारिणी

स्नातक में प्रवेश वाले...

प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश पूरा, शिक्षण कार्य शुरू : 13 सितंबर
मिड टर्म परीक्षा : एक नवंबर से 10 दिसंबर तक
पहले सेमेस्टर का शिक्षण कार्य पूरा : 22 जनवरी 2022
प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा : 24 जनवरी से 28 फरवरी तक
द्वितीय सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू : एक मार्च
मिड टर्म परीक्षा : मई

दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई पूरी : 30 जून
दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा : एक जुलाई से तीन अगस्त तक


अध्ययनरत वार्षिक प्रणाली के छात्र...

प्रवेश प्रक्रिया पूरी व पढ़ाई शुरू : 13 सितंबर
प्रथम टर्म परीक्षा : एक नवंबर से 10 दिसंबर तक
द्वितीय टर्म परीक्षा : फरवरी 2022
शिक्षण कार्य पूरा : 31 मई
वार्षिक परीक्षा : एक जून से 15 जुलाई तक

अध्ययनरत सेमेस्टर प्रणाली के छात्र...

प्रवेश पूरा, पढ़ाई शुरू : 13 सितंबर
अर्ध वार्षिक परीक्षाएं : एक नवंबर से दस दिसंबर
सेमेस्टर का शिक्षण कार्य पूरा : 22 जनवरी 2022
सेमेस्टर परीक्षा : 24 जनवरी से 28 फरवरी तक

सह सेमेस्टर

शिक्षण कार्य शुरू : एक मार्च
अर्ध वार्षिक परीक्षाएं : मई
सेमेस्टर का शिक्षण पूरा : 30 जून
सेमेस्टर प्रणाली की परीक्षाएं : एक जुलाई से तीन अगस्त तक
परिणाम घोषित : 20 अगस्त




Tuesday, July 6, 2021

उप्र माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड की तर्ज पर शैक्षिक कैलेंडर लागू करेगा

उप्र माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड की तर्ज पर शैक्षिक कैलेंडर लागू करेगा

संस्कृत माध्यमिक स्कूलों का शैक्षिक कैलेंडर 15 जुलाई तक



लखनऊ : उप्र माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद अब यूपी बोर्ड की तर्ज पर शैक्षिक कैलेंडर लागू करने जा रहा है। पाठ्यक्रम का मासिक विभाजन होने से छात्र व शिक्षकों को सहूलियत रहेगी और पठन-पाठन में तेजी आएगी।


संस्कृत शिक्षा परिषद नया शैक्षिक कैलेंडर बना रहा है, जो 15 जुलाई तक जारी होगा। प्रदेश में संस्कृत शिक्षा परिषद की ओर से करीब 1200 माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। वहां पढ़ने वाले छात्रों की तादाद लगभग एक लाख है। 


सोमवार को संस्कृत शिक्षा परिषद की अहम बैठक हुई, इसमें मान्यता प्राप्त विद्यालयों में संस्कृत शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर कई निर्णय लिए गए। संस्कृत संस्थान उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डा. वाचस्पति मिश्र की अगुवाई में 16 संस्कृत शिक्षाविदों ने तय किया कि विद्यालयों में शैक्षिक कैलेंडर व पाठ्यक्रम का मासिक विभाजन लागू कराया जाएगा।

Tuesday, September 15, 2020

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 9वीं से 12वीं क्लास के लिए वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर किया जारी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 9वीं से 12वीं क्लास के लिए वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर किया जारी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Education Minister Dr Ramesh Pokhriyal Nishank)ने सीनियर सेकेंड्री कक्षाओं के लिए 8 सप्ताह का वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Education Minister Dr Ramesh Pokhriyal Nishank) ने सीनियर सेकेंड्री कक्षाओं के लिए 8 सप्ताह का वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया है। NCERT द्वारा बनाया गया यह कैलेंडर कक्षा 9 से 12वीं तक के लिए लागू होगा। इस कैलेंडर का उद्देश्य छात्रों को घर से पढ़ाई के दौरान तकनीक और सोशल मीडिया टूल का उपयोग करानाहै, जिससे उनकी पढ़ाई के दौरान कोई समस्याओं का न सामना करना पड़े।




वहीं बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर लॉन्च करने की जानकारी अपने ट्विवटर हैंडल से दी। उन्होंने इस संबंध में ट्वीट करते हुए लिखा, सीनियर सेकेंड्री कक्षाओं के लिए अगले 8 सप्ताह के लिए वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर (AAC) को आज लॉन्च किया गया। वहीं प्राइमरी और अपर प्राइमरी कक्षाओं के लिए 12 सप्ताह का वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके अलावा सेकेंड्री और हॉयर सेकेंड्री के लिए भी पहले ही कैलेंडर जार किया जा चुका है।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, कैलेंडर का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों, स्कूल प्रिंसिपलों और अभिभावकों को ऑनलाइन शिक्षण-शिक्षण संसाधनों के माध्यम से Covid19 से पॉजिटिव तरीके से निपटना है और पढ़ाई में बेहतर परिणाम मिल सकें। इस उद्देश्य से यह कैलेंडर रिलीज किया गया है।
वहीं अगर स्कूल खुलने की बात करें तो सरकार ने हाल ही में अनलॉक 4 की घोषणा की थी। लेकिन इसमें अभी तक स्कूल खोलने की अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि 21 सितंबर से 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के लिए स्कूल खोले जा रहे हैं। लेकिन अब यह भी अभिभावकों की लिखित अनुमति निर्भर करता है। इसका मतलब यह है कि जो भी छात्र-छात्राएं अगर 21 सितंबर से स्कूल जाना चाहते हैं तो इसके लिए वह जा सकते हैं लेकिन इसके लिए उनको पैरेंट्स की लिखित अनुमति लेनी पड़ेगी।


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Friday, August 14, 2020

यूपी बोर्ड परीक्षा 2020-21 मार्च-अप्रैल में, एकेडमिक कैलेंडर जारी, देखें

यूपी बोर्ड परीक्षा 2020-21 मार्च-अप्रैल में, एकेडमिक कैलेंडर जारी, देखें।


प्रयागराज : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने बृहस्पतिवार को शैक्षिक पंचांग (एकेडमिक कैलेंडर) जारी कर दिया। सचिव दिव्यकांत शुक्ल की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार कोरोना संक्रमण के कारण अबकी बार यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 मार्च-अप्रैल में कराने का कार्यक्रम तय किया गया है। बोर्ड सचिव ने स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के लिए 18 अगस्त 2020 की तिथि तय की है। साथ ही हर महीने के अंत में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन परीक्षाएं भी होंगी।





यूपी बोर्ड सचिव की ओर से जारी शैक्षिक पंचांग में विभिन्न कक्षाओं में ऑनलाइन, ऑफलाइन शिक्षण कार्य पूरा करने के लिए 31 जनवरी 2021 तक का समय तय किया गया है। प्रयोगात्मक परीक्षाएं फरवरी 2021 के पहले एवं दूसरे सप्ताह में कराने की तैयारी है, जबकि प्री-बोर्ड परीक्षाएं फरवरी 2021 में तीसरे और चौथे सप्ताह में कराने की बात कही गई है।


जारी पंचांग के अनुसार अप्रैल 2021 में नया शैक्षिक सत्र शुरू करने की योजना है। बोर्ड ने अपने शैक्षिक पंचांग में पूरे वर्ष ऑनलाइन कक्षाएं और ऑनलाइन परीक्षा के साथ एनसीसी, स्काउट-गाइड की गतिविधियों के संचालन की बात भी कही है। बोर्ड की ओर से प्रदेश के सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों ,मंडलीय शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को शैक्षिक पंचांग भेज दिया गया है।











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Tuesday, August 4, 2020

HRD मंत्री ने कक्षा छठी से 8वीं तक का नया NCERT वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर किया जारी, करें डाउनलोड

HRD मंत्री ने कक्षा छठी से 8वीं तक का नया NCERT वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर किया जारी
 

मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने अगले 8 सप्ताह के लिए उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) की कक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया है। इससे पहले यह चार सप्ताह का जारी किया गया था। एचआरडी मंत्री निशंक ने सोमवार को ट्वीट करते हुए कहा, 'कक्षा छठी से आठवीं तक का वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर जारी कर दिया है। इस कैलेंडर का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों, स्कूल प्रिंसिपल और अभिभावकों को कोरोना काल में ऑनलाइन टीचिंग के लिए और सशक्त बनाना है।'


केंद्रीय मंत्री ने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'इस कैलेंडर में शिक्षकों के लिए तकनीक और सोशल मीडिया टूल्स के उपयोग के विस्तृत दिशानिर्देश भी दिए गए हैं, ताकि वो बच्चों को बेहतर तरीके से ऑनलाइन शिक्षा दे सकें।'

● कैलेंडर में तनाव और चिंता को दूर करने के तरीके भी सुझाये गए हैं। 

● वैकल्पिक कैलेंडर में ई-पाठशाला, एनआरओईआर और दीक्षा पोर्टल पर अध्यायवार उपलब्ध सामग्री को भी शामिल किया गया है। 

जिन बच्चों के पास इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं हैं, उनको शिक्षक मोबाइल पर एसएमएस भेज कर या फोन कर के शिक्षा प्रदान कराने के दिशानिर्देश भी इस कैलेंडर में दिए गए हैं।


कैलेंडर देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।


Alternative Academic Calendar
In this period of Covid-19, which is declared as a global pandemic, our teachers, parents, and students have to remain at homes to prevent its spread in the community. In this situation, it is our responsibility to provide them with multiple alternative ways of learning at home through interesting activities. It is necessary because in the present environment of stress we have to not only keep our children busy but also to maintain continuity of their learning in their new classes. In this context, NCERT has developed an Alternative Academic Calendar for all the stages of school education.