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Friday, March 7, 2025

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत आने वाले सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों / प्रधानाचार्यो, शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मियों की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण की कार्रवाई किए जाने के संबंध में सिटीजन चार्टर लागू, देखें आदेश

माध्यमिक शिक्षा : शिक्षकों-कर्मचारियों की पेंशन पर 60 व जीपीएफ के लिए 30 दिन में लेना होगा निर्णय,  विभिन्न सेवाओं के निस्तारण के लिए निर्धारित समयसीमा में निस्तारण न होने पर हो सकेगी कार्रवाई


माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अपने यहां छात्रों व शिक्षकों-कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के निस्तारण के लिए समयसीमा निर्धारित कर दी है। इसके तहत अब मूल प्रमाण पत्र 15, प्रमााण पत्र की दूसरी प्रति 30, मूल अंक पत्र व अंक पत्र की दूसरी प्रति 30 दिन में जारी करनी होगी। इसके लिए बुधवार को माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने सचिवालय स्थित तिलक हाल में नागरिक घोषणा पत्र का विमोचन किया।

घोषणा पत्र के अनुसार शिक्षकों के पेंशन पर निर्णय 60, जीपीएफ पर 30, जीपीएफ अग्रिम भुगतान 15, नवनियुक्त शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन 60 दिन में करना होगा। चिकित्सा प्रतिपूर्ति पर निर्णय 60, प्रोविजनल पेंशन पर 30 व वेतन भुगतान पर निर्णय 15 दिन में करना होगा। सुनिश्चित कॅरियर प्रोन्नयन पर निर्णय 90 दिन में लेना होगा। जबकि मृतक आश्रित नियुक्ति के मामलों पर 90 व आकस्मिक अवकाश पर एक दिन में निर्णय लेना होगा।

इसी तरह घोषणा-पत्र के तहत शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और विद्यार्थियों को दी जाने वाली सेवाओं के निस्तारण की समय सीमा तय की गई है। साथ ही निर्धारित समय पर कार्यवाही न होने पर प्रथम व द्वितीय करने का भी समय दिया गया है। मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि यह घोषणा-पत्र विभाग में अनुशासित कार्य-संस्कृति विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से आवश्यक सेवाओं का समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा।

तय समय में काम न करने पर संबंधित की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर कार्यालय के प्रवेश द्वार पर प्रथम व द्वितीय अपीलीय अधिकारियों के नाम और संपर्क विवरण मोटे अक्षरों में लिखवाएं। ताकि आवेदकों को किसी भी समस्या का समाधान तुरंत मिल सके।

इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव केके गुप्ता, आलोक कुमार, उमेश चंद्र, निदेशक डॉ. महेंद्र देव, अपर निदेशक अजय कुमार द्विवेदी, संयुक्त निदेशक विष्णुकांत पाण्डेय, प्रदीप कुमार, उपनिदेशक विवेक नौटियाल आदि अधिकारी उपस्थित थे।



माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत आने वाले सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों / प्रधानाचार्यो, शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मियों की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण की कार्रवाई किए जाने के संबंध में सिटीजन चार्टर लागू, देखें आदेश  

Sunday, August 4, 2024

शिक्षक दिवस पर माध्यमिक शिक्षकों को तोहफा देने की तैयारी, सिटीजन चार्टर लागू करने की अब आई बारी

शिक्षक दिवस पर माध्यमिक शिक्षकों को तोहफा देने की तैयारी, सिटीजन चार्टर लागू करने की अब आई बारी


वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के विद्यालय से लेकर निदेशालय स्तर पर लंबित वर्षों से अवशेषों का भुगतान एक बहुत ही बड़ी समस्या है। बताया जाता है कि इस समस्या से प्रदेश का कोई भी राजकीय एवं एडेड माध्यमिक विद्यालय अछुता नहीं है। इसके निराकरण के लिए एक अभियान चला कर मामले शीघ्र निपटाने की विशेष जरूरत है और यह सिटीजन चार्टर लागू कर दूर किया जा सकता है। 

सिटीजन चार्टर लागू होने का यह होगा लाभ
जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर की विभिन्न समस्याओं के अलावा शिक्षकों व कर्मचारियों के चयन एवं एसीपी, अस्थायी जीपीएफ, अग्रिम वेतन निर्धारण, प्रधान एवं प्रबंधक के हस्ताक्षर प्रमाणित किये जाने आदि मामले तय समय सीमा के भीतर निस्तारित हो जाएंगे। इसके अलावा मंडल स्तर की समस्याओं के निस्तारण के साथ-साथ जीपीएफ अग्रिम, आदेश एवं भुगतान, पदोन्नतियां, विनियमितिकरण, पीपीओ एवं सेवा निवृत संबंधी सभी देयकों के भुगतान के मामले भी तय समय के भीतर निस्तारित हों सकेंगे। 



माध्यमिक शिक्षा में सिटीजन चार्टर जल्द होगा लागू

लखनऊ । माध्यमिक शिक्षा विभाग में जल्द ही सिटीजन चार्टर लागू किए जाने की तैयारी है। इसके लिए विभाग ने शिक्षक संगठनों समेत कई अन्य संवर्गों के संगठनों से भी सुझाव मांगे है। विभाग में सिटिजन चार्टर लागू होने से सभी संवर्गों की दशकों पुरानी लंबित समस्याओं का जल्द निपटारा हो सकेगा।


साथ ही विभाग के साथ-साथ सभी माध्यमिक स्कूलों में सभी पक्षों की शिकायतों का भी समयबद्ध निस्तारण हो सकेगा। शिक्षक संगठनों ने विभाग में सिटीजन चार्टर विभाग करने के लिए कई सालों से भारी दबाव बना रखा था। अब जाकर सरकार ने इस दिशा में नया प्रयास शुरू किया है। 

सिटीजन चार्टर लागू होने से विद्यालय स्तर से लेकर मंडल और निदेशालय स्तर तक के लंबित मामलों के निस्तारण की जबाबदेही तय होगी और समस्याओं का भी समयबद्ध निस्तारण होगा। सरकार शिक्षा दिवस पर माध्यमिक शिक्षकों को यह तोहफा देने की तैयारी कर रही है। तय समय के भीतर सिटीजन चार्टर की रूप- रेखा तैयार हो सके, इसके लिए के सभी संवर्गों के संगठनों से 31 जुलाई तक सुझाव मांगे थे। 

सूत्रों का कहना है कि अन्तिम तिथि तक अलग-अलग संगठनों से इस दिशा में दर्जनों उपयोगी सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिसका परीक्षण किया जा रहा है।


सिटीजन चार्टर लागू होने का यह होगा लाभ

जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर की विभिन्न समस्याओं के अलावा शिक्षकों व कर्मचारियों के चयन एवं एसीपी, अस्थायी जीपीएफ, अग्रिम वेतन निर्धारण, हस्ताक्षर प्रमाणित किये जाने आदि मामले तय समय सीमा के भीतर निस्तारित हो जाएंगे। मंडल स्तर की समस्याओं के निस्तारण भी हो सकेगा।


क्या कहते हैं शिक्षकों के संगठन

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के वरिष्ठ शिक्षक नेता ओम प्रकाश त्रिपाठी का कहना है कि हमारा संगठन शिक्षकों की लम्बित समस्याओं के समबद्ध निपटारे के लिए लगातार मांग कर रहा है। संगठन के बढ़ते दबाव के कारण विभाग ने सिटीजन चार्टर के लिए सभी संवर्गों से सुझाव मांगे हैं।

Saturday, April 16, 2022

उच्च शिक्षा निदेशालय में सिटीजन चार्टर लागू, लापरवाह अधिकारी-कर्मचारी होंगे निशाने पर

उच्च शिक्षा निदेशालय में सिटीजन चार्टर लागू, लापरवाह अधिकारी-कर्मचारी होंगे निशाने पर


उच्च शिक्षा निदेशालय में फाइलें लंबित करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई



प्रयागराज : योगी आदित्यनाथ के दोबारा मुख्यमंत्री बनने पर हर विभाग की कार्यप्रणाली दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। निष्पक्ष व त्वरित कार्यप्रणाली लागू करने का निर्देश दिया गया है।


विशेष जोर इस पर है कि फाइलें तीन दिन से अधिक समय तक लंबित न रहने पाएं। इसे देखते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय में सिटीजन चार्टर लागू करके फाइलों को त्वरित निस्तारित करने का निर्देश जारी किया गया है। 


निदेशालय में विभागवार कार्यों की समीक्षा की जाएगी। हर विभाग में फाइलों को निस्तारित करने की रफ्तार की पड़ताल होगी। इसके जरिये अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा होगी। बेवजह फाइलें लंबित करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस देकर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।


 उच्च शिक्षा निदेशक डा. अमित भारद्वाज का कहना है कि शासन की मंशा के अनुरूप भ्रष्टाचार मुक्त-त्वरित निष्पादन पर जोर दिया जा रहा है। जो लापरवाही बरतेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

Wednesday, March 16, 2022

राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में सिटीजन चार्टर लागू, समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग समय सीमा निर्धारित

राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में सिटीजन चार्टर लागू, समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग समय सीमा निर्धारित

सात दिनों के अंदर किया जाएगा प्रवेश संबंधी समस्याओं का निराकरण


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के शिक्षार्थियों के लिए राहत वाली खबर है। अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार मुक्त विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय में सिटीजन चार्टर सर्विसेज को शुरू करने पर अपनी मुहर लगा दी है। यूनिवर्सिटी सिटीजन चार्टर लागू होने के बाद अब विभिन्न प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग समय सीमा निर्धारित कर दी गई है।



 कुलपति प्रो. सीमा सिंह की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में तय हुआ कि यूनिवर्सिटी सिटीजन चार्टर लागू होने के बाद कम से कम सात दिनों में समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर पर नोडल अफसर की नियुक्ति की जाएगी भूमिका प्रवेश प्रभारी, पाठ्य सामग्री प्रभारी परीक्षा नियंत्रक, अध्ययन केंद्र प्रभारी, वित्त अधिकारी और यौन उत्पीड़न प्रतिषेध समिति की अध्यक्ष की होगी किस समस्या का समाधान कितने दिनों में होगा।


बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रवेश संबंधी समस्याओं, लेटरल इंट्री पुनः प्रवेश छात्र के नाम, प्रो वि उसके पिता माता के नाम, जन्म तिथि में संशोधन कार्यक्रम या पाठ क्रम में बदलाव से संबंधित आवेदनों का निस्तारण सात दिनों में होगा फीस वापसी से जुड़े मामलों का निस्तारण अधिकतम 30 दिनों में होगा। डुप्लीकेट डॉक्यूमेंट, ज़ न ल डिग्री / डिप्लोमा / सर्टिफिकेट परीक्षा केंद्र में बदलाव से संबंधित आवेदन 10 दिनों और डॉक्यूमेंट, डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट में संशोधन से संबंधित आवेदन 15 दिनों में निस्तारित किए जाएंगे।

Saturday, October 10, 2020

उच्च शिक्षा निदेशालय में सिटीजन चार्टर लागू

उच्च शिक्षा निदेशालय में सिटीजन चार्टर लागू


एक सप्ताह के अंदर निस्तारित होंगी पेंशन व जीपीएफ की फाइलें, फाइलें लंबित होने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी लिखित देंगे जवाब

 
प्रयागराज : उच्च शिक्षा निदेशालय पर अनियमितता के आरोप लगते रहे हैं। पटलों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर शासन भी नाराजगी व्यक्त कर चुका है। इस पर अंकुश लगाने को अब नवनियुक्त निदेशक ने निदेशालय में सिटीजन चार्टर लागू किया है। पेंशन व जीपीएफ की फाइलें एक सप्ताह के अंदर निस्तारित करने का निर्देश दिया है। कोई फाइल लंबित होने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी को उसका कारण लिखित रूप से बताना होगा। इसके लिए ‘सिटीजन चार्टर कमेटी’ गठित की गई है। कमेटी हर गतिविधि पर नजर रखेगी और उसकी रिपोर्ट निदेशक को दी जाएगी। निदेशक उसे शासन को भेजेंगे।


उच्च शिक्षा निदेशालय के कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कई अधिकारी व लिपिक एक ही पटल पर आठ-दस साल से काम कर रहे हैं। पेंशन, जीपीएफ, डिग्री जैसे पटलों पर अनियमितता की शिकायतें हुई हैं। संयुक्त सचिव रहे डॉ. अमित भारद्वाज जांच अधिकारी के रूप में शासन से भेजे गए थे। निदेशक बनने के बाद व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए उन्होंने सिटीजन चार्टर लागू किया है। इसकी कमेटी में संयुक्त निदेशक प्रथम डॉ. हीरेंद्र प्रताप सिंह, संयुक्त निदेशक द्वितीय डॉ. राजीव पांडेय, सहायक निदेशक डॉ. शैलेंद्र तिवारी व वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी संजय सिंह शामिल हैं।


प्रतिदिन आने वाली डाक का एक रजिस्टर तैयार किया जाएगा। कमेटी के सदस्य उसकी जानकारी रखेंगे। प्रतिदिन लंबित व निस्तारित होने वाली फाइलों की रिपोर्ट तैयार होगी। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. भारद्वाज का कहना है कि कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों के गलत कार्य से पूरे संस्थान की छवि खराब होती है। त्वरित कार्य कराने के लिए सिटीजन चार्टर की व्यवस्था लागू की गई है।