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Tuesday, July 22, 2025

सीबीएसई स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाना हुआ अनिवार्य, हर कैमरे में होगी आडियो-वीडियो रिकार्डिंग, 15 दिन का बैकअप जरूरी

सीबीएसई स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाना हुआ अनिवार्य, हर कैमरे में होगी आडियो-वीडियो रिकार्डिंग, 15 दिन का बैकअप जरूरी

विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड ने उठाया कदम


नई दिल्लीः केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी संबद्ध स्कूलों में हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया है। वर्तमान में देशभर में सीबीएसई से संबंधित 28,960 स्कूल हैं।

सीबीएसई के सचिव हिमांशु गुप्ता ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इसके तहत सभी स्कूलों को अपने प्रवेश और निकास द्वार, गलियारों, सीढ़ियों, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, कैंटीन, स्टोर रूम, खेल मैदान और अन्य साझा क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने होंगे। हालांकि, शौचालय को इससे बाहर रखा गया है। 


सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि इन सीसीटीवी कैमरों में रियल टाइम आडियो-विजुअल रिकार्डिंग की सुविधा होनी चाहिए। कम से कम 15 दिन की रिकार्डिंग का बैकअप रखना अनिवार्य होगा, जिसे जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसियां या बोर्ड अधिकारी उपयोग कर सकें।

बोर्ड ने कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के दिशा- निर्देशों के तहत विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना स्कूलों की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसमें शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक सुरक्षा शामिल है। स्कूलों में बुलिंग, उत्पीड़न, मनो-सामाजिक मुद्दों और अन्य खतरों से बचाने के लिए यह व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों, विशेष सहायकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल को बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। 

बोर्ड के मुताबिक, सुरक्षा के दो पहलू हैं। पहला, शरारती असामाजिक तत्वों से सुरक्षा और दूसरा, विद्यार्थियों की समग्र भलाई के लिए सुरक्षा। सतर्क और संवेदनशील कर्मचारियों तथा नवीनतम तकनीक के उपयोग से संभावित खतरों को रोका जा सकता है। स्कूलों में सीसीटीवी की नियमित रूप से निगरानी और रखरखाव किया जाना चाहिए।

 मालूम हो कि सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 की बोर्ड परीक्षा के लिए सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया था। आठ हजार स्कूल सीबीएसई परीक्षा का केंद्र बने थे। केंद्र बने सभी स्कूलों में सीसीटीवी लगा है।

Monday, January 29, 2024

यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान होगी स्ट्रांग रूम की ऑनलाइन निगरानी, मूल्यांकन की भी होगी वेब कास्टिंग

यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान होगी स्ट्रांग रूम की ऑनलाइन निगरानी,  मूल्यांकन की भी होगी वेब कास्टिंग


लखनऊ/प्रयागराज। हाईस्कूल व इंटर की 22 फरवरी से शुरू हो रहीं बोर्ड परीक्षाओं की लखनऊ स्थित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाएगी। वहीं क्षेत्रीय कार्यालय, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ व बरेली में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। परीक्षा के बाद मूल्यांकन की भी वेब कास्टिंग की जाएगी।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने निर्देश दिया कि लखनऊ में 130 अधिकारी-शिक्षक कर्मचारी लगेंगे। मूल्यांकन कार्य कौं भी लखनऊ से ही लाइव निगरानी की जाएगी। इसके लिए आवश्यक तैयारी फरवरी के पहले सप्ताह तक कर ली जाएं। 
उन्होंने सभी संयुक्त शिक्षा निदेशक से परीक्षा की निगरानी के लिए शिक्षकों को नामित कर सूची जल्द मुख्यालय को देने के निर्देश दिए हैं। उधर बोर्ड के सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने स्ट्रांग रूम की ऑनलाइन निगरानी करने की व्यवस्था करने को कहा है। 


यूपी बोर्ड ऑनलाइन करेगा स्ट्रांग रूम की निगरानी

प्रयागराज। यूपी बोर्ड की दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षा में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए केंद्रों में बनाए जाने वाले स्ट्रांग रूम की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी और 24 घंटे स्ट्रांग रूम पर नजर रखी जाएगी। यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेजकर परिषद की वेबसाइट पर डीवीआर के चिह्नांकन की कार्यवाही 29 जनवरी को शाम चार बजे तक पूर्ण कर लेने के निर्देश दिए हैं।

वर्ष 2024 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए जिन केंद्रों में स्ट्रांग रूम बनाए गए है, उनकी ऑनलाइन निगरानी के लिए परीक्षा केंद्रों से उनके केंद्र में लगे डीवीआर के आईपी एड्रेस एवं अन्य तकनीकी सूचनाएं परीक्षा केंद्रों द्वारा माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कराई गई हैं। 

अपलोड कराई गई सूचनाओं से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि उनमें कौन सा डीवीआर स्ट्रांग रूम के सीसीटीवी कैमरे से संबंधित है। इसी के मद्देनजर परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कराई गई सूचना के साथ एक ड्रॉप डाउन लिस्ट लगा दी गई है।

Wednesday, January 3, 2024

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, स्कूली वैन और बस में अनिवार्य होगा CCTV कैमरा (CCTV in School Van & Bus)

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, स्कूली वैन और बस में अनिवार्य होगा CCTV कैमरा (CCTV in School Van & Bus) 


उत्तर प्रदेश परिवहन के प्रमुख सचिव लक्को वेंकटेश्वरलू ने अहम आदेश जारी किया है. स्कूल वैन और बसों में अनिवार्य सीसीटीवी कैमरों का प्रावधान होगा. जारी आदेश के अनुसार, सीसीटीवी लगवाने के लिए 3 माह का समय दिया गया है.


स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. प्रमुख सचिव परिवहन लक्को वेंकटेश्वरलू द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश मोटर वाहन नियम, 1998 के नियम 222 के तहत स्कूल वैन और बसों में अनिवार्य सीसीटीवी कैमरों का प्रावधान होगा. इसमें राज्य में स्कूली बच्चों को लाने ले जाने में लगी बसें भी शामिल होंगी.


परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव ने आदेश जारी किया है. जारी आदेश के अनुसार, सीसीटीवी लगवाने के लिए 3 माह का समय दिया गया है. स्कूल मैनेजमेंट के साथ वैन के मालिकों की जिम्मेदारी होगी कि यह आदेश का पालन समय से हो जाए.


क्या कहता है कानून?
उत्तर प्रदेश मोटर वाहन नियम, 1998 में कहा गया है कि बसों और वैन को पीले रंग से रंगा जाना चाहिए और ‘स्कूल बस’ शब्द को आगे और पीछे दोनों तरफ लिखा जाना चाहिए. वाहनों में प्रेशर हॉर्न या मल्टी-टोन हॉर्न नहीं लगाए जा सकते, न ही आपात स्थिति के लिए उनमें अलार्म घंटी या सायरन लगाया जा सकता है. इसमें कहा गया है कि वाहनों में अग्निशामक यंत्र, जीपीएस ट्रैकिंग और एक परिचारक भी होना चाहिए.


परिवहन विभाग के अधिकारियों की मानें तो CCTV लगने से बच्चों की सुरक्षा बढ़ेगी. साथ ही स्कूल वैन की निगरानी भी हो सकेगी. वहीं, बच्चों के साथ होने वाली अप्रिय घटना पर भी अंकुश लगेगी. प्राइवेट स्कूल वैन में भी ये सीसीटीवी कैमरे लगेंगे.


Wednesday, June 19, 2019

उच्च शिक्षा : यूपी के महाविद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता परखेगी तीसरी आँख,  कक्षाओं में लगेंगे सीसीटीवी और वॉइस रिकॉर्डर, निदेशालय की टीम करेगी औचक निरीक्षण



उच्च 
शिक्षा : यूपी के महाविद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता परखेगी तीसरी आँख,  कक्षाओं में लगेंगे सीसीटीवी और वॉइस रिकॉर्डर, निदेशालय की टीम करेगी औचक निरीक्षण।