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Sunday, January 28, 2024

शिक्षामित्रों को एक बार और अपने मूल विद्यालय में वापसी का मिलेगा मौका, शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग से मांगा प्रस्ताव

शिक्षामित्रों को एक बार और अपने मूल विद्यालय में वापसी का मिलेगा मौका,  शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग से मांगा प्रस्ताव


यहां  देखें क्लिक करके खबर से जुड़ा कार्यवृत्त, जहां इसका प्रस्ताव मांगा गया है। 👇

 

लखनऊ : शिक्षामित्रों को एक बार और अपने मूल विद्यालय में वापसी का मौका मिलेगा। राज्य सरकार जल्द शिक्षामित्रों की यह पुरानी मांग पूरा करने जा रही है। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा ने इसके लिए विभाग से प्रस्ताव मांगा है। इससे पहले पांच साल पहले शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय में वापसी का मौका दिया गया था।





स्कूलों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए 2001 में बेसिक स्कूलों में शिक्षामित्रों की नियुक्ति की गई थी। शिक्षामित्र के पद पर स्थानीय युवक-युवतियों को मानदेय पर तैनात किया गया। समय-समय पर शिक्षामित्रों की नियुक्ति होती रही और मानदेय भी बढ़ा। 2014 में तत्कालीन सपा सरकार ने सहायक शिक्षक के पद पर शिक्षामित्रों का समायोजन कर उनका तबादला दूसरे ब्लॉक में कर दिया। 2017 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उनको फिर शिक्षामित्र के पद पर वापस भेज दिया गया।


 हालांकि, उनका तबादला वापस पुराने स्कूलों में नहीं किया गया। कम मानदेय में दूसरे ब्लॉक में जाने की समस्या आई तो सरकार ने 2018 में एक मौका दिया कि जो अपने विद्यालय में आना चाहें, वे आ सकते हैं। काफी संख्या में शिक्षामित्र वापस अपने विद्यालय में आ गए, लेकिन करीब 15 हजार शिक्षक वापस नहीं आए।


 इसकी वजह यह थी कि आंदोलन और दोबारा कोर्ट में मुकदमा चलने की वजह से इनको उम्मीद थी कि वे शिक्षक बन सकते हैं। तब से वे दूसरे ब्लॉक में ही काम कर रहे हैं। शिक्षामित्रों के संगठन इनको वापस मूल विद्यालय में भेजने और महिला शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय या ससुराल वाले विद्यालय में भेजने की मांग कर रहे हैं। इसे देखते हुए ही पिछले दिनों हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि शिक्षामित्रों को एक मौका और दिया जाएगा।


क्यों लिया गया यह निर्णय?

लंबे समय से यह मांग हो रही है कि जो शिक्षामित्र 2018 में अपने मूल विद्यालय में वापस नहीं आ पाए थे, उनको एक मौका और दिया जाए। अभी उनको 10 हजार रुपये मानदेय मिलता है। ऐसे में 25-30 किलोमीटर दूर दूसरे ब्लॉक में पढ़ाने जाने के लिए उनको किराया खर्च करना होता है। इस बात को सरकार ने समझा। साथ ही एक दूसरा पहलू यह भी है कि हाल में लोकसभा चुनाव भी आ रहा है। मूल विद्यालय में जाने, मानदेय बढ़ोतरी सहित कई मुद्दों को लेकर शिक्षामित्रों के संगठन आंदोलन की भी रणनीति बना रहे हैं। उससे पहले ही उनकी यह बड़ी मांग पूरी करके मरहम लगाया जा सकता है।

Monday, January 15, 2024

गर्मी की छुट्टियों में होंगे एक से दूसरे जनपद में शिक्षकों के परस्पर तबादले, तीन दिन से चल रहा धरना समाप्त

गर्मी की छुट्टियों में होंगे एक से दूसरे जनपद में शिक्षकों के परस्पर तबादले, तीन दिन से चल रहा धरना समाप्त 

बेसिक शिक्षा : पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप से सचिव से हुई वार्ता, तीन दिनों से चल रहा शिक्षकों का धरना समाप्त

15 जनवरी 2024
लखनऊ। बेसिक स्कूलों में एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले की उम्मीद लगाए शिक्षकों को अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका तबादला गर्मी की छुट्टियों में किया जाएगा। इस एलान के बाद शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा निदेशालय पर तीन दिन से चल रहे धरने को समाप्त कर दिया है।

विभाग ने लंबी कवायद के बाद शिक्षकों के जिले के अंदर परस्पर तबादले किए। इससे लगभग 20 हजार शिक्षकों को अपने घर के पास आने का अवसर मिला। वहीं, इसके साथ चल रही एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले की प्रक्रिया को न्यायालय के निर्णय का हवाला देते हुए रोक दिया था। इससे 2000 से अधिक शिक्षक प्रभावित हैं। इसके विरोध में शिक्षक पिछले चार दिनों से लखनऊ में विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे।


उन्होंने बेसिक शिक्षा निदेशालय पर दिन-रात धरना दिया। इसी बीच रविवार दोपहर पुलिस प्रशासन ने हस्तक्षेप कर बेसिक शिक्षा परिषद सचिव प्रताप सिंह बघेल से शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता कराई। शिक्षकों ने बताया कि वार्ता में सकारात्मक हल नहीं निकला। सचिव ने कहा कि गर्मी की छुट्टियों में ही एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले किए जाएंगे। इसके लिए जल्द निर्देश जारी किए जाएंगे। शिक्षकों ने जल्द ही होने वाली पदोन्नति से अपने जोड़े टूटने की बात कही, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद निराश शिक्षकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।



परस्पर तबादले के लिए कड़ाके की ठंड में रात भर डटे रहे बेसिक शिक्षक

बेसिक विद्यालयों में एक से दूसरे जिले में तबादले का मामला 

14 जनवरी 2024
लखनऊ। बेसिक विद्यालयों के एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले के लिए शिक्षक बीती पूरी रात कड़ाके की ठंड में भी बेसिक शिक्षा निदेशालय पर डटे रहे। वहीं शिक्षकों का एक दल शनिवार सुबह फिर से उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह से मिला। हालांकि देर शाम तक कोई आश्वासन न मिलने पर शिक्षक लगातार धरने पर बैठे हैं।


विभाग की ओर से पूर्व में जारी आदेश के बाद अचानक न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले रोक दिए गए हैं। इससे नाराज शिक्षक पिछले तीन दिन से आंदोलनरत हैं। इसके लिए काफी संख्या में शिक्षक राजधानी स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय पर धरने पर बैठे हैं। इसमें महिला शिक्षक भी छोटे-छोटे बच्चों के साथ डटी हुई हैं। 

बीती पूरी रात शिक्षक धरना स्थल पर डटे रहे। शिक्षकों ने मांग की कि परस्पर तवादले की जो प्रक्रिया जून 2023 में होनी थी, उसे इस जाड़े की छुट्टी में भी पूरा नहीं किया जा रहा है। अचानक इसे भी रोक दिया गया है। इसके लिए वह इस भयंकर सर्दी में भी याचना कार्यक्रम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनका तबादला आदेश नहीं जारी होता वह धरना जारी रखेंगे।



13 जनवरी 2024
परस्पर अन्तर्जनपदीय तबादले के लिए देर रात तक निदेशालय पर डटे रहे बेसिक शिक्षक

उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से भी शिक्षक मिले


लखनऊ। प्रदेश में बेसिक विद्यालयों में एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले के लिए शिक्षकों का धरना दूसरे दिन शुक्रवार को भी बेसिक शिक्षा निदेशालय पर जारी रहा। शिक्षकों के अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह से भी मुलाकात की, हालांकि इसके बाद भी उनका इंतजार नहीं समाप्त हुआ। 


शिक्षकों का एक दल जहां निदेशालय पर धरने पर बैठा रहा। वहीं दूसरा दल सुबह पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिला। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है, वह बात करेंगे। इसके बाद शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मिला, उन्होंने इस मामले में बेसिक शिक्षा के प्रमुख सचिव डॉ. एमकेएस सुंदरम से वार्ता की और इस पर कार्रवाई के लिए कहा। 


इसके बाद शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह से मिला। उन्होंने शिक्षकों की बात सुनी और उनकी समस्या को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने का आश्वासन दिया। वहीं शिक्षक देर रात तक धरने पर बैठे रहे। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी से विद्यालय खुल जाएंगे, ऐसे में जल्द से जल्द हमारा भी रिलीविंग व ज्वॉइनिंग आदेश जारी करें, ताकि शिक्षकों को राहत मिले। ऐसा न होने पर वह निदेशालय पर अनवरत धरना जारी रखेंगे।



12 जनवरी 2024
एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले टलने से नाराज शिक्षकों ने घेरा बेसिक शिक्षा निदेशालय

कहा, न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या कर रहे हैं अधिकारी, अधिकारियों से वार्ता में भी नहीं मिला आश्वासन


लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग में एक से दूसरे जिले में परस्पर तवादले टलने से नाराज शिक्षकों ने बृहस्पतिवार को बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव किया। दोपहर में उनकी महानिदेशक स्कूल से वार्ता हुई, लेकिन सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला। इसके बाद देर शाम बेसिक शिक्षा परिषद सचिव से एक घंटा वार्ता हुई लेकिन कोई रास्ता नहीं निकला, निराश शिक्षक रात आठ बजे वापस लौट गए। 


तबादले टलने से प्रदेश भर में लगभग दो हजार से अधिक शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। विभाग ने लंबे समय से प्रतीक्षित शिक्षकों के परस्पर तबादले की प्रक्रिया बृहस्पतिवार से शुरू की, लेकिन न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए एक से दूसरे जिले की प्रक्रिया रोक दी थी। इससे नाराज कई जिलों के शिक्षक सुबह 10 बजे ही निशातगंज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय पहुंच गए। धरने में विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों में महिला शिक्षिकाएं भी छोटे- छोटे बच्चों को लेकर पहुंची थी।


उन्होंने कहा कि एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले की जो प्रक्रिया जून में होनी थी, उसे जाड़े की छुट्टी में भी नहीं पूरा किया जा रहा है। दोपहर में धरने पर बैठे शिक्षकों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल की महानिदेशक कंचन वर्मा से वार्ता हुई। शिक्षकों ने महानिदेशक को अवगत कराया कि न्यायालय ने एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले को नहीं रोका है। 


महानिदेशक ने इस मामले में बेसिक शिक्षा परिषद सचिव से वार्ता को कहा। शाम को इंतजार के बाद शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल की सचिव से वार्ता हुई। हालांकि इस वार्ता में भी कोई सकारात्मक निर्णय नहीं हो सका और शिक्षक निराश होकर वापस गए।

Saturday, January 13, 2024

दिल्ली पुलिस में तैनात कर्मचारी केंद्र नहीं राज्यकर्मी हैं नहीं मिल सकता तबादला नीति का लाभः हाईकोर्ट

दिल्ली पुलिस में तैनात कर्मचारी केंद्र नहीं राज्यकर्मी हैं नहीं मिल सकता तबादला नीति का लाभः हाईकोर्ट


प्रयागराज। हाईकोर्ट ने शिक्षकों के लिए लागू की गई तबादला नीति के तहत प्राथमिक विद्यालय में तैनात उन सहायक शिक्षकों को लाभ देने से इंकार कर दिया जिनके पति या पत्नी दिल्ली पुलिस में तैनात हैं।


 कोर्ट ने कहा कि दिल्ली एक अलग राज्य है। इसलिए वहां तैनात कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारी या अर्धसैनिक बल में नहीं माने जाएंगे। लिहाजा, शिक्षकों को तबादले नीति के तहत 10 फीसदी का लाभ नहीं दिया जा सकता है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने अर्चना तलियान, अनिता तोमर व अन्य, प्रीति गौतम व अन्य सहित कुल पांच याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर उसे खारिज करते हुए दिया। 


यूपी सरकार की ओर से जारी तबादला नीति के तहत केंद्र सरकार, सेना या अर्धसैनिक बलों में तैनात कर्मचारियों के पति या पत्नियों को 10 फीसदी का वेटेज (अधिभार) देने का नियम बनाया है।

शिक्षकों ने यह कहते हुए याचिका दाखिल कि उनके पति या पत्नी दिल्ली पुलिस में हैं और दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है। लिहाजा, वे केंद्रीय कर्मचारी हैं। लिहाजा, उन्हें तबादला नीति के तहत तबादले में 10 फीसदी का वेटेज दिया जाए। 

जवाब में बेसिक शिक्षा परिषद की तरफ से उपस्थित अधिवक्ता अर्चना सिंह ने कहा कि वेटेज का प्रावधान दूसरे राज्य के कर्मचारियों को नहीं मिल सकता है। इसका प्रावधान नहीं किया गया है। दिल्ली पुलिस दिल्ली सीमाक्षेत्र के अंतर्गत है। वे केंद्र कर्मचारी, सेना या अर्धसैनिक बलों में नहीं आते हैं। 

कोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के तर्कों को स्वीकार करते हुए सहायक अध्यापकों की याचिकाओं को खारिज कर दिया। 

Thursday, January 4, 2024

HIV पीड़ित अध्यापक का अंतरजनपदीय तबादला विचारणीय : इलाहाबाद हाईकोर्ट, बेसिक शिक्षा सचिव को तबादला आवेदन पर विचार के लिए छह हफ्ते की मोहलत



HIV पीड़ित अध्यापक का अंतरजनपदीय तबादला विचारणीय : इलाहाबाद हाईकोर्ट

बेसिक शिक्षा सचिव को तबादला आवेदन पर विचार के लिए छह हफ्ते की मोहलत


प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को एचआईवी पीड़ित सहायक अध्यापक के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के दावे पर छह हफ्ते में सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आदेश दिया है। यह आदेश पीठ ने बहराइच के एक सरकारी पाठशाला में तैनात सहायक अध्यापक की ओर से अंतर्जनपदीय तबादले की मांग को लेकर दाखिल याचिका निस्तारित करते हुए दिया।


न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की एकल कोर्ट ने कहा कि एचआईवी जैसी बीमारी को सिर्फ इस आधार पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि सरकार द्वारा जारी गंभीर बीमारियों की सूची में उसे शामिल नहीं किया गया है। सचिव ऐसे विशिष्ट मामलों को विशेष परिस्थितियों के अंतर्गत मानते हुए सहानुभूति पूर्वक निर्णय ले सकते है। 


याची के अधिवक्ता नवीन कुमार शर्मा की दलील थी कि याची एचआईवी रोग से ग्रसित है। स्थानांतरण नीति के तहत 2 जून 2023 को याची ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण लिए ऑनलाइन आवेदन करते हुए बहराइच से संभल या बदायूं तबादला किए जाने की मांग की थी। हालांकि, याची ने एचआईवी रोग का जिक्र नहीं किया था, क्योंकि शासन द्वारा गंभीर बीमारियों की सूची में एचआईवी को सूचीबद्ध नहीं किया गया था।


स्थानांतरण नीति के तहत गंभीर बीमारियों से पीड़ित आवेदकों को 20 अंक का भारांक दिए जाने के प्रावधान है। यदि यह भारांक याची को दिया जाता तो वह अंतर्जनपदीय तबादले का हकदार हो सकता है। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से अधिवक्ता अर्चना सिंह ने याचिका का विरोध किया। कहा कि याची ने अपने आवेदन में एचआईवी के आधार पर तबादले की मांग नहीं की है।


याची की ओर से पेश मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को याची के तबादला आवेदन पर छह सप्ताह में सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए उचित आदेश पारित करने का आदेश दिया दिया है।




सचिव को एचआइवी पीड़ित शिक्षक के स्थानांतरण पर निर्णय लेने का निर्देश

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद अपनी शक्ति का करें इस्तेमाल


प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के सचिव को एचआइवी पीड़ित सहायक अध्यापक के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि एचआइवी गंभीर बीमारी है, किंतु 27 दिसंबर, 2016 को जारी शासनादेश में इसे शामिल नहींकिया गया है। कोर्ट ने कहा, उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली के तहत सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को असामान्य परिस्थितियों में निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है। इसलिए सचिव याची के प्रत्यावेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए छह सप्ताह में सकारण आदेश पारित करें।


यह आदेश न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल ने बहराइच में नियुक्त एचआइवी पीड़ित सहायक अध्यापक की याचिका पर दिया है। याची ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए दो जून, 2023 को 2016 के शासनादेश के तहत अपना स्थानांतरण बहराइच से संभल या बदायूं करने के लिए आनलाइन आवेदन किया। शासनादेश में प्रविधान है कि जो अध्यापक गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, उनके अंतर्जनपदीय तबादले संबंधी आवेदन पर 20 वरीयता अंक दिए जाएंगे। 

याची के आवेदन पर कोई अंक नहीं दिया गया और यह कहते हुए उसका आवेदन खारिज कर दिया गया कि शासनादेश की गंभीर रोगों की सूची में एचआइवी शामिल नहीं है। कोर्ट ने कहा, 'एचआइवी को गंभीर बीमारियों की सूची में न शामिल करना सही नहीं है। यह सर्वविदित है कि एचआइवी गंभीर रोग है और इससे पीड़ित व्यक्ति सामान्य जीवन नहीं जी पाता।' 

बेसिक शिक्षा परिषद की वकील का कहना था कि याची ने अपने आवेदन में रोग को लेकर कोई दावा नहीं किया और अब स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, इसलिए कुछ नहीं किया जा सकता।

Tuesday, January 2, 2024

एक तरफ खुशी तो दूसरी तरफ जोड़े टूटने की आशंका, जनवरी में मिलेगा पदोन्नति व परस्पर तबादले का मौका

एक तरफ खुशी तो दूसरी तरफ जोड़े टूटने की आशंका,  जनवरी में मिलेगा पदोन्नति व परस्पर तबादले का मौका


बेसिक शिक्षा: पहले होंगे प्रमोशन, टूटेगी कइयों के तबादले की आस, 

पहले प्रमोशन से प्रभावित होंगे शिक्षकों के पेयर, फंसेगा म्यूचुअल ट्रांसफर

बेसिक शिक्षा परिषद ने तय की शिक्षकों के प्रमोशन और ट्रांसफर की मियाद


बेसिक शिक्षा परिषद ने आखिरकार शिक्षकों के प्रमोशन और तबादलों की डेडलाइन तय कर दी है। हालांकि, पहले प्रमोशन और इसके बाद तबादले होने की वजह से कई शिक्षकों की उम्मीदें टूट सकती हैं। दरअसल, तबादले म्युचुअल मोड में होने हैं, जिसके आवेदन हो चुके हैं। वहीं तबादले के पहले प्रमोशन होने से म्यूचुअल तबादलों में तय किए गए शिक्षकों के पेयर टूटने की आशंका है, जिसकी वजह से उनका तबादला अटक सकता है। शिक्षकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।


बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने जूनियर बेसिक स्कूलों में तैनात सहायक शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया छह जनवरी तक पूरी करने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है कि प्रमोशन और उसके बाद विद्यालयों के ऑनलाइन आवंटन की प्रक्रिया छह जनवरी तक सभी BSA को पूरी करनी होगी। वहीं, शिक्षकों के अंतरजनपदीय (एक जिले से दूसरे जिले में) और अंतर्जनपदीय (जिलों के भीतर) तबादले 11 से 13 जनवरी के बीच किए जाएंगे। इसके आदेश सभी BSA को दे दिए गए हैं। दोनों तरह के तबादले आपसी समन्वय के आधार पर होने हैं।


शिक्षक पहले से कर रहे थे विरोध: एक साथ दोनों आदेश होने के बाद ऐसे कई शिक्षकों के तबादले फंस जाएंगे, जिनका तबादला पेयर बनाने के बाद म्यूचुअल तौर पर हो सकता था। कारण यह है कि प्रमोशन के साथ ही स्कूल ऑनलाइन आवंटित होगे। ऐसे में प्रमोशन के बाद पेयर टूट जाएंगे और फिर ट्रांसफर में अड़चन आएगी। शिक्षकों ने पहले भी इस पर आपत्ति जताई थी। 

शिक्षकों का तर्क था या तो प्रमोशन की प्रक्रिया ट्रांसफर के बाद की जाए या प्रमोशन करने के बाद ट्रांसफर के लिए नए सिरे से आवेदन मांगे जाएं। प्रमोशन के बाद अगर फिर आवेदन मांगे जाएंगे तब एक बार फिर शिक्षक अपने म्यूचुअल तबादले के लिए संबंधित शिक्षकों से संपर्क करके अपना आवेदन दुरुस्त कर सकेंगे। नहीं तो एक साल से चली आ रही तबादला प्रक्रिया का लाभ उन सभी लोगों को नहीं मिल सकेगा, जो इसके पात्र हैं।


क्या होगी दिक्कत?

शिक्षको का तर्क है कि किसी जिले मे तैनात एक शिक्षक ने दूसरे जिले में तैनात किसी शिक्षक के साथ ट्रांसफर की बात तय की थी। इसके अलावा वह प्रमोशन का भी पात्र है। ऐसे में पहले प्रमोशन हो गया और उसे दूसरा विद्यालय आवंटित हो गया तो पहले तबादले के लिए भरा गया डेटा मैच नहीं होगा।

 यह भी हो सकता है कि प्रमोशन के बाद मिले विद्यालय में दूसरे जिले से आने वाला शिक्षक न जॉइन करना चाहे। इसके अलावा म्यूचुअल तबादला चाहने वाले शिक्षको मे से एक का प्रमोशन हो और दूसरा प्रमोशन की श्रेणी में न आए। ऐसी सूरत में दोनो के पद अलग होगे और वे तबादले की श्रेणी मे नही आ सकेंगे।



कई साल से पदोन्नति व परस्पर तबादले का इंतजार कर रहे बेसिक शिक्षकों को मिली राहत, पदोन्नति पहले होने से कुछ शिक्षकों के पेयर टूटने की बनी संभावना


यूपी सरकार ने बेसिक विद्यालय में कई साल से पदोन्नति व परस्पर तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। सरकार के इस आदेश से शिक्षकों को अपने घर या पास के जिले में आने का मौका मिलेगा।


🔵 पारस्परिक ट्रांसफर ब्रेकिंग



बेसिक विद्यालय में कई साल से पदोन्नति व परस्पर तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने पदोन्नति और जिले के अंदर व एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले का आदेश जारी कर दिया है।


पदोन्नति में लगभग 5000, जिले के अंदर परस्पर तबादले में 20 हजार और, एक से दूसरे जिले के तबादले में 2000 शिक्षको को इसका लाभ मिलेगा। इससे शिक्षकों को अपने घर में या जिले के पास आने का लाभ मिलेगा। हालांकि पहले पदोन्नति होने से कुछ शिक्षकों के पेयर टूटने की भी संभावना है। 


यही वजह है कि शिक्षक पहले परस्पर तबादले और बाद में पदोन्नति करने की मांग कर रहे थे, लेकिन विभाग ने पहले पदोन्नति और फिर परस्पर तबादले का आदेश जारी किया है। पदोन्नति की प्रक्रिया छह जनवरी से शुरू होगी। परस्पर तबादले की रिलीविंग और ज्वाइनिंग 11 से 13 जनवरी के बीच होगी। 15 जनवरी से जाड़े की छुट्टी के बाद विद्यालय खुलेंगे।

पहले करें म्यूचुअल ट्रान्सफर, फिर पदोन्नति; जोड़ा बचाने के लिए बेसिक निदेशालय पहुंचे शिक्षक, महानिदेशक स्कूल शिक्षा से की मांग

पहले करें म्यूचुअल ट्रान्सफर, फिर पदोन्नति;  जोड़ा बचाने के लिए बेसिक निदेशालय पहुंचे शिक्षक, महानिदेशक स्कूल शिक्षा से की मांग



लखनऊ। बेसिक विद्यालय के हजारों शिक्षकों के सामने अब अजीब स्थिति पैदा हो गई है। अगर वह पदोन्नति चुनते हैं तो उन्हें अपने जिले के पास आने को नहीं मिलेगा और अगर वह अपने जिले के पास आने का विकल्प चुनते हैं तो उनको पदोन्नति व इसके लाभ नहीं मिलेंगे। यही वजह है कि सोमवार को साल के पहले दिन ही काफी शिक्षक महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा से मिलने पहुंचे।


निदेशालय पहुंचे शिक्षकों ने कहा कि पूर्व में भी वह महानिदेशक समेत सभी आला अधिकारियों से मिलकर यह मांग कर चुके हैं कि पहले परस्पर तबादले कर दिए जाएं। उसके बाद पदोन्नति की जाए, किंतु विभाग की ओर से इसके विपरीत ही आदेश जारी कर दिया गया है। 


महानिदेशक से शिक्षकों ने कहा कि अगर पदोन्नति पहले होती है तो परस्पर तबादले के लिए बनाए गए उनका जोड़ा टूट जाएगा। इसके बाद शिक्षक बेसिक शिक्षा परिषद सचिव से मिलने पहुंचे, हालांकि वह मौजूद नहीं थे। शिक्षकों का नेतृत्व कर रहे उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के निर्भय सिंह ने कहा कि पदोन्नति वाले शिक्षकों का विद्यालय आवंटन छह जनवरी और परस्पर तबादले में शिक्षक कार्यमुक्त व कार्यभार ग्रहण कार्य 11 से 13 जनवरी के बीच होंगे। 


महानिदेशक ने उन्हें इस मामले में सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। महानिदेशक से मुलाकात करने वालों में शुभम शुक्ला, प्रमोद पांडेय, शेखर वर्मा, गणेश दीक्षित, अमित, नीतू सिंह, गरिमा पांडेय, राज वर्मा आदि शामिल थे।