स्वच्छ गरिमा विद्यालय से बेटियों के सम्मान को नई ताकत, 75 मॉडल स्कूलों से शुरु हुआ बदलाव, जुलाई तक सभी विद्यालयों तक पहुंचेगा अभियान
विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस आज
लखनऊ। विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश की बेटियों की शिक्षा और सम्मान से जुड़ी एक बड़ी पहल को नई रफ्तार मिली है। राज्य सरकार अब प्रदेश के 7004 सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों को 'स्वच्छ गरिमा विद्यालय' के रूप में विकसित करेगी। समग्र शिक्षा और यूनिसेफ के सहयोग से चल रही यह पहल स्कूलों को माहवारी स्वच्छता के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
साल 2022 से 75 स्कूलों में शुरू, अब पूरे प्रदेश तक पहुंचा अभियान
इस अभियान की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। पहले चरण में प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक-एक राजकीय विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाया गया। यहां बालिकाओं के लिए स्वच्छ शौचालय, सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन, पैड निस्तारण सुविधा और जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए गए। इन स्कूलों में मिले सकारात्मक परिणामों के बाद अब इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।
अप्रैल 2026 में 150 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया है। ये शिक्षक अगले तीन महीनों में अन्य विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। जुलाई से नए शैक्षणिक सत्र में इसका व्यापक क्रियान्वयन शुरू होगा।
समग्र शिक्षा के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडेय ने बताया कि यह पहल बालिकाओं को शिक्षा से जोड़े रखने और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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