
Monday, October 3, 2016

झाँसी : उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा व एबीएसए सेवानिवृत्त
माध्यमिक शिक्षा उप निदेशक झाँसी व चित्रकूट मण्डल नीना उदैनिया व खण्ड शिक्षा अधिकारी बंगरा -झाँसी चंद्रकांत रावत सेवनिबृत्त हो गए ।सेवानिबृत्त पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में दोनों अधिकारियों को विदाई देकर उनके शैक्षिक उन्नयन कार्यों को सराहा गया।मुख्य अतिथि संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक मनोज कुमार द्विवेदी,विशिष्ट अतिथि डीआइओएस मनोज कुमार पाण्डेय,एडीबेसिक नजरुद्दीन अंसारी,बीएसए जयसिंह,प्रभारी बीएसए महोबा क्षमा पाण्डेय,लेखाधिकारी अनिल मिश्रा आदि ने विचार व्यक्त किये।जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ जितेन्द्र दीक्षित ,माध्यमिक शिक्षक संघ नरेन्द्र पस्तोर,सुनील पाण्डेय,संजीव तिवारी,राजेंद्र पटसारिया आदि ने स्मृति चिन्ह प्रदान किये।

हरदोई : छात्रों ने मतदाताओं को किया जागरूक, मतदाता जागरूकता अभियान के तहत निकाली गई रैली
पूरे जिले में मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी के आदेश पर चल रहे अभियान में उप जिलाधिकारी अपने अपने क्षेत्रों में रैली निकाल रहे हैं। इसी तरह सवायजपुर में उप जिलाधिकारी वंदना त्रिवेदी ने मतदाता जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। तहसीलदार राजेश प्रसाद चौरसिया ने उपस्थिति विद्यार्थियों को अपने-अपने मताधिकार के महत्वों को बताकर जागरुकता का संदेश दिया। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ने कहा कि अपने-अपने नाम मतदाता सूची में शामिल करवा कर अपनी पहचान की प्रथम प्रक्रिया पूर्ण करते हुए अपने अधिकार को प्राप्त करें। उच्च प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय, रानी इंद्र कुंवरि विद्यालय, प्राथमिक विद्याल गौरिखेड़ा सहित विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। स्कूली छात्र हाथों में बैनर लिए जज-जन की यही पुकार, वोट डालो अबकी बार..आदि स्लोगन लिखे हुए पोस्टरों को लेकर मतदाता जागरुकता की अलख जगा रहे थे। इस मौके पर अजय श्रीवास्तव, मुन्नू सिंह चौहान, राजकिशोर श्रीवास्तव, प्रीती, पूनम आदि मौजूद रहे।

भदोही : और खाली हाथ बीत गया छठा माह, परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को नहीं बंट सकी निशुल्क पुस्तकें
परिषदीय प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण सत्र 2016-17 में अध्ययनरत बच्चों का छठा माह भी खाली हाथ बीत गया। उनके हाथ निशुल्क पुस्तकें नहीं पहुंच सकी। ऐसे में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा देने को लेकर चल रही तमाम कवायदों को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए तमाम कार्यक्रम व योजनाएं संचालित की जा रही हैं। विद्यालय में गरीब परिवारों के बच्चों को भी कोई दिक्कत न हो नि:शुल्क ड्रेस, मध्याह्न भोजन से लेकर अन्य कार्यक्रमों पर जहां करोड़ों रुपये पानी की तरह खर्च किया जा रहा है। शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण देने से लेकर अन्य गतिविधियां जारी हैं लेकिन शिक्षा के लिए सबसे अहम पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के प्रति बरती जा रही उदासीनता समझ से परे हैं। स्थिति यह है कि शिक्षण सत्र 2016-17 का छठा माह सितंबर भी व्यतीत हो चुका है। छमाही परीक्षा सिर पर आ चुकी है किंतु अभी तक बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकों का वितरण नहीं हो सका है। वैसे पुस्तकों के वितरण के बारे में पुस्तक प्रभारी मूलचंद ने बताया कि पुस्तकें आनी शुरू हो चुकी हैं। कुछ का सत्यापन कर बंटवाया जा चुका है। जो आ रही हैं उनका भी सत्यापन होते ही वितरण शुरू करा दिया जाएगा। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को वितरण के लिए पुस्तकों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। रविवार को 46681 पुस्तकों की खेप ब्लाक संसाधन केंद्र पहुंच चुकी है। प्रभारी मूलचंद ने बताया कि रविवार को कक्षा चार संस्कृत विषय की 21622, कक्षा तीन गिनतारा की 10440 व कक्षा पांच परख विषय की 19619 पुस्तकें निदेशालय स्तर से भेजी गई हैं। सत्यापन के बाद इनकी वितरण कराया जाएगा।

हरदोई : परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल पर संकट, अधितर विद्यालयों में हैंडपंप खराब, विद्यालय जाओ तो पानी की बोतल साथ लेकर
परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भले ही चाहे जितने दावे किए जाएं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। मतदेय स्थलों के स्थलीय निरीक्षण में विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था की हकीकत सामने आई है। अधिकतर विद्यालयों में लगे हैंडपंप खराब हैं इससे विद्यार्थियों को घर से पानी की बोतल लानी पड़ती है। जिले में संचालित परिषदीय विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था के लिए ओवर हेड टैंक और इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार सभी विद्यालयों में शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था है। विद्यालयों में विद्यार्थियों को हैंडपंप के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में संचालित परिषदीय विद्यालयों में विधानसभा चुनाव के मद़्देनजर मतदेय स्थल बनाए जाने हैं। जिसका इन दिनों प्रशासनिक अधिकारी स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। अधिकारियों के स्थलीय निरीक्षण में विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था की हकीकत सामने आई है। जांच में पाया गया कि 262 विद्यालयों में लगाए गए हैंडपंप काफी समय से खराब पड़े हैं। विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पेयजल के लिए भटकना पड़ता है। विद्यालय के विद्यार्थी या तो पानी की बोतल साथ में लेकर आते हैं या पानी पीने के लिए विद्यालय परिसर से बाहर गांव में लगे हैंडपंपों पर दौड़ लगाते हैं। यही नहीं कि विद्यालय परिसर में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था न होने पर मिडडे मील के तहत पकाए जाने वाले भोजन के लिए रसोइयों को बाहर से पानी लाना होता है। प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से अधिशासी अभियंता जल निगम को विद्यालयों में लगे खराब हैंडपंपों को दुरुस्त करने के लिए पत्र लिखा गया है

बिजनौर : गंदा पानी भरने से तालाब में तब्दील हुआ कार्यालय परिसर, बीएसए कर्मियों पर मंडरा रहा संक्रामक रोग का खतरा
नाला अटा होने के कारण शहर की कालोनियों का पानी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में भर गया है। दिन-प्रतिदिन गंदा पानी परिसर में बढ़ रहा है। कई दिनों से परिसर में गंदा पानी भरा होने से वहां काम कर रहे कर्मचारियों पर संक्रामक रोग का खतरा बना हुआ है। कर्मचारियों को भय सता रहा है कि जिले में वैसे ही संक्रामक रोग फैले हुए हैं और उनके कार्यालय में गंदा पानी जमा होने से उन्हें संक्रामक रोग होने की संभावना है। हालात यह हैं कि परिसर में गंदा पानी भरा होने से अधिकारियों ने रविवार को गांधी जयंती पर बिलिं्डग के अंदर कार्यक्रम किए। मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे स्थित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय सड़क से गहरे में है। बीएसए कार्यालय के आगे से शहर के गंदे पानी की निकासी का नाला निकल रहा है। नाला गंदगी से अटा होने के कारण पानी उफन रहा है। यह नाले का पानी गहरे में स्थित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में घुस गया है। कार्यालय के अंदर आने-जाने के लिए कर्मचारियों व फरियादों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। शहर के गंदे पानी से वहां तैनात कर्मचारियों को गंभीर रोगों के होने का भय सता रहा है। कर्मी इस गंदे पानी की दुर्गंध में काम करने को मजबूर हैं। उधर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महेशचंद्र ने बताया कि जल भराव होने से काफी परेशानी व बीमारी का डर है। उन्होंने प्रशासनिक अफसरों को इस समस्या से अवगत करा दिया है।

बुलंदशहर : शिक्षक संगठनों ने एक अक्टूबर की छुट्टी होने पर 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के साथ मनाने का किया था आग्रह, कहीं मना तो कहीं नहीं मना दादा-दादी नाना-नानी दिवस, बीइओ से मांगी जा रही रिपोर्ट
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गांधी जयंती के साथ-साथ दादा-दादी नाना-नानी दिवस मनाया जाना था। कुछ स्कूलों में तो दादा-दादी नाना-नानी दिवस मनाया गया जबकि कुछ स्कूलों में न तो गांधी जयंती मनाई गई और न ही दादा-दादी और नाना-नानी दिवस मनाया गया। बीएसए ने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक अक्टूबर को दादा-दादी और नाना-नानी दिवस मनाए जाने का आदेश दिया था, लेकिन शिक्षक संगठनों ने एक अक्टूबर को मनाने का विरोध किया और गांधी जयंती के साथ दादा-दादी और नाना-नानी दिवस मनाने के लिए आग्रह किया गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने गांधी जयंती के साथ दो अक्टूबर को ही दादा-दादी और नाना-नानी दिवस मनाने के आदेश दिए। कुछ स्कूलों में तो गांधी जयंती के साथ दादा-दादी और नाना-नानी दिवस मनाया गया। इसमें परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्रओं के दादा-दादी और नाना-नानी को बुलाना था। कुछ स्कूलों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर स्कूलों में दादा-दादी और नाना-नानी दिवस मनाया ही नहीं गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने ब्लाकों के स्कूलों का निरीक्षण कर व्यवस्था देखने के आदेश दिए गए। बेसिक शिक्षा अधिकारी वेदराम ने बताया कि कुछ स्कूल बंद रहे तो कुछ स्कूलों में दादा-दादी और नाना-नानी दिवस मनाया ही नहीं गया है। उन्होंने बताया कि स्कूलों का चयन करके उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जा रही है।

गोरखपुर : बीएड एवं टीईटी उत्तीर्ण कला वर्ग के अभ्यर्थियों ने की शिक्षक पद पर सीधी भर्ती की मांग, मुख्यमंत्री को भर्ती के लिए लिखा खून से खत
बीएड एवं टीईटी उत्तीर्ण कला वर्ग के अभ्यर्थियों ने शिक्षक पद पर सीधी भर्ती की मांग करते हुए रविवार को खून से खत लिखा। प्रदर्शन करते हुए अपनी मांग के समर्थन पर अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु मांगी।उन्होंने कहा कि छात्र-शिक्षक अनुपात को ध्यान में रखते हुए उच्च प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू व सामाजिक अध्ययन विषयों में शिक्षकों के नए पद सृजित कर सीधी भर्ती की जाए, जिससे सभी अभ्यर्थियों को रोजगार मिल सके। आगामी विधानसभा चुनाव 2017 में सवा पांच लाख अभ्यार्थियों व उनके परिवार को मिलाकर पचीस लाख लोगों की सरकार बनवाने में अहम भूमिका होगी। मांग पूरी न होने पर सपा सरकार का विरोध और विधानसभा चुनाव का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।
Sunday, October 2, 2016

झाँसी : विद्यालय परिसर में अनाधिकृत पोस्टर,वैनर,होर्डिंग एवं दीवालों की वाल पेंटिंग हटाने को बी.एस.ए. ने जारी किया आदेश
जिलाधिकारी झाँसी के आदेश पत्र संख्या / 565 /ओ.एस.डी./2016-17 दिनांक 24.09.2016 के क्रम में बी.एस.ए. ने सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को अपने विकासखण्ड के समस्त विद्यालयों के परिसर में अनाधिकृत रूप से लगे हुए पोस्टर,वैनर,होर्डिंग एवं दीवालों की वाल पेंटिंग हटाने के निर्देश दिए हैं l

हरदोई : खाना नहीं पर फल खा रहे बच्चे, आंकड़ों में 98 फीसद बच्चें खा रहे फल, प्रति बच्चा चार रुपये भेजी जाती धनराशि
परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण में अक्सर पंजीकृत बच्चों में आधे से ज्यादा गायब ही मिलते हैं, जिसपर अधिकारी कार्रवाई भी करते हैं पर दूसरी तरफ विभागीय आंकड़े बताते हैं कि 98 फीसद बच्चे सोमवार को दिए जाने वाले फल खा रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक बच्चों की उपस्थिति भी सही है और जो बच्चे आते हैं उनमें से मात्र दो फीसद ही फल नहीं खाते। वैसे समय समय पर हकीकत आंकड़ों की पोल खोलती रहती है। परिषदीय विद्यालयों में समाजवादी पौष्टिक आहार योजना के तहत हर सोमवार को बच्चों को मौसमी फल खिलाया जाता है। प्रति बच्चा चार रुपये खर्च होते हैं। शुरुआत में धन नहीं था लेकिन अब विद्यालयों में खाने के लिए भले ही न पहुंची हो पर फलों के लिए भेजी जा चुकी है। वैसे योजना पर निगरानी का भी इंतजाम किया गया था पर सब कुछ कागजों तक सीमित होकर रह गया। दैनिक अनुश्रवण प्रणाली में रोज आने वाली कंप्यूटरीकृतकाल में जितने बच्चों के खाना खाने की बात बताई जाती है तो मान लिया जाता है कि सोमवार को उतने बच्चों ने फल भी खाए। विद्यालयों में शिक्षक शिक्षिकाओं की भी मजबूरी है, उनका कहना है गांवों में फल नहीं मिलते। जब तक केला या आम का सीजन रहा बच्चों ने फल खाए लेकिन अब फल मंहगे हुए हैं लेकिन कागज पूरी तरह व्यवस्थित हैं। सितंबर तक तैयार किए गए आंकड़े देंखे तो जिले के परिषदीय विद्यालयों में 2853 प्राथमिक में से 2834 में खाना बना और तीन लाख 79 हजार 915 पंजीकृत बच्चों में दो लाख तीन हजार 420 उपस्थित हुए और उसमें से एक लाख 98 हजार 965 बच्चों ने फल खाए यानी कि प्राथमिक विद्यालयों में 98 फीसद बच्चों ने फल खाए तो दूसरी तरफ उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1146 विद्यालयों में 1126 में मिड-डे मील बना और एक लाख 49 हजार 133 बच्चों की संख्या के सापेक्ष 77 हजार 695 बच्चे विद्यालय आए और उनमें से 74 हजार 343 बच्चों ने फल खाए। आंकड़ों में तो सब कुछ सही है पर अधिकारियों के निरीक्षण में कुछ और मिलता है। आंकड़ों और हकीकत की मान लें हर सोमवार को बच्चों की संख्या में खेल होता है और प्रति बच्चा चार रुपये का हिसाब किताब पूरा हो जाता।

गोरखपुर : आज खुले रहेंगे परिषदीय और माध्यमिक विद्यालय, मनाई जाएगी गांधी और शास्त्री जयंती, चलेगा स्वच्छता अभियान
महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर 2 अक्टूबर रविवार को समस्त परिषदीय और माध्यमिक विद्यालय खुलेंगे। इस दौरान विद्यालयों में स्वच्छता अभियान चलेगा। छात्रों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही परिषदीय विद्यालयों में दादा-दादी और नाना-नानी दिवस भी मनाया जाएगा। छात्रों को नैतिकता का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके लिए अलग से कक्षाएं लगाई जाएंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक एएन मौर्य के अनुसार विद्यालय अनिवार्य रूप से खुलेंगे। विद्यालयों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। प्रार्थना के समय डेंगू बीमारी के बारे में जानकारी दी जाएगी। छात्रों को इससे बचाव के बारे में भी बताया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश यादव के अनुसार परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न् भोजन भी बनेगा। गांधी और शास्त्री जयंती के साथ परिषदीय विद्यालयों में दादा-दादी-नाना-नानी दिवस भी मनाया जाएगा। पहले यह दिवस एक अक्टूबर को आयोजित होना था, लेकिन पहली को महाराजा अग्रसेन जयंती अवकाश के कारण यह आयोजन भी 2 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा। प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 8 तक की कक्षाएं अब 31 मार्च तक सुबह 9 से दोपहर बाद 3 बजे तक संचालित होंगी। मध्यावकाश दोपहर 12.30 से 1.00 बजे तक होगा। वहीं, इंटरमीडिएट कालेज की कक्षाएं सुबह 8.50 से दोपहर बाद 2.50 बजे तक संचालित होंगी। गांधी और शास्त्री जयंती पर भी विद्यालय नई समय सारिणी के अनुसार ही संचालित की जाएंगी।


























