
Tuesday, May 2, 2017

हाथरस : दो शिक्षामित्रों पर फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी करने का आरोप, बीएसए ने कहा सत्यापन के बाद ही होगी कोई कार्यवाही
हाथरस : सिकंदराराऊ ब्लाक के विद्यालयों में तैनात दो शिक्षामित्रों के प्रमाण पत्र फर्जी होने की शिकायत गांव डंडेसरी निवासी अशोक कुमार सिंह ने 18 अप्रैल को सिकंदराराऊ में आयोजित तहसील दिवस में शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया कि गांव दो शिक्षामित्र फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर पिछले कई सालों से नौकरी कर रहे हैं। 1इस प्रकरण की जांच करने की जिम्मेदारी बीएसए को दी गई। बीएसए रेखा सुमन ने बताया कि दोनों शिक्षामित्रों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया जाएगा। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

हाथरस : बच्चों को नहीं मिली नई किताबें, बीएसए ने सभी बीईओ को बीआरसी केन्द्रों पर रखी पुरानी किताबें विद्यालयों में पहुंचाने के दिए निर्देश

हाथरस : पुरानी पेंशन बहाली के लिए रखा उपवास, अटेवा के बैनर तले शिक्षक एवं कर्मचारियों का प्रदर्शन

हाथरस : एनजीओ द्वारा भेजी गयी मिड डे मील की सब्जी में निकला मरा चूहा, होगी कार्यवाही

रामपुर : 38 हजार की आबादी पर सिर्फ एक परिषदीय जूनियर स्कूल, मानक के बाद भी स्कूल न होने का मामला गम्भीर : एसडीएम
शाहबाद में समस्या
फैक्ट फाइल
जनसंख्या - 38276 (2011 की जनगणना के अनुसार)
क्षेत्रफल - 17.15 वर्ग किलोमीटर
प्राइमरी परिषदीय स्कूल- 6
जूनियर परिषदीय स्कूल- 1
ऐडेड स्कूल- 1, प्राइमरी व 1 जूनियर
फैक्ट फाइल
जनसंख्या - 38276 (2011 की जनगणना के अनुसार)
क्षेत्रफल - 17.15 वर्ग किलोमीटर
प्राइमरी परिषदीय स्कूल- 6
जूनियर परिषदीय स्कूल- 1
ऐडेड स्कूल- 1, प्राइमरी व 1 जूनियर
शाहबाद अंकित गुप्तासरकार भले ही प्राइमरी शिक्षा पर गम्भीर है। पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई छुट्टियां रद कर दीं। लेकिन सरकारी मशीनरी शिक्षा को लेकर संजीदा नहीं है। बच्चों को उच्च बेसिक शिक्षा उपलब्ध ही नहीं हो पा रही, सुधार तो बाद की बात है। शाहबाद नगर में छह परिषदीय प्राइमरी स्कूलों पर एक ही जूनियर स्कूल है। जिसके सहारे 38 हजार से ऊपर की आबादी वाला पूरा कस्बा है।शाहबाद नगर में सात परिषदीय विद्यालय हैं। जिसमें छह प्राइमरी और एक जूनियर हाईस्कूल शामिल है। एक ऐडेड प्राइमरी और एक ऐडेड जूनियर भी है। कस्बे का एकमात्र परिषदीय जूनियर स्कूल भी नगर के बाहरी छोर पर बसे मोहल्ला भीतरगांव में स्थित है। ऐसे में कस्बे में परिषदीय उच्च विद्यालय का होना न होना बराबर है। भीतरगांव को छोड़कर पूरा कस्बा इससे अछूता रहता है। इस स्थिति में प्राइमरी के बाद नौनिहालों के सामने पढ़ाई की चुनौती मुंह बाएं खड़ी हो जाती है। भीतरगांव में बने जूनियर स्कूल की दूरी भी तहसील मुख्यालय से कमोवेश चार किलोमीटर है। परिषदीय प्राइमरी के बच्चों को कक्षा पांच के बाद निजी या ऐडेड स्कूलों में प्रवेश मजबूरी है।नौ सौ की आबादी, तीन किमी का मानक: शाहबाद। भारत सरकार के सर्व शिक्षा अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर कोई भी परिषदीय जूनियर स्कूल खोले जाने के लिए कम से कम नौ सौ की आबादी और तीन किलोमीटर दायरे का मानक है। लेकिन नगर पंचायत स्तर पर आकर मानक में जरूरत के हिसाब से तब्दीली की जा सकती है। दायरे को छोड़ सिर्फ जनसंख्या के आधार पर स्कूलों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए विभाग मांग करेगा।
मानक के बाद भी स्कूल न होने का मामला गम्भीर है। विभाग के अफसरों से इस संबंध में बात की जाएगी। जरूरत है तो जमीन भी तलाशी जाएगी।-बी.प्रसाद, एसडीएम शाहबाद
मानक के बाद भी स्कूल न होने का मामला गम्भीर है। विभाग के अफसरों से इस संबंध में बात की जाएगी। जरूरत है तो जमीन भी तलाशी जाएगी।-बी.प्रसाद, एसडीएम शाहबाद
शाहबाद नगर पंचायत में आबादी बढ़ते-बढ़ते अधिक हो गई। स्कूल पुराने समय के खुले हुए हैं। वैसे तो सरकारी इंटर कालेज व ऐडेड स्कूलों में सारी सुविधाएं देते हैं। लेकिन आबादी ज्यादा है तो स्कूल खुलना चाहिए। हम अगला बजट आने पर मांग करेंगे।-त्रिलोकीनाथ, प्रभारी बीएसए रामपुर
शाहबाद नगर पंचायत में आबादी बढ़ते-बढ़ते अधिक हो गई। स्कूल पुराने समय के खुले हुए हैं। वैसे तो सरकारी इंटर कालेज व ऐडेड स्कूलों में सारी सुविधाएं देते हैं। लेकिन आबादी ज्यादा है तो स्कूल खुलना चाहिए। हम अगला बजट आने पर मांग करेंगे।-त्रिलोकीनाथ, प्रभारी बीएसए रामपुर

हापुड़ : जीपीएस से जोड़ने में बेसिक शिक्षा कार्यालय पिछड़ा, जीपीएस से जोड़े जाने के काम में तेजी लाने का बीएसए ने जारी किया आदेश
बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा परिषदीय विद्यालयों को जीपीएस से जोड़ने का आदेश जारी किया गया था। आदेश मिले हुए 1 माह का समय बीत रहा है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा आदेश का पालन करने को लेकर बरती जा रही ढिलाई के चलते अभी तक 30 प्रतिशत विद्यालय ही जीपीएस से जोड़े जा सके हैं।
शासन का विद्यालयों को जीपीएस से जोड़ने का मकसद है कि कोई भी व्यक्ति आसानी से किसी भी विद्यालय का पता घर बैठे ही हासिल कर सके। गढ़ और धौलाना ब्लाक में अनेक विद्यालय ऐसे हैं, जहां तक पहुंचना आसान नहीं है। इन विद्यालयों को तलाशना अपने आप में टेढ़ी खीर साबित होता है। मोबाइल से ही पता चल सके कि विद्यालय कितनी दूर और किस दिशा में स्थित है। जिले में 427 प्राथमिक और 207 पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। इन सभी को जीपीएस से जोड़े जाने का आदेश दिया गया था। अब तक केवल गढ़ और सिंभावली ब्लाक के विद्यालयों को जीपीएस से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। जबकि हापुड़ और धौलाना ब्लाक के विद्यालयों को जीपीएस से जोड़े जाने को लेकर गंभीरता नजर नहीं आ रही है। हालांकि बीएसए ने विद्यालयों को जीपीएस से जोड़े जाने के काम में तेजी लाने को लेकर आदेश जारी किया है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक करीब 180 विद्यालय ही जीपीएस से जोड़े जा सके हैं

हापुड़ : काउंसिलिंग के बाद पदोन्नति पत्र न मिलने पर हंगामा, मंगलवार को नियुक्ति पत्र नहीं मिलने पर धरना
परिषदीय विद्यालयों में नियुक्त 70 शिक्षकों ने आज बीएसए कार्यालय पर हंगामा किया। शिक्षकों का आरोप था कि प्रमोशन के लिए काउंसलिंग होने के बावजूद उन्हें डायट प्राचार्य द्वारा नियुक्ति पत्र देने में आनाकानी की जा रही है। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि मंगलवार को उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए तो वे धरना देंगे।
29 मार्च को बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों को पदोन्नति देने के लिए कांउसलिंग का आयोजन किया गया था। कांउसलिंग के बाद शिक्षकों को तुरंत नए विद्यालयों में नियुक्ति के लिए पत्र दिया जाना था,लेकिन किन्हीं कारणों से ये पत्र जारी नहीं किए गए। बीच में रविवार होने के कारण सोमवार को सभी शिक्षक अपना नियुक्ति पत्र लेने के लिए बीएसए कार्यालय पहुंच गए, लेकिन बीएसए किसी कार्य से बाहर गए हुए थे। जिसके चलते सोमवार को भी नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जा सके। वही दिन भर बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों की भीड़ लगी रही। शिक्षकों का आरोप है कि डायट प्राचार्य प्रमोशन करने वाली समिति के अध्यक्ष हैं। वे प्रमोशन की लिस्ट की जांच करने क नाम पर नियुक्ति पत्र जारी नहीं कर रहे हैं।

गोरखपुर : कक्षा छोड़ दफ्तर में दिखे तो नपेंगे शिक्षक, 10 मई तक लग जाएंगे शिक्षकों की फोटो
कक्षा छोड़कर बेवजह कार्यालय घूमने वाले शिक्षकों की खैर नहीं, पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फरमान के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। संयुक्त शिक्षा निदेशक सप्तम मंडल (जेडी) सतीश सिंह ने बढ़ाते हुए सोमवार को निर्देश भी जारी कर दिया।
उनका कहना है कि शिक्षक कक्षा छोड़कर कार्यालयों में जमे रहते हैं। कोई कार्य नहीं रहता है, फिर भी विभाग में घूमते रहते हैं। इसके चलते पढ़ाई प्रभावित हो रही है, विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है। अब ऐसा नहीं चलेगा। विशेष कार्य होने पर शिक्षक, प्रधानाचार्य का अनुमति पत्र लेकर कार्यालय आ सकते हैं, अन्यथा की स्थिति में उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जेडी ने समस्त जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों में भी सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए निर्देश जारी कर दिया है। उनका कहना है कि गोरखपुर कार्यालय में तो पहले से कैमरे लगे हैं, लेकिन अन्य जनपदों में भी अनिवार्य रूप से कैमरे लगाए जाएंगे। कहीं कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
10 मई तक लग जाएंगे शिक्षकों की फोटो : सहायक शिक्षा निदेशक (एडी बेसिक) डा. सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे 10 मई तक हर हाल में समस्त विद्यालयों में शिक्षकों की फोटो चस्पा कराना सुनिश्चित करें। इसके लिए उन्होंने सोमवार को पत्र भी जारी कर दिया।
बीएसए और खंड शिक्षा शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों में शिक्षकों का फोटो सुनिश्चित कराकर विभाग को अवगत कराना है। साथ ही नियमित रूप से स्कूलों का संचालन भी सुनिश्चित कराना होगा, कहीं कोई लापरवाही नहीं चलेगी। लापरवाह शिक्षकों के साथ संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।’ प्रधानाचार्य की अनुमति लेकर ही कार्यालय पहुंचे शिक्षक : जेडी मंडल के सभी डीआइओएस कार्यालयों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

उरई (जालौन) : कर्मचारी-शिक्षक मोर्चा ने मनाया मजदूर दिवस, गांधी चबूतरा पर एकत्रित होकर सभा की
Monday, May 1, 2017

शिक्षामित्र समायोजन एवं 72825 शिक्षक भर्ती की सुनवाई दिनांक 27 अप्रैल 2017 में कोर्ट का आर्डर हुआ साईट पर अपलोड, मुख्य कार्यकारी अंश यहाँ देखें
O R D E R
Heard learned counsel for the parties.
Hearing concluded and Judgment reserved in
C.A.NO.4347-4375/2014
C.A. NO. 4376 OF 2014
SLP(C)....../2014 (CC NO. 10408)
SLP(C)NO.11671/2014
SLP(C)NO. 11673/2014
W.P.(C)NO. 135/2015
W.P.(C)NO. 89/2015
SLP(C)NO. 62/2014
SLP(C) 1672/2014
SLP(C)NO. 1674/2014,
CONT.PET(C)NO. 199/2015 IN C.A.NO. 4347-4375/2014,
CONT.PET(C)NO. 399/2015 IN C.A.NO. 4347-4375/2014,
CONT.PET.(C)NO. 262/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014,
CONT.PET(C) NO.265/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014,
CONT.PET.(C)NO.264/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014,
CONT.PET.(C)NO.263/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014,
CONT.PET.(C)NO.266/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014,
CONT.PET.(C)NO.192/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014,
CONT.PET.(C)NO.191/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014,
CONT.PET.(C)NO.189/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014,
CONT.PET.(C)NO.190/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014
CONT.PET.(C)NO.287/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014
CONT.PET.(C)NO.286/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014,
CONT.PET.(C)NO.285/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014,
CONT.PET.(C)NO.290/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014
CONT.PET.(C)NO.452/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014
CONT.PET.(C)NO.454/2016 IN IN C.A.NO. 4347-4375/2014
CONT.PET.(C)NO.538/2016 IN IN C.A.NO. 4347-4375/2014
CONT.PET.(C)NO.537/2016 IN C.A.NO. 4347-4375/2014
CONT.PET.(C)NO.752/2016 IN IN C.A.NO. 4347-4375/2014
CONT.PET.(C)NO.776/2016 IN IN C.A.NO. 4347-4375/2014
CONT.PET.(C)NO.780/2016 IN IN C.A.NO. 4347-4375/2014
CONT.PET.(C)NO.607/2017 IN IN C.A.NO. 4347-4375/2014
CONT.PET.(C)NO.626/2017 IN IN C.A.NO. 4347-4375/2014
CONT.PET.(C)NO.627/2017 IN IN C.A.NO. 4347-4375/2014
CONT.PET.(C)NO.652/2017 IN IN C.A.NO. 4347-4375/2014
CONT.PET.(C)NO.651/2017 IN IN C.A.NO. 4347-4375/2014.
Rest of the matters be listed on 2nd May, 2017.
Registry is directed to place the order portion only
of the record of proceedings (without party names and
appearances), in the paper books, as they are bulky,
subject to the orders of Hon'ble the Chief Justice of
India.
[MADHU BALA] [VEENA KHERA]
COURT MASTER COURT MASTER

संभल : नौनिहाल भी करेंगे विज्ञान के प्रयोग, जिले के 16 जूनियर हाईस्कूल में बनेंगी प्रयोगशालाएं
शिक्षक भी किए जाएंगे नियुक्त, स्कूलों में 45 हजार रुपये की लागत से विज्ञान की प्रयोगशाला का कराया जाएगा निर्माण
तैयारी
अब नौनिहाल भी लैब में विज्ञान के प्रयोग कर सकेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग विज्ञान की प्रयोगशालाओं का निर्माण करा रहा है। सम्भल जनपद में 16 जूनियर हाईस्कूलों में प्रयोगशालाओं का निर्माण कराया जाएगा। इनमें विज्ञान के शिक्षकों की नियुक्ति भी की जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहाल भी अब निजी विद्यालयों की तरह आधुनिक तरीके से शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। विज्ञान और गणित की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के 16 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को राष्ट्रीय आविष्कार अभियान योजना के अंतर्गत चयनित किया गया है। इन स्कूलों में 45 हजार रुपये की लागत से विज्ञान की प्रयोगशाला का निर्माण कराया जाएगा, जिससे बच्चे प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान की जटिलताओं को आसानी से समझ सकेंगे। साथ ही चयनित किए गए इन स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में भी विकसित किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में संसाधनों की कमी के कारण बच्चे गणित और विज्ञान जैसे विषयों में निजी स्कूलों के बच्चों के मुकाबले काफी पीछे रह जाते हैं। इस समस्या के निदान के लिए ही प्रयोगशालाएं बनाई जा रही हैं।
प्रत्येक ब्लाक के दो स्कूलों का किया चयन : प्रत्येक ब्लाक में दो जूनियर हाईस्कूलों का चयन किया गया है। बनियाखेड़ा ब्लाक में अहलेदादपुर और आटा के जूनियर हाईस्कूलों में प्रयोगशाला बनाई जाएगी। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को 45 हजार रुपये की राशि का आवंटन किया गया है। इस रकम से स्कूल में प्रयोगशाला के निर्माण के साथ-साथ विज्ञान व गणित के शिक्षण में प्रयोग की जाने वाले उपकरणों की खरीदारी भी होगी। विद्यालयों को वैज्ञानिक उपकरणों, मॉडलों और चित्रों के माध्यम से सजाया जाएगा। लैब बनने के बाद इन स्कूलों में बच्चों को प्रोजेक्टर से विज्ञान की बारीकियां सिखाई जाएंगी।प्रयोगशालाओं का निर्माण कराया जा रहा है। जिन जूनियर हाईस्कूलों का चयन किया गया है, उनमें कमरे पहले से ही बने हैं। इन 45 हजार रुपये से उपकरण खरीदें जाएंगे। प्रयोगशाला के रखरखाव में भी खर्च किए जा सकते हैं। यह योजना अभी ट्रायल के रूप में शुरू हुई है। सफल होने पर सरकार की मंशा प्रत्येक जूनियर हाईस्कूल में प्रयोगशाला बनाने की है। डॉ. सत्यनारायण, बेसिक शिक्षाधिकारी, सम्भल।

बदलाव के भंवर में एलटी ग्रेड भर्ती, अखिलेश सरकार के एक और निर्णय को पलटने पर हो रहा फैसला, बदला गया तो लिखित परीक्षा हो सकती है चयन का आधार
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती नियमों में बदलाव के भंवर में फंसी हुई है। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए एक बार फिर अखिलेश सरकार के फैसले को पलटने पर विचार चल रहा है। अखिलेश सरकार का फैसला बदला गया तो एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती के लिए राज्यस्तरीय लिखित परीक्षा अनिवार्य हो सकती है।
शासन ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षकों के 6645 पदों पर भर्ती के लिए 29 अक्टूबर 2014 को शासनादेश जारी किया था। तब इस भर्ती के लिए अभ्यर्थियों से मंडल स्तर पर आवेदन मांगे जाने की व्यवस्था थी। एक ही अभ्यर्थी द्वारा कई मंडलों में आवेदन करने के कारण मेरिट सूचियों में लगातार तब्दीलियां होती रहीं। ऊपर से जिन अभ्यर्थियों का नाम चयन सूची में आया थी, उनमें से बड़ी संख्या में ऐसे भी थे जिनके अंकपत्र जांच में फर्जी पाये गए। लिहाजा दो साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद लगभग 2100 पदों पर ही चयन हो पाया। चयन की इन दुश्वारियों को देखते हुए ही अखिलेश सरकार ने 2016 में नियमावली में संशोधन करने का फैसला किया था। उस वक्त माध्यमिक शिक्षा विभाग ने राजय स्तरीय परीक्षा के आधार पर एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती की सिफारिश करते हुए नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भेजा था। विभाग ने यह प्रस्ताव इसलिए भेजा था क्योंकि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थियों के अंकपत्र फर्जी पाये गए थे। चुनाव का साल होने के कारण उस वक्त पंचम तल (मुख्यमंत्री कार्यालय) के अफसरों को शिक्षकों का चयन परीक्षा के आधार पर करने का सुझाव नहीं सुहाया। लिहाजा यह भर्ती मंडल की बजाय राज्य स्तरीय मेरिट पर करने के लिए नियमावली में संशोधन किया गया। राज्य स्तरीय मेरिट के आधार पर एलटी ग्रेड शिक्षकों के 9342 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए दिसंबर 2016 को शासनादेश और उसके तुरंत बाद विज्ञापन जारी हुआ था। इनमें से 4463 पद पुरुष और 4889 महिला शाखा के हैं। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए लगभग छह लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। विधानसभा चुनाव के कारण चयन प्रक्रिया रुक गई और चुनाव के नतीजे आने के बाद सूबे में भाजपा सरकार सत्तारूढ़ हुई। 1योगी सरकार के सत्ता संभालने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शासन से पूछा है कि एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती के लिए क्या प्रक्रिया अपनायी जाए। सूत्रों के मुताबिक शिक्षक भर्ती के लिए फिलहाल शासन स्तर पर दो विकल्पों पर विचार हो रहा है। एक विकल्प तो यह है कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती दिसंबर में जारी शासनादेश और विज्ञापन के मुताबिक राज्य स्तरीय मेरिट के आधार पर करायी जाए।’

शिक्षामित्र संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष ने की बैठक, कहा : हर हाल में शिक्षामित्रों को मिलेगी जीत
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की बैठक रविवार को नगर निगम स्थित रानी लक्ष्मी बाई पार्क में हुई। बैठक को संबोधित करते हुए शिक्षामित्र संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष रमेश मिश्र ने कहा कि 26 व 27 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद जिस तरह से टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी नियुक्ति के प्रति आश्वस्त हैं, इसी तरह से शिक्षामित्र भी राहत ले सकते हैं। टीईटी उत्तीर्ण अभ्यार्थियों की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट केआदेश पर हुई थी और शिक्षामित्र हाईकोर्ट से हारकर सुप्रीम कोर्ट स्टे पर रुके हैं। उन्होंने कहा कि 2 मई को होने वाली सुनवाई में फैसला आ जाएगा। जीत शिक्षामित्रों की ही होगी। बैठक की अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष अजय सिंह व संचालन उपाध्यक्ष अविनाश कुमार ने किया। बैठक में बेचन सिंह, सुशील कुमार सिंह, महामंत्री मनोज यादव, लालधर निषाद , अशोक चंद्रा, राम अशीष यादव, राजनाथ यादव, बृजभूषण सैनी, राकेश साहनी, सुनील शर्मा, विनोद यादव, परशुराम, शैलेंद्र राव, इम्तियाज अली, दरबारी लाल मौर्या, राम प्रवेश, श्रीराम, ईश्वर, राजेश, करुणाकर पांडेय,आनंद मिश्र, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
































