अंतरजनपदीय तबादले के लिए दोबारा आवेदन का मिलेगा मौका, हाईकोर्ट ने दो सप्ताह आवेदन की समयसीमा दो सप्ताह बढ़ाने का दिया आदेश
शिक्षकों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत
लखनऊः इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले के मामले में प्रभावित शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि 22 जून को जारी स्पष्टीकरण के कारण आवेदन से वंचित रहे शिक्षकों को दोबारा आवेदन का अवसर दिया जाए। इसके लिए आवेदन की समयसीमा दो सप्ताह बढ़ाई जाएगी।
न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकलपीठ ने ज्योति कुशवाहा सहित पांच शिक्षकों की याचिका का निस्तारण करते हुए कहा कि इस निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार सरकार अपनी वेबसाइट और समाचार पत्रों के माध्यम से करे।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 22 जून को जारी स्पष्टीकरण में व्यवस्था बदल दी गई। इससे कई शिक्षक आवेदन करने से वंचित रह गए।
🔴 कोर्ट ऑर्डर 👇
आवेदन से वंचित दिव्यांग व अन्य पात्र शिक्षकों को भी बड़ी राहत मिली
आवेदन से वंचित दंपती शिक्षकों को हाईकोर्ट से मिला दो सप्ताह का समय
परिषदीय शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले का मामला
लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से सोमवार को परिषदीय शिक्षकों के अंतर जनपदीय स्थानांतरण 2026-27 के मामले में आवेदन से वंचित दंपती शिक्षकों, दिव्यांग एवं अन्य पात्र शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने इन्हें आवेदन के लिए दो सप्ताह का और समय दिया है। कोर्ट को बताया गया कि 20 जून के बाद जारी स्पष्टीकरण एवं पीटीआर के कारण कई शिक्षक आवेदन नहीं कर सके थे जिसे न्यायालय ने संज्ञान में लिया।
न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह आदेश ज्योति कुशवाहा एवं चार अन्य शिक्षकों की याचिका पर दिया। इसमें शिक्षक दंपती समेत अन्य पात्र शिक्षकों को अंतर जनपदीय तबादले के लिए अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया गया था।
कोर्ट ने 22 जून के सर्कुलर से प्रभावित शिक्षकों के अंतर जनपदीय तबादले के लिए आवेदन देने का समय सोमवार से दो सप्ताह बढ़ा दिया है। अदालत ने कहा कि अगर, याचीगण या उनके समान अन्य शिक्षक इसके लिए दो सप्ताह में आवेदन करें तो उनके मामले को कानून के अनुसार गौर करके निस्तारित किया जाएगा।
कोर्ट ने इसके लिए बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी किए गए निर्देशों को अखबारों/वेबसाइट पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इन निर्देशों के साथ याचिका निस्तारित कर दी।
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