यूपी बोर्ड के स्कूल 20 बाहरी छात्रों को अब दे सकेंगे प्रवेश, अभी तक 10 वीं-12वीं में अधिकतम दस बाहरी छात्रों को प्रवेश देने का नियम
दूसरे बोर्ड व राज्यों के छात्र यूपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों में लेते हैं प्रवेश
प्रयागराज । यूपी बोर्ड से जुड़े 28834 स्कूलों में दस बाहरी छात्र-छात्राओं के प्रवेश की शर्त खत्म करने की तैयारी है। शासन के निर्देश पर यूपी बोर्ड ने पिछले दिनों मुख्यालय में कार्यशाला आयोजित की जिसमें राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से इस विषय पर फीडबैक लिया गया। बैठक के आधार पर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है जिसमें बाहरी छात्र-छात्राओं के प्रवेश की सीमा दोगुनी करने की सिफारिश की गई है।
20 जुलाई 2010 के शासनादेश में यह व्यवस्था दी गई थी कि दूसरे बोर्ड या राज्यों के अधिकतम दस बाहरी छात्र-छात्राओं को कक्षा दस और 12 में सीधे प्रवेश दिया जा सकता है। पिछले दिनों हुई कार्यशाला में कई प्रधानाचार्यों ने अधिकतम दस बाहरी छात्रों की सीमा को बढ़ाने की सिफारिश की है। उनका तर्क है कि कई ऐसे अभिभावक आते हैं जिनका तबादला दूसरे शहर या राज्य से होता है। उनके बच्चे सीबीएसई या सीआईएससीई बोर्ड में पढ़ रहे होते हैं
अन्य बोर्ड में नहीं है नियम
यूपी बोर्ड से उलट सीबीएसई और सीआईएससीई के स्कूलों में दूसरे बोर्ड या राज्य के विद्यार्थियों का कक्षा दस या 12 में सीधे प्रवेश का कोई नियम नहीं है। ये स्कूल अपने ही बोर्ड के दूसरे स्कूल के बच्चों का तो सीधे प्रवेश लेते हैं लेकिन दूसरे बोर्ड के बच्चों को दाखिला नहीं देते।
लेकिन प्रयागराज में इन बोर्ड के स्कूलों की संख्या सीमित होने के कारण सभी का प्रवेश नहीं हो पाता। अंत में यूपी बोर्ड के स्कूलों में इन बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। इससे यह संदेश भी जाता है कि यूपी बोर्ड के स्कूलों के दरवाजे दूसरे बोर्ड के बच्चों के लिए भी खुले हैं बशर्ते वह न्यूनतम योग्यता पूरी करते हों।
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