
Monday, January 1, 2018

बेसिक शिक्षा विभाग की नई पहल, हर महीने एक श्रेष्ठ सरकारी स्कूल को देखेगा पूरा प्रदेश, वेबसाइट पर प्रतिभाशाली छात्र और अच्छे अध्यापकों का विवरण
बेसिक शिक्षा विभाग ने अपने अच्छे स्कूलों को प्रोत्साहन देने का काम शुरू कर दिया है। माह के उत्कृष्ट स्कूल के नाम से विभाग की वेबसाइट पर हर महीने एक अच्छे स्कूल का विवरण दिया जाएगा। दिसम्बर में पहले श्रेष्ठ स्कूल के रूप में इटावा के प्राथमिक विद्यालय भगवानपुरा विकासखंड जसवंतनगर की का विवरण दिया गया है। इसी कड़ी में प्रतिभाशाली छात्र, पुरस्कृत अध्यापक और श्रेष्ठ कार्मिकों का विवरण भी वेबसाइट पर डाला जाएगा।बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह के मुताबिक हम हर उस चीज को प्रोत्साहन दे रहे हैं जो बुनियादी शिक्षा में बदलाव लाने की कोशिश के लिए की जा रही है। इसमें स्कूल, छात्र, कर्मचारी और अध्यापक शामिल हैं। इसी कड़ी में हर महीने एक स्कूल को अपनी वेबसाइट पर दिखाएंगे। यदि ज्यादा स्कूल हुए इसे पाक्षिक या साप्ताहिक भी कर सकते हैं। इस बार इटावा के जिस स्कूल को इस बार वेबसाइट पर दर्शाया गया है वहां 2013 में 135 बच्चे थे लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ कर 240 हो चुकी है। लगभग 70 ऐसे बच्चे हैं जिनका नाम उनके अभिभावकों ने निजी स्कूलों से कटवा कर यहां लिखवाया है। वहीं इस स्कूल ने जनपदीय व मंडलीय खेल रैलियों में इनाम भी जीते हैं। जनवरी के आखिरी हफ्ते में लोग प्रदेश का एक और उत्कृष्ठ स्कूल देख सकेंगे। इसके लिए सभी जिलों के बीएसए को निर्देश भेज दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिले के ऐसे स्कूलों को छांटकर और उनका भौतिक सत्यापन कर निदेशालय भेजें।

यूपी बोर्ड : प्री-तकनीकी बिड पर कार्यशाला कल, माध्यमिक स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2018-19 की पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन टेंडरों पर निरीक्षण दो जनवरी से होगा शुरू
इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित राजकीय / सहायता प्राप्त / वित्त विहीन मान्यता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2018-19 की पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन टेंडरों पर निरीक्षण दो जनवरी से शुरू हो जाएगा और कई चरणों की प्रक्रिया के बाद 29 जनवरी को पाठ्य पुस्तकें क्रय करने के लिए आदेश कर दिए जाएंगे। दो जनवरी को प्री-तकनीकी बिड पर चर्चा होने के साथ ही इसकी शुरूआत हो जाएगी।
■ पाठ्य पुस्तकों के लिए ई-टेंडर की प्रक्रिया 15 जनवरी को होगी पूरी
■ माध्यमिक स्कूलों में नए शैक्षिक सत्र से पहले किताबें होंगी उपलब्ध
माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र ने प्रदेश के विद्यालयों में इस बार सस्ती और नए कलेवर में पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए ई-निविदा 22 दिसंबर को वेबसाइट पर ऑनलाइन आमंत्रित की है। इसके तहत प्री-तकनीकी बिड, तकनीकी बिड, वित्तीय बिड खुलने की अलग-अलग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। की सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया है कि निविदाएं ऑनलाइन आने लगी हैं। दो जनवरी 2018 को प्री-तकनीकी बिड कार्यशाला होगी। 15 जनवरी को शाम छह बजे तक तकनीकी और वित्तीय बिडों को ऑनलाइन अपलोड करने की आखिरी तारीख है इसलिए उसी दिन शाम को तकनीकी बिड पर चर्चा होगी और उसके तीन दिन बाद वित्तीय बिड पर कार्यशाला होगी।
बताया कि 29 जनवरी को पाठ्य पुस्तकें छपवाने से लेकर बाजार में उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए जाएंगे जिससे कि 31 मार्च 2018 तक बाजार में नए शिक्षा सत्र से पहले ही पाठ़्य पुस्तकें उपलब्ध हो सकें।

नहीं चलेगी निजी स्कूलों की मनमानी : दिनेश शर्मा, फीस और अन्य मनमानी करने वाले स्कूलों पर प्रदेश सरकार शुरू से ही टेढ़ी नजर
कानपुर : फीस और अन्य मनमानी करने वाले स्कूलों पर प्रदेश सरकार शुरू से ही टेढ़ी नजर किए हुए है। सरकार जल्द ही निजी स्कूलों के लिए सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के आधार पर शुल्क नियंत्रण का कानून लेकर आ रही है।
उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का दावा है कि छात्रों पर कॉपी-किताब, यूनीफॉर्म खरीदने आदि को लेकर स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। रविवार को कानपुर आए उपमुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने साकेत नगर में प्रेसवार्ता में कहा कि तक्षशिला और नालंदा जैसे विवि की वजह से ही भारत विश्व गुरु था, इसीलिए भाजपा सरकार का संकल्प गुणवत्तापरक शिक्षा, सुखीमन शिक्षक, तनावमुक्त विद्यार्थी और नकलविहीन परीक्षा का है।
उन्होंने बताया कि नकल माफिया अब नकल का ठेका नहीं ले सकेंगे। सिर्फ कन्या विद्यालय ही स्वकेंद्र बनेंगे, अन्य नहीं। हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। स्कूल प्रबंधक भी 200 मीटर दूर ही रहेंगे। पुलिस, प्रशासन के साथ ही शिक्षा विभाग भी मॉनीटरिंग करेगा। पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी की समान किताबों से पढ़ाई को उन्होंने ऐतिहासिक निर्णय बताया।




































